विविधा

देश के स्वतंत्रता आंदोलन के एक सुदृढ़ स्तंभ और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अग्रणी नेता वल्लभभाई पटेल ने स्वतंत्र भारत के प्रथम उपप्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री के रूप में कुशल प्रशासक तथा दक्ष रणनीतिकार की ख्याति अर्जित की। किन्तु, उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि 565 देसी रियासतों का भारतीय संघ में विलय मानी जाती है। 

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‘हम आजाद लोग हैं, गोरे हम पर राज नहीं कर सकते....’ यह लम्‍बे स्‍वतंत्रता संग्राम के दौरान देश के मुख्‍य भाग से किसी स्‍वतंत्रता सेनानी द्वारा किया जाना वाला घोष नहीं है, यह पूर्वोत्तर क्षेत्र के दूर दराज के पहाड़ों के नगा कबीलों को रानी गायडिनल्‍यू की पुकार थी, वह भी तब जब वह केवल 13 वर्ष की थीं। (Read in English: Rani Gaidinliu: Daughter Of The Hills…)

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हथकरघा वस्‍त्र और हथकरघा बुनकर भारत की समृद्ध संस्‍कृति, विरासत और परंपरा का एक अभिन्‍न अंग है। इसके अलावा, सकल घरेलू उत्‍पाद और निर्यात में एक महत्‍वपूर्ण योगदान देने के साथ साथ मनुष्‍य की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए यह उद्योग शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों लोगों को प्रत्‍यक्ष और अप्रत्‍यक्ष रूप से रोजगार प्रदान करता है। (Read in English: Handloom: An Integral Part Of Rich Culture, Heritage And Tradition Of India)

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रानी गाइदिन्‍ल्‍यू एक ऐसी आध्‍यात्‍मिक एवं राजनीतिक नागा नेता थीं जिन्‍होंने भारत में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध विद्रोह का नेतृत्‍व किया। उनका जन्‍म मणिपुर के नंग्‍कओं, रांगमई में 26 जनवरी 1915 को हुआ। वह आदर और स्‍नेह से रानी मां के नाम से जानी जाती थीं, जिनका प्रारंभिक जीवन बहुत ही सामान्‍य था। वह 13 वर्ष की अल्‍पायु में ही हाइपो जादोनांग जैसे नेता से प्रभावित हुईं जिन्‍होंने ज़ेलियाँगराँग नागा संप्रदायों में सुधार हेतु धार्मिक आंदोलन प्रारंभ किया था। इस आंदोलन ने मणिपुर तथा आस-पास की नागा आबादी वाले क्षेत्रों में ब्रिटिश साम्राज्‍यवाद को उखाड़ फेंकने के लिए एक राजनीतिक संघर्ष का रूप ले लिया। 

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मथुरा : हरियाली तीज की प्रमुख मिठाई घेवर की बाजार में बिक्री शुरू हो गई है। कोई अपनी बहन के लिए तो कोई बेटी की ससुराल में भेजने के लिए घेवर खरीद रहा है। शहर की प्रमुख दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ घेवर खरीदने में जुटी हुई है। 

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अमर्त्य सेन कह रहे हैं कि विकास का मतलब सिर्फ विदेशी निवेश या ढांचागत उद्यमों को बढ़ावा दे देना ही नहीं है। ‘असल’ विकास का मतलब यह है कि देश में स्वास्थ्य, शिक्षा और इन्फ्रास्ट्रक्चर में कितना ‘तालमेल’ है और आमजन को इसका कितना ‘फायदा’ मिल रहा है...। 

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