विविधा

14 नवम्‍बर, 2012 को यौन उत्‍पीड़न से बच्‍चों की सुरक्षा (पॉसको) अधिनियम लागू किया गया था, जिसके कारण 18 वर्ष से कम आयु के बच्‍चों के विरुद्ध यौन हिंसा संबंधी कानूनों में आमूल परिवर्तन हुआ था। अधिनियम के उद्देश्‍य इस प्रकार हैं...

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महापुरुषों का व्यक्तित्व एवं कृतित्व समय एवं स्थान की सीमाओं में बांधा नहीं जा सकता। स्वामी विवेकानन्द की महिमा ऐसी विलक्षण है कि आज भी न केवल भारतवासी अपितु विदेषी भी उनका नमन स्नेह एवं आदर से करते हैं। 

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जनवरी, 9, 1915… अरब सागर की शांत सी लहरों के बीच एक जहाज धीरे-धीरे मुंबई के अपोलो बंदर बंदरगाह की और बढ़ रहा है... समुद्र के किनारे बड़ी तादाद में लोग जहाज की दिशा में टकटकी बांधे "महात्मा, महात्मा" के नारे लगा रहे हैं, "सत्याग्रही" की मद्धम आवाजें माहौल मे जब-तब गूंज उठती हैं... भीड़ का उत्साह बेकाबू होता जा रहा है..., भीड़ के जुनून को देख कर लग रहा है कि वे किसी "देवदूत" का इंतजार कर रही है जो आजादी की 'क़ैद कर दी हवा' उनके लिए खोल देगा, उन्हें बेड़ियों से आजाद कर देगा... लेकिन, दूर जहाज पर लंदन के रास्ते दक्षिण अफ्रीका से स्वदेश लौट रहा दुबला-पतला सा एक व्यक्ति चुपचाप खड़ा है, वह देख तो भीड़ की तरफ रहा है, उसकी नजरें भले ही उनकी तरफ है लेकिन मन कहीं और भटक रहा है.., समुद्र शांत है लेकिन उसके मन में बवंडर उठ रहे हैं। उसके मन में लगातार बीते कल के साथ-साथ आने वाले कल को लेकर विचारों का मंथन चल रहा है।

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प्रयाग में शिक्षित सनातन हिंदू परिवार में 25 दिसंबर, 1861 को जन्मे मदन मोहन मालवीय को भारत के असाधारण एवं श्रेष्ठ सपूत के रूप में मान्यता हासिल है। (Read in English: Pt. Madan Mohan Malaviya: The Man, The Spirit, The Vision…)

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पान का उपयोग हमारे देश में पूजा-पाठ के साथ-साथ खाने में भी होता है। खाने के लिए पान पत्ते के साथ-साथ चूना, कत्था तथा सुपारी का प्रयोग किया जाता है। 

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महात्‍मा गांधी का नाम चाहे हमने सुना हो या बोला हो, इससे जुड़ा पहला शब्‍द जो हमारे दिमाग़ में आता है वह है ‘अहिंसा’। उसी तरह जब हम सरदार वल्‍लभभाई पटेल का नाम लेते हैं, तो हमारे दिमाग़ में जो शब्‍द उभरता है, वह है ‘लौह पुरुष’। (Read in English: Statue Of Unity, An Icon Of India)

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