विविधा

सूरजकुंड शिल्प मेले का आयोजन पहली बार वर्ष 1987 में भारत के हस्तशिल्प, हथकरघा और सांस्कृतिक विरासत की समृद्धि एवं विविधता को प्रदर्शित करने के लिए किया गया था। केंद्रीय पर्यटन, कपड़ा, संस्कृति, विदेश मंत्रालयों और हरियाणा सरकार के सहयोग से सूरजकुंड मेला प्राधिकरण तथा हरियाणा पर्यटन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित यह उत्सव सौंदर्यबोध की दृष्टि से सृजित परिवेश में भारत के शिल्प, संस्कृति एवं व्यंजनों को प्रदर्शित करने के लिहाज से अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन कैलेंडर में एक महत्वपूर्ण स्थान एवं शोहरत रखता है। 

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आज चीन में बनी चीज़ें दुनिया के बड़े - बड़े मुल्कों में धूम मचा रही हैं। सारी दुनिया चीनियों की कर्ज़दार होती जा रही है। हमारे देश की सीमाओं पर दांत गड़ाकर देखने वाले चीनी अपने उत्पाद से हमारे गांवों में भी पहुंच गए हैं। यहां ऑस्ट्रेलिया में भी जहां जाओ चीनी लोगों का बोलबाला दिखाई देता है। मजेदार बात यह है कि चीनी लोगों को कोई पसंद नहीं करता मगर इनके माल को खरीदने के लिए लोग सदैव आगे रहते हैं।

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'खोदा पहाड़, निकली चुहिया' कहावत को गोरों ने झूठा सिद्ध कर दिखाया। अंग्रेजों ने ऑस्ट्रेलिया नामक विशाल टापू का चयन हमारे अंडमान-निकोबार की तरह कैदियों की जेल बनाने के लिए किया था लेकिन यहां की धरती ने अचानक सोना उगलना शुरू क्या किया गोरों ने इसे जन्नत ही बना दिया...।

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दीवाली 11 नवंबर की है। यहां इस दिन छुट्टी का दिन नहीं है इसलिए चार दिन पहले ही शनिवार के दिन सार्वजनिक रूप से दीवाली धूमधाम से मना ली गई। मेलबर्न के मुख्य स्थान 'फेडरेशन स्वायर' पर हजारों भारतीयों का हुजूम दीवाली की खुशियां बटोरता दिखाई दिया। यहां बसे हज़ारों भारतवासी परदेश में रहने की जो कसक झेलते हैं वे उसकी भरपाई के लिए ख़ुशी का कोई मौका नहीं छोड़ते...।

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ऐसा सुना है कि जहां शिक्षा और सम्पनता होती है वहां अंधविश्वासों का बोलबाला नहीं होता लेकिन मेलबर्न में बच्चे और बूढ़ों को 'हैलोवीन' का त्यौहार मनाते देखा तो यह भ्रम उड़नछू हो गया।

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तारीख 30 जनवरी 1948। महात्मा गांधी अपनी सार्वजनिक सायं प्रार्थना सभा में जाने की तैयारी में थे। उसी सभा में जहां नाथूराम गोडसे घात लगाए उनकी प्रतीक्षा कर रहा था। महात्मा गांधी अपनी होने वाली हत्या के षडयंत्र से अनभिज्ञ, एक गंभीर मंत्रणा में व्यस्त थे। जीवन की इस अंतिम निजी बैठक में अपने अनुज-तुल्य और निष्ठावान अनुयायी सरदार वल्लभभाई पटेल के साथ।

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