मथुरा

मथुरा। शहर कॉग्रेस कमेटी द्वारा गणेशधाम कॉलौनी, जयसिंहपुरा में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि कॉग्रेस विधानमण्डल दल नेता विधायक प्रदीप माथुर ने कहा कि 27 साल से उत्तर प्रदेश की जनता बेहाल है। उत्तर प्रदेश में जब से कॉग्रेस सत्ता से हटी है तब से आज तक क्षेत्र के विकास गति बंद हो चुकी है, गैर कॉग्रेसी सरकारें सिर्फ  और सिर्फ  अपना फायदा करने में लगी रहती है। शहर अध्यक्ष आबिद हुसैन ने कहा कि जिस औसत से महंगाई देश में चरम सीमा पर है, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाला वक्त केसा होगा। आम आदमी को रोजमर्रा की वस्तुऐं जैसे आटा, दाल, तेल, सब्जी आदि को खाने से पहले महंगाई के बारे में पॉच बार सोचना पड़ता है कि आज की सभा की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि जनता गैर कॉग्रेसी सरकारों को हटाकर अबकी बार कॉग्रेस को जनहित नितियों एंव विकास कार्यो, कानूनी व्यवस्था सही बनाये जाने हेतु कॉग्रेस पार्टी को सत्ता में लायेगी। अध्यक्षता सूफी बशीरुद्दीन शाह पप्पन मियां तथा संचालन हनीफ खान ने किया। कार्यक्रम में  अरविन्द नाथ चतुर्वेदी, महेश रावत, गजानन्द चतुर्वेदी, अजय शर्मा एड., राहुल अरोड़ा, नियाज कुरैशी, जितेन्द्र मणि, विष्णु राजपूत, सिम्मी बेगम, राजू फारुकी, फ कीरा खान आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का  ने किया।  

Read More

अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर ‘कंपनी’, ‘कांटे’ और ‘शबरी’, ‘क्या कूल हैं हम’ जैसी फिल्मों के लिए जानी जाती हैं। वह जल्द ही एक अनाम तेलुगू फिल्म में पुलिस अफसर की भूमिका में नजर आएंगी। इस फिल्म में निखिल सिद्धार्थ और रितु वर्मा भी हैं। ईशा इसके पहले 2001 में आई तेलुगू फिल्म ‘प्रेमथो रा’ में नजर आई थीं। फिल्म यूनिट के सूत्र ने बताया, ‘‘उन्हें शनिवार को आधिकारिक रूप से फाइनल कर लिया गया। वह दशकों बाद तेलुगू सिनेमा में वापसी कर रही हैं, जिसमें वह पुलिस अधिकारी के रूप में नजर आएंगी।’’ सूत्र के अनुसार, फिल्म में उनका एक्शन दृश्य भी होगा, जिसमें वह हेपकिडो स्किल का प्रदर्शन करेंगी। इसके एक्शन दृश्यों के लिए चीन और जापान से विशेषज्ञों को भी लाए जाने की योजना है। ईशा भारत में हेपकिडो फेडरेशन की उपाध्यक्ष भी हैं। यह आत्मरक्षा में दक्ष बनाने वाला एक तरह का मार्शल आर्ट है। कुछ खबरों में पहले ही बताया गया था कि इस भूमिका के लिए ईशा गुप्ता को लिया जाना है। सूत्र के अनुसार, दोनों अभिनेत्रियों के नाम की वजह से भ्रम हो गया था। कभी ईशा गुप्ता के नाम पर विचार नहीं किया गया। इस भूमिका के लिए किसी वरिष्ठ अभिनेत्री की तालाश थी। इस फिल्म को सुधीर वर्मा निर्देशित करेंगे। इसके 2013 में आई अपराध पर आधारित तेलुगू फिल्म ‘स्वामी रा रा’ की सीक्वल की खबर आई थी। सूत्र ने कहा, ‘‘यह किसी फिल्म का सीक्वल नहीं है। इसकी स्क्रिप्ट बिल्कुल नई है। इसकी शूटिंग अगले महीने से शुरू होगी।’’ यह फिल्म अभिषेक पिक्चर्स के बैनर तले बनाई जाएगी।      साभार-khaskhabar.com  

Read More

मुंबई । देश के शेयर बाजारों ने नए बने आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल को अपने पहले दिन के कारोबार की शुरूआत 250 अंको की तेजी के साथ कर वार्मली वेलकम किया है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.55 बजे 28,631.27 पर कारोबार करते देखा गया जबकि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) सेंसेक्स के साथ-साथ नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी उछाल लेते हुए 8875 अंकों के करीब पहुंच गया है। वहीं बैंक निफ्टी भी 20000 के पार चला गया है। मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूत खरीदारी का रुझान देखने को मिल रहा है। मुंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सुबह 28,631.27 अंकों पर खुलने के साथ 28,785.51 पर पहुंच गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी दो सितंबर के सूचकांक 8,809.65 की तुलना में तेजी के साथ खुला। सोमवार को शेयर मार्केट गणेश चतुर्थी के अवसर पर बंद रहा था। हालांकि उर्जित पटेल ने आरबीआई गवर्नर का चार्ज ले लिया था। रुपये में भी दिखी तेजी शेयर मार्केट के साथ-साथ मंगलवार को रुपया भी 29 पैसे की मजबूती से खुला। डॉलर के मुकाबले रुपया 66.53 पैसे पर है। यह पिछले चार महीनों में सबसे ज्यादा उछाल है। शुक्रवार को रुपया 66.82 पर बंद हुआ था। मिडकैप इंडेक्स में भी दिखी तेजी बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.72 फीसदी की तेजी के साथ 13325 के ऊपर आ गया है। बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 0.57 फीसदी मजबूत होकर 12715 के ऊपरी स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी का मिडकैप 50 इंडेक्स 0.5 फीसदी उछलकर 3,933 के स्तर पर पहुंच गया है। निफ्टी के आईटी इंडेक्स को छोडक़र बाकी सभी इंडेक्स हरे निशान के साथ कारोबार करते दिख रहे हैं। रियल्टी इंडेक्स, ऑटो इंडेक्स और फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स 1 फीसदी से ज्यादा उछले हैं। वहीं केवल आईटी इंडेक्स में मामूली कमजोरी देखी गई।       साभार-khaskhabar.com  

Read More

वेलिंगटन । ऑलराउंडर जिम्मी नीशाम को आगामी भारत दौरे के लिए न्यूजीलैंड की 15 सदस्यीय टेस्ट टीम में फिर से बुलाया गया है। नीशाम ने अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच पिछले नवंबर में ब्रिसबेन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। दक्षिण अफ्रीका दौरे पर गए तेज गेंदबाज मैट हेनरी और बल्लेबाज जीत रावल की छुट्टी कर दी गई है। नीशाम पिछली गर्मियों में कमर दर्द के कारण ऑस्ट्रेलिया दौरे से हट गए थे, लेकिन इसके बाद उन्होंने घरेलू सत्र में ओटेगो और फिर इंग्लैंड के काउंटी क्रिकेट में डर्बीशायर के लिए खेल अपनी फिटनेस साबित की। न्यूजीलैंड के चयनकर्ता पूर्व ऑलराउंडर गेविन लार्सन ने कहा कि नीशाम की हरफनमौला क्षमता की वजह से उन्हें टीम में जगह मिली है। नीशाम ने टेस्ट क्रिकेट में वापसी के लिए कड़ी मेहनत की है। हालांकि ऑलराउंडर कोरी एंडरसन के कमर की चोट से पीड़ित होने के कारण उनके नाम पर विचार नहीं किया जा सका। हमारे पास निशाम और डग ब्रेसवैल के रूप में दो पेस बॉलिंग ऑलराउंडर्स हो गए हैं। इससे टीम का संतुलन काफी बढ़िया हो जाएगा, खास तौर से अगर हमें ऐसे पिच पर खेलना पड़े जहां ज्यादा स्पिनर्स खिलाना जरूरी हो। हमने स्पिनर्स के रूप में मिशेल सेंटनेर और ईश सोढ़ी पर भरोसा जताया है। बाएं हाथ के स्पिनर सेंटनेर और लेग स्पिनर सोढ़ी ने इसी साल भारत में आयोजित टी20 विश्व कप के दौरान शानदार गेंदबाजी की थी। इन दोनों के साथ मार्क क्रेग के सामने भी अपनी प्रतिभा साबित करने का मौका रहेगा, जिन्होंने पिछले छह माह में कुछ बदलाव किया है। भारत टेस्ट रैंकिंग में नं.2 की टीम है और उसका अपने घर में गजब का रिकॉर्ड है। हमें वहां अपनी पहली टेस्ट सीरीज जीत की तलाश है। हमें तीनों टेस्ट में अपना हुनर दिखाना होगा। पहला टेस्ट 22 सितंबर से कानपुर में शुरू होगा। इसके बाद अगले दो टेस्ट कोलकाता व इंदौर में खेले जाएंगे।   टीम : केन विलियमसन, ट्रेंट बोल्ट, डग ब्रेसवैल, मार्क क्रेग, मार्टिन गुप्टिल, टॉम लैथम, जिम्मी नीशाम, हेनरी निकोलस, ल्यूक रोंची, मिशेल सेंटनेर, ईश सोढ़ी, टिम साउथी, रॉस टेलर, नील वेगनर, ब्रायन वाटलिंग।         साभार-khaskhabar.com  

Read More

देवरिया/कुशीनगर । उत्तर प्रदेश मे कांग्रेस को पटरी पर लाने के लिए पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी आज से देवरिया से किसान यात्रा शुरू करने जा रहे हैं। इस यात्रा को लेकर राहुल काफी उत्साहित है। यह यात्रा यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर निकाली जा रही है।  यूपी में कांग्रेस का 27 साल का निर्वासन खत्म करने के लिए गांधी का हेलीकॉप्टर रुद्रपुर तहसील के पचलड़ी गांव में बने हेलीपैड पर सुबह 10.30 बजे उतरेगा। करीब सवा छह घंटे तक रोड शो और खाट चौपाल के जरिए किसानों से रूबरू होते हुए वह कुशीनगर पहुंचेंगे। इसके बाद रात्रि विश्राम गोरखपुर में करेंगे। देवरिया से दिल्ली तक किसान यात्रा की तैयारियों के लिए पार्टी के रणनीतिकार प्रशांत किशोर की टीम जिले में एक हफ्ते से जमी है। कर्ज माफी और फसल मुआवजे के मुद्दे के साथ यात्रा का फोकस किसान, मजदूर और दलित हैं। ऐसे में ढाई हजार किलोमीटर की इस यात्रा को उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए जमीन तैयार करने से जोडक़र देखा जा रहा है।   225 विधानसभा क्षेत्र-- इस दौरान राहुल प्रदेश के 225 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेंगे। पचलड़ी की दलित बस्ती से शुरू होने वाली किसान यात्रा देवरिया में चार विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेगी। इस दौरान ऐतिहासिक दुग्धेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक भी करेंगे। फिर कुशीनगर, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती होते हुए फैजाबाद पहुंचेंगे। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी रुद्रपुर (देवरिया) में भगवान शंकर से आशीर्वाद लेकर मंगलवार को किसान यात्रा शुरू करेंगे। राहुल के लिए उत्तर प्रदेश का तीसरा विधानसभा चुनाव है। इससे पहले वह 2007 और 2012 के चुनाव में प्रचार कर चुके है। इस बार चुनाव प्रचार पिछले चुनावों से अलग है। राहुल ने ठीक वही रणनीति अपनाई है, जो सोनिया गांधी ने 2004 के लोकसभा चुनाव में अपनाई थी। सोनिया ने तत्कालीन वाजपेयी सरकार के खिलाफ पश्चिमी यूपी में किसान यात्रा कर किसान विरोधी नीतियों को उजागर किया था।          साभार-khaskhabar.com  

Read More

नई दिल्ली । कश्मीर घाटी वर्षों बाद अशांति के भीषण दौर से गुजर रहा है और शायद ही किसी को आश्चर्य हुआ होगा जब समस्या के समाधान और घाटी में शांति बहाली के उद्देश्य से घाटी आए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को खाली हाथ लौटना पड़ा। ऐसे में गृह मंत्री राजनाथ सिहं आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकाता करने वाले है। राजनाथ मोदी के साथ नई रणनीति पर चर्चा करेंगे। साथ ही प्रतिनिधमंडल के दौरे के दौरान हुई बातों की जानकारी देंगे।    पीएम मोदी सोमवार रात ही चीन में जी-20 सम्मेलन में शिरकत कर लौटे हैं, वहीं राजनाथ की अगुआई में दो दिन के दौरे पर घाटी गया प्रतिनिधिमंडल भी वापस लौट आया है। माना जा रहा है कि मोदी और राजनाथ सिंह के बीच हिंसाग्रस्त कश्मीर में हालात सामान्य करने को लेकर नई रणनीति पर चर्चा हो सकती है।अशांत कश्मीर में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का दौरा समाप्त करने से पहले राजनाथ ने कहा था कि प्रतिनिधिमंडल के कुछ सदस्य हुर्रियत नेताओं से मिलने गए थे। अलगाववादियों के साथ बैठक को लेकर हमने न तो हां कहा था और न ही ना। आप जानते हैं, क्या हुआ? कुछ सदस्य निजी तौर पर मिलने गए थे। राजनाथ ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल के कुछ विपक्षी नेताओं ने कश्मीर के शीर्ष अलगाववादी नेताओं के साथ वार्ता का प्रयास किया, लेकिन अलगाववादियों ने उनके साथ बातचीत करने से इनकार कर दिया। हालांकि कुछ नरमपंथी अलगाववादी नेताओं ने मुलाकात तो की, लेकिन उन्होंने किसी तरह की वार्ता से इनकार कर दिया। हुर्रियत के कट्टरपंथी धड़े के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी ने जनता दल (युनाइटेड) के नेता शरद यादव और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीताराम येचुरी तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता डी. राजा को अपने घर में घुसने तक नहीं दिया। ये लोग गिलानी के हैदरपोरा स्थित निवास पर करीब 10 मिनटों तक इंतजार करते रहे, लेकिन उन्होंने दरवाजा नहीं खोला। राजनाथ ने कहा, अलगाववादी नेताओं से मिलने गए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के कुछ सदस्यों से जो मुझको पता चला, वह निश्चित रूप से कश्मीरियत और इंसानियत के विपरीत थी। उन्होंने कहा, अगर आप (अलगाववादी) बात नहीं करना चाहते हैं तो यह अलग बात है। लेकिन उन लोगों ने साबित कर दिया है कि उन्हें जम्हूरियत में यकीन नहीं है।अलगाववादी नेताओं ने इस प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करने से साफ मना कर दिया और अब जम्मू एवं कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के लिए लगभग सभी रास्ते बंद नजर आ रहे हैं। इसके बाद अब कश्मीर घाटी की जटिल परिस्थितियों के और पेचीदा होने की आशंका बढ़ गई है। अब तक यह तो स्पष्ट हो गया है कि केंद्र सरकार अलगाववादियों के आगे नर्म नहीं पडऩे वाली, जो आठ जुलाई को हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी की सुरक्षा बलों के हाथों मौत के बाद से घाटी में अशांति भडक़ाने में लगे हुए हैं। राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री महबूबा ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत के लिए अलगाववादी नेताओं को आमंत्रित किया था। लेकिन अलगाववादी नेताओं ने उनका आमंत्रण ठुकरा दिया। अलगाववादी नेताओं का कहना है कि जब तक कश्मीर के नागरिक इलाकों से सेना नहीं हटाई जाती और कश्मीर को अंतर्राष्ट्रीय समस्या नहीं माना जाता बातचीत का कोई मतलब नहीं है। गौरतलब है कि कश्मीर में अधिकतर अलगाववादी नेता या तो जेलों में बंद हैं या अपने घरों में नजरबंद। महबूबा के पास जहां अलगाववादी नेताओं की यह मांगे पूरी करने का अधिकार नहीं है, वहीं केंद्र सरकार किसी भी तरह स्वीकार नहीं कर सकती। अहम की इस लड़ाई में महबूबा और उनकी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) जैसे किसी चट्टान के नीचे फंस गई है।उल्लेखनीय है कि बीते दो महीने में कश्मीर घाटी में हिंसक विरोध-प्रदर्शन और सुरक्षा बलों के साथ टकराव में 74 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं। दक्षिणी कश्मीर का इलाका सर्वाधिक प्रभावित रहा है, जो पीडीपी का गढ़ भी रहा है।           साभार-khaskhabar.com  

Read More



Mediabharti