पेइचिंग । चीन पर आरोप है कि उसने जी20 सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की जानबूझकर ‘बेइज्जती’ की। यह वाकिया तब हुआ जब शनिवार को ओबामा का प्लेन एयरफोर्स वन दक्षिणी चीन के हांगझू में लैंड हुआ। स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल के उलट प्लेन के मेन गेट पर कोई रोलिंग स्टेयरकेस (सीढिय़ां) नहीं लगवाई गईं, जिससे राष्ट्रपति बाहर निकल सकें। कुछ देर बाद ओबामा प्लेन के पिछले दरवाजे के अंदरूनी सीढिय़ों का इस्तेमाल करके बाहर आए, लेकिन जब एयरफोर्स वन लैंड हुआ तो प्लेन के सामने किसी तरह का रेड कार्पेट नजर नहीं आया।
अमूमन वीवीआईपी विजिट के दौरान यह प्रोटोकॉल फॉलो किया जाता है। इसके विपरीत, रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन, ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थैरेसा मे और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चीन पहुंचने के बाद रेड कार्पेट स्वागत हुआ। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की गई है कि ओबामा के वहां पहुंचने पर न तो स्टेयरकेस (सीढिय़ां) का इंतजाम था और न ही रेड कार्पेट का। द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी अफसरों ने रविवार को भारत, रूस, दक्षिण कोरिया, ब्राजील और ब्रिटेन सभी देशों के नेताओं को रेड कार्पेट वेलकम दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, ओबामा जब खुद प्लेन से उतरे तो उनकी मौजूदगी में ही चीनी और अमेरिकी अफसरों में तीखी बहस भी हुई। एक चीनी अफसर तो वीडियो में यह कहते नजर आया, ‘यह हमारा देश है। यह हमारा एयरपोर्ट है।’ द न्यू यॉर्क टाइम्स ने लिखा, ‘शनिवार दोपहर चीन पहुंचने पर राष्ट्रपति ओबामा और उनके स्टाफ को जो अगवानी मिली, वह चीन के तौर तरीकों के हिसाब से भी तकलीफदेह था।’
मेक्सिको के चीन में राजदूत रह चुके जॉर्ज गुआजार्डो ने कहा कि ओबामा के साथ किया गया यह बर्ताव चीन की सोची समझी कूटनीतिक फटकार है। उन्होंने कहा, ‘ये चीजें गलती से नहीं होतीं। चीनी इस तरह की गलती नहीं करते। मैंने चीनियों के साथ छह साल तक काम किया है। मैंने इस तरह के दौरों के इंतजाम का काम देखा है। मैं शी चिनफिंग को मेक्सिको ले गया। मैंने मेक्सिको के दो राष्ट्रपतियों की चीन में अगवानी की। मुझे पता है कि इन बातों पर कितना ध्यान रखा जाता है। हर बात का ख्याल रखा जाता है। यह गलती से नहीं हुआ है।’
अमेरिका को संदेश- सुपर पॉवर का हमारे लिए कोई मायना नहीं
जानकारों का मानना है कि इस हरकत के जरिए चिनफिंग राष्ट्रवादी कार्ड खेल रहे हैं। चीन इसके साथ ही यूएस समेत पूरी दुनिया को यह संदेश देना चाहता है कि अमेरिका भले ही सुपर पावर हो, लेकिन उनके लिए कोई खास मायने नहीं रखता। इस दौरे से जुड़े चीनी विदेश मंत्रालय के एक अफसर ने ओबामा को जानबूझकर ऐसा ट्रीटमेंट देने के आरोपों को खारिज किया है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट से बातचीत करते हुए इस अफसर ने कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने ही रोलिंग स्टेयरकेस का इस्तेमाल करने से इनकार किया था। नाम न छापने की शर्त पर इस अफसर ने कहा, ‘चीन हर स्टेट लीडर को रोलिंग स्टेयरकेस मुहैया कराता है। अमेरिकी पक्ष को शिकायत थी कि स्टेयरकेस ड्राइवर को अंग्रेजी नहीं आती इसलिए वह अमेरिकी सुरक्षा निर्देश नहीं समझ सकता। चीन ने प्रस्ताव दिया कि ड्राइवर के साथ एक अनुवादक बिठाया जाए। अमेरिका ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें एयरपोर्ट की ओर से दी गई स्टेयरकेस की जरूरत नहीं है।’ अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस मामले को ज्यादा तूल न देते हुए कहा कि ऐसी चीजें पहली बार नहीं हुई हैं। यह बहुत सारी जगहों पर, यहां तक कि उनके सहयोगियों के यहां भी हुई हैं। ओबामा के मुताबिक, ध्यान भटकाने वाली इन चीजों की वजह से रिश्तों की बेहतरी की संभावना पर असर नहीं पड़ेगा।
साभार-khaskhabar.com
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