मथुरा

मुंबई । मानसूनी वर्षा की चाल, वैश्विक बाजारों की रफ्तार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफपीआई) द्वारा किए जाने वाले निवेश, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) के निवेश, रुपये की चाल और कच्चे तेल की कीमतें ही आने वाले सप्ताह में शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे।   इस सप्ताह एनटीपीसी और एचपीसीएल सोमवार 22 अगस्त को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजों की घोषणा करेंगे। अरविंदो फार्मा और टाटा पॉवर इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजों की घोषणा मंगलवार 23 अगस्त को करेंगे। टाटा मोटर्स पहली तिमाही के नतीजों की घोषणा शुक्रवार 26 अगस्त को करेगी।    इसके अलावा वायदा कारोबार वाले खंड में अगस्त से सितंबर की सीरिज के डेरिवेटिव कांट्रेक्ट की गुरुवार 25 अगस्त को अवधि पूरी होगी। इसके कारण बाजार में उतार-चढ़ाव की स्थिति पैदा हो सकती है। वही, निवेशकों की नजर मानसून की चाल पर लगातार बनी हुई है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने गुरुवार को जारी साप्ताहिक मॉनसून अपडेट में कहा कि देश भर में 1 जून से 17 अगस्त तक सामान्य मॉनसून रहा।   वहीं, वैश्विक स्तर पर अमेरिकी उत्पादन के पीएमआई आंकड़े 23 अगस्त को जारी किए जाएंगे, जिसका असर विदेशी बाजारों के साथ यहां भी होगा।                    साभार-khaskhabar.com  

Read More

नई दिल्ली । रियो ओलिंपिक अंतिम दौर में है और भारत की नजर देश के सबसे बेहतरीन पहलवान योगेश्वर दत्त पर टिकी है। रविवार को रियो ओलिंपिक के अंतिम दिन योगेश्वर ओलिंपिक में अपने मेडल का रंग बदलने उतरेंगे। साल 2012 के लंदन ओलिंपिक में योगेश्वर ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था और अब उनकी चाहत गोल्ड जीतने की है। योगेश्वर की फिटनेस भी पहले से बेहतर लग रही है। योगेश्वर ने 2012 ओलिंपिक में ब्रॉन्ज जीतने के बाद 2014 कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता। अब गोल्ड के लिए 65 किलो वर्ग में रविवार देर रात योगेश्वर का मुकाबला है। बता दें, भारत के खाते में एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल तो आ चुका है,अब उम्मीद यही है कि योगेश्वर दत्त इंडिया के लिए गोल्ड लेकर लौटेंगे।                    साभार-khaskhabar.com  

Read More

पटियाला । ओलिंपिक में लड़कियां मेडल जीतकर देश का नाम रोशन कर रही हैं। वहीं, पटियाला में ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे सिस्टम पर ही सवाल खडे कर दिए है। नेशनल हैंडबॉल खिलाडी पूजा ने हॉस्टल की फीस न दे पाने के कारण और कोच से परेशान होकर खुदकुशी कर ली। खुदकुशी से पहले पूजा ने खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नोट लिखा। वहीं, मामला उजागर होने के बाद से कोच फरार बताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अच्छी परफॉर्मेंस के बेस पर 20 साल की पूजा को कॉलेज में दो दिन पहले ही एडमिशन मिला था। मौत से पहले पूजा ने सात पेज का सुसाइड नोट लिखा है। इसके ऊपर खून से पीएम मोदी के लिए कुछ बातें लिखी हैं और कोच पर परेशान करने का आरोप लगाया है। पूजा ने लिखा है कि एक तो काफी मुश्किल से एडमिशन मिला। इसके बाद जब हॉस्टल की बात आई तो कोच ने चक्कर कटवाए, फिर कमरा देने से मना कर दिया। पूजा का आरोप है कि जब उसने अन्य लोकल लड़कियों को हॉस्टल में कमरा मिलने की बात कही तो कोच ने उसे उल्टा-सीधा कहा। पूजा ने लिखा कि हॉस्टल न मिलने से कॉलेज आने-जाने में रोजाना 120 रुपए खर्च आ रहा था, जो हमारे परिवार के लिए मुश्किल हो गया था। अपने परिवार को गरीब और असहाय बताते हुए मोदी से इंसाफ की मांग की है। पूजा ने लिखा है, मेरा सपना आर्मी में जाना था। लेकिन, कई लोगों की वजह से मेरी पढ़ाई खराब हो रही थी। जिसके घर में 3 बेटियां हों, वह व्यक्ति पूरी कोशिश करता है कि बेटी पढ़े। लेकिन, कुछ अमीर लोग कभी आगे नहीं बढऩे देते। श्री मोदी जी! ये न हो कि ऐसे ही हम जैसी बेटियां गरीबी और पढ़ाई न मिलने के कारण मरती रहें। नमस्ते पापा! ये आखिरी नमस्ते है। इसका कारण हैं गिल सर। उनकी गलती की वजह से ही मैं आत्महत्या करने जा रही हूं। पिछले साल हमें, कबड्डी और हॉकी प्लेयर्स को हॉस्टल मिल गया था। इस साल कबड्डी-हॉकी की लड़कियां मेडल लेकर नहीं आईं तो हॉस्टल नहीं मिला। इसमें लड़कियों का क्या कसूर था। ये गिल सर की गलती थी। उन्होंने कबड्डी वालों को कोई कोच नहीं दिया था। वे खुद ही मेहनत करती थीं। जबकि गिल सर को सरकार से तनख्वाह मिलती थी, वो पैसा भी वह खुद खा जाते थे। अब मुझे और पुष्पा को कॉलेज में तो एडमिशन दे दिया मगर हॉस्टल में नहीं दिया जबकि पिछले साल हमको हॉस्टल दिया गया था। इस साल कहते हैं कि आप लोकल पटियाला से हो, इसलिए हॉस्टल नहीं मिलेगा तो फिर इंदू शर्मा को क्यों हॉस्टल और कॉलेज में एडमिशन दिया गया। वो भी तो लोकल पटियाला की थी। फिर चाहे उसका घर 21 किलोमीटर दूर था। कबड्डी की लड़कियां कहां एडमिशन करवातीं।                    साभार-khaskhabar.com  

Read More

नई दिल्ली । भारतीय रिजर्व बैंक-RBI के नए गवर्नर उर्जित पटेल होंगे। वह रघुराम राजन का स्थान लेंगे जिनका कार्यकाल 4 सितंबर को खत्म हो रहा है। उर्जित पटेल अभी आरबीआई के डिप्टी गवर्नर हैं।  पटेल को जनवरी में रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर के रूप में तीन साल का विस्तार दिया गया था। इस पद की दौड में कुछ और नाम भी शामिल थे, जिनमें विश्व बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री कौशिक बसु, आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास, भारतीय स्टेट बैंक की प्रमुख अरूंधति भट्टाचार्य और वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमणियम के नाम प्रमुख थे।  वित्त मंत्री अरूण जेटली ने आरबीआई के नए गवर्नर की नियुक्ति के विषय में गुरूवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक घंटे तक विचार-विमर्श किया था।                    साभार-khaskhabar.com  

Read More

मथुरा। आखिर उन मासूमों की क्या गलती थी जो पत्थर दिल मां-बाप सिर्फ शारीरिक रूप से अक्षम होने पर अपने कलेजे के टुकड़ों को वृन्दावन नगर में छोड़कर रफूचक्कर हो गये। मानवता इससे शर्मशार हुई है दोनों बच्चे कैसे किंकर्तव्यविमूढ़ हो स्वयं को देखने वालों में अपनों को तलाश रहे थे पर यहां तो सब अजनबी थे। सोचे इन मासूमों पर क्या बीत रही है। वृन्दावन में दो भाई-बहिनों को कोई लावारिस छोड़ गया। खूबसूरत, मासूम लेकिन शरीर से अक्षम किसी अच्छे परिवार से समद्ध बच्चों को कोई पत्थर हृदय वृन्दावन में छोड़ गया है। बस इन भोले-भालों की शरीर से अपंग होने की मजबूरी ने इन्हें आज दर-दर की ठोकर खाने को मजबूर कर दिया है।  वृन्दावन में एक रिक्शा चालक को जब ये दो भाई-बहिन दिखाई पड़े तो वह सबसे सुरक्षित स्थान वृन्दावन कोतवाली लेकर उन्हें पहंुचा और पुलिस को इसकी जानकारी दी। बच्चों से पुलिसकर्मियों ने पूछताछ की मासूमों ने बताया कि वे दोनों बहिन-भाई है और चड़ीगढ़ के रहने वाले है। उन्हें नहीं पता कि यहां उन्हे कौन छोड़ गया? अपने पिता का नाम जानु चैहान और मां का नाम प्रीति बताते कहते है कि बहिन का नाम सृष्टि है और स्वयं लड़के का नाम कुनाल है। अब यह जानकारी बच्चे दे रहे है। वह कितनी सही है नहीं कही जा सकती लेकिन खूबसूरत और किसी अच्छे परिवार से दिखने वाले दोनों बहिन-भाई कपड़े भी ऐसे पहने है कि वे बढ़िया परिवार से हो लेकिन शारीरिक रूप से अक्षम होने का उन्हे लगता है यह दण्ड और तिरस्कार मिला है। दोनों को देखने के लिये स्थानीय लोगों की कोतवाली में भीड़ लगी है। बाल विकास का काम कर रही अधिवक्ता और मजिस्ट्रेट प्रतिभा शर्मा भी वहां मौजूद थी वह भी इन बच्चों को उनके परिवार तक पहंुचाने के लिये पूरे प्रयास कर रही थी। पुलिस मजिस्ट्रेट और स्थानीय लोग सभी के मन में इन बच्चों के प्रति भारी प्यार उमड़ रहा था। लोग उनके पालनहारों को कोष रहे थे कैसे मासूम बच्चों को उन्होंने सिर्फ अपंगता के कारण सड़क पर ला दिया।  

Read More

केन्द्र का ‘मेक इन इण्डिया’ बना ‘टेक इन इण्डिया’ः अमित मथुरा। राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के दो दिवसीय सम्मेलन के समापन के मौके पर बोलते राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित गुप्ता ने कहा कि केन्द्र सरकार का मेक इन इण्डिया बड़े हुये टैक्स के कारण टेक इन इण्डिया हो गया है। इलैक्टोनिक रेडीमेड, मोबाइल, जूता आदि के खुदरा व्यापारी आॅनलाइन ट्रेडिंग के चलते समाप्ति के कगार पर है। लघु एवं कुटीर उद्योग रक्षा उडयन, फार्मा क्षेत्र व सिंगल ब्रान्ड रिटेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में सौ प्रतिशत एफडीआई की योजना से आने वाले समय में उद्योग जगत की कमर टूट जायेगी। आज देश के कुछ उद्योगपतियों को तो लाभ दिया जा रहा है लेकिन छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिये कोई योजना नहीं बन रही। सौ प्रतिशत एफडीआई से सुनिश्चत हो रहा है कि देश में उद्योग विदेशी लगायेंगे। उसका लाभ कमायेंगे और हमारे देश के लोग नौकर बन कर रह जायेंगे। हम इसका विरोध करते है।  आज देश का किसान बेहाल है व्यापारी परेशान है अधिकारी मालामाल है। चुनावों से पूर्व प्रधानमंत्री टैक्स का आंतक समाप्त करने की कहते थे लेकिन आज इनकम टैक्स की रेड, सर्च सिक्योरिटी केस, रिअसिसमेन्ट नोटिस आदि की बाढ़ आ गई है जिससे व्यापारी प्रताड़ित हो रहा है। कालाधन के नाम पर विदेशों से एक रूपये भी नहीं आया। व्यापारियों को भ्रष्ट व कर चोर बताया जा रहा है। अधिवेशन में विभिन्न मांगों पर चर्चा की गई। नवनियुक्त प्रदेश वरिष्ठ महामंत्री जगत नारायण अग्रवाल ने कहा कि व्यापारियों की सुरक्षा सम्मान एवं स्वाभिमान के साथ खिलावड़ नहीं होने दिया जायेगा। जिलाध्यक्ष दिलिप चैधरी ने व्यापारियों के शोषण के विरूद्ध आवाज ऊठाने के लिये संगठन मजबूती का भरोसा दिलाया। कई प्रदेश और जनपद के व्यापारी इस मौके पर मौजूद थे। मथुरा से उमेश भारद्वाज, कल्पना गर्ग, रजत अग्रवाल, हरियाणा से अशोक गुबानी, कानपुर से प्रमोद जायसवाल, पीके अग्रवाल उत्तराखंड आदि देशभर के व्यापारी मौजूद थे। 

Read More



Mediabharti