नई दिल्ली। बिहार में अपनी चुनावी रणनीतियों और दांव-पेच का लोह मनवा चुके प्रशांत किशोर अब यूपी में कांग्रेस के लिए कुछ नया करने में जुटे हैं। यूपी में अगले साल इलेक्शन के लिए पोल स्ट्रैटजिस्ट प्रशांत किशोर ने कांग्रेस को कुछ चौंका देने वाले सुझाव दिए हैं। अब तक सिर्फ प्रचार के लिए राहुल या प्रियंका गांधी को आगे लाने की बात हो रही थी। अब प्रशांत ने उन दोनों में से किसी एक को सीएम कैंडिडेट बनाने का सुझाव दिया है। ऐसा नहीं होता है तो किसी ब्राह्मण चेहरे, खासकर शीला दीक्षित को कमान सौंपी जा सकती है। उन्होंने कुछ पूर्व केंद्रीय मंत्रियों को भी टिकट देने की वकालत की है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, प्रशांत किशोर के इन सुझावों पर कांग्रेस हाईकमान को फैसला करना है। यूपी कांग्रेस में एक बड़े तबके का मानना है कि राज्य में कांग्रेस की वापसी की संभावना तभी बन सकती है, जब पार्टी की बागडोर प्रियंका या राहुल संभालें। लेकिन, पार्टी ने अभी तक इस बारे में कोई संकेत नहीं दिए हैं।
एनडीटीवी के मुताबिक, बिहार चुनाव के बाद प्रशांत किशोर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिले। राहुल ने उन्हें यूपी के नेताओं से मिलने को कहा। यूपी के नेताओं से हफ्तेभर मिलने के बाद प्रशांत से एक ऐसे चेहरे की जरूरत बताई, जो यूपी के सारे गुटों को इक_ा कर सके।
उन्होंने सुझाव दिया कि प्रियंका वाड्रा वह चेहरा हो सकती हैं, लेकिन प्रियंका की तरफ से इसके लिए मना कर दिया गया। इसके बाद प्रशांत ने राय जाहिर की कि इन चुनावों में एक नए चेहरे के रूप में आप (राहुल) अपने आपको ही सामने क्यों नहीं रखते?
हालांकि कांग्रेस में बहुत सारे नेता हैं, जो राहुल को पीएम पद का उम्मीदवार मानते हैं, लेकिन राहुल गांधी को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने को लेकर चल रही चर्चा सिर्फ अफवाह नहीं है। कांग्रेस में इस पर गंभीरता से विचार चल रहा है। इसके पीछे वजह यह भी है कि कांग्रेस में कइयों का मानना है कि दिल्ली अभी दूर है, क्यों न यूपी में काम किया जाए।
गौरतलब है कि प्रशांत किशोर को लेकर राहुल गांधी ने साफ किया था कि उन्हें पंजाब की जिम्मेदारी दी गई है। वह पंजाब में उम्मीदवारों का चयन नहीं करेंगे, बल्कि वहां चुनाव प्रचार का जिम्मा संभालेंगे, जिसमें उन्हें महारत हासिल है। यह बात भी दिलचस्प है कि प्रशांत किशोर नरेंद्र मोदी की टीम में जाने से पहले राहुल गांधी की टीम में थे, लेकिन वहां उन्हें उतनी फ्रीडम नहीं मिली, जिसकी वजह से वह मोदी की टीम में शामिल हो गए।
जानकारों के मुताबिक, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को भी यूपी में अपनी घटती साख का अंदाजा है। ऐसे में राहुल और प्रियंका को तुरुप के पत्ते की तरह इस्तेमाल करने की चर्चा कई सालों से चल रही है, लेकिन कांग्रेस नेता मधुसूदन मिस्त्री का कहना है कि राहुल और प्रियंका पीएम बनेंगे न कि यूपी के सीएम।
साभार-khaskhabar.com
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