मथुरा

मथुरा। वृन्दावन नगर क्षेत्र में एक पत्नी द्वारा अपने पति के खिलाफ कराई गयी रिपोर्ट के बाद उसके पति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मिली जानकारी के अनुसार नगर के गौधूलीपुरम स्थित अमरनाथ इंटर कालेज के अध्यापक पर उसकी पत्नी ने दूसरी पत्नी से संबंध बनाने के मामले और आये दिन उससे हो रही मारपीट को लेकर वृन्दावन कोतवाली में तहरीर दी है। बताया गया कि स्कूल के अध्यापक अमित शर्मा की पत्नी रूपा शर्मा ने पुलिस में तहरीर दी है कि मेरे पति अमित शर्मा रोजाना मारपीट करते हैं। इनके अनैतिक संबंध चामुण्डा क्षेत्र की महिला साधना से हैं। शिकायत पर पुलिस ने अमित को गिरफ्तार कर लिया है।

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मथुरा। राया कस्बा स्थित एक स्कूल में नामजद सहित पांच लोगों ने रंगदारी के रूप में बीस हजार रूपये की मांग की और न देने पर डण्डा, सरिया से मौजूद लोगों पर हमला कर चोट पंहुचायी और काॅलेज की खिड़की तोड़ दी। इस संबंध में ग्राम दरबै हंसी निवासी ओमप्रकाश ने सोनू पुत्र गिर्राज आदि पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी है।

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मथुरा। शहर में जल्द ही गंदगी और अतिक्रमण से जल्द ही लोगों को निजात मिल सकेगी। इसके लिये रूपरेखा तय की जा रही है। शहर में गंदगी साफ कराने, नाले-नालियों की सिल्ट हटाने और शहर को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिये प्रशासन जल्द ही अभियान चलायेगा। नवागत नगर मजिस्ट्रेट रामअरज यादव ने बताया कि नगर में गंदगी और अतिक्रमण की भारी समस्या को देखते हुये शीघ्र ही स्वच्छता अभियान एवम अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जायेगा। इसके लिये आज नगर पालिका एवम अन्य अधिकारियों की बैठक बुलायी गयी है उसमें जो तय होगा उसी के अनुसार स्वच्छता अभियान और अतिक्रमण हटाने के लिये अभियान के बारे में रूपरेखा तय की जायेगी। उन्होंने कहा कि नगर पालिका का कार्य है कि गंदगी और अतिक्रमण के खिलाफ कार्यवाही करे लेकिन इसमें प्रशासन का सहयोग भी आवश्यक है।  प्रशासन अपना सहयोग देने के लिये पूरी तरह तैयार है लेकिन जनता को भी चाहिये कि वह अतिक्रमण की समस्या के लिये नगर पालिका एवम प्रशासन का सहयोग करे जिससे आम लोगों को अतिक्रमण से राहत मिल सके। वहीं शहर में गंदगी के लिये भी अभियान चलाया जायेगा जिससे शहर के लोगों को स्वच्छता मिल सके। नाले व नालियों की सफाई भी करायी जायेगी। गर्मी के मौसम में नालों में भरी सिल्ट के चलते बीमारियां पैदा होती हैं। 

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मथुरा।पवित्र नगरी वृन्दावन में कार्यरत गैर सरकारी संगठन व्रज फाउंडेशन व्रज क्षेत्र ने भगवान कृष्ण की पौराणिक कथाओं से जुड़े जलाश्यों के पुर्ननिर्माण तथा पुर्नजीवन पर बड़े पैमाने पर कार्य शुरू किया है। पौराणिक समय में वृज क्षेत्र में लगभग 1000 कुण्ड तथा सरोवर विद्यमान थे जिनमें से अधिकांश 5000 साल पुराने हैं तथा इनका वर्णन पौराणिक हिन्दु ग्रन्थों तथा धार्मिक पुस्तकों में मिलता है तथा उन जलाशयों के किनारे भगवान कृष्ण गोपियों संग रास लीला करते थे। पौराणिक समय में यही जलाश्य क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति का मुख्य स्त्रोत थे। वर्तमान में इनमें से लगभग 800 कुण्ड सरोवर पिछले 200 वर्षो के दौरान तेजी से बढ़ती शहरीकरण उचित देखरेख, मरम्मत की कमी के कारण, लम्बी उपेक्षा तथा अवैध कब्जों की वजह में लुप्त होने के कगार पर पहुंच गई है  तथा इनके पानी में क्षारीय तत्व पैदा हो गए है। पर्यावरण तथा सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण व नवीकरण के लिए व्रज फाउंडेशन ने वर्ष 2005 में इन पवित्र जलाश्यों की मरम्मत पुर्ननिर्माण तथा पुर्नजीवन पर कार्य करना शुरू किया। तथा शुरू में उसे भू-माफिया तथा निहित स्वार्थो तत्वों का जबरदस्त विरोध सहना पडा। व्रज फाउंडेशन में अपने भागीरथी प्रयासों के फलस्वरूप अब तक 46 कुण्डों को सफलतापूर्वक रीचार्ज करके क्षेत्र में 5 लाख क्यूविक मीटर जल धारण क्षमता का सृजन किया है। इस विराट कार्य के लिए फाउंडेशन को मुम्बई के प्रसिद्ध उद्योगपति तथा दानवीर कमल मोरारिका का सक्रिय सहयोग मिला। इस सराहनीय कार्य के लिए फाउंडेशन को देश का सर्वश्रेष्ठ गैर सरकारी संगठन होने के नाते चार यूनैस्कों पुरस्कार प्रदान किए गए। फांउडेशन इस समय क्षेत्र के 800 जलाश्यों, 137 पवित्र वनो, धरोहर भवनों के पुर्ननिर्माण तथा पुर्नजीवन पर कार्य कर रही है। व्रज फाउंडेशन के अध्यक्ष  विनीत नारायण ने कहा कि ऐतिहासिक व्रज कुण्ड (वृन्दावन) तथा रूद्रकुण्ड (गोवर्धन) उन मुख्य कुण्डों में से है जिन्हें पिछले वर्षो के दौरान संगठन ने पूरी तरह पूर्नजीवित तथा सौदर्यकरण किया है। इन जलाश्यों को विस्तृत जानकारी देते हुए  विनीत नारायण ने बताया कि पवित्र वृन्दावन का आध्यात्मिक केन्द्र माने जाने वाले पवित्र व्रह्मकुण्ड तथा ब्रह्मस्थल के रूप में माने जाने वाले पवित्र स्थल को मुम्बई के उद्योगपति  अजय पीरामल के आर्थिक सहयोग से रिकार्ड 30 महीने में पूर्नजीवित किया गया। यह श्री कृष्ण लीला से जड़े 8 पावन स्थलों में से एक है। एक चमत्कारिक रूप में इस जलाश्य से गाद हटाने के वाद प्राकृतिक पानी का बहाव शुरू हो गया जो कि अब ताजे मीठे पानी से भरा रहता है। तथा श्रद्वालुओं के विशेष आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। विनीत नारायण के अनुसार इस समय व्रज फाउंडेशन रामताल, संकर्षण ताल, बलभद्र ताल, आदि प्रमुख जलाशयों के पुर्ननिर्माण तथा पुर्नजीवन पर कार्य कर रहा है व्रज फाउंडेशन के सचिव रजनीश कपूर ने बताया कि प्रत्येक कुण्ड के साईज तथा वर्तमान स्थिति के अनुरूप इसके पुर्नजीवन तथा पुर्ननिर्माण पर 50 लाख रूपये से 3 करोड़ तक लागत आती  है, उन्होंने कहा कि इन जलाश्यों के पुर्ननिर्माण के कार्य के लिए जमनालाल बजाज फाउंडेशन ने अब तक कुल 1.50 करोड रूपये की वित्तिय सहायता प्रदान की। उन्होंने कहा कि विभिन्न जलाशयों के पुर्ननिर्माण तथा पुर्न जीवन पर कार्य पूरे जोरों पर चल रहा है तथा संस्था ने कृष्ण सरोवर, जयकुण्ड, चन्द्रा सरोवर तथा गरूड़ गोविन्द कुण्ड पर वर्ष 2007 से अब तक काफी कार्य किया है।  उन्होंने बताया कि इन कुण्डों के पुर्नउत्थान तथा पुर्नजीवन के लिए भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को धनराशि जारी की है तथा उन पर कार्य व्रज फाउंडेशन के तकनीकी मार्गदर्शन में किया जाए। इन स्थलों पर कार्य समाप्त होने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग 2 पर दिल्ली से आगरा की यात्रा करने वाले पर्यटकों के लिए यह मुख्य आकर्षण का केन्द्र होंगे। फाउंडेशन के परियोजना समन्यवक गौरव गोला के अनुसार व्रज फाउंडेशन ने वर्ष 2003 में भगवान कृष्ण को पौराणिक गाथाओं से जुड़े जलाशयों का वर्ष 2003 में व्यवसायिक रूप से सर्वेक्षण का कार्य शुरू किया तथा उनमें से अधिक काफी दयनीय स्थिति में थी। उन्होंने बताया कि संगठन ने इन जलाश्यों की भौगोलिक स्थिति, राजस्व रिकार्ड, सांस्कृतिक इतिहास, फोटोग्राफ सहित उनके पुर्ननिर्माण की सभी जरूरतों का व्यापक आकलन किया।   गौरव गोला ने बताया कि सर्वेक्षण कार्य पूरा होने के बाद वास्तुकारों, सिविल इंजीनियरों, ग्राफिक डिजाईनरों, लैड स्केप डिजाईनरों तथा चित्रकारों द्वारा विस्तृत विकास योजनाएं बनाई गई। यह विस्तृत योजनाएं बनने के बाद फांउडेशन  ने इनके पुर्ननिर्माण के लिए आर्थिक धनराशि जुटाने की संभावनाओं पर कार्य किया तथा विभिन्न परियोजनाओं को सफलतापूर्वक कार्यन्वित किया है।  

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महाराष्ट्र के लातूर से लौटे मिशन के संयोजक ने मीडिया को सुनाया वहां का हाल -महाराष्टकृ के मराठवाडा में पत्थर तोड़ कर पानी मुहैया करायेगा यमुना मिशन मथुरा। यमुना जल शुद्घि एवं सम्पूर्ण राष्टकृ हरियाली के लिए यमुना मिशन काफी समय से प्रयासरत है। इसके लिए कार्यकर्ता जोर-शोर से अपने-अपने कार्यों में तन-मन एवं अपने साजोसामान सहित हर वक्त कार्य के लिए तत्पर्य रहते हैं। सभी समस्यों का समाधान करके दिखाएगा यमुना मिशन। लातूर से लौटने के पश्चात यमुना मिशन ने सरस्वती कुण्ड स्थित रमणबिहारी गौशाला पर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। मंच पर विराजमान मंचासीन पूज्य देवेन्द्र शर्मा, दीनदयाल गिरी बाबा, बैकुण्ठनाथ महादेव, डा बीके अग्रवाल, गौरव सर्राफ, सुरेश चन्द्र सर्राफ, सीपी सिंह सिकवार, यमुना मिशन के संयोजक पं. अनिल शर्मा, श्रीमती गीता शर्मा, डायरेक्टर राजीव गोस्वामी आदि थे।  मीडिया को जानकारी देते हुए यमुना मिशन के संयोजक डा. अनिल शर्मा ने बताया कि महाराष्टकृ के दो जिले और बारह गांव में काम में पीने के पानी के लिए कार्य चल रहा है। कर्नाटका से लगे क्षेत्र उस्मानाबाद चिन्हित है। समस्याएं यदि अभी खत्म नहीं हो पाई तो कभी खत्म नहीं हो पाएगी। यमुना जल शुद्घ हो गया तो पानी की समस्या समाप्त हो जाएगी। संस्थापक प्रदीप बंसल ने सच्चाई परेशान हो सकती है परास्त नहीं। ईमानदारी, सच्चाई और धर्म का दूसरा नाम यमुना मिशन है। गोवर्धन में प्राचीन परिक्रमा मार्ग जो कि पांच सौ वर्ष पूर्व चैतन्य महाप्रभु और बल्लभाचार्य ने प्रारंभ किया था। इस मार्ग से होकर वह परिक्रमा भी लगाते थे। चिंन्हित परमपरा का नाम अतरग्रही तहलटी परिक्रमा मार्ग यमुना मिशन द्वारा गोवर्धन वासी और विश्ववासी के सहयोग से लगभग पूर्ण हो चुका है। वहीं परिक्रमा मार्ग यमुना मिशन के प्रयासों से फिर से हरा भरा होने लगा है। पं. अनिल शर्मा ने बताया कि यमुना मिशन कार्यकर्ताओं ने महाराष्टकृ के वीड जिले में जहां पानी के लिए त्राहिमान-त्राहिमान हो रहा है। पानी की कमी को देखते हुए यमुना मिशन के कार्यकर्ताओं द्वारा वहां एक 12 किलोमीटर लम्बी नहर बनायी जा रही है। इस नहर से कई गांवों को लाभ मिलेगा। हर वक्त वहां एक-एक कुएं पर 150-200 लोग पानी भरते हैं। इस नहर को गोदावरी नदी से जोड़ दिया जाएगा। महाराष्टकृ के वीड जिले के कई गांवो में यमुना मिशन निरन्तर कार्य कर रहा है। महाराष्टकृ के मराठ बाड़ा सहित 11 प्रान्त भयंकर सूखे के चलते जलसंकट से जूझ रहे हैं। जल संकट को देखते हुए यमुना मिशन का एक दल 19 अप्रैल को लातूर के लिए रवाना हुआ। जब यह दल परभणी स्टेशन पर उतरा तो अदृश्य शक्ति ने अपना चमत्कार दिखाया। मौसम सुहाना हो गया। लोगों ने जगह-जगह यमुना मिशन का स्वागत किया। लातूर में यमुना मिशन ने याकतपुर, सोनवती, बोपला, बोर गांव, बालग्राम, सरधरे गांव, धनेगांव, मातोड़ा गांव, मुशराबाद, उगरबड़ी, रमजानपुर, मोहमदापुर, बड़ी, बातागढ़ी, बामनी, विनग्यारह आदि गांव में भ्रमण किया।  संस्थापक प्रदीप बंसल ने कहा कि मराठबाड़ा जिस तरह से हमें सहयोग दे रहा है इस तरह से सहयोग मिलता रहा तो मराठबाड़ा में पानी ही पानी होगा। प्रेसवार्ता के दौरान हरीश शर्मा, मुकेश ठाकुर, पन्नालाल शर्मा, मनीष सक्सैना, कौशिक, पुष्पेन्द्र चतुर्वेदी, गीतम, मनीष राज, योगेश, राजू, गोपाल लाल, घनश्याम पटेल, शिवा आदि उपस्थित थे।  

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मथुरा। काफी समय से कोर्ट के प्रतिबंध के बावजूद फिर प्रशासन को पाॅलीथिन प्रतिबंध की याद आयी। इसी सिलसिले में आज एडीएम वित्त, नगर मजिस्ट्रेट और वृन्दावन पालिका के ईओ ने संयुक्त टीम के जरिेय छापा मारकर वृंदावन नगर की छीपी गली, बनखण्डी, रेतिया बाजार में आधा दर्जन से अधिक दुकानों पर छापामार कार्यवाही कर पाॅलीथिन जब्त की। कुल छह दुकानदारों पर शमन शुल्क के रूप में साढे छह हजार रूपया जुर्माना किया गया और भविष्य में इसका प्रयोग न करने की चेतावनी दी। प्रशासन की इस कार्यवाही से क्षेत्र की कई दुकानों के शटर गिरने लगे। काफी दिन बाद प्रशासन को हाईकोर्ट के आदेशों के बाद इसकी सुधि आयी है।

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