मथुरा

 मथुरा। अधिकारियों के आॅफिसों के चक्कर लगाने पर भी न्याय ना मिलने पर आत्मदाह का प्रयास करने वाले अजय गुप्ता ने मंगलवार को आगरा में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इस मामले में अब पुलिस ने संज्ञान लेते हुए दो नामजदों के खिलाफ थाना सदर बाजार में मुकदमा दर्ज कर लिया है लेकिन बड़ा सवाल यह कि महीनों से जिन अधिकारियों से न्याय पाने के लिए अजय उनके दफ्तरों के दर की ठोकरें खा रहा था उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी या नहीं। हर ओर से नाउम्मीद हुए अजय की फरियाद ना सुनने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी इस मामले में एफआईआर दर्ज होगी या नही इस बात का इंतजार सभी को है। यदि पुलिस-प्रशासन ने पूर्व में ही अजय के प्रर्थना पत्रों पर संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई की होती तो शायद अजय को हतोत्साहित होकर यह दुस्साहसिक कदम ना उठाना पड़ता।  ज्ञात रहे आगरा के एक टूर एण्ड ट्रैवल्स कंपनी मालिक और कथित सपा नेता राजेश चैहान ने अजय गुप्ता से 14 लाख 20 हजार रुपए की नकद रकम हड़प ली थी और इस काम में उसकी मदद चैहान के ही रिश्तेदार तेज सिंह चैहान निवासी बिछरईया बरेली ने की थी। रुपए वापस मांगने पर दोनों ने ही उसे गम्भीर यातना देते हुए बंधक बनाकर रखा। इतना ही नहीं उसके दोनों टखने (घोंटू) व जबड़ा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था। किसी तरह इनकी कैद से निकल कर भागा अजय गुप्ता मथुरा में छिपकर रह रहा था तथा लोगों से दया पर रहकर किसी तरह दोनों वक्त रोटियों की जुगाड़ कर रहा था, इस दौरान उसने केन्द्र व प्रदेश के मुखियाओं सहित पुलिस प्रशासन के आलाधिकारियों से भी अपनी पीड़ा व्यक्त की और तमाम प्रार्थना पत्र मथुरा जिला प्रशासन को भी दिए, लेकिन किसी के कानों पर कोई जूं नहीं रेंगी, तो उम्मीद की आस खो बैठे अजय गुप्ता ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु की भी मांग की, लेकिन कहीं किसी भी स्तर पर उसे न्याय नहीं मिला तो जिन्दगी से हताश हुए और चारों ओर से नाउम्मीद होकर सोमवार को उसने कलक्टेªट परिसर में पहुंच खुद को आग के हवाले कर दिया। गंभीर हालत में उसे आगरा उपचार के लिए भर्ती कराया गया, जहां उसने मंगलवार सुबह दमतोड़ दिया। अजय की मौत के बाद पुलिस प्रशासन को मामले की सुध आई। और मृतक अजय के प्रार्थना पत्रों पर संज्ञान लेते हुए थाना सदर में तेज सिंह चैहान और राजेश चैहान के खिलाफ मुकदमा संख्या 537/15 पर आईपीसी की धारा 306 के तहत मुकद्मा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।    हो सके तो मेरी आत्मशांति के लिए................ आपबीती को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय से लेकर प्रदेश के मुखिया एवं जिले के आलाधिकारियों को बार-बार अवगत कराने के बाद भी जब कोई उम्मीद की किरण दिखाई नहीं दी, तो 30 नवम्बर 2015 को अजय गुप्ता ने प्रधानमंत्री को संबोधित सुसाइड नोट लिखकर जीवन लीला समाप्त करने की सूचना देते हुए मांग की है ‘‘अगर हो सके तो मेरी आत्मा की शांति के लिए उक्त लोगों को सजा दिलवा देना, ताकि कोई आगे किसी भोले व कमजोर आदमी के साथ अपराध न कर सके’’। अजय की मौत के बाद अब भले ही पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकद्मा दर्ज कर लिया है, लेकिन पैरवी करने वाला कोई नहीं रहा। तो ऐसे में आरोपियों को सजा मिलना और मृतक को न्याय मिल पाना भविष्य के गर्भ में है।      क्या लापरवाह अधिकारियों पर भी कसेगा कानून का शिकंजा   जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ इस मामले एफआईआर दर्ज होगी या नहीं, इस बात का इंतजार सभी को है। जिला प्रशासन के सामने लगातार गुहार लगाने के बावजूद पीडि़त अजय को न्याय नहीं मिला, तो उसने अपनी जीवनलीला इन्हीं अधिकारियों के सामने खत्म करने का दुस्साहसिक कदम उठा लिया। इस तरह का पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी सुनवाई न होने पर पीडि़त कलक्टेªट परिसर में लगातार आत्महत्या करने के कदम उठाते रहे हैं। अधिकारियों के गैरजिम्मेदाराना व्यवहार से न केवल पीडि़त टूट जाता है। दबंगों के हौंसले भी बुलंद होते चले जाते हैं। इसके बाद जो परिस्थितियां पैदा होती, वो पीडि़त को आत्महत्या जैसे आत्मघाती कदम उठाने के लिए विवश कर देती है। इस मामले में भी पीडि़त के साथ धोखाधड़ी करने वाला टूर एण्ड टैªबल्स कंपनी का मालिक कथित सपा नेता और उसका एक रिश्तेदार तथा पीडि़त की गुहार पर गौर न करने वाले प्रशासनिक अधिकारी भी बराबर के जिम्मेदार हैं।      इस मामले पर कानूनविदों की राय    इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों की हीला-हवाली भी कानूनविदों की राय में कम दोषी नहीं है।  क्रिमिनल के प्रमुख एवं वरिष्ठ अधिवक्ता नंदकिशोर उपमन्यु की राय है कि यदि अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो उनके खिलाफ भी आॅफेन्स बनता है। इनके खिलाफ 306 का मुकद्मा दर्ज होना चाहिए। मृतक द्वारा पूर्व में दिए गए प्रार्थना पत्र साक्ष्य माने जा सकते हैं और उसी आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।  मथुरा बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष उमाशंकर अग्रवाल जो फौजदारी के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं, का भी मानना है कि अधिकारी भी इस मामले में बराबर के दोषी है, क्योंकि पीडि़त द्वारा बार-बार प्रार्थना पत्र देने के बावजूद दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करना भी षडयंत्र की श्रेणी में आता है और इच्छा मृत्यु के पत्रों का भी कोई संज्ञान नहीं लिया। इसलिए इन अधिकारियों के खिलाफ भी धारा 120बी के तहत मुकद्मा दर्ज होना चाहिए। सीनियर अधिवक्ता कृष्णदत्त लवानियां भी इस घटना के पीछे प्रशासनिक अधिकारियों को ही जिम्मेदार मानते हुए अजय गुप्ता को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी मानते हैं तथा भारतीय दण्ड विधान के अनुसार इन अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही के पक्ष में हैं।   

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मथुरा। नौहझील के गांव बारौठ में एक अमरूद के खेत पर सोते ग्रामीण की बदमाशों ने हत्या कर दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिये भेजा है। घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चायंे हैं। मिली जानकारी के अनुसार नौहझील के गांव बारौठ में पचास वर्षीय चन्द्रपाल अमरूद के बाग में माली का काम करता था। काफी समय से वह यहां रहता था। गत दिन पचास वर्षीय चन्द्रपाल जो मूल रूप से शिवालपपुर अलीगढ का रहने वाला है,उसकी बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के कारणों को लेकर तरह-तरह की चर्चायें हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि चन्द्रपाल पिछले पन्द्रह वर्षों से बाग की रखवाली करता था। घटना की सूचना पर इलाका पुलिस मौके पर पंहुच गयी और शव को पोस्टमार्टम के लिये भेजा है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है लेकिन अभी तक कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। 

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मथुरा। मथुरा-भरतपुर मार्ग से लिंग ऊमरी सम्पर्क मार्ग पर ठेकेदार की लापरवाही के चलते घटिया सामग्री का प्रयोग कर सरकारी धन पर डाका डाला जा रहा है जबकि यह सम्पर्क मार्ग विगत दस वर्षों से जज््रर हालत में रहा है। साथ ही यह मार्ग मथुर-भरतपुर मुख्य मार्ग को कई गांव से जोड़ते हुये सौंख-मथुरा मुख्य मार्ग से जोड़ता है। लोक निर्माण विभाग व जिलाधिकारी को ढेरों शिकायतों के बाद जैसे-तैसे इस मार्ग के निर्माण को दिन बहुरे वहीं इस मार्ग परकी जा रही डामर ने न तो मानक अनुरूप कोलतार मिलाया जा रहा है और न ही यहां पर्याप्त मात्रा में गिटटी ही डाली जा सकी है। आनन-फानन में यहां करीब एक किमी का कार्य पूर्ण भी किया जा चुका है जिसकी गिटिटयां डामर उपरांत ही उखड़ने लगी हंै। इस सम्बन्ध में जब ठैकेदार से ग्रामीणों ने शिकायत की तो ठेकेदार का कहना था कि उसे केवल पेचवर्क ही स्वीकृत है जबकि उसके द्वारा स्वीकृत धन से अधिक खर्चा किया जा रहा है। सड़क मार्ग के दोनों ओर गिटटी भी नहीं डलवायी गयी हैं। वहीं मार्ग की चैड़ाई भी कम कर दी गयी है। इस ओर किसी प्रशासनिक अधिकारी का ध्यान नहीं है।

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मथुरा। जिला एथलेटिक्स संघ द्वारा सामविद गुरूकुलम सीनियर सेकेंड्री स्कूल के तत्वावधन में वात्सल्य ग्राम में 20 दिसम्बर को आयोजित 49वीं यूपी स्टेट क्रासकंट्री के लिए जनपदीय दल की घोषणा कर दी गई।  संघ के अघ्यक्ष भगत सिंह वर्मा एवं सचिव हरीमोहन रावत के अनुसार जनपदीय दल में में बालक वर्ग की ओपन आयु वर्ग में कुलदीप सिंह, पुष्पेंद्र, अण्डर 20 वर्ष में रवि कुमार, हरीश कुमार, अण्डर 18 वर्ष में राहुल कुमार, सुनील कुमार, अण्डर 16 वर्ष में बाबी एवं भगत सिंह को रखा  गया है। बालिका वर्ग में कुमारी भारती, यशोदा, नीतू, सामविद गुरूकुलम की मंजरी एवं तृप्ति को स्थान दिया गया है। टीम मैनेजर जय सिंह एवं टीम कोच अंकिता शर्मा को बनाया गया है। यह सभी खिलाड़ी 17 दिसम्बर को टीम मैनेजर सिंह ने सामविद गुरूकुलम के खेल मैदान पर संपर्क करेंगे। चयन समिति के चेयरमैन प्रभूकांत उपाध्याय के अनुसार गत दिवस वेटरिनरी विश्वविद्यालय में आयोजित चयन में जनपद के लगभग 250 बच्चों ने प्रतिभाग किया। सभी खिलाडि़यांे को 17 दिसम्बर से वृंदावन में अभ्यास कराया जाएगा।

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प्राप्त 81 शिकायतों में से 05 का मौके पर निस्तारण मथुरा। जिलाधिकारी राजेश कुमार की अध्यक्षता में आज तहसील छाता के सभागार में तहसील दिवस सम्पन्न हुआ। आज की तहसील दिवस में कुल 81 शिकायतें प्राप्त हुई जिसमें से 05 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों को सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश के साथ प्राप्त करा दिया गया।  जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि तहसील दिवस में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में पूरी पारदर्शिता बरतें और शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक विलम्ब न किया जाय। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण के पूर्व यदि आवश्यक हो तो स्थलीय निरीक्षण अवश्य किया जाय तथा निस्तारित शिकायतों की लिखित जानकारी शिकायत कर्ता को अवश्य दी जाय। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी श्री रामअरज, तहसीलदार व क्षेत्राधिकारी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे। मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में सदर तहसील का तहसील दिवस सम्पन्न हुआ। सदर तहसील में आज कुल 16 शिकायतें प्राप्त हुई। इसी प्रकार जनपद की अन्य तहसीलों में भी आज तहसील दिवस का आयोजन किया गया। मांट तहसील दिवस में प्राप्त 17 शिकायतों में से एक का मौके पर निस्तारण किया गया। महावन में प्राप्त कुल 12 शिकायतों में से 03 का मौके पर निस्तारण किया गया तथा गोवर्धन में प्राप्त कुल 13 शिकायतों में से एक का मौके पर निस्तारण किया गया। 

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संघठित ग्राम पंचायतों की पहली बैठक 26 को  मथुरा।  जिलाधिकारी राजेश कुमार ने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया है कि समस्त ग्राम पंचायतों में प्रधानों एवं सदस्यों को आगामी 20 दिसम्बर को विकास खण्ड सभागार में खण्ड विकास अधिकारी या सहायक विकास खण्ड अधिकारी (पंचायत) द्वारा शपथ ग्रहण करायी जाय। उन्होंने यह भी निर्देश दिये हैं कि राज्य सरकार के निर्णयानुसार जनपद में संघठित ग्राम पंचायतों की प्रथम बैठक आगामी 26 दिसम्बर को आहूत की जाय तथा उसके लिए उ0प्र0 पंचायतराज नियमावली के नियम 31 तथा 32 में दी गयी व्यवस्थाओं के अनुसार ग्राम पंचायत द्वारा शपथ ग्रहण के तत्काल बाद उसी दिन ग्राम पंचायत की 26 दिसम्बर की बैठक हेतु समय व स्थान का उल्लेख करते हुए प्रथम बैठक की नोटिस जारी करते हुए समस्त ग्राम पंचायत सदस्यों को लिखित रूप से नोटिस तामील करा दी जाय तथा नोटिस की एक प्रति पंचायत भवन जैसे सार्वजनिक स्थान पर चस्पा कर दी जाय। उन्होंने यह भी निर्देश दिये हैं कि प्रथम बैठक सम्पन्न हो जाने का प्रमाण-पत्र समस्त खण्ड विकास अधिकारी 27 दिसम्बर को जिला पंचायतराज अधिकारी को अवश्य उपलब्ध करा दें।  जिलाधिकारी ने अपने निर्देश में यह भी कहा है कि ऐसी ग्राम पंचायतें जिनमें ग्राम पंचायतों के सदस्यों के कम से कम दो तिहायी स्थान और प्रधान का पद भर जाये, वे उनके स्तर से 18 दिसम्बर तक संघठित कर अधिसूचित की जायेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि अधिसूचना के लिए निर्धारित प्रारूप चयनित प्रधानों एवं ग्राम पंचायतों के सदस्यों के नाम निर्वाचन परिणाम पंजिका से भरते हुए कम्प्यूराईज्ड तैयार कराकर सहायक विकास अधिकारी पंचायत एवं खण्ड विकास अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षरों से सीडी सहित तत्काल जिला पंचायतराज अधिकारी कार्यालय में उपलब्ध करा दी जाय जिससे ग्राम सभाओं के गठन की अधिसूचना जारी की जा सके तथा अधिसूचना की दो प्रतियां विकास खण्ड कार्यालय में उपलब्ध करायी जाय जिसकी एक प्रति को सहायक विकास अधिकारी कार्यालय में चस्पा कर प्रकाशित की जाय तथा एक प्रति सम्बन्धित पंचायत सेक्रेटरी को उपलब्ध करायी जाय।

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