मथुरा

बहुमंजिला काॅमर्शियल काम्पलैक्स बनाने पर जताई आपत्ति वृन्दावन। ब्रज वृन्दावन हेरिटेज एलायंस के संयोजक महंत मध्ुमंगल शरण दास शुक्ल ने मथुरा-वृन्दावन विकास प्राध्किरण के उपाध्यक्ष को लिखे एक पत्रा में रेतिया बाजार स्थित शाहबिहारी मंदिर एव श्री ठा. बांकेबिहारी जी की प्राकट्यस्थली निध्विनराज के निकट एक प्राचीन ध्र्मशाला को तोड़कर बहुमंजिला काॅमर्शियल काम्पलैक्स बनाने पर चिंता प्रकट करते हुए पत्रा लिखा है, कि इन नई-नई बहुमंजिला कामर्शियल बिल्डिंगों के बनने के कारण वृन्दावन की प्राचीनता नष्ट हो रही है एवं प्राचीन मंदिर, देवालयों के शिखर लगातार ढकते जा रहे हैं, उन्होंने साथ ही लिखा है कि मथुरा-वृन्दावन विकास प्राध्किरण ने आखिर ऐसे प्रोजेक्टों को मंजूरी किन नियमों के आधर पर दी है, ब्रज-वृन्दावन में प्रतिवर्ष लगभग 8 करोड़ तीर्थयात्राी दर्शन करने आते हैं, किन्तु नष्ट होती प्राचीनता को देखकर उन्हें भारी कष्ट होता है, उन्होंने लिखा है। यदि सब कुछ इसी तरह चलता रहा तो तीर्थयात्राी यहां आना बन्द कर देंगे, जिससे यहां के तीर्थांटन एवं तीर्थपुरोहितों की रोजी-रोटी पर भारी संकट बन पड़ेगा। महंत मध्ुमंगल ने मथुरा-वृन्दावन विकास प्राध्किरण के उपाध्यक्ष से मांग की है कि उक्त ध्र्मशाला में नष्ट होती प्राचीनता को बचाया जाये एवं वृन्दावन की सभी प्राचीन ध्र्मशालाएं जो कि अब एक ध्रोहर का रूप ले चुकी हैं, उन्हें नष्ट होने एवं बिजनेस काम्पलैक्स बनाने से रोका जाये। ताकि आने वाले तीर्थयात्रियों को प्राचीन ध्र्मशालाओं में स्थित ब्रज की प्राचीन संस्कृति का दर्शन हो सकें।

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मथुरा। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अपर जिलाध्किारी प्रशासन उप जिला निर्वाचन अध्किारी अजय कुमार अवस्थी की अध्यक्षता में यहां डायट में विधन सभा सामान्य निर्वाचन हेतु मास्टर ट्रेनर्स का 4 दिवसीय टीटीएपफ लीडरशिप एंड मोटीवेशन प्रशिक्षण आयोजित हुआ जिसमें अध्किारियों को कुशल नेतृत्व क्षमता से टीम के सदस्यों से बेहतर कार्य लेने की टिप्स दी गई। आयोग की ओर से दीपा गर्ग ने जनपदीय प्रशासनिक, पुलिस एवं अन्य जनपदीय विभागों के अध्किारियों को प्रशिक्षण प्रदान करते हुए बताया कि एक अध्किारी मोटिवेशन द्वारा अध्ीनस्थ साथियों को एक टीम के रूप में कार्य करने हेतु तत्पर रख किस भांति कुशलता व सुगंमता से उद्देश्यानुसार कार्य ले सकता है। अपर जिलाध्किारी वित्त राजस्व रवीन्द्र कुमार, उप जिलाध्किारीगण, तहसीलदारगण, क्षेत्राध्किारीगण, पीडी डीआरडीए सहित अन्य विभागीय अध्किारीगण आदि प्रशिक्षण में उपस्थित रहे। डायट के प्राचार्य डा. मुकेश अग्रवाल एवं निर्वाचन कार्यालय की ओर से प्रशिक्षण के दौरान बेहतर व्यवस्थायें कीं।   

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मथुरा। सूचना कार्यालय की कनिष्ठ लेखालिपिक पूर्णिमा तिवारी के सूचना निदेशालय लखनऊ संबं(ीकरण के पफलस्वरूप यहां सूचना कार्यालय स्टापफ ने उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए विदाई दी। इस अवसर पर पूर्व जिला सूचना अध्किारी ओमप्रकाश, अपर जिला सूचना अध्किारी आशीष चन्द्र यादव सहित लेखाकार श्याम बिहारी गौतम, स्टापफ एवं पत्राकारों की ओर से उन्हें बुके एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया। 

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29 को निकाली जाएगी किसान अध्किार रैली  राया। रालोद के द्वारा बलदेव मे 29 दिसंबर को किसान अध्किार रैली का आयोजन किया जा रहा है। रैली को सफल बनाने के लिए राया-बलदेव रोड पर एक विघालय मे प्रदेश के साथ ही रालोद से बलदेव विधन सभा के टिकट के दावेदार जिला पचायत सदस्य व पदाध्किारी मौजूद रहे, वहीं रैली को सफल बनाने के लिए रणनीति के तहत जिन पाईटो पर बस भेजी जानी है।रालोद के पदाध्किारीयो भरकर ले जाने की जुमेदारी दी गई। इस अवसर पर रालोद जिला अध्यक्ष रामवीर भरगर राजेंद्र सिकरवार डा. राजकुमार सागवान मुकेश प्रधन निरजन ध्नगर, पूर्व जिला पंचायत सदस्य कुं. राघवेन्द्र सिंह, राजपाल भरगर, रन सिह चैध्रीसोहन लाल वालमीक  लालजीत प्रधन प्रताप जाटव डा. एस सी शुक्ल शिवचरन काका गिरप्रसाद सोलकी, कुं. कौशेन्द्र चैध्री सहित पदाध्किारी मोजूद रहे।

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अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवा चुके अजय देवगन इंडस्ट्री में नए नए तरह के रोल के लिए जाने जाते हैं। अक्षय ने कॉमेडी से लेकर एक्शन तक, इमोशनल से लेकर रोमांस तक, सभी तरह की फिल्मों में बेहतरीन अभिनय किया है। इसी कड़ी में एक और फिल्म है जो उनके करियर में चार चांद लगा सकती है।  दरअसल अजय और प्रियदर्शन जल्द ही एक साथ एक प्रोजेक्ट में काम कर सकते हैं। इस फिल्म की सबसे अहम खासियत अजय का किरदार रहेगा। इसमें अजय एक नेत्रहीन व्यक्ति की भूमिका निभाएंगे। यह नेत्रहीन इंसान एक लिफ्ट मैन का काम करता है।  जानकारी के मुताबिक यह फिल्म मलायलम फिल्म ओप्पम की रीमेक होगी। इस फिल्म में यह किरदार मोहन लाल ने निभाया था। इससे पहले भी अजय मोहनलाल अभिनीत फिल्म की रीमेक पर काम कर चुके हैं, यह फिल्म दृश्यम थी, जो दर्शकों को पसंद भी आई थी. इस नए प्रोजेक्ट के लिए प्रियदर्शन व अजय देवगन केबीच बातचीत चल रही है। इससे पहले भी दोनों फिल्मों में काम कर चुके हैं। इससे पहले आक्रोश और तेज में दोनों एक साथ काम कर चुके हैं।  बताया जा रहा हैकि अजय निर्देशक की पहली पसंद नहीं है, निर्देशक इस फिल्म में नेत्रहीन युवक के किरदार के लिए अक्षय कुमार को लेना चाहतेथे, लेकिन डेट्स की परेशानी के चलते वे अक्षय को साइन नहीं कर पाए। एक बात यह भी है कि नेत्रहीन युवक पर बनी एक फिल्म आने को तैयार है। ऋतिक रोशन की आने वाली फिल्म काबिल में रितिक एक नेत्रहीन का किरदार निभा रहे हैं।    साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । न इंसानी फितरत कभी बदली है, न बदलेगी, और गलत काम करने वाले लोग गलत काम करते रहने का रास्ता ढूंढ ही लेते हैं, इसलिए भारत सरकार द्वारा भ्रष्टाचार, काले धन और आतंकवाद के साये से निजात पाने के लिए उठाए गए नोटबंदी के कदम से कुछ हासिल नहीं हो पाएगा। यह कहना है विश्व प्रसिद्ध पत्रिका ‘फोर्ब्स’ के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ स्टीव फोर्ब्स का। उन्होंने अपने संपादकीय में लिखा है कि ग्रह के आबाद होने के वक्त से ही इंसानी फितरत नहीं बदली है। गलत काम करने वाले कोई न कोई रास्ता निकाल ही लेते हैं। आतंकवादी सिर्फ करेंसी बदल देने की वजह से अपनी बुरी हरकतें बंद नहीं कर देंगे, और धन का डिजिटाइजेशन होने में काफी वक्त लगने वाला है, वह भी उस स्थिति में, जब फ्री मार्केट की अनुमति दे दी जाएगी। स्टीव फोब्र्स के मुताबिक, टैक्स चोरी से बचने का सबसे आसान उपाय एकसमान टैक्स दर, या कम से कम एक सरल और कम दर वाली टैक्स प्रणाली लागू करना होता है, जिसके बाद टैक्स चोरी करना ही व्यर्थ लगने लगे। स्टीव के मुताबिक, कानूनन व्यापार करना आसान कर देंगे, तो ज्यादातर लोग सही व्यापार करेंगे। स्टीव फोर्ब्स का कहना है कि भारत इस समय नकदी के खिलाफ सरकारों के दिमाग में चढ़ी सनक का सबसे चरम उदाहरण है। बहुत-से देश बड़ी रकम के नोटों को बंद करने की दिशा में बढ़ रहे हैं, और वही तर्क दे रहे हैं, जो भारत सरकार ने दिए हैं, लेकिन इसे समझने में कोई चूक नहीं होनी चाहिए कि इसका असली मकसद क्या है - आपकी निजता पर हमला करना और आपकी जिन्दगी पर सरकार का ज्यादा से ज्यादा नियंत्रण थोपना। स्टीव फोब्र्स के अनुसार, भारत सरकार का यह घोर कृत्य अनैतिक भी है, क्योंकि मुद्रा वह वस्तु है, जो लोगों द्वारा बनाई गई वस्तुओं का प्रतिनिधित्व करती है। मुद्रा बिल्कुल वैसा ही वादा होती है, जैसा कोई सिनेमा या कार्यक्रम में शामिल टिकट होती है, जो आपको सीट मिलने की गारंटी देती है। इस तरह के संसाधन सरकारें नहीं, लोग पैदा करते हैं। जो भारत ने किया है, वह लोगों की संपत्ति की बहुत बड़े पैमाने पर चोरी है, जो लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार द्वारा किए गए होने की वजह से ज्यादा चौंकाती है। ऐसा कुछ वेनेज़ुएला जैसे देश में होता, तो शायद इतनी हैरानी नहीं होती। और इससे भी कोई हैरानी नहीं होती कि सरकार इस सच्चाई को छिपा रही है कि इस एक कदम से एक ही झटके में दसियों अरब डॉलर का नुकसान होने जा रहा है। अब भारत को ग्लोबल पॉवरहाउस बनने के लिए जो काम निश्चित रूप से करना चाहिए, वह है इन्कम तथा बिजनेस टैक्स की दरों को घटा दे, और समूचे टैक्स ढांचे का सरलीकरण करे, रुपये को स्विस फ्रैंक जितनी शक्तिशाली मुद्रा बना दे, और नियमों को कम से कम कर दे, ताकि बिना किसी लागत के भी कुछ ही मिनटों में नया व्यापार शुरू किया जा सके।    साभार-khaskhabar.com  

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