पुरीधाम से आए पदयात्री संत मथुरा। श्री चैतन्य महाप्रभु के श्रीधाम वृन्दावन आगमन के पांच सौ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों के क्रम में 25 नवंबर तक पर्यन्त ईमली तला वृन्दावन में भागवत सप्ताह एवं अन्य अनुष्ठान आयोजित किये जा रहे हैं। इससे पूर्व लगभग दो सौ से अधिक गौड़ीय वैष्णव पदयात्रियों ने श्रीमद महाप्रभु के श्रीविग्रह सहित विगत 5 अगस्त केा श्रीराधाकान्त मठ पुरीधाम से वृन्दावन धाम के लिये श्री चैतन्य महाप्रभु पदयात्रा करते हुये भिक्षावृत्ति अवलम्बन करते हुये ब्रज में प्रवेश किया एवं 84 कोस की ब्रज परिक्रमा की। इस अवसर पर अन्तर्जातिक पंचशत वार्षिकी समारोह समिति के सचिव श्रीकृष्ण चन्द्र दास ने कहा कि हम चाहते हैं कि श्रीमनमहाप्रभु द्वारा सम्पूर्ण भारतवर्ष में जिन-जिन स्थानों पर अपना पदार्पण किया उन्हीं सब स्थानों पर उनके स्मारक निर्माण हों तथा श्रीधाम वृन्दावनमें उनकी स्मृति में एक शोध संस्थान, चैतन्य महाप्रभु प्रवेश द्वार, विश्वविद्यालय एवं सांस्कृतिक केन्द्रों की प्रतिष्ठा हों। पुरीधाम से आये पदयात्रियों का स्वागत श्रीश्री बनुकुंज प्रांगण में पुरीधाम से वृन्दावन आये श्री चैतन्य महाप्रभु वृन्दावन आगमन पंचशती समारोह के अवसर पर पदयात्रियों का स्वागत एवं अभिनन्दन किया गया। सोमवार प्रातः आयोजित स्वागत समारोह में उपासक बन्धु ब्रह्चादी गौरव बन्धु ब्रह्चांदी, डा. विनोद बनर्जी, तापसबन्धु, प्राणबन्धु, साथी बन्धु, जगन्नाथ दास आदि ने पटुका ओढाकर एवं प्रसाद प्रदानकर उपवस्थित पदयात्रियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। प्रारंभ में पुरी से आयी महाप्रभु की प्रतिमा की भव्य आरती उतारी गयी एवं श्री हरिनाम संकीर्तन की गांव के मध्य शंखध्वनि से स्वागत अभिनंदन किया गया।
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