गुरू शरणानंद महाराज के सानिध्य में चल रही ब्रजचैरासी कोस यात्रा का स्वागत करते यमुना मिशन के कार्यकर्ता देवों का दीपावली पर्व होता है देवउठान एकादशी रू प्रदीपबंसल मथुरा। जैसे हम सभी के लिये दीपावली का पर्व प्रकाश एवं हर्षोल्लास का होता है ऐसे ही देवउठान एकादशी का पर्व देवताओं के लिये दीपावली का पर्व है। इस दिन देवता चारमास के विश्राम के बाद उठाये जाते है। उक्त वाक्य यमुना मिशन के संस्थापक प्रदीप बंसल ने कहे। उन्होंने बताया कि यमुना मिशन के कार्यकर्ताओं द्वारा भी देवोत्थान एकादशी के पावन पर्व पर दीपश्रृंखला जला एवं आतिशबाजी कर देवउठान एकादशी का पर्व मनाया।उन्होने बताया कि इस जगदीश प्रसाद शर्मा एवं वैदेयी शर्मा द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई। आज परमपूज्य गुरू शरणानन्द जी महाराज के सानिध्य में चल रही ब्रज चैरासी कोस की अन्तर्ग्रही परिक्रमा के तृतीय दिवस पर यात्रा आज घीयामण्डी होते हुये शीतला घाटी होते हुए मानिक चैक श्रीनाथजी के मन्दिर पहुॅची। जहॉ यमुना मिशन के कार्यकर्ताओं सहित स्थानीय निवासियों द्वारा यात्रा एवं यात्रियों का भव्य स्वागत किया गया। यात्रा के शीतला घाटी पर प्रवेश के समय पंघ् अनिल शर्मा एवं अन्य स्थानीय भक्तों द्वारा आतिशबाजी एवं पुष्पवर्षा कर यात्रियों का स्वागत किया गया। ब्रजवाणी परिवार द्वारा भी यात्रियों का स्वागत किया गया। मानिकचैक पर यमुना मिशन के कार्यकर्ताओं द्वारा ब्रज यात्रियों को दूध, मेवा खिचड़ी, शकरकन्दी आलू, केला, सेव नमकीनआदि फलाहारी प्रसाद वितरित किया गया।
Read More




