मथुरा

मथुरा। जीएल बजाज ग्रुप आफ इन्सटीटयूशन्स में गत् दिवस एक बार पुनः मथुरा व आस-पास के अलग-अलग कई काॅलेजो से आये बीटेक कम्प्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, इलैक्ट्राॅनिक्स एण्ड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए एक स्वर्णिम भविष्य की शुरूआत का पैगाम लेकर आया। ज्ञातव्य है कि गतदिवस प्रख्यात डिजीटल मोबाइल एप्लीकेशन डेब्लप और सोल्यूशन प्रदान करने वाले एप्स कम्पनी ‘मोबीलाॅइट टैक्नाॅलोजी ने जनपद में प्रख्यात इंजिनियरिंग कालेज जीएल बजाज बीटेक कम्प्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, इलैक्ट्राॅनिक्स एण्ड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए पूल कैम्पस का आयोजन किया। जीएल बजाज में वृहद एवं व्यापक स्तर पर आयोजित इस पूल कैम्पस में मथुरा व आस-पास के अलग-अलग काॅलेजो के बीटेक के सैकड़ांे छात्रांे ने बड़े जोशोखरोश से भाग लिया एवं अपनी काबिलियत और श्रेष्ठता का बढ़-चढ कर परिचय दिया। बी.टैक ;कम्प्यूटर साइंस इंजीनियरिंगद्ध के चयनित छात्रों में विषाल अग्रवाल अवनीष मिश्रा, अनन्या लिकधारी, शुभम कपूर, प्रतीक कुमार शर्मा, अंकुर गुप्ता, केषव श्रीवास्तव, शामिल हैं जिनको साॅफ्टवेयर इंजीनियर के पद आॅफर हुे । वहीं बी टैक मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों में दिवाकर मिश्रा और विशाल माध्यान में एनालिस्ट पद के लिए नियुक्ति पत्र हस्तरत किये इसके साथ ही बी टैक इलैक्ट्राॅनिक एण्ड कम्प्यूनिकेशन इुंजीनियरिंग से अनुराग आनन्द ने भी नियुक्ति पत्र प्राप्त किया।   

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मथुरा। वृन्दावन नगर के रमणरेती मार्ग स्थित वैष्णोदेवी मंदिर के निकट आज सुबह साढे आठ बजे तीन लोगों ने पुरानी रंजिश के चलते एक युवक को पकड़ लिया और मारपीट की। जब वह इनसे छूटकर भागा तो इन लोगों ने इन पर फायरिंग की। बताया गया कि गौरव पुत्र प्रेमपाल निवासी परखम गूजर ने इस संबंध में वृन्दावन कोतवाली में दी गयी तहरीर में कहा है कि रामनिवास, रोहताश, तेजपाल, संजय आदि ने छटीकरा पर उसे पकड़ लिया और हमला किया। घटना की नामजद रिपोर्ट दर्ज करायी गयी है।

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मथुरा। आज रविवार देवोत्थान एकादशी पर्व को लेकर ब्रजवासी तीन वन क्रमशः मथुरा, गरूण गोविंद, वृंदावन की 18 कोसीय यानि 54 किमी. की परिक्रमा लगायेंगे। इस बड़ी परिक्रमा को लेकर आज रात्रि 12 बजे से ही उक्त परिक्रमा चालू हो जायेगी। जबकि वृंदावन के लोग कल अपने वृंदावन धाम की परिक्रमा लगायेंगे। वृंदावन व मथुरा की विशाल भीड़ रविवार वृंदावन में देखने को मिलेगी। वहीं इस बड़ी परिक्रमा को लेकर रात्रि 12 बजे से मानव श्रृंखला परिक्रमा शुरू करेगी। जिसका क्रम दोपहर तक अनवरत रहेगा। लक्खी विशाल परिक्रमा के इस पर्व के साथ कल ब्रज के घरों में सांयकाल देवों को उठायेंगे। इसको लेकर घरों में आज सांयकाल देवोत्थातिथी के नियमों का पालन करते हुए ब्रज के घरों में खडि़यां वगेरू से चैक तथा समूचे घर में देव कृपा बनाये रखने हेतु तरह-तरह से कढ़ाई करे सांयकाल उनका नवीन साग सब्जी फल आदि भोग रखकर दीपदान घरों में व दरवाजों पर किया जायेगा।  देवों को आव्हान कर बुलाया जायेगा तथा गन्ना, सिंघाड़ा, आंवला, शकरकंदी, का प्रसाद नई फसल के रूप में देवों को आरोगा जायेगा। ब्रज के महिलाएं घरों में कीर्तन देवगुणगान करेंगी तथा अपने पितृ परमेश्वरों तथा कुलदेवी को भी पूजित कर समूचे वर्ष परिवार की सुख शान्ति की कामना करेंगी।  

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मथुरा। सुप्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर में आज सांयकाल से रात्रिकाल तक तुलसी-सालिगराम विवाह का भव्य आयोजन आयोजित किया गया है। तुलसी सालिग्राम विवाह को लेकर कार्तिक मास का व्रत नियम लेने वाली महिलाएं इस मौके पर मंदिर में उपस्थित होकर तुलसी सालिग्राम के विवाह में शरीक होकर कोई महिला विष्णु श्रीकृष्ण के पक्ष में तो कोई माता तुलसी की ओर से धराती बनकर विवाह समारोह में कन्यादान एवं अन्य रस्मों में भेंट अर्पित कर पुण्य लाभ कमायेंगी। विवाह समारोह पूरे रीति-रिवाज के साथ मंदिर परिसर में मनाया जायेगा जिसमें बाराती और घराती दोनों पक्ष उपस्थित होकर रस्मो को रीति रिवाज से पूर्ण कराकर पुण्य के भागी होंगे। व्यावले को लेकर आज रविवार प्रातः 4 बजे मंगला दर्शन के बाद विवाह रस्मों की तैयारी होना तय हो जायेगी। ज्ञात हो कि कार्तिक मास के नियम पूजन के देवोत्थान एकादशी पर्व पर सालिग्राम तुलसी का विवाह हर वर्ष मनाया जाता है। वहीं कार्तिक नियम लेने वाली महिलाएं पुरुष आदि आज से ही पंच व्रत तथा पंचभीकम की कहानी कहकर 32-32 बस्तियों को अलग-अलग प्रभु के मंदिरों में क्रमशः यमुना, धर्मराज हनुमान, राधा दामोदर, राधाकृष्ण, लक्ष्मीनारायण, पथवारी माता, शिवशंकर, माता पार्वती, गणेश, सरस्वती, गंगा आदि देवी देवताओं को पांच दिन यानि दशमी से पूर्णिमा तक जलाकर मास व्रत के अन्तिम नियमों को पूर्ण करके पूर्णिमा तिथि को मास परायण व्रत का पूर्ण करके भारी दीपदान करेंगी। वहीं ब्राहमण-ब्राहमणी को भोजन व वस्त्रादि भेंट कर कार्तिक व्रत का पूर्ण करेंगी।                                                                              

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मथुरा। श्रीमाथुर चतुर्वेद परिषद द्वारा उत्तर भारत का प्रसिद्व वार्षिक कृष्ण बलराम महोत्सव अन्तर्गत कसं बध मेला धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कंस के पुतलें दोहन कर भव्य आतिशवाजी की गई। इस अवसर पर भगवान कृष्ण बलराम की भव्य शोभायात्रा ग्वालवालों के साथ छत्ता वाजार स्थिति हनुमान गली से प्रारंभ हुई। भगवान कृष्ण बलराम के सवरूप हाथी पर सवार होकर चल रहें थे वहीं चतुर्वेदी समाज के बुर्जुग व युवा हाथों में चमचमाती चिकिनी लाठिया लेकर चल रहे थे। शोभायात्रा तिलक द्वारा होती हुई आगरा मथुरा रोड स्थित कंस टीला पहुंची जहाॅ कंस के आधे धड़ें को लाठियों से पीटा गया तत्पश्चात कंस बध विजयी शोभायात्रा पुनः तिलकद्वार छत्ता बाजार, वृजानन्द बाजार, विश्रामघाट पहुंची जहाॅ कसं के मुखैटें को लाठियों से पीटा गया। शोभायात्रा में जीप पर कंस का आकर्षिक होर्डिग तथा कस का पुतला घोड़ी पर सवार दो सेवक ढोल वाजों के साथ भगवान श्रीगणश, कृष्ण सुदामा, की आकर्षक झांकी, आगरा का म शहूर सुधीर बैंण्ड, सकीर्तन करती हुई मंडली, कालिया नाग मर्दन, महारस लीला, विशाल नाग पर महारास, तथा कृष्ण लगराम स्वरूपों की भव्य झांकी शोभायात्रा के आकर्षण का केन्द्र थी। कंस वंध मेले में लाला राम माला राम, बालकृष्ण शास्त्री परिवार का विशेष सहयोग रहा। स्थानीय बेंण्ड व झांकियों की छठा भी निराली थी। शोभायात्रा में चतुर्वेदी समाज के मुख्य संयोजक महेश पाठक, गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी, गिरधारीलाल पाठक, दिनेश पाठक, मेला संयोजक राकेश तिवारी, बालकृष्ण पाठक, शिव कुमार चतुर्वेदी, अजय चतुर्वेदी,ख् राजू चतुर्वेदी, कमल चतुर्वेदी, मनोज पाठक, योगेन्द्र चतुर्वेदी, डा. विनोदम चतुर्वेदी, आशीष चतुर्वेदी, अमित चतुर्वेदी, हरदेव चतुर्वेदी, संजीव चतुर्वेदी लाला, अनुज पाठक, पवन चतुर्वेदी, उमाकान्त चतुर्वेदी, अनुज पाठक, महेश चतुवे्रदी, राजन पाठक, काशीनाथ चतुर्वेदी, गणेश चतुर्वेदी, रामकिशन पाठक, सन्तोष चतुर्वेदी, मनोकहर लाल, नवीनीत चतुवे्रदी, मुकेश स्वामी, प्रदीप पाठक, दीपक वैंकर, गुणीराम, गोपाल चतुर्वेदी, लालजी भाई शास्त्री, लक्ष्मीकान्त चतुूर्वेदी, राजकुमार कम्पू, बंशीधर मोरे, बनवारीलाल माली, महेश लठठॅ पेड़ा, वामन जी बैंक वालें, सालिगराम, मुकन्दीराम, धनपाल पांडेय, अयोध्या नाथ जीतों, पुरूषतम, पाठक लाला, संजय पाठक, नन्द किशोर पालों, विश्वनाथ पाठक, गजेन्द्र, देवेन्द्र चतुर्वेदी, अरविन्द भूरा, आदित्य, नन्दकिशोर पालों, सुरेन्द्र चतुर्वेदी, सभासद सलनतोष पाठक, गिर्राज धरन कंजी, लम्बू पंडा, कृष्णकान्त श्यामू, विजय चतुर्वेदी, कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी, विनोद तिवारी, नरेश चतुर्वेदी आदि थी। शोभायात्रा में चतुर्वेद समाज का सैलाव उमड़ा अन्त में माथुर चतुर्वेद समाज के मुख्य सरंक्षक महेश पाठक ने मेले के सभी सहयोगियों व शासन प्रशासन को व्यवस्थाओं के लिए धन्यवाद देे हुए स्मृति चिन्हें प्रदान कर सम्मानित किया। शोभायात्रा पूण्र्य तीर्थ विश्रामघाट पर आरती के साथ समाप्त हुई। यहाॅ यमुना मा की भव्य आरती की गइ्र। कार्यक्रम का संवालन राकेश तिवारी ने किया। इस अवसर पर छत्ता बाजार से कंस टीलें तक बाजार को भव्य सजावट कर संजाया गया था।   

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मथुरा। यमुना मुक्ति को लेकर यम द्वितीया के दिन शुरू हुए त्रिशूल अभियानष् के बाबत डा. रमेश चन्द्र शर्मा स्मारक शोध एवं सेवा संस्थान के तत्वावधान में 16 नवम्बर को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय पर ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह द्वारा त्रिशूल अभियान के बारे में पूछे जाने पर संस्थान अध्यक्ष एवं यमुना मुक्त आन्दोलन के सूत्रधार डाॅ0 सुरेश चन्द्र शर्मा ने बताया कि दिल्लीए हरियाणा और केन्द्र सरकारों के चलते यमुना 142 सालों से कैद का दंश झेल रही है जिसे मुक्त कराने के लिए यमुना मुक्त आन्दोलन की चैथी वर्षगांठ पर ष्त्रिशूल अभियानष् शुरू किया गया है। डाॅ0 शर्मा ने आगे बताया कि संस्थान द्वारा यमुना के साथ अन्याय किये जाने का विरोध उस वक्त भी किया गया थाए जब साढ़े ग्यारह हजार करोड़ रूपये की लागत से होने वाले कामनवेल्द गेम्स से पूर्व दिल्ली में यमुना सफाई के लिए स्वीकृत आठ सौ करोड़ रूपये में से आठ रूपये भी खर्च नहीं किये गये थे और खेलों का मूल बजट साढ़े ग्यारह हजार करोड़ से छलांग लगाकर सतहŸार हजार करोड़ रूपये हो गया था। कामनवेल्द को लेकर डा. शर्मा ने उन वैज्ञानिकांे की भी निन्दा की जो आठ सौ करोड़ रूपये में दिल्ली के सारे नालों को यमुना में गिरने से रोकने का दावा कर रहे थे। लेकिन जब देश को ईमानदार और कर्मठ प्रधान मंत्री मिल गया तो और उसने खुलकर यमुना पर चर्चा की तो वैज्ञानिकों को सांप सूंघ गया और आज वे आठ हजार करोड़ रूपये में भी दिल्ली के नाले रोकने का दावा नहीं कर पा रहे हैं।         

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