मथुरा

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 28 जून को ऑल इंडिया रेडियो पर 'मन की बात' कार्यक्रम की अगली श्रृंखला में राष्ट्र को संबोधित करेंगे।  यह प्रधानमंत्री के नागरिकों के साथ अपने विचारों को साझा करने वाले रेडियो कार्यक्रम का नौवा संस्करण है। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के लिए राय और विचारों को साझा करने के लिए नागरिकों को भी MyGov.in के ओपन फोरम पर आमंत्रित किया है।

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मुंबई।धारावाहिक और फिल्म एक्टर विजय बदलानी के तीन धारावाहिक विभिन्न टी वी चैनलों पर प्रसारित हो रहे हैं। ज़ी टी वी पर 'जोधा अकबर' (तानसेन),'बिग मैजिक' पर 'बाल गोपाल करे धमाल' (कंस) और 'सोनी सब टी वी' पर 'यम हैं हम ',( नारद) की भूमिका निभा रहे हैं। इतने व्यस्त होने के बाद भी टाइम निकालकर सामाजिक कार्य और जनसेवा करते है। बरसात के मौसम को और स्कूल खुलने का समय को देखते हुए बुधवार २४ जून २०१५ को मालाड के मालवणी के पास स्थित 'रशियन विला' स्टूडियो में धारावाहिक 'बाल गोपाल करे धमाल' की शूटिंग के दौरान वहां के कुछ जरूरतमंद बच्चों के लिए छतरी, नोटबुक, कम्पास, रबर, पेन्सिल और शार्पनर मंगाकर उनको वितरित किया। जिससे बच्चे काफी खुश हुए। इस बारे में एक्टर विजय बदलानी कहते है," मैं अक्सर इस तरह का चैरिटी वर्क करता रहता हूँ। यदि भगवान हमारे लिए कुछ करते हैं और हम इस काबिल हैं तो हमे अपने हिसाब से दूसरों के लिए भी कुछ करना चाहिए। जिंदगी केवल अपने लिए नहीं, दूसरों के लिए भी जीना चाहिए। मैं चाहता हूँ कि सभी लोगों को इस प्रकार का कार्य करना चाहिए। "  

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मथुरा : हाइवे पुलिस ने एक बड़े जहरखुरानी गिरोह के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। 

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मथुरा : हाइवे पुलिस ने एक बड़े जहरखुरानी गिरोह के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है।  प्राप्त सूचना के अनुसार, गोवर्धन रोड से यूनिस पुत्र सन्नू व कमल शर्मा पुत्र मानिक चंद निवासी अमर कालोनी को 600 ग्राम डायजापाम पाउडर समेत गिरफ्तार किया गया है।  पकड़े गए बदमाशों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि राजस्थान और मथुरा के विभिन्न थाना क्षेत्रों में वे कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। इन शातिरों पर लगभग दो दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। थानाध्यक्ष सुबोध यादव ने बताया कि उक्त गिरोह, बसों, टैंपो और रेल गाड़ियों में यात्रियों को अपना निशाना बनाते थे।

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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को विश्व में मनाए जा रहे पहले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर नए योग-युग के शुरुआत की घोषणा की।  नई दिल्ली में राजपथ पर सामूहिक योग प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दिवस विश्व के विभिन्न हिस्सों में मनाया जा रहा है इसलिए योगाभ्यास करने वाले समुदाय का सूर्य अस्त नहीं होगा।  प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पहला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस ही नहीं है बल्कि यह एक नए युग की शुरुआत है जो शांति और सद्भाव के लिए मानवता को प्रेरणा देगा। प्रधानमंत्री ने उन प्राचीन संतों, योग गुरुओं और योगाभ्यास करने वालों के योगदान का स्मरण किया, जो आज योग को जो स्थान हासिल हुआ है उसे इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए सदियों से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकास और तकनीकी के विभिन्न क्षेत्रों में जैसे मानवता आगे बढ़ी है वैसे ही मानव जाति को भी प्रगति करनी चाहिए और इसके लिए योग एक मार्ग है। उन्होंने कहा कि योग केवल कसरत ही नहीं है बल्कि मन और शरीर के बीच संतुलन स्थापित करता है तथा व्यक्ति की आंतरिक शक्ति को बढ़ाने में भी मदद करता है।  प्रधानमंत्री ने विश्व के उन सभी देशों का आभार प्रकट किया, जिन्होंने आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया। उन्होंने उन 177 देशों का भी धन्यवाद किया जिन्होंने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र में उनके प्रस्तांव का समर्थन किया था।  बाद में प्रधानमंत्री ने राजपथ पर सामूहिक योग प्रदर्शन में हिस्सा लिया। 

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मैं आम तौर पर योग के लाभों के बारे में बात नहीं करता क्योंकि मैं समझता हूं कि योग के सभी महान लाभ उसकी प्रतिक्रिया हैं। शुरू में लोग योग की तरफ इसलिए आकर्षित होते हैं क्योंकि उससे विभिन्न प्रकार के स्वास्थ्य लाभ होते हैं और तनाव से मुक्ति मिलती है निश्चित रूप से शारीरिक और मानसिक लाभ हैं- लोग शारीरिक और मानसिक बदलाव का अनुभव कर सकते हैं। ऐसे कई लोग है जिन्हें अपने पुराने रोगों से चामत्कारिक रुप से मुक्ति मिली है। शान्ति, प्रसन्नता और स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से योग से निश्चित रूप से कई लाभ हैं लेकिन योग की यह विशेष प्रकृति नहीं है। योग के बारे में असली चीज यह है कि यह आपको जीवन का बड़ा अनुभव देता है और एक व्यक्ति होने के अपेक्षाकृत आप एक सार्वभौमिक प्रक्रिया के अंग बन जाते हैं। आप देखेंगे कि इससे अनोखे परिणाम आपको प्राप्त होंगे। योग के बारे में जब पहली बार उसके भौतिक आयाम की जानकारी दी जाती है और तब यह बताया जाता है कि मानव प्रणाली इस अंतरिक्षीय ज्यामिति से कितनी भिन्न है। हम रचना की ज्यामिति की बात करते हैं। अगर आप ज्यामिति की सही जानकारी रखते हैं और उसमें प्रवीण होते हैं तब सारा टकराव समाप्त हो जाता है। आंतरिक टकराव का अर्थ होता है कि आप अपने विरुद्ध काम कर रहे हैं। यानी आप अपने आप में एक समस्या हैं। जब आप स्वयं एक समस्या हैं तब अन्य समस्याओं से आप कैसे मुकाबला करेंगे? सब कुछ तनावपूर्ण है। आप अपने जीवन में स्वयं समस्या न बनें। यदि आपके पास अन्य समस्याएं हैं तो उनपर बात करते हैं। विश्व में तमाम तरह की चुनौतियां मौजूद हैं। आप जितनी गतिविधियां करेंगे उतनी चुनौतियां आएंगी और यह सिलसिला चलता रहेगा लेकिन आपका शरीर, मस्तिष्क, भावनाएं, ऊर्जा आपके जीवन की बाधाएं नहीं बननी चाहिए। अगर इन सबको ठीक से दुरुस्त कर दिया जाए तो आपका शरीर और मन ऐसे-ऐसे काम करने में सक्षम हो जाएगा जिसके बारे में आपने कभी कल्पना नहीं की होगी। अचानक लोग समझने लगेंगे कि आप महामानव बन गए हैं। अगर आप ज्यामिति से तालमेल बिठा लेते हैं तब चाहे व्यापार हो, घर हो, प्रेम हो, युद्ध हो, जो कुछ भी हो आप एक ऊंचे स्तर की कुशलता और क्षमता के साथ ये सारे काम कर पाएंगे। ऐसा इसलिए है कि चाहे चेतनावस्था हो या अवचेतनावस्था, सब ज्यामिति का काम है। आम तौर पर यह कोई चीज समझने जैसी है लेकिन सैद्धांतिक रुप से यह अस्तित्व की ज्यामिति है। सही ज्यामिति प्राप्त होने से आप सही दिशा में अग्रसर हो जाएंगे। योग का अर्थ है जीवन की प्रणाली। इसके तहत यह समझना है कि जीवन की प्रणाली कैसे बनती है और उसका इस्तेमाल उलझन के लिए नहीं बल्कि मुक्त होने के लिए कैसे किया जा सकता है। अब शरीर को कैसे स्थिर किया जाए? शरीर को स्थिर करना सीखना आसान नहीं है। आपको याद होगा कि 70 और 80 के दशक में जब आपके घरों में टेलीविजन पहुंचा था तो आपके घर के ऊपर एल्युमीनियम का एन्टीना लगा होता था। जब उसे कायदे से दुरुस्त किया जाता था तो आपके बैठक में पूरी दुनिया चली आती थी क्योंकि आपने उसे सही दिशा दे दी थी। इसी प्रकार इस शरीर में अपार क्षमताएं हैं यदि आप इसे सही दिशा देंगे तो आप पूरे ब्रह्मांड को उतार लेंगे। यही योग है। योग का अर्थ है जोड़ना। जुड़ने का मतलब है कि व्यक्ति और ब्रह्मांड के बीच का अंतर समाप्त हो जाता है। तब कुछ भी व्यक्तिगत नहीं है, कुछ भी सार्वभौमिक नहीं है, सब कुछ आप ही हैं- यानी आप योग में हैं। इसका अर्थ यह नहीं है कि आपने किसी चीज की कल्पना की बल्कि इसका अर्थ यह है कि आपने क्या अनुभव किया। अनुभव तभी होता है जब आप सही दिशा में हों, अन्यथा वह नहीं होगा। इस शरीर को स्थिर करना सीखने का मतलब आप अपने एन्टीना को सही दिशा में दुरुस्त कर रहे हैं- अगर आप सही दिशा में स्थिर रहेंगे तो पूरा अस्तित्व आपके भीतर उतर आएगा। यह योग अनुभव का एक जबरदस्त उपकरण है। जीवन में योग के लाभ : योग का अर्थ एक विशेष अभ्यास करना यह अपने शरीर को हिलाना डुलाना नहीं है। योग का अर्थ है अपने उच्च स्वभाव तक पहुंचने के लिए उपयोग किया गया कोई भी तरीका। आप जो टेक्नोलॉजी उपयोग में लाते हैं उसे योग कहा जाता है। जीवन में योग क्यों आवश्यक है? निश्चित रूप से इसका शारीरिक लाभ है। यह एक व्यक्ति के लिए बहुत कुछ है। इससे व्यक्ति अपना स्वास्थ्य सुधार सकते हैं और अपने शरीर को और लचीला बना सकते है। लेकिन एक स्वस्थ्य शरीर के साथ भी जीवन में अस्थिरता बनी रहेगी। इस ग्रह पर अस्वस्थ और दयनीय लोगों से अधिक संख्या में स्वस्थ और दुःखी लोग हैं। यदि आपको बीमारी है तो कम से कम आपके पास एक अच्छा बहाना है। अधिकतर लोगों के पास तो यह भी नहीं। योग के साथ शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक खुशी मिलेगी। लोग सरल योग प्रक्रियाओं से अनूठा स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं लेकिन इससे जीवन में स्थिरता नहीं आती। जब तक आप का अस्तित्व है मानव के सभी पक्षों को जाने बिना तब तक आप एक संघर्षपूर्ण सीमित जीवन जिएंगे। एक बात मानव शरीर और बुद्धि के साथ इस विश्व में आने पर आप जीवन के सभी पक्षों को ढूढने में सक्षम होते हैं। यदि ऐसा नहीं होता तो व्यक्ति को कष्ट होता है क्योंकि यह शरीर तक सीमित होता है और अन्य पक्षों के अनुभवों से वंचित है। यह जीवन की प्रकृति है। आप जैसे ही इसे रोकते है यह संघर्ष करता है। आज तंत्रिका सिद्धांत तथा आधुनिक विज्ञान जीवन के पक्षों की बात करता है। हम योग प्रणाली में हमेशा जीवन के 21 पक्षों की बात करते हैं। यदि आप अभी उपलब्ध तीन पक्षों के साथ इतना अधिक करते हैं तो आप पास 21 पक्षों के साथ जीवन में अधिक स्वतंत्रा प्राप्त करेंगे। आप आसानी से अपना जीवन से निपट लेंगे क्योंकि सभी पक्ष जीवंत हैं और आपके अनुभवों के भीतर हैं। योगा के विषय में वास्तविक बात यह है कि योग आपको संपूर्ण समावेशी बनाता है। यह आपके जीवन के अनुभव को इतना व्यापक औऱ सम्पूर्ण समावेशी बनाता है कि आप व्यक्ति के बदले एक सार्वभौमिक प्रक्रिया हो जाते हैं जो कि प्रत्येक मनुष्य के रूप में मौलिक रूप में निहित है। आप जहां कहीं भी होंगे आप अभी जो कर रहे हैं उससे अधिक करना चाहेंगे। यह बात मायने नहीं रखती कि आपकी सोच शीर्ष पर है अथवा नीचे है फिर भी आप जो हैं उससे अधिक होना चाहते हैं। यदि थोड़ा बहुत कुछ होता है तो आप चाहते है कि कुछ और हो, कुछ और हो। यह क्या है जो आप चाहते हैं। आप सीमा रहित विस्तार चाहिते है। यह सीमा रहित विस्तार शारीरिक साधनों से नहीं हो सकता है। शारीरिक साधन एक निश्चित सीमा है। यदि आप सीमा हटाते हैं तो कुछ भी शारीरिक नहीं बचता। यह सीमाहीनता तभी संभावना बनती है जब एक पक्ष शरीर से बहार निकलकर आपके साथ एक जीवंत वास्तविकता बन जाता है। यदि एक पक्ष निरंतर रूप से आपके अऩुभव में शरीर से आगे रहता है तब आप शरीर से मुक्त होते हैं और आप जीवन और मृत्यु की प्रक्रिया से मुक्त होते हैं क्योंकि यह शरीर से जुड़े हैं। स्वतंत्रता का अर्थ क्या है? सीमारहित होना और सीमारहित शारीरिक नहीं हो सकता। इस सम्पूर्ण प्रक्रिया का उद्देश्य आपके शरीर से बाहर अनुभव को लाना औऱ उसे बनाए रखना है। यदि एक बार आप इसके सम्पर्क में आते हैं तो आप एक कृति नहीं बल्कि अपने जीवन के सृजनकर्ता होते हैं। (लेखक योगी एवं अध्यात्म गुरु हैं। लेख में व्यक्त विचार लेखक के अपने हैं)

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ठाणे।विरार में स्थित 'मुलजीभाई मेहता इंटरनेशनल स्कूल में मार्शल आर्ट को स्कूल के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया और जिसके लिए स्कूल में चीता यग्नेश शेट्टी मार्शल आर्ट अकादमी का उद्घाटन मिस इंडिया और फिल्म अभिनेत्री सयाली भगत के हाथों किया गया।जिसमें ६०० विद्याथिओं ने अपना नाम दर्ज़ कराया। इस अवसर पर चीता यग्नेश शेट्टी, सयाली भगत, अफगानिस्तान के मिक्स्ड मार्शल आर्ट चैंपियन समीर अली, स्कूल के ट्रस्टी भावेश मेहता, मैनेजर रमेश नायर, स्कूल की प्रिंसिपल मनीषा केलकर, विरार शंकर शेट्टी इत्यादि उपस्थित थे। पिछले ३ वर्षों से सयाली भगत यग्नेश शेट्टी से मार्शल आर्ट सीख रही है, इस कारण उन्हे इस अवसर पर उन्हे ब्राउन बेल्ट से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर चीता यग्नेश शेट्टी ने सभी को धन्यवाद दिया खास करके विरार शंकर शेट्टी को तथा शेट्टी ने कहा," यह पूरा सप्ताह इंटरनेशनल योग सप्ताह के रूप में मनाया जा रहा है। और इसी मौके पर स्कूल में यह अकादमी शुरू हो रही है। मैं सभी को इंटरनेशनल योग डे की शुभकामना देता हूँ। वैसे मार्शल आर्ट भी काफी हद तक योग से मिलता जुलता है।यह भी योग से जुड़ा हुआ है।"     मार्शल आर्ट गुरू चीता यज्ञेश शेट्टी पिछले चार पीढ़ी से बॉलीवुड के लोगों को मार्शल आर्ट सीखा  रहे है। तथा स्कूली बच्चों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों सभी को मार्शल आर्ट सिखाते आ रहे हैं। और किसी भी हमले के वक़्त महिलाएं किस तरह और क्या-क्या कर सकती है? और किस तरह अपनी आत्मरक्षा कर सकती हैं, इसके बारे में पूरे देश में लाखों महिलाओं को 'निर्भय वीमेन एम्पावरमेंट एंड ट्रेनिंग प्रोग्राम' के तहत  मार्शल आर्ट की और अन्य प्रकार का प्रशिक्षण दिया है।  

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सेवा में  जिलाधिकारी, मथुरा महोदय,  बीते दिन कई मीडिया संस्थानों द्वारा प्रकाशित मथुरा की अनेक चांदी पॉलिश और प्लेटिंग कारखानों संबंधी एक रिपोर्ट को आपके संज्ञान में लाना चाहते हैं। ये कारखाने बिना ट्रीटमेंट के रासायनिक अवशेषों को सीधे नालियों में बहा रहे हैं जो यमुना नदी में जाकर मिलते हैं। प्रदूषण विभाग इससे अनभिज्ञ दिख रहा है। आपसे अनुरोध है कि ऐसी समस्त इकाइयों में उत्सर्जन से पूर्व ट्रीटमेंट की व्यवस्था कराई जाए। चूंकि आप समय-समय पर बढ़ते प्रदूषण पर चिंता व्यक्त करते रहते हैं इसलिए आपसे उम्मीद है कि इस गतिविधि पर शीघ्र रोक लगाई जाएगी।  ब्रज बचाओ समिति आगरा मंडल

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आगरा : सूर सरोवर क्षेत्र में हरियाली बचाने के लिए सुबह पालीवाल पार्क में प्रकृति प्रेमी और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जनता को जाग्रत करने के उद्देश्य से धरना दिया और गोष्ठी के माध्यम से समस्या के विभिन्न आयामों के बारीक पहलुओं पर विमर्श किया।  धरना में शामिल लोगों ने राय व्यक्त की कि सरकारी विभागों और आला अफसरों को जल्दबाज़ी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए बल्कि सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की गाइडलाइन्स के हिसाब से यमुना नदी के किनारे जंगलों को सुरक्षित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। आगराटुडे.इन के संपादक ब्रज खण्डेलवाल ने कहा कि मण्डलायुक्त ने हरियाली का क्षेत्र बढ़ाने की जगह और कम करने की सिफारिश की है। नेशनल हाईवे को सिक्स लेन किए जाने से पहले ही हज़ारों वृक्ष काटे जा चुके हैं। मथुरा रिफाइनरी और ताज महल के बीच में सूर सरोवर वन्य क्षेत्र सुरक्षा कवच के रूप में विकसित किया गया था जो राजस्थान के रेगिस्तान को रोकने में भी बेहद सहायक हुआ था। स्वार्थी तत्वों के दबाव में फॉरेस्ट लैंड से खिलवाड़ करना आने वाली पीढ़ियों के लिए कष्टदायक होगा। सूर सरोवर वन्य क्षेत्र बचाओ समिति के अध्यक्ष गोस्वामी मुरारी लाल शर्मा ने कहा कि जनता को जागरूक होकर जंगलों का नाश करने की साज़िशों का कड़ा विरोध करना होगा। बाईंपुर के माधव सिंह यादव ने हरियाली सीमित करने के प्रयासों की निंदा की। समाजसेवी श्रवण कुमार सिंह ने मण्डलायुक्त के कदम को घातक बताया। रिटायर्ड कर्नल सुनील चौपड़ा ने कहा कि मनमानी हरगिज़ नहीं चलने दी जाएगी और हरियाली ख़त्म करने की हर कोशिश को असफल कर दिया जाएगा।  सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य ने कहा कि देश में अभी कानून का शासन लागू है। फॉरेस्ट एक्ट और सेंसिटिव ज़ोन्स के नियमों को ताक में रखकर अगर कोई योजना बनती है तो उसका विरोध किया जाना चाहिए। ईको क्लब के प्रदीप खण्डेलवाल ने कहा कि हरियाली को नष्ट करना आसान है, संरक्षित करके उसको विकसित करना बड़ी मेहनत और लगन का कार्य है। कैलाश मंदिर, यमुना नदी के किनारे कीठम झील एरिया में अनेक पौराणिक स्थल हैं जिनका संरक्षण होना चाहिए और शहरीकरण के विस्तार से इस हरे भरे क्षेत्र को सुरक्षित रखना चाहिए।

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सर्वाधिक खरीद जनपद जीबी नगर एवं अलीगढ़ मंडल में हुई लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण एवं सहकारिता मंत्री शिवपाल सिंह यादव के निर्देश पर गेहॅू के लिए रबी विपणन वर्ष 2015-16 में मूल्य सर्मथन योजना के अन्तर्गत सहकारिता विभाग  में नोडल एजेंसी यू0पी0कोआपरेटिव फेडरेशन लि0 (पीसीएफ) एवं उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ लि0 के माध्यम से क्रमशः 2854 एवं 759 तथा कुल 3613 क्रय केन्द्र स्थापित किये गये थे। इनमेें पीसीएफ तथा यूपीएसएस के स्वयं के क्रय केन्द्र एवं पैक्स, जिला सहकारी संघ, क्रय विक्रय समितियों, ब्लाक यूनियन, केन्द्रीय उपभोक्ता भण्डार के क्रय केन्द्र सम्मिलित हैं। विभाग के प्रमुख सचिव शैलेष कृष्ण ने यह जानकारी देते हुए बताया कि गेहॅू खरीद दिनांक 02 अप्रैल से 15 जून तक की गयी जिसमें सहकारिता विभाग द्वारा 10.41 लाख मै0टन गेहॅू खरीदा गया जिसमें कुल 229729 कृषक लाभान्वित हुए जो आवन्टित लक्ष्य का 61.25 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष सहकारिता क्षेत्र में कुल 4.07 लाख मै0 टन की खरीद हुई थी। इस प्रकार इस वर्ष विगत वर्ष से लगभग 155 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस वर्ष आवन्टित लक्ष्य के अनुसार जनपद जी0बी0 नगर एवं मंडल अलीगढ़ में अधिकतम खरीद की गयी।

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