मथुरा

कलैक्ट्रेट सभागार में जिला उद्योग बन्धु की बैठक करते एडीएम प्रशासन धीरेन्द्र प्रताप सिंह एवं उपस्थित व्यापारीगण मथुरा। अपर जिलाधिकारी प्रशासन धीरेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जिला उद्योग बन्धु समिति अथवा औद्योगिक सुरक्षा फोरम की बैठक कलेक्टेªट सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी व्यापारियों को उन्होंने ध्यान पूर्वक सुना उनकी परेशानियों पर बिन्दुवार जानकारी ली तथा उन्हें आश्वस्त किया कि उद्योग से जुड़े सभी मामले शीघ्रता तथा संवेदना के साथ निस्तारित किये जायेगे। उद्योगों हेतु उपलब्ध कराये गये भूखण्डों पर उद्यमियों को कब्जा दिलाने तथा उन भूखण्डों पर अवैध रूप से कब्जा जमाये बैठे अराजक तत्वों को हटाये जाने के निर्देश दिये गये है। बैठक में व्यापारियों की सुरक्षा पर भी वे गम्भीर दिखायी दिये उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों से कहा है कि उनकी सुरक्षा के लिये पुलिस गश्त बढ़ायी जायें। औद्योगिक क्षेत्र में पर्याप्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जायें ताकि उद्योग पूरी गति से चलें तथा रात्रि के समय प्रकाश व्यवस्था भी उपलब्ध हो सके। बैठक में गत बैठक की कार्यवाही की पुष्टि, एकल मेज व्यवस्था एवं निवेश मित्र के अन्तर्गत विभिन्न विभागों को प्रेषित स्वीकृत प्रकरणों, विद्युत कनेक्शनों, प्रदूषण बोर्ड के अनापत्ति प्रमाण पत्रों, अग्निशमन तथा अन्य समस्याओं पर भी मन्थन किया गया। इस अवसर पर उद्योग, पुलिस, अग्निशमन आदि विभागों के अधिकारी तथा व्यापरी संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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मथुरा। भारतीय जनता पार्टी अनूसूचित मोर्चा की एक बैठक झींगरपुरा स्थित हनुमान मन्दिर पर हुई। बैठक में जिलाध्यक्ष डा0 मुकेश आर्य बन्धु ने कहा कि 55 साल से  भारत पर राज्य करने वाली पार्टी को किसानों को ख्याल तक नहीं आया। लेकिन आज जब केन्द्र सरकार भूमि अधिग्रहण विल लाकर किसानों के हक में कार्य कर रही हैं। लेकिन विरोधी दल किसानों के विकास में बाधा उत्पन्न कर रहें हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मंत्री आजम खाॅ रामपुर में बाल्मीकियों को मुस्लिम धर्म ग्रहण कराकर अनूसूचित जाति के लोगों में फूट डलवाना चाहते हें। जिससें भारत कमजोर होगा। भाजपा नेता गोबिन्द बंसल ने समरसता पर जोर देते हुए भाजपा के सदस्यता अभियान को आगे बढ़ानें की अपील की। बैठक में मास्टर सियानन्द, सन्तोष कुमार, राम नारायण पाल, गुलाव सिंह, मक्खन लाल, रोहित मीणा, दीपक मीणा, संजय कुमार, मानु, रामचन्द्र मीणा, शंकर लाल गान्धी आदि मौजुद थे।

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मथुरा। कृषक भारतीय आपरेटिव लि0 के तत्वाधान में जनपद के ग्राम नगला अमरा में कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में प्रबन्धक गजेन्द्र कुमार ने भूमि परीक्षण के विषय में किसानों को विस्तार पूर्वक जानकारी दी तथा खाली खेतों से परीक्षण हेतु मृदा नमूने ग्रहण कर कृषकों को उपलब्ध कराने को कहा। जिससें इनकी निःशुल्क जाॅच की जा सकें। उन्होंने बताया कि मृदा में जीवान्स पदार्थ की काफी कमी है इसें किसान भाई गोवर की खाद्य, हरी खाद, आदि प्रयोग कर दूर कर सकते हैं। गोष्ठी में अरूण कुमार, कुवर सिंह, रामजी लाल, दीवान सिंह, मुकेश सैनी, हाकिम सिंह, नत्थी सिंह, भगवान सिंह, चन्दन सिंह, लक्ष्मी सिंह आदि ने भी विचार व्यक्त किये।

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मथुरा। शहर कोतवाली क्षेत्र की रिपोर्टिंग चैकी कृष्णा नगर क्षेत्र के महौली रोड स्थित गूजर मार्कट में आधा दर्जन बदमाशों ने धावा वोल दिया और मार्केट में खड़ी बुलेरो गाड़ी को ले जाने लगें गाडी के चालक ने जब बदमाशों को टोका तो बदमाश चालक को गाड़ी में डालकर अपने साथ ले गये और छटीकरा के पास राजमार्ग पर ही चलती गाड़ी से ढकेल कर भाग गये। घटना से पीडि़त गाड़ी स्वामी ने कृष्णा नगर चैकी पहुंच कर बुलेरों लूट की तहरीर दी हैं। पुलिस मामलें की जाॅच में जुटी हुई हैं।  मिली जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के महौली रोड पर गुर्जर मार्केट में आधा दर्जन बदमाशों ने धावा वोल दिया और मार्केट में खड़ी बुलेरों गाड़ी को ले जाने लगें। खटपट की आवाज होने पर चालक द्वारा टोकनें पर बदमाशों ने असलाह के वल पर चालक को गाड़ी में डाल लिया तथा वृन्दावन क्षेत्र के छटाकरा मार्ग पर चलती गाड़ी से ढकेल करा भाग गये। घटना की जानकारी होते ही गाड़ी स्वामी महावीर प्रसाद कृष्णा नगर चैकी पहुंच गये और अपने साथ हुई घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मामलें को सदिग्ध मानतें हुए घटना की तहरीर लेने के बाद चालक को हिरासत में लेकरा पुछताछ शुरू कर घटना की जाॅच शुरू कर दी हैं।

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मुहिम को सफल बनाने में दिया हर संभव सहयोग का आश्वासन मथुरा। काष्र्णि गुरू शरणानंद महाराज की प्रेरणा व आशीर्वाद से यमुना शुद्वि संकल्प मिशन 2015 के तहत श्रीकृष्ण गंगा घाट पर आयोजित दिव्य शंखनाद महाआरती में बल्देव के विधायक पूरन प्रकाश, वरिष्ठ कांग्रेस नेता कुंवर नरेन्द्र सिंह, डाॅ0 चन्द्र किशोर पाठक, संयोजक पं0 अनिल शर्मा ने मां यमुना की आरती कर मां यमुना का आचमन और पान किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक पूरन प्रकाश ने कहा कि यमुना भक्तों द्वारा यमुना को शुद्व कराने का जो बीडा उठाया गया है इसके पूर्ण होने से यहां आने वाले श्रद्वालुओं की भावनाएं जो गंदगी को देखकर आहत होती थी, अब नहीं होंगी। यमुना शुद्वि संकल्प मिशन 2015 द्वारा किया जा रहा यह पावन कार्य आने वाले समय में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे प्रयासों की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि मिशन द्वारा बिना किसी आर्थिक सहयोग के द्वारा किया जा रहा यह कार्य बहुत ही पुनीत है। उन्होंने अपील की है कि यमुना जी को शुद्व व पवित्र करने लिए सभी धर्मो व राजनीतिज्ञ लोगों को आगे आकर इसमें सहयोग करना चाहिए और संकल्प लेना चाहिये कि वे मां यमुना को प्रदूषण मुक्त कराने के लिए हर संभव सहयोग करने के लिए तैयार है। विशिष्ट अतिथि कुंवर नरेन्द्र सिंह ने कहा कि उनके लिए यह सौभाग्य की बात है कि मिशन के माध्यम से उन्हें आज मां यमुना की आरती करने का यह स्वर्णिम अवसर प्राप्त हुआ है। अध्यक्षता कर रहे ब्राहमण समाज के अग्रणी डाॅ0 चन्द्रकिशोर पाठक ने कहा कि ब्रज की शान गिर्राज जी और मां यमुना ही है। पं0 अनिल शर्मा ने कहा कि ऐसी ही महाआरतियों का आयोजन समय समय पर यमुना के विभिन्न घाटों पर किया जाता रहेगा जिससे यमुना भक्त जागरूक हो सके व इस कार्य में सहयोग कर सके। मुकेश ठाकुर ने कहा कि अब तक कार्यकर्ताओं द्वारा की गई मेहनत धीरे धीरे रंग लाने लगी है। इस दौरान मीरा गोस्वामी, ऋचा शर्मा, राजेश तिवारी, प्रेम चैधरी, सावित्री देवी, शालिनी, ऋतु, कृष्णा, राधा, मधु, केशवदेव चतुर्वेदी, त्रिलोक चंद, बलराम, आशीष हनुमान वाले, मीडिया प्रभारी ऋषि भारद्वाज, राकेश शर्मा, मदन मोहन राजपूत, विष्णु पंडित भूरा, अशोक गोस्वामी, रतन सिंह, मुकेश ठाकुर, मनोज शर्मा, मनोज ठाकुर, लपूटी पंडित, नीरज शर्मा, लालू देशमां, गिरीश शर्मा, पवन, भोला पंडित, देवेन्द्र, दीपक, राजू, पन्नू जैन, गोविंदा, गोवधर््न से लक्ष्मण मुखिया, गोकुल से दिनेश सरदार, पवन सरदार, अजय मुखिया, दंगल गुरू, अजय आदि उपस्थित रहे।

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 सौंख के गांव श्यौबा में बूथ लगाकर दवा पिलाते शिक्षामित्र संघ गोवर्धन के ब्लाक अध्यक्ष राजकुमार चैधरी व अन्य सौंख समाचार। कस्बा के निकटवर्ती गांव नगला श्यौबा में रविवार को पल्स पोलियों अभियान के तहत शिविर लगा कर नौनिहालों को दवा पिलायी गयी और पोलियों के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।  प्राथमिक विद्यालय नगला श्यौबा के समीप शिक्षक, शिक्षामित्र व आंगनबाडी कार्यकत्रियों द्वारा बूथ लगाया गया। गांव के लोगों को इस बारे में जागरूक किया गया और करीब 60 बच्चों को इस बूथ पर दवा पिलायी गयी। इस मौके पर प्रधानाध्यापक सुमन गौतम, शिक्षामित्र संघ गोवर्धन के ब्लाक अध्यक्ष राजकुमार चैधरी, विकास यादव, एनपीआरसी भगवान सिंह, सुनीता, सरोज कुमारी, सुमित मल्होत्रा आदि उपस्थित थे।

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मथुरा : एक तरफ़ किसान अपनी फसल चौपट होने के कारण आत्महत्या करने को मजबूर हैं तो वहीं दूसरी ओर मथुरा महोत्सव जारी है। हालांकि सांसद हेमामालिनी का दावा है कि इस महोत्सव से हुई आमदनी से गरीब किसानों की मदद की जाएगी। 

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मथुरा : एक तरफ़ किसान अपनी फसल चौपट होने के कारण आत्महत्या करने को मजबूर हैं तो वहीं दूसरी ओर मथुरा महोत्सव जारी है। हालांकि सांसद हेमामालिनी का दावा है कि इस महोत्सव से हुई आमदनी से गरीब किसानों की मदद की जाएगी।  भारी विरोध के बावजूद आयोजित मथुरा महोत्सव के खिलाफ समाजवादी पार्टी व अन्य दलों द्वारा बहिष्कार किया जा रहा है। महोत्सव का उद्घाटन करने आए प्रदेश के पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह कार्यक्रम स्थल नहीं पहुंचे।  मथुरा महोत्सव का विरोध करते हुय सपा कार्यकर्ताओ ने हाईवे पर पुतला दहनकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के वीआईपी पास के वितरण को लेकर भाजपा के कई कार्यकर्ता भी विरोध प्रदर्शनों में मौजूद थे। इन पार्टी कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि चाटुकारों और चहेतों को पास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दूसरी ओर, कार्यक्रम स्थल पर भारी अव्यवस्थाएं देखी गईं। पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। स्टालों पर उपलब्ध पानी की बोतलें 30 रुपये तक बेची जा रहीं थीं। चाऊमीन, छोले-कुल्चे, पाव-भाजी जैसी खाने-पीने की चीजें काफी महंगी और खराब गुणवत्ता की देखी गईं।

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जम्‍मू-कश्‍मीर में श्री अमरनाथ की पवित्र यात्रा हिन्‍दू तीर्थ यात्रियों की आस्‍था का प्रतीक है। यह यात्रा हर वर्ष सावन के महीने में शुरू होती है। देश के विभिन्‍न भागों से आए लाखों श्रद्धालु दक्षिण कश्‍मीर स्‍थित श्री अमरनाथ जी की गुफा में प्राकृतिक रूप से बर्फ से बने शिवलिंग की अराधना करते हैं। इस यात्रा का काफी महत्‍व है इसलिए यह जरूरी है कि प्रत्‍येक श्रद्धालु को यात्रा के इतिहास के बारे में सतही जानकारी हो। यात्रा के दौरान बालटाल और पहलगाम के रास्‍ते पवित्र गुफा तक जाने वाले मार्ग पर स्‍थित विभिन्‍न धार्मिक स्‍थलों की जानकारी लेना भी जरूरी है। यहां यह बताना उचित होगा कि बहुत कम लोग अनंतनाग जिले में भगवान शिव के एक अन्‍य तीर्थ स्‍थल छोटा अमरनाथ जी के बारे में जानते होंगे जो बिजबेहरा कस्‍बे से करीब सात किलोमीटर दूर छोटे से गांव थजवार में स्‍थित है। यहां पहाड़ की चोटी पर भगवान शिव की एक गुफा है जहां सावन की पूर्णिमा के दिन भक्‍तों की भारी भीड़ उमड़ती है। इसी दिन दो महीने तक चलने वाली वार्षिक अमरनाथ यात्रा समाप्‍त हो जाती है। ऐसा माना जाता है कि बूटा मलिक नाम के एक मुस्‍लिम चरवाहे को एक ऋषि ने कोयले का एक बोरा दिया। घर पहुंचने के बाद मलिक ने पाया कि बोरे में सोना भरा हुआ है। वह इतना खुश हो गया कि खुशी के मारे ऋषि का आभार व्‍यक्‍त करने के लिए वापस उनके पास पहुंचा। वहां उसने एक चमत्‍कार देखा। उसे एक गुफा देखकर अपनी आंखों पर विश्‍वास नहीं हुआ। तभी से पवित्र गुफा वार्षिक तीर्थ यात्रा का स्‍थान बन गई। एक पौराणिक कथा के अनुसार इस गुफा में भगवान शिव ने माता पार्वती को समस्‍त सृष्‍टि की रचना और मानवता के लिए मोक्ष के तरीकों का रहस्‍य बताया था। कबूतरों के एक जोड़े ने उनकी बातचीत सुन ली और तभी से वे अमर हो गए। कबूतरों के इस जोड़े ने गुफा को अपना चिरकालिक स्‍थान बना लिया और आज भी गुफा में श्रद्धालुओं को दो कबूतर बैठे हुए दिखाई देते हैं। श्री अमरनाथ जी की यात्रा का सबसे छोटा मार्ग कश्‍मीर घाटी के गंदेरबल जिले में बालटाल के रास्‍ते है। बालटाल गर्मियों की राजधानी श्रीनगर से करीब 60 किलोमीटर दूर और प्रसिद्ध पर्यटन स्‍थल सोनमर्ग से करीब 15 किलोमीटर दूर है। बालटाल के रास्‍ते जाने वाले श्रद्धालुओं को खड़ी चट्टानों के साथ संकरे रास्‍तों से गुजरना पड़ता है। तीर्थयात्रियों को पवित्र गुफा तक पहुंचने से पहले करीब तीन किलोमीटर बर्फीले रास्‍ते से जाना पड़ता है। अकसर देखा गया है कि इस रास्‍ते पर मौसम खराब हो जाता है और वर्षा के कारण श्रद्धालुओं के लिए परेशानी खड़ी हो जाती है। खराब मौसम के बावजूद श्रद्धालुओं का दृढ़ विश्‍वास नहीं डगमगाता। हालांकि इस मार्ग से कम लोग जाते हैं। अधिकतर श्रद्धालु पहलगाम के रास्‍ते जाने का विकल्‍प चुनते हैं। बालटाल के रास्‍ते जाने पर श्रद्धालुओं को गंदेरबल जिले में स्‍थित माता खीर भवानी मंदिर में स्‍थित पवित्र झरने का दर्शन करने का अवसर मिल जाता है। ऐसा माना जाता है कि यदि कोई अप्रिय घटना होनी हो तो इस झरने का रंग बदल जाता है। पिछले वर्ष जून 2014 में ऐसी घटना देखने को मिली जब झरने का रंग बदलकर लाल हो गया और इसके बाद सितम्‍बर 2014 के पहले सप्‍ताह में कश्‍मीर घाटी में बाढ़ आई। पहलगाम के रास्‍ते से श्रद्धालुओं को रघुनाथ जी मंदिर के दर्शन करने के साथ-साथ अनंतनाग जिले में स्‍थित मार्तंड के सूर्य मंदिर को देखने का अवसर मिलता है। विश्‍व प्रसिद्ध पहाड़ी स्‍थल, पहलगाम यात्रा का आधार शिविर है जो श्रीनगर से 100 किलोमीटर दूर है। यहां से श्रद्धालु सड़क के रास्‍ते अथवा पैदल जा सकते हैं। श्रद्धालु प्रसिद्ध लिड्डर नदी के तट पर स्‍थित भगवान शिव के मंदिर तक पहुंचते हैं। भगवान शिव का एक अन्‍य प्राचीन मामल मंदिर लिड्डर नदी के साथ लगे पहाड़ पर स्‍थित है और देखने लायक है। पहलगाम बर्फ से ढके पहाड़ों और घने जंगलों से घिरा हुआ है। ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव ने अपने वाहन नंदी को यही छोड़ दिया था और वे पवित्र गुफा की ओर प्रस्‍थान कर गए थे। इस स्‍थान का नाम बेल गांव था जो समय बीतने के साथ पहलगाम बन गया। आधार शिविर पहलगाम से यात्रा शुरू होने पर पहला पड़ाव 16 किलोमीटर दूर चंदनवाड़ी में है। चंदनवाड़ी जाने वाली सड़क पर गाड़ियां जा सकती है। इस स्‍थान तक पहुंचने के लिए तीर्थयात्री उचित दरों पर उपलब्‍ध सार्वजनिक वाहनों का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। लिड्डर नदी के किनारे का दृश्‍य बेहद रमणीक है। ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव ने इस स्‍थान पर अपने माथे पर चंदन पाउडर मला था इसलिए इसका नाम चंदनवाड़ी पडा। चंदनवाड़ी पहुंचने के बाद यात्रा काफी कठिन और चुनौती भरे मार्ग से पिस्‍सू टॉप की तरफ बढ़ती है। हर हर महादेव का जाप करते हुए इस कठिन मार्ग से गुजरते हुए किसी का भी मन आनंदित हो उठता है और कठिन रास्‍ता भी आसान लगने लगता है। खड़ी चढ़ाई वाले यात्रा के इस दौर को पूरा करने के बाद श्रद्धालु कहीं रूककर आराम करते हैं। शेषनाग अगला पड़ाव है जहां तीर्थयात्री पवित्र झरने में स्‍नान करते हैं और एक रात रूकते हैं। ऐसा माना जाता है कि शेषनाग के पवित्र झरने में स्‍नान करके सभी पाप धुल जाते हैं। माना जाता है कि भगवान शिव ने पवित्र गुफा की ओर जाते समय अपने शेषनाग को इसी झरने पर छोड़ दिया था। यह स्‍थान वास्‍तव में बर्फ की चोटियों से घिरी झील है जिसकी शक्‍ल सांप के सिर की तरह दिखाई देती है। पवित्र यात्रा का अगला चरण महागुन टॉप की तरफ टेढ़ा-मेढ़ा खड़ी चढ़ाई वाला मार्ग है। अधिक ऊँचाई और ऑक्‍सीजन की कमी होने के कारण इस स्‍थान पर श्रद्धालुओं को सांस लेने में दिक्‍कत होती है। कुछ श्रद्धालुओं को उबकाई आने लगती है। सूखे मेवे और खट्टी-मीठी वस्‍तुएं जैसे नींबू ऐसी स्‍थिति में लाभदायक हो सकता है। पूरे रास्‍ते पर श्रद्धालुओं के लिए चिकित्‍सा सुविधाएं मुफ्त में उपलब्‍ध है। आगे बढ़ने पर रास्‍ता नीचे की तरफ पोष पथरी के घास के मैदानों की ओर चला जाता है जो जंगली सुगंधित फूलों और जड़ी बूटियों से घिरा हुआ है। लेकिन कहा जाता है कि जो भी यहां कुछ समय रूक जाता है वह सुगंध के कारण गहरी नींद में सो जाता है। अत: यह सलाह दी जाती है कि इस स्‍थान पर अधिक समय नहीं बिताए और अगले पड़ाव पंचतरणी की तरफ बढ़े। पंचतरणी बर्फ से ढकी पाँच चोटियों से घिरा है जहां तीर्थयात्री आराम करते हैं और रात गुजारते हैं। अगले दिन यात्रा पवित्र अमरनाथ गुफा के लिए शुरू होती है यहां अमरावती और पंचतरणी का संगम होता है। श्रद्धालु पवित्र गुफा में दर्शन से पहले अमरावती में स्‍नान करते हैं। साधु और तीर्थयात्री श्रीनगर में दशनामी अखाड़े से पैदल छड़ी मुबारक यात्रा शुरू करते हैं। आवश्‍यक अनुष्‍ठानों के बाद छड़ी मुबारक पवित्र गुफा की तरफ बढ़ने से पहले प्रसिद्ध शंकराचार्य मंदिर और दुर्गानाग मंदिर जाती है। पैदल यात्रा के दौरान अवंतीपुरा मंदिर, बिजबेहरा के शिव मंदिर, रघुनाथ जी मंदिर और अनंतनाग में मट्टन स्‍थित मार्तंड सूर्य मंदिर पर धार्मिक अनुष्‍ठान किए जाते हैं। इन अनुष्‍ठानों के बीच श्रद्धालुओं को भजन-कीर्तन करते देखा जा सकता है और पूरा वातावरण जीवंत हो उठता है। छड़ी मुबारक सावन पूर्णिमा (रक्षा बंधन) के दिन श्री अमरनाथ जी के दर्शन करती है। इसी के साथ पवित्र यात्रा का समापन हो जाता है। 2014 में करीब 3,72,909 यात्रियों ने श्री अमरनाथ जी की यात्रा की थी। तीर्थयात्रियों को यात्रा करते समय कुछ एहतियाती उपाय करने चाहिए। कठिन मार्ग होने के कारण तीर्थयात्री संतुलन बनाए रखने के लिए अपने हाथ में एक छड़ी रखें और स्‍पोर्ट्स शूज़ पहनें। यात्रा की चुनौतियों का सामना करने के लिए यात्री अपने पास कम समान रखें और एक प्राथमिक उपचार किट लेकर जाएं। ठंडे मौसम से बचने के लिए गर्म कपड़े ले जाना जरूरी है क्‍योंकि रास्‍ते में मौसम बदलता रहता है। पिछले कुछ वर्षों में अमरनाथ यात्रियों की जो जन-हानि हुई हैं उसका एकमात्र कारण यात्रियों के पास पर्याप्‍त गर्म कपड़ों का नहीं होना था। यात्रा के लिए पंजीकरण और आवश्‍यक उपायों की जानकारी श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड ने अपनी वेबसाइट Shriamarnathjishrine.com पर दी हुई है। वेबसाइट में आवेदन फॉर्म और बैंक की शाखाओं की पूरे पते के साथ राज्‍यवार सूची है जिस पर यात्री अपना पंजीकरण करा सकते हैं।

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सौख के गांव सीगांपट्टी में शिविर लगाकर किसानों को मुआवजे के चेक वितरित करते समाज कल्याण विभाग के एडीओ आर डी शमा, भरतसिंह कुन्तल, हेमराज सिंह व अन्य सौंख समाचार। कस्बा के समीपवर्ती गांव सीगांपट््टी में शुक्रवार को पूर्व माध्यमिक विद्यालय सीगांपट्टी में श्वििर लगाकर किसानों को मुआवजे के चेक बांटे। समाज कल्याण विभाग के एडीओ आर डी शर्मा के मुताबिक शक्रवार को ग्राम पंचायत सीगांपट्टी में शिविर लगाकर 400 किसानों को करीब 41 लाख  रूपये के मुआवजे के चेक बांटे गये। इस मौके लेखपाल शिवचरन, भरतसिंह कुन्तल, प्रधान प्रतिनिधि वीरपाल सिंह, हेमराज सिंह कुन्तल, एनपीआरसी भगवान सिंह, नरेन्द्र सिंह, पूरनसिंह, कर्मवीर सिंह, सुमित मल्होत्रा, विकास यादव, बलवीर सिंह, बदन सिंह, चतुरसिंह, बच्चूसिंह, पुष्पेन्द्र सिंह आदि उपस्थित थे।   

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