मथुरा

बलदेव। श्री बलभद्र युवा कल्याण सेवा समिति के द्वारा कस्बा बलदेव में 31 मार्च को शाम 6 बजे से मन्दिर के गौशाला गेट से राम बरात निकाली जायेगी। वहीं 5 अप्रैल को भरत मिलाप लीला का आयोजन होगा। उक्त जानकारी समिति के अध्यक्ष हेमन्त पाण्डेय, बृजेश पाण्डेय, गोकुलेश पाण्डेय ने सयुक्त रुप से दी।

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बलदेव। रामनवमी के अवसर पर देवी मन्दिरों पर पूजा अर्चना को भक्तों की भीड़ का भारी जन सैलाब उमड़ पड़ा वहीं घर घर में कन्या लागुराओं का पूजन कर प्रसाद ग्रहण कराया गया। वहीं इस अवसर पर दाऊजी मन्दिर में 10 कुन्टल लड्डू का विशेष भोग लगाया गया। जिसके दर्शनों को श्रृद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

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बलदेव। कस्बा के समीपवर्ती गाॅव बन्दी में माॅ बन्दी, आनन्दी, मनोवान्छाॅ देवी मन्दिर पर परम्परागत मेला 3 अप्रैल को आयोजित होगा। वहीं 2 बजे से कुश्ती दंगल व प्रातः 6 बजे से भगवती जागरण का आयोजन होगा।

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बलदेव। गली पथवारी स्थित देवी मन्दिर पर देवी जागरण का आयोजन किया गया। जागरण में आर्केस्ट्रा पार्टी के कलाकारों द्वारा माॅ भगवती का गुणगान किया गया। इस अवसर पर सत्यदेव पाण्डेय, श्याम पाण्डेय, महेश, चैयरमैन रामकृष्ण वर्मा, संजीव गोयल, जवाहर उपाध्याय, हेमन्त पाण्डेय, ओ0 पी0 पाण्डेय, बलराम प्रजापति आदि प्रमुख रुप से उपस्थित थे।

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गोवर्धन। विद्यालय में परीक्षा घोषित होने के अवसर पर बाबा कढ़ेरा सिंह विद्यालय मन्दिर अक्खा के छात्र छात्राओं ने बुद्धि और वाणी की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती की पूजा अर्चना श्रद्धा भाव से की। इस अवसर पर विद्यालय के छात्रा-छात्राओं के साथ शिक्षक शिक्षिकाओं तथा प्रबन्ध समिति के सदस्यों ने सामुहिक पूजा कर हवन किया।  विद्यालय के चेयरमेन सुरेश सिंह व प्रबन्ध निदेशक हरीचन्द सिंह ने बच्चों को माॅं सरस्वती की महत्ता बताते हुए कहा कि माॅं सरस्वती राक्षसी और निरंकुश प्रवृत्तियों का दमन कर विनय प्रदान करती हैं। प्राचार्य के0एल0 गोस्वामी ने माॅं सरस्वती को पवित्रता और उज्ज्वलता का प्रतीक बताया तथा इन गुणों को ग्रहण करने पर बल दिया। शिक्षा निदेशक एस0बी0 सिंह ने छात्र छात्राओं को ज्ञान के साथ विनय का महत्व समझाया। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थी अपना परीक्षा परिणाम प्राप्त कर खुशी से झूम उठे। इस अवसर पर प्रशासक सगुन सिंह, सुग्रीव सिंह तथा सभी शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित थे। शिक्षक आशीष चतुर्वेदी के आचार्यत्व में पूजा सम्पन्न हुई।

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अधिकारी व सिपाही सब ले रहे माहवारी, स्थानीय लोगों ने लगायी डीएम से गुहार वृन्दावन। करोड़ों लोगों की आस्था का केन्द्र वृन्दावन में कहनें को तो मांस मदिरा से लेकर तमाम तरीके के प्रतिबन्ध लागू है और शासन द्वारा वृन्दावन की धार्मिक दृष्टिकोण को ध्यान में रखतें हुए उसे वृन्दावन में मद्य व मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगा रखा हैं। लेकिन वृन्दावन आज के परिदृश्य में उक्त सभी वस्तुओं की विख्यात मंडी बन चुका हैं। इसमें ऐसा नहीं है कि यह सब शासन प्रशासन के बिना संज्ञान के यह अवैध कारोबार हो रहा हो। बल्कि हकीकत जानों तो आप आश्चर्य में पड़ जायेगे क्योंकि सूत्रों के अनुसार वृन्दावन में जितनें भी अवैध शराब के कार्य हो रहें है उनमें प्रशासन से लेकर आबकारी विभाग के सिपाही तक पूर्ण रूप से संलिप्त है और यही कारण है कि वृन्दावन में उक्त अवैध धन्धें को करने वाले बेखौफ अवैध धन्धें को संचालित कर रहे हैं और उन्हें किसी का भी भय नहीं हैं। सूत्रों का कहना है कि वृन्दावन में अगर एक मात्र शराब गांजा, व चरस आदि की बिक्री को ही देखा जाये तो खुद एक शराब माफिया ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया है कि वह उक्त कारोबार को करने के लिए एक मुश्त मोटी धनराशि प्रशासन से लेकर आवकारी व पुलिस के सिपाही तक बन्दरवांट करते हैं। जिसमें अगर अकेले आबकारी विभाग को ही ले लो तो प्रति शराब माफिया द्वारा आबकारी विभाग के मुख्य अधिकारी को 25 हजार, स्थानीय अधिकारी को 10 हजार, व प्रति सिपाही को एक एक हजार रूपये के हिसाब से देते है कुल मिलाकर आबकारी विभाग को ही 45 हजार रूपयें माह की धनराशि का बन्दरबाट किया जाता हैं। इस नजरिये से देखा जाये तो वृन्दावन में करीब दर्जन भर से अधिक शराब माफिया मोटे पैमाने पर कार्य कर रहे है और औसतन इनका आकंलन किया जाये तो आबकारी विभाग को इन से लगभग छह लाख रूपयें से भी अधिक की माहवारी मिलती है। अब सोचनेीय विषय यह है कि इतनी मोटी धनराशि को आखिर कोई अधिकारी कैसे नजर अन्दाज कर सकता हैं और यही कारण है कि वृन्दावन में यह शराब माफिया बे रोक टोक इस कार्य को अन्जाम दे रहे हैं। यही नहीं कई बार स्थानीय लोगों द्वारा इस अवैध धन्धें की शिकायत स्वयं आबकारी विभाग से लेकर प्रशासन के अधिकारियों तक की गई है लेकिन आबकारी अधिकारी उनको हर बार एक भरोसे की लोलीपाॅप देकर टरका देते हैं। वहीं प्रशासन के बड़ें अधिकारियों को स्थानीय पुलिस गुमराह कर वह भी अपनी जेबे भरने में लगी रहती हैं। अब स्थानीय लोगों को जनपद के ईमानदारी जिलाधिकारी से ही उम्मीद है कि वह वृन्दावन जैसे धार्मिक स्थल पर शराब और मांस की बिक्री पर पूर्ण रूप से प्रतिबन्ध लगवायेगे और आबकारी विभाग में तैनात भ्रष्ट अधिकारियों के विरूद्व कार्यवाही करेगे।

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