मथुरा

    यमुना रक्षक दल के साथ प्राथमिक शिक्षक संघ का आयोजित होली मिलन समारोह  शिक्षक संघ के समारोह में यमुना रक्षक दल को समर्थन देते शिक्षकगण मथुरा। शिक्षक मित्र सम्मान समारोह एवं होली मिलन के सुअवसर पर उ0प्र0 प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा बल्देव में यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास को यमुना मुक्ति एवं शुद्धिकरण एवं 11 मार्च के विशाल आन्दोलन के लिये जनपद मथुरा की समस्त कार्य कार्यकारिणी अध्यापाकों द्वारा समर्थन मिला। जिलाध्यक्ष ठा0 यशवीर सिंह राघव ने समर्थन देते हुये कहा कि यमुना ब्रज की पहचान है। बिना यमुना के ब्रज सूना है। यमुना ब्रज और सम्पूर्ण कृष्ण अनुयायियों की आत्मिक धरोहर है। इसका  संरक्षण और स्वच्छ रखना हम सभी का परम कर्तव्य ही नहीं दायित्व है, जिसका की उ0प्र0 प्राथमिक शिक्षक संघ जनपद मथुरा की समस्त कार्यकारिणी पूरे जोर के समर्थन के साथ साथ आपको आश्वासन देती है कि यमुना रक्षक दल द्वारा 11 मार्च की वाहन यात्रा एवं 12 मार्च की पैदल यात्रा में आपको पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी। वहीं माननीय विधायक पूरन प्रकाश सिंह ने यमुना रक्षक दल का समर्थन एवं सराहना करते हुये कहा कि यमुना रक्षक दल वर्षोे से माँ यमुना को मुक्त कराने का अभियान चलाये हुये है। यमुना के इस पुनीत पावन कार्य में सभी ब्रजवासियों को निःस्वार्थ भाव से इस आन्दोलन में भाग लेना होगा। यमुना सबकी माँ है, यमुना को हथिनी कुण्ड से मुक्त एवं प्रदूषण मुक्त करा कर स्वच्छ एवं अविरल बनाना है। इस अवसर राष्ट्रीय महासचिव रमेश सिसौदिया, जिला बेसिक अधिकारी वीरपाल यादव, चैयरमैन जगदीश नौहवार, उपजिलाधिकारी विश्वभूषण मिश्र, डाॅ0 अजीत कुमार, देवेन्द्र गुप्ता, जिलामंत्री आलोक उपाध्याय, जिला कोषाध्यक्ष प्रवीन चैधरी समेत सैकड़ों अतिथि वरिष्ठ व्यक्ति उपस्थित थे। 

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बलदेव। ब्रज के राजा श्री दाऊजी महाराज के मन्दिर में शुरु हुआ होली का रंग महोत्सव पूरे ब्रज के साथ होली के रंग में ब्रज के राजा श्री दाऊजी महाराज भी पूरे होली के रंग में रंगे नजर आये जैसा कि ज्ञात है कि बंसत पंचमी से हीे होली का प्रचलन मन्दिर प्रांगण में समाज गायन के साथ शुरु हो जाता है। प्रतिदिन मन्दिर प्रांगण में आरती के समय रंग व गुलाल की वर्षा प्रसाद रुप में की जाती है तथा अहिवासी ब्राह्ममण कि सेवायत पंडागण है विभिन्न पदगायन के द्वारा ठाकुर श्री दाऊजी महाराज व मैया रेवतीजी को रिझाते हैं यही क्रम पूरे डेढ़ महिने चलता हैै।

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बलदेव। श्री शेषावतार ब्रजराज ठाकुर दाऊदयाल के मंदिर में समाज गायन की अनूठी परंपरा है। मंदिर प्रंागण में बसंत पंचमी से ही 45 दिवसीय होली महोत्सव शुरू हो जाता है। बसंती गीत, धमार गायन, ढप ढोल, मृदंग, झंाझ, मजीरा के स्वर सुनाई  दे रहे हैैं। समाज गायन के स्वर बाल भोग तथा शयन आरती के समय गंूजते रहते है। बंसत पंचमी से ही रात्रि समाज गायकी में पेड़ा, लड्डू, मेवा बाटी आदि का वितरण डोल पंचमी तक चलता है। दाऊजी महाराज के श्रृंगार में बसंती वस्त्र, होलाष्टक डोल पंचमी तक धवल वस्त्र चंदन की जगह चेहरे पर गुलाल लगाया जाता है। शेषावतार ब्रजराज को जामा, चोला, पटुका, सिरपेच, मुकुट धरण कराया जाता है। मुकुट धारण कराके चाँदी का लकुट लट्टू धारण कराया जाता है। किरीर, बांक, चंद्रिका, मोर मुकुट सिर पर धारण कराने के साथ गालों पर गुलाल के साथ ही ब्रज राज शेषावतार के अलबेले स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु, भक्त भी अलबेली सरकार की जय के स्वर के साथ श्रद्धा भक्ति के साथ झूम उठते हैं। ब्रज और फाग का अन्योन्याश्रित संबंध है। ‘‘ब्रज ते शोभा पफाग की, ब्रज की शोभा फाग’’ राजा नागरी दास ने तो यहां तक कहा है। होली के अभाव में बैकुण्ठ के वैभव को भी हेय समझा है। स्वर्ग बैकुण्ठ में होरी जो नाहिं तो कोरी कहां लै करैं ठकुराई’’ ब्रज के भक्त कवियों द्वारा रचे हुए होली के पद इतने प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है, जो ब्रजभाषा गेय साहित्य के विशिष्ट अंग माने जाते हंै। ब्रज मंडल आज मची होरी खेलत श्री बलदेव लाडिलो, संग लिये रेवत जौरी अनूठे संगीत समाज गायकी की अपनी अलग ही विशेषता है। संगीत समाज गायकी की अपनी अलग ही विशेषता है। संगीत समाज गायकी में सायं के समय गर्भग्रह के ठीक सामने बाल गोपाल, युवा, वद्ध नित्य प्रति समाज गायकी में भाग लेकर गायन, वादन करते है। इस अवसर पर मंदिर के गर्भग्रह के सम्मुख जगमोहन में तिल रखने की जगह नहीं रहती है। जनता में चाहे होली का प्राचीन उत्सव विकृत होता जा रहा हो, ब्रज के प्रमुख देवालयों में अभी तक पुरानी परंपराओं का ही निर्वाह किया जा रहा है। ब्रज राज शेषावतार ठा. दाऊजी महाराज के उत्थापन के समय तीसरे पहर भांग भोग के दर्शन विशेष रूप से होते हैं। दूधिया, रबडी, गुलाब, संतरे, कभी खस की, हरियल भांग का रंग विचित्र होता है जिसने कभी भांग नहीं पी हो वह तो चुल्लू में उल्लू वाली कहावत को ही चरितार्थ करता है। भांग, घोंट छानकर तो संगीत समाज गायकी का आनंद तथा स्वर श्री उच्च होकर ब्रजवासी बरबस नृत्य तथा मटकने को मजबूर हो जाते हंै। ब्रज में श्री हलधर पीठ बलदेव पर बल्लभ संप्रदायी प्रभावित है। बल्देव जी व माता रेवती के विग्रह स्वरूपों के प्राकट् में श्री बल्लभाचार्य महाप्रभु जी के पौत्र गोकुल नाथ जी को श्रेय है। होली के दिन सांय होली पूजन का दृश्य मनोहारी होता है। शेषावतार बलराम के अत्यधु हल मूसल लेकर संगीत समाज के साथ गायन, वादन के स्वरों के बीच ऐरी सखी निकसे है दाऊदयाल, ब्रज के पूजन होरी होली के तीसरे दिन, धूल के दूसरे दिन, चैत्र कृष्णा द्वितीया को मध्य संगीत समाज की गायन कला अपने चिर यौवन पर रहती है। चैत्र कृष्णा द्वितीया को होली उत्सव का मुकुट मणि हुरंगा में आत्मा परमात्मा के एकीकरण का तत्व प्रकट होता है। सेवायत पंडा समाज के बाल, युवा, वृद्ध, नर नारी गोप गोपिका स्वरूप में हुरंगा खेलते है। देवताओं को लुभाने वाला बलदेव का हुरंगा है। संगीत समाज के स्वरों के साथ उड़त गुलाल लाल भये बादर का साक्षात दर्शन दाऊजी मंदिर प्रांगण में दर्शकों को देखने को मिलता है। ब्रज के राजा के सानिध्य में होने वाली अनूठी होली हुरंगा की संगीत समाज की गायकी भी अनूठी है। अनूठी होली हुरंगा विश्व परिदृश्य के लिए आकर्षण का केन्द्र है। इस बार यह एैतिहासिक हुरंगा 18 मार्च को आयोजित होगा।    

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ठा0 गिरधारी सिंह की 105 वीं वर्षगांठ मनाई मथुरा। ब्रज मंडल क्षत्रिय राजपूत महासभा के संस्थापक सदस्य ठा0 गिरधारी सिंह की 105वीं वर्षगांठ मनाई गई। इस दौरान चैमुंहा स्थित मघेरा वाले हनुमानजी पर भंडारे का आयोजन किया किया गया। गणमान्य लोगों ने ठा0 गिरधारी सिंह से आशीर्वाद लिया। कल्याणं करोति परिवार, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, ब्राह्मण महासभा, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ आदि संगठनों ने उनका जोरदार स्वागत किया। सहारा समय के पत्रकार ठा0 प्रकाश सिंह ने अपने बाबा को 105 वर्ष पूर्ण करने पर भंडारे का आयोजन किया। इस अवसर पर ठा0 प्रेम सिंह प्रधान, ठा0 यशवीर सिंह राघव, विधायक ठा0 तेजपाल सिंह, दुर्ग सिंह, सुनील शर्मा किरनपाल सिंह, सतपाल सिंह, सरदार सिंह, मेघश्याम सिंह, सुनील शर्मा, अनूप शर्मा, नितिन गौतम, पवन गौतम, सुरेश प्रधान जैत, महावीर प्रधान, यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जय कृष्ण दास महाराज आदि उपस्थित थे।  

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मथुरा। ब्रज का पौराणिक रूद्रकुण्ड अपने भव्य सांस्कृतिक नवीन स्वरूप में लौट आया है जिसका लोकार्पण करने आगामी 11 मार्च बुधवार को प्रातः 11 बजे उप्र. के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आ रहे हैं। इस अवसर को ऐतिहासिक बनाने के लिए काशी के बाबा विश्वनाथ उपस्थित रहेंगे। जो अपने सचल विग्रह और महंतों व काशीवासियों के साथ 10 मार्च को ही प्रातः वाराणसी से मथुरा पटना एक्सप्रेस से पधर रहे हैं। यह प्रथम बार है जो बाबा विश्वनाथ इस भाव के साथ ब्रज पधार रहे है। कल रंगभरनी एकादशी के दिन बाबा विश्वनाथ के सचल विग्रह की पारंपरिक शोभायात्रा में स्फटिक के एक विशेष शिवलिंग महंत राजेन्द्र प्रसाद तिवारी के घर से गाजे बाजे के साथ चलंे है। फिर बाबा विश्वनाथ के साथ काशी विश्वनाथ मंदिर में उनकी प्राण प्रतिष्ठा और रूद्राभिषेक होगा। सचल विग्रह के साथ इसी स्वरूप में भोलेनाथ ब्रज आएंगे और रूद्रकुण्ड में स्थायी रूप से काशी विश्वनाथ के रूप में स्थापित कर दिए जाएंगे। ब्रज फाउण्डेशन के अध्यक्ष विनीत नारायण ने बताया कि काशीवासियों के इस उदारभाव का सम्मान करते हुए फाउण्डेशन ने रूद्रकुण्ड में एक लघु काशी विश्वनाथ मंदिर के निर्माण का संकल्प लिया है। जहां ब्रजवासी नित्य काशी विश्वनाथ का दर्शन और अभिषेक कर सकेंगे।  

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मथुरा। शहर कोतवाली क्षेत्र के महौली रोड के माधवपुरी क्षेत्र में सांय करीब 3 बजें मामूली विवाद को लेकर दो पक्षों के मध्य जमकर फायरिंग हुई जिसमें कई लोग घायल हो गये। दिन दहाड़ें हुई फायरिंग से क्षेत्र में हड़कम्प मच गया। लेकिन जैसे ही घटना की जानकारी क्षेत्रीय पुलिस को हुई पुलिस के आला अधिकारी व कई थानों की फोर्स भी घटना स्थल की ओर रवाना हो गई। लेकिन समाचार लिखें जाने तक दोंनो पक्षों के मध्य फायरिंग जारी थी और पुलिस अभी तक घटना स्थल पर नहीं पहुंची हैं।

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