मथुरा

मथुरा। मथुरा आकाशवाणी केन्द्र के आरएस चतुर्वेदी ने बच्चों के कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि आकाशवाणी केन्द्र में हर रविवार को सांय 5 बजे बाल गोपाल कार्यक्रम रेडियों से प्रासारित किया जाता है इस कार्यक्रम में 7 से 14 साल के बच्चें भाग लेते है इनके माध्यम से केन्द्र बच्चों द्वारा कविता, गाना, कहानियां, चुटकलें तथा उनके अनुभाव श्रोताओं तक पहुंचाती हैं। इसी के तहत चेतना संस्था की सहायक जिला परियोजना समन्वयक रीता निमेष, दिव्या, व सोनिया संस्था द्वारा राधेश्याम कालौनी आदि क्षेत्रों के विभिन्न बच्चों को लेकर केन्द्र पर पहुंचें तथा एडीटर से मुलाकात के बाद इनकी कार्यक्रम के तहत रिकाडिंग कराई गई। उन्होंने बताया कि उक्त कार्यक्रम 13 जनवरी को सांय 5 बजे आकाशवाणी से प्रसारित किया जायेगा।

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जतीपुरा। स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में जतीपुरा में दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है जिसमें प्रथम स्थान ब्रजवीर गांव बरोली, दूसरे स्थान पर महेश गांव गांठौली तथा तीसरे स्थान पर बोस गांव तसई ने प्राप्त किया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुकेश कौशिक ग्राम प्रधान आन्यौर थे। कार्यक्रम का आयोजन सुरभय ट्रस्ट व नवयुवक दल द्वारा किया गया। जिसमें भानु पारासर, राम बल्लभ, गणेश, सोनू कौशिक, देवेंद्र, अंकुर, भरत कटारा, सुड्डल, नवल कौशिक आदि का सहयोग रहा।  

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गोवर्धन। पिछले काफी समय से राधाकृष्ण सेवा समिति गोवर्धन को तहसील बनाने की मांग कर रही थी। अब उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गोवर्धन को तहसील का दर्जा दिये जाने की घोषणा पर समिति के लोगों ने प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया है। इस अवसर पर सौंख अड्डा स्थित राधाकृष्ण सेवा समिति के कार्यालय पर भारी संख्या में लोग पहंुचना शुरू हो गये। इस अवसर पर समित के अध्यक्ष पूरन कौशिक ने कहा कि तहसील की घोषणा होने पर क्षेत्रीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई लोग फूले नहीं समा पा रहे। हर्ष व्यक्त करने वालों में पूरन कौशिक, संजीव कौशल, गिरधारी, सियाराम शर्मा, रामबाबू सैनी, पहलवान, मनीष गौड, गणेश, मोहन सिंह आदि थे। 

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मकर संक्रांति पर्व हिंदूओं का प्रमुख त्यौहार है। यह पर्व पूरे भारत में किसी न किसी रूप में मनाया जाता है। पौष मास में जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है तब इस दिन संक्रांति पर्व को मनाया जाता है। यह त्यौहार हमेशा ही जनवरी माह की चैदह तारीख को मनाया जाता है। कभी-कभी यह त्यौहार बारह, तेरह या पंद्रह को भी हो सकता है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि सूर्य कब धनु राशि को छोड़ मकर राशि में प्रवेश करता है। इस दिन से सूर्य की उत्तरायण गति आरंभ होती है और इसी कारण इसको उत्तरायण भी कहा जाता हैं।  मकर संक्रांति से जुडी हुई अनेक पौराणिक कथाएं हैं।  कहा जाता है कि इस दिन भगवान सूर्य अपने पुत्र शनि से मिलने स्वयं उसके घर जाया करते हैं। शनिदेव चूंकि मकर राशि के स्वामी हैं, अतः इस दिन को मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है।  मकर संक्रांति के दिन ही गंगाजी भागीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होकर सगर राजा के पुत्रों का उद्धार करने को पृथ्वी अवतरित हुयीं थीं जो कि हमेशा हमेशा के लिये सागर में जा उनसे मिली थीं। कथा है कि गंगा को धरती पर लाने वाले महाराज भगीरथ ने अपने पूर्वजों के लिए इस दिन तर्पण किया था। उनका तर्पण स्वीकार करने के बाद इस दिन गंगा समुद्र में जाकर मिल गई थी। इसलिए मकर संक्रांति पर्व पर गंगा सागर में मेला लगता है। और ऐसी मान्यता है कि सारे तीरथ वार-वार गंगा सागर एक वार। महाभारत काल के महान योद्धा भीष्म पितामह ने भी अपनी देह त्यागने के लिए उत्तरायण सूर्य का इन्तजार किया था उस दिन भी मकर संक्रांति का दिन ही उन्होंने चयन किया था और अपनी इच्छा से मृत्यु को प्राप्त किया था। इस त्यौहार को अलग-अलग प्रांतों में अलग-अलग नाम से मनाया जाता है। मकर संक्रांति को तमिलनाडु में पोंगल के रूप में तो आंध्रप्रदेश, कर्नाटक व केरला उडीसा व बंगाल में यह पर्व केवल संक्रान्ति के नाम से जाना जाता है।  इस दिन भगवान विष्णु ने असुरों का अंत कर युद्ध समाप्ति की घोषणा की थी व सभी असुरों के सिरों को मंदार पर्वत में दबा दिया था। इस प्रकार यह दिन बुराइयों और नकारात्मकता को खत्म करने का दिन भी माना जाता है। यशोदा जी ने जब कृष्ण जन्म के लिए व्रत किया था तब सूर्य देवता उत्तरायण काल में पदार्पण कर रहे थे और उस दिन मकर संक्रांति थी। कहा जाता है तभी से मकर संक्रांति व्रत का प्रचलन हुआ। इस दिन महिलाएं वृत रखती हैं तथा पवित्र नदी में स्नान करके लोग दान करते है। इस दिन गरीबों को अन्न बस्त्र आदि दान करने की परम्परा रही है लेकिन आज यह दान की परम्परा आस पडौस में ही सिमट कर रह गयी है। साज-सिंगार व आवश्यकता की बस्तुओं का आदान प्रदान ही दान का रूप ले चुका है। तिल व तिल से बनी बस्तुओं को दान करने से विशेष पुन्य का लाभ माना गया है। तथा इस दिन तिल से बने पकवान खाने की परम्परा चली आ रही है। दान दक्षिणा के साथ नदी में स्नान आदि के वाद मंदिरों में दर्शन करके श्रद्धालु अपनी मनोकांमना को पूरण करते हैं।   

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भूतनाथ स्टेडियम में आगरा को हरा फरीदाबार 10 विकेट से जीती   गोवर्धन। गिरिराज धाम के कस्बा जतीपुरा में चल रहे क्रिकेट टूर्नामेन्ट के आयोजन में आईपीएल क्रिकेट के खिलाडि़यों ने दोनों टीमों में भाग लेकर आयोजन में समां बांध दिया। दोनों ओर के धुरन्धर खिलाडि़यों ने आगरा और फरीदाबाद की टीमों में भाग लेकर दर्शकों को जमकर रोमांचित किया। इस दौरान पहले खेलते हुए आगरा की टीम ने निर्धारित ओवरों में 156 रन बनाये। वहीं लक्ष्य का पीछा करते फरीदाबाद की टीम ने लक्ष्य को पार कर विजय प्राप्त कर ली। इस तरह फरीदाबाद ने आगरा को 10 विकेट से हरा दिया। मैच में भाग लेने वाले खिलाडि़यों मंे राहुल दलाल, अरूण पवार, ऋषि मिश्रा, लक्ष्य, रवि, अशोक, आकाश, विवके, देवेन्द्र, मनोज एवं दूसरी टीम में जाॅन बुन्देनियां, पूनम पौनिया, राहुल चैहान, मनीष, दीपक, रितिक, तरून, मुकेश, नवनीत, बन्टू शामिल रहे। वहीं गिरिराज क्रिकेट टूर्नामेन्ट की आयोजन समिति के अध्यक्ष सत्य प्रकाश उर्फ सत्तो मैम्बर, हरि प्रोहित, जुगनू, कुलदीप, लालो प्रोहित, बाल मुकुन्द, मनोज, नरेश ठाकुर, सोनू, पारस, बिरजो, बिठठल, गोकुल प्रोहित, भगवान दास, बिल्लो, करन सिंह बघेल, भजन प्रधान, बल्लो प्रधान, गोविन्दा ठाकुर, दिनेश, सौदान फौजदार, गुडडू आदि मौजूद रहे।

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मथुरा। प्रदेश मे बिजली चोरी रोकने के लिये चलाये जा रहे अभियान के अन्तर्गत मथुरा मे बिजली विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बिजली चोरी रोकने के लिये जन जागरण रैली निकाली। रैली मे बडी संख्या मे विभागीय अधिकारियो एवं कर्मचारियो ने बढ चढ कर भाग लिया। पूरे नगर मे निकाली गयी बिजली चोरी रोकने के लिये इस रैली के माध्यम से आम जन मानस को बिजली चोरी रोकने के लिये सजग एवं सर्तक रहने का आव्हान किया गया। नगर मे निकाली गयी बिजली चोरी रोको रैली से पूरे नगर मे हडकम्प मच गया। आपको बता दे मथुरा एक धार्मिक नगरी होने के बाद बिजली कटौती को लेकर आम जन मानस मे काफी आक्रोश व गुस्सा बना हुआ है वही बिजली विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियो द्वारा नये कनैक्शन देने के नाम पर जमकर उनसे अवैध वसूली व उनका शोषण किया जा रहा है। ऐसे हालातो मे बिजली चोरी रोको अभियान कितना सार्थक होगा यह समय ही बतायेगा।

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