मथुरा

एजेन्सी द्वारा ही ग्राहक की गैस चोरी कर पकड़े जाने पर दिखाई दबंगई  खुलेआम हो रहा ग्राहकों का शोषण आॅन लाइन गैस बुकिंग हमारे लिये कोई महत्व ही नहीं रखती- एनके राजपूत गिरिराज गैस एजेन्सी पर लगी ग्राहकों की लम्बी कतारें गोवर्धन। सरकार के लाख प्रयासों के बावजूद भी गैस की कालाबाजारी रूकने का नाम नहीं ले रही है। सरकार की नित नयी घोषणाओं और रणनीतियों के बावजूद भी गैस की कालाबाजारी यहां एक बड़ा रूप ले चुकी है। जिसे रोक पाना शायद अब शासन प्रशासन के भी नियंत्रण से बाहर होता जा रहा है। गैस के काले कारोबार का एक ऐसा ही वाकया यहां कस्बे की गिरिराज इण्डेन गैस ऐजेन्सी पर देखने को मिला। जहां एक उपभोक्ता गैस बुकिंग कराने के बावजूद गैस पाने को ठोकरें खाता फिर रहा है जबकि अपने रिकाॅर्ड में गैस एजेन्सी एक माह पहले ही उसकी गैस उसके घर पहुंचा चुका है। वहीं इस बारे में पूछने पर गैस एजेन्सी मामले को छिपाने का प्रयास कर रही है। गैस की कालाबाजारी के कारोबार में लिप्त कस्बे की गिरिराज गैस एजेन्सी का ये कोई पहला मामला नहीं है बल्कि हर माह यहां ग्राहकों को गुमराह कर उनकी गैस एजेन्सी यहां के दबंग संचालाकों द्वारा ही चोरी कर ली जाती है। बतौर एजेन्सी के ग्राहक संख्या 5316 मथुरा प्रसाद शर्मा पुत्र श्याम लाल शर्मा निवासी महमदपुर से जब इस बारे में जानकारी ली गयी तो उसने बताया कि उसने विगत 9 दिसम्बर को गैस की बुकिंग करायी थी और तभी से गैस पाने को लगातार एजेन्सी के चक्कर लगा लगा कर परेशान है लेकिन अभी तक उसे गैस नहीं मिल पायी है। विगत रोज जब हमारे समाचार पत्र के प्रतिनिधि को उसने जब ये सच्चाई बताई और हमने एजेन्सी से पूछा तो उन्होंने पहले टाल मटोल कर मामला रफा दफा करने का प्रयास किया औैर बमुश्किल उन्होने अपने कम्प्यूटर में देख जानकारी दी कि इनकी गैस यहां से विगत 13 दिसम्बर को ही डिलीवर्ड हो चुकी है। जबकि ग्राहक के पास गैस आज तक पहंची ही नहीं है  वो गैस पाने को एजेन्सी के चक्कर लगाने को मजूबर है।  वास्तव में इस गैस एजेन्सी का ये कोई पहला मामला नहीं है बल्कि हर माह हजारों ग्राहकों की गैस यहां इसी तरह चोरी कर ली जाती है और ग्राहक को गुमराह कर उसे महीने भर तक गुमराह कर अगले महीने की गैस दे दी जाती है। यहां तक कि उनक कम्प्यूटर की सच्चाई भी ग्राहक को पता नहीं लग पाती है। यदि कोई ग्राहक इस कालाबाजारी को पकड़ भी लेता है तो उसे यहां तैनात दबंग कर्मचारी और यहीं का स्थायी निवासी कथित मैनेजर अपनी दबंगई के चलते डरा धमका कर या राजी राजी समझा बुझा कर शान्त कर देता है। हर माह होने वाले इस बड़े घालमेल से ही ये एजेन्सी संचालक यहां गैस की होने वाली अवैध खपत की पूर्ति करते है। पिछले करीब एक पखवाड़े से गिरिराज धाम की पावन धरा में चल रहे हजारों भण्डारे और मेला क्षेत्र की हजारों लाखों दुकान संचालक इसी घरेलू गैस की खपत करते है। जो इन्ही गैस एजेन्सियों द्वारा इन्हें सप्लाई किये जाते है। शासन प्रशासन के अधिकारियों की अनदेखी एवं एजेन्सी संचालकों की दबंगई के चलते घरेलू गैस के उपभोक्ताओं के साथ चोरी और सीना जोरी का ये खेल यहां बदस्तूर जारी है। जो शायद ही शासन प्रशासन रोक पाये। उपभोक्ता मथुरा प्रसाद की गैस चोरी के इस मामले में जब इण्डेन के क्षेत्रीय प्रभारी एन0के0 राजपूत से उनके फोन संख्या 9412268486 पर वार्ता की गयी तो उन्होंने एजेन्सी की चोरी की करतूत की सच्चाई को स्वयं स्वीकार करते हुए बताया कि आॅन लाइन गैस की बुकिंग होने की व्यवस्था हमारे लिये कोई महत्व ही नहीं रखती है। इससे स्पष्ट है कि यदि ग्राहक आॅन लाइन गैस की बुकिंग करा कर गैस का इन्तजार करता है तो वो बेकार है। इस महत्वहीन व्यवस्था को नकारकर एजेन्सी कभी भी आपकी भी गैस चोरी करा सकती है।  लाखों भण्डारों, गैस्ट हाउसों और दुकानों पर आखिर कहां से आती है गैस गोवर्धन। वर्ष भर मेले और उत्सवों से लबरेज रहने वाले गिरिराज धाम गोवर्धन में वर्ष भर में हजारों लाखों छोटे छोट भण्डारों के साथ साथ बड़े बड़े और बहुत ही व्यापक भण्डारे आयोजित होते ही रहते है। कुछ एक को छोड़कर इन सभी भण्डारों में हमेशा सिर्फ घरेलू गैस सिलैण्डरों का ही प्रयोग किया जाता है। वहीं इस क्षेत्र में वर्ष में हजारों शादी विवाह के साथ साथ अनेकों प्रकार के अन्य धार्मिक सामाजिक व अन्य प्रकार के कार्यक्रम भी किये जाते है इनमेें भी सिर्फ घरेलू ही गैस सिलैण्डरों का प्रयोग किया जाता है। इसके साथ ही गिरिराज धाम मेब ने हजारों धर्मशाला, गैस्ट हाउस, होटल और अतिथि सदनों में भी वर्ष भर घरेलू गैस सिलैण्डरों का ही प्रयोग किया जाता है। साथ ही क्षेत्र में लोगों के पास मौजूद एलपीजी सिलैण्डरों की गाडियों में भी घरेलू गैस का ही प्रयोग होता है। वहीं अब लोगों ने गीजर आदि मंे भी घरेलू गैस का प्रयोग आरम्भ कर दिया है। अब सवाल ये उठता है कि यदि ये गैस एजेन्सी घरेलू गैस ब्लैक नहीं करती है तो इन सबके पास वर्ष भर ये घरेलू गैस सिलैण्डरों की आपूर्ति कहां से होती है ? और कौन ये आपूर्ति करता है ?  ब्लैक मंे तत्काल मिल जाते है लोगों को सिलैण्डर गोवर्धन। गिरिराज गैस एजेन्सी के ग्राहकों को लम्बी लाइनों मंे लगने और महीनों तक एजेन्सी के चक्कर काटने के बावजूद भी गैस नहीं मिल पाती है। जबकि थक हार कर यदि ग्राहक नाॅन सब्सिडी का सिलेण्डर भी भीख की तरह मांगता है तो भी उसे सिलैण्डर नहीं दिया जाता। जबकि ब्लैक मंे गैस सिलैण्डर लेने को जाने वाला कोई भी व्यक्ति यहां से ब्लैक का सिलैण्डर तत्काल ही पा जाता है। कोई भी जाना पहचाना अनजाना ग्राहक यहां ब्लैक के सिलैण्डर की धनराशि बिना रसीद लिये ही हाथों में अदा कर तुरन्त गैस ले आता है। आखिर सिलैण्डर ब्लैक में क्यों आसानी से मिल रहा है और ग्राहक भटक रहे है ? क्या इस सबसे अब अधिकारियों ने अपना मुंह फेर कर पल्ला ही झाड़ रखा है।

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वांछित सूचना न देना, अस्पष्ट या अपूर्ण देना, देरी से देना शासनादेश का उल्लंघन- गजेन्द्र यादव कलैक्ट्रेट सभाकक्ष में वार्ता के दौरान राज्य सूचना आयुक्त उ0प्र0 गजेन्द्र यादव मथुरा। राज्य सूचना आयुक्त उ0प्र0 गजेन्द्र यादव की अध्यक्षता में जनपद के जन सूचना अधिकारियों तथा प्रथम अपीलीय अधिकारियों के साथ एक आवश्यक बैठक कलेक्टेªट सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। उन्होंने बैठक में प्रथम अपीलीय अधिकारियों एवं जन सूचना अधिकारियों के पास वर्ष 2014 माह दिसम्बर तक सूचना माॅंगने से सम्बन्धित कितने आवेदन पत्र प्राप्त हुए और उसमें कितने आवेदन पत्रों का निस्तारण जन सूचना अधिकारी द्वारा अपने स्तर से किया गया है, की विस्तार पूर्वक समीक्षा की गयी। उन्होंने जनपद के समस्त जन सूचना अधिकारी एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के क्रियान्वयन के लिये क्या 2 व्यवस्था एवं प्रबन्ध अपने विभाग में किये गये है उनका विस्तृत विवरण के सम्बन्ध में जानकारी ली। सूचना आयोग उ0प्र0 द्वारा जिन वादों में अभी तक अर्थदंड वसूली और क्षतिपूर्ति की कार्यवाही की गयी है उसके क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति क्या है। जन सूचना अधिकारी एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों को सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत प्राप्त आवेदन पत्रों के निस्तारण के दौरान आने वाली समस्याओं कठिनाईयों के निस्तारण हेतु उनके प्रश्नों के समाधान मा0 आयुक्त महोदय द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि जनपद की किसी एक तहसील, कार्यालय बेसिक शिक्षा अधिकारी व कार्यालय जिलाधिकारी के जन सूचना प्रकोष्ठ में सूचना का अधिकार अधिनियिम 2005 के तहत प्राप्त आवेदनपत्रों का दर्ज रजिस्टर का अवलोकन किया, साथ ही जन सूचना अधिकारियों एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों के नेम प्लेट या बोर्ड या मोबाइल नम्बर अंकित है कि नहीं की भी विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने नोडल अधिकारी एवं प्रभारी जन सूचना अधिकारी सहित सभी विभागीय जन सूचना अधिकारियों को निर्देशित किया है कि माॅगी जा रही सभी सूचनायें आवेदक को समय से उपलब्ध करायी जायें। उन्होंने बताया कि सूचना का अधिनियम धारा 2005 के अनुसार राज्य सूचना आयोग का मूल उदद्ेश्य दंड देना नहीं बल्कि वादी को सूचना उपलब्ध कराना हैं। उन्होंने कहा कि वादी को सूचना उपलब्ध कराने की समय सीमा 30 दिन इसलिये तय की गयी है कि क्योंकि जन सूचना अधिकारी को किसी सूचना की रचना नहीं करनी है बल्कि आपके पास जो भी उपलब्ध सूचना है उसे वादी तक रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से उपलब्ध कराना है। यदि सूचना आपके कार्यालय से सम्बन्धित नहीं है तो भी उसमें विलम्ब न करके उससे सम्बन्धित कार्यालय को भिजवा दें ताकि वादी तक तय समय सीमा में सूचना पहुॅच सके। उन्होंने बताया कि यदि जन सूचना अधिकारी तथा प्रथम अपीलीय अधिकारी की शिथिलता के कारण वादी द्वितीय अपीलीय अधिकारी अर्थात राज्य सूचना आयोग तक अपना पक्ष रखता है तो आयोग को दडात्मक कार्यवाही करने का पूर्ण अधिकार है तथा यह कार्यवाही किसी विभाग की न होकर सम्बन्धित अधिकारी के व्यक्तिगत पक्ष से सम्बन्ध रखती है तथा जुर्माना भी उनके वेतन से वसूल किया जायेगा। उन्होंने स्पष्ट बताया कि किसी भी माॅंगी गयी सूचना को न देना, अस्पष्ट देना, पूर्ण न देना अथवा देरी से उपलब्ध कराना पूर्ण रूप से शासनादेश का उल्लंघन है। उन्होंने मथुरा जनपद के लंबित पड़े वादों की चर्चा करते हुए बताया कि राज्य सूचना आयोग में मथुरा जनपद के 568 वाद लंबित है जिसमें सबसे अधिक राजस्व 137, माध्यमिक शिक्षा 36, विद्युत 41, पुलिस विभाग 36, ग्राम विकास 47, नगर पालिका 43, पंचायती राज 17 तथा अन्य विभागों से सम्बन्धित वाद लंबित है। इन वादों में से 22 वादों में जन सूचना अधिकारी तथा प्रथम अपीलीय अधिकारी के खिलाफ दंड अधि रोपित किये जा चुके है। उन्होंने जनपदीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा है कि वे वादी द्वारा माॅगी गयी सूचनाओं को समय से उपलब्ध कराकर शिकायत का निस्तारण करें ताकि वादी को द्वितीय चरण अथवा न्यायालय की शरण न लेनी पड़े तथा अधिकारी स्वयं भी दंडात्मक कार्यवाही से बचे रहे। आयुक्त ने बैठक के पश्चात मीडिया बन्धुओं के साथ जन सूचना अधिकार विषय के सम्बन्ध में प्रेसवार्ता भी की। उन्होंने मीडिया को जन सूचना अधिकार से सम्बन्धित बहुत सी जानकारिया भी दी। इस अवसर पर नोडल अधिकारी जन सूचना अपर जिलाधिकारी कानून व्यवस्था सुरेन्द्र कुमार शर्मा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन धीरेन्द्र प्रताप सिंह, नगर मजिस्टेªट हेमसिंह आदि जनपदीय जन सूचना अधिकारी उपस्थित थे।  

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आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव में यमुना सफाई का मुद्दा बनाया जायेगा। इस अभियान की शुरूआत दिल्ली के नजफगढ से की जायेगी। इस विषय पर पूर्व विधायक रमाशीश यादव, ठा0 मिथलेश सिंह, योगेन्द्र यादव, अक्षय यादव तथा पूर्वांचल नव निमार्ण मोर्चा द्वारा यमुना रक्षक दल द्वारा आगामी 11 मार्च को निकलने  वाली यमुना बचाओ की पदयात्रा के समर्थन कि लिये गोविन्द मठ वृन्दावन पधारे थे।  उन्होने कहा ंकि 11 मार्च को दिल्ली आने वाली पदयात्रा में पूरे दिल्ली वासी भाग लेंगे। साथ उन्होने कहा कि पूरी दिल्ली वासी आपके इस पदयात्रा के साथ है। इस अवसर पर यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृध्ण दासजी ने बताया की यमुना मुद्दे पर सरकार से वार्ता की जा रही है। अगर सरकार जल्दी निर्णय नहीं लेगी तो 11 मार्च 2015 को बडा़ आन्दोलन किया जायेगा। 4 जनवरी को दिल्ली में यमुना मुद्दे पर बैठक की जायेगी 

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पोरबंदर : पोरबंदर से लगभग 365 किमी, भारत-पाकिस्‍तान समुद्री सीमा के निकट 31 दिसंबर की मध्‍यरात्रि में भारतीय तटरक्षकों दलों और हवाई दस्‍तों ने अरब सागर में मछली पकड़ने वाली एक संदिग्‍ध नाव को गुप्‍तचर सूचना के आधार पर चलाए गए ऑपरेशन के तहत रोका। कार्रवाई की तीव्रता को देख संदिग्ध नाव ने खुद-ब-खुद ब्लास्ट कर लिया।  नव वर्ष की पूर्व संध्या पर को गुप्‍तचर विभाग को सूचना प्राप्‍त हुई कि कराची के निकट केटी बंदर की तरफ से आने वाली एक मछली पकड़ने वाली नाव अरब सागर में कुछ अवैध आदान-प्रदान की योजना बना रही है। इन सूचनाओं के आधार पर तटरक्षक डोरनियर हवाई दस्‍ते ने समुद्री-हवाई समन्‍वय खोज अभियान चलाया और संदिग्‍ध नाव की तलाश की। तत्‍पश्‍चात, इस क्षेत्र में गश्‍त कर रहे तटरक्षक जहाज ने मार्ग परिवर्तन किया और अवैध नाव को 31 दिसंबर मध्‍य रात्रि में पोरबंदर के पश्चिम-दक्षिण पश्चिम में 365 किमी पर रोका।  तटरक्षक जहाज ने इस नाव के सामान और चालक दल को अग्रिम जांच के लिए रुकने के लिए चेतावनी दी; हालांकि नाव की गति बढ़ा दी गई और भारतीय समुद्री सीमा से निकल जाने की कोशिश की। पीछा करने की यह प्रक्रिया लगभग एक घंटे चली और तट रक्षक जहाज चेतावनी गोलीबारी के बाद मछली पकड़ने वाली इस नाव को रोकने में सफल रहा। नाव पर चार व्‍यक्ति थे जिन्‍होंने तटरक्षकों द्वारा रोके जाने की और जांच में सहयोग करने की चेतावनियों की अवहेलना की। इसके उपरांत नाव के चालक दल ने स्‍वयं को डेक कंपार्टमेंट के नीचे छुपा लिया और नाव में आग लगा दी, जिस कारण नाव में विस्‍फोट हो गया और आग लग गई।  अंधेरे, खराब मौसम और तेज हवाओं के कारण नाव पर मौजूद लोगों को वहां से निकाला और उन्हें बचाया नहीं जा सका। नाव अपनी उसी अवस्‍था में पहली जनवरी के शुरुआती घंटों में ही जल कर डूब गई। तटरक्षक जहाज और हवाई दस्‍ते इस क्षेत्र में किसी जिंदा बचे व्‍यक्ति की संभावना में लगातार खोजी अभियान चला रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में समुद्री रास्‍ते से खतरों की कई सूचनाओं के बाद तटरक्षक और अन्‍य सुरक्षा एजेंसियां समुद्र में अत्‍यधिक सतर्कता बरत रही हैं।

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पत्रकारों ने स्मृति चिन्ह भेंट कर किया जिलाधिकारी का सम्मान जल्द ही गठित होगी पत्रकार प्रशासन स्थायी समन्यवय समिति- डीएम डीएम राजेश कुमार को संयुक्त रूप से स्मृति चिन्ह भेंट करते पत्रकार बन्धु मथुरा। नववर्ष 2015 के मौके पर आज जिलाधिकारी मथुरा ने पत्रकारों के साथ एक अनौपचारिक बैठक कर उनसे मुलाकात की और नववर्ष की बधाई दी। पत्रकारों ने जिलाधिकारी और जिला प्रशासन के अधिकारियों को नववर्ष की बधाईयां दी। पत्रकारों ने भी इस मौके पर जिलाधिकारी को नववर्ष की बधाईयों के साथ एक स्मृति चिन्ह स्वरूप भगवान श्री कृष्ण की मूर्ति भेंट की। कलैक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी राजेश कुमार द्वारा आहूत की गयी पत्रकार बन्धुओं की इस अनौपचारिक बैठक में सर्व प्रथम जिलाधिकारी ने सभी पत्रकारों के साथ परिचय किया और उन्हें सामूहिक रूप से नववर्ष की हार्दिक बधाईयां दी पत्रकारों ने भी जिलाधिकारी राजेश कुमार के साथ साथ जिला प्रशासन को नववर्ष की तहे दिल से हार्दिक बधाईयां दी। इस मौके पर जिलाधिकारी ने पत्रकारों की समस्याऐं भी जानी और जल्द से जल्द उनके निस्तारण करने का आश्वासन भी दिया। इस मौके पर उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के मण्डल अध्यक्ष सन्तोष चतुर्वेदी ने जिलाधिकारी से पत्रकार प्रशासन स्थायी समन्वय समिति के जल्द से जल्द गठन करने की मांग की। जो पिछले लम्बे समय से निलम्बित पड़ी हुई है और आज तक किसी ने उसके गठन की ओर ध्यान नहीं दिया है। श्री चतुर्वेदी ने इस मौके पर जिलाधिकारी से पत्रकारों के उत्पीड़न को रोकने और उनके खिलाफ अक्सर दर्ज होने वाली फर्जी रिपोर्टों की रोकथाम कर ऐसे मामलों में किसी अधिकारी द्वारा रिपोर्ट पूर्व जांच करा लेने की भी मांग की। जिलाधिकारी ने पत्रकारों की मांगों पर गम्भीरता से विचार करते हुए जल्द से जल्द उन्हें पूरा कराने का आश्वासन भी पत्रकारों को इस मौके पर दिया है। वहीं इस मौके पर उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के सभी पत्रकारों ने जिलाधिकारी को भगवान श्री कृष्ण की मूर्ति स्वरूप एक स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान भी किया। अन्त में सभी ने नई साल की बधाईयां दी।  

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     इंद्र का मानमर्दन करने को बालकृष्ण ने उठाया गिरीराज  भगौसा में बह रही श्रीमद्भागवत की रसधार कथा श्रवणपान कराने व्यास यादराम उपाध्याय।  गिर्राज जी के समक्ष छप्पन भोग के भव्य दर्शन।  गोवर्धन। वर्षों से इंद्र की पूजा करते आ रहे ब्रजवासियों से बालकृष्ण भगवान श्रीकृष्ण ने जब गिरीराज पूजा कराने का प्रस्ताव रखा तो ब्रजवासियों में असमंजस भाव पैदा हुआ। इस दौरान वह बाद में हर्षोल्लास के साथ गिरीराज पूजा करने गोवर्धन पहुंचे और धूमधाम से गिरीराज पूजा की। यह देख देवराज इंद्र कुपित हो गए और उन्होंने ब्रज में मूसलाधार वर्षा आरम्भ कर दी। इंद्र का अभिमान मिटाने के लिए बालकृष्ण भगवान ने गिरीराज पर्वत को अपनी उंगली के नख पर धारण कर लिया। यह देख इंद्र को ब्रह्म की अनुभूति हुई और क्षमा याचना करते हुए वह श्रीकृष्ण के चरणों में नतमस्तक हो गया।  यह वचन गोवर्धन के गांव भगौसा में पथवारी देवी मंदिर पर आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ के दौरान व्यास यादराम उपाध्याय ने कथा रसपान कराते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं से कहे। उन्होंने बताया कि संसार में अभिमान किसी का भी नहीं रहा है। अभिमानी जीव का अभिमान चूर करने के लिए परमात्मा स्वयं लीला रचते हैं। भागवत कथा के छठवें दिन रूक्मणी विवाह की कथा का श्रवणपान कराया। इससे पूर्व व्यास यादराम उपाध्याय ने गोवर्धन पूजा की कथा विस्तार से बताई। यहां गिर्राज जी के समक्ष छप्पन भोग का आयोजन किया गया। वहीं व्यास जी द्वारा राधा-कृष्ण के महारास का वर्णन भी किया गया। जिसे सुन श्रद्धालु हतप्रभ रह गए।  जिसके दर्शन के लिए सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। गिर्राज महाराज की जय जयकार से कथा मण्डप गुंजायमान होता रहा। कथा समापन गुरूवार को एवं भण्डारे का आयोजन शुक्रवार को होगा। जिसमें अनेक संत-महात्मा एवं ग्रामीणजन भाग लेंगे।  इस मौके पर श्रद्धालुओं में विशेष रूप् से पं़ खैमचंद उपाध्याय, रोशनलाल उपाध्याय, लोकी पंडित, संतोष, बंटू, परमानंद पंडित, महेन्द्र पंडित, पे्रमचंद बघेल, प्रेम सिंह बघेल, गणेश उपाध्याय, लोकेश, गोकुलचंद, ब्रजेश, शिवम सहित अन्य मित्र मण्डली के लोग उपस्थित रहे।   

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