मथुरा

नई दिल्ली : दशहरे के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों के साथ रेडियो पर ‘मन की बात’ कही। आकाशवाणी पर प्रसारित इस कार्यक्रम के तहत इस कार्यक्रम के तहत उन्होंने देशवासियों को जो संदेश दिया वह इस प्रकार है... मेरे प्यारे देशवासियो, आज विजयदशमी का पावन पर्व है। आप सबको विजयदशमी की अनेक- अनेक शुभकामनाएं। मैं आज रेडियो के माध्यम से आपसे कुछ मन की बाते बताना चाहता हूं और मेरे मन में तो ऐसा है कि सिर्फ आज नहीं कि बातचीत का अपना क्रम आगे भी चलता रहे। मैं कोशिश करूंगा, हो सके तो महीने में दो बार या तो महीने में एक बार समय निकाल कर के आपसे बाते करूं। आगे चलकर के मैंने मन में यह भी सोचा है कि जब भी बात करूंगा तो रविवार होगा और समय प्रात: 11 बजे का होगा तो आपको भी सुविधा रहेगी और मुझे भी ये संतोष होगा कि मैं मेरे मन की बात आपके मन तक पहुंचाने में सफल हुआ हूं। आज जो विजयदशमी का पर्व मनाते हैं ये विजयदशमी का पर्व बुराइयों पर अच्छाइयों की विजय का पर्व है। लेकिन एक श्रीमान गणेश वेंकटादरी मुंबई के सज्जन, उन्होंने मुझे एक मेल भेजा, उन्होंने कहा कि विजयदशमी में हम अपने भीतर की दस बुराइयों को खत्म करने का संकल्प करें। मैं उनके इस सुझाव के लिए उनका आभार व्यक्त करता हूं। हर कोई जरूर सोचता होगा अपने-अपने भीतर की जितनी ज्यादा बुराइयों को पराजय करके विजय प्राप्त करे, लेकिन राष्ट्र  के रूप में मुझे लगता है कि आओ विजयदशमी के पावन पर्व पर हम सब गंदगी से मुक्ति का संकल्प करें और गंदगी को खत्म करके विजय प्राप्त करना विजयदशमी के पर्व पर हम ये संकल्प कर सकते हैं। कल 2 अक्टूबर पर महात्मा गांधी की जन्म जयंती पर “स्वच्छ भारत” का अभियान सवा सौ करोड़ देशवासियों ने आरंभ किया है। मुझे विश्वास है कि आप सब इसको आगे बढ़ाएंगे। मैंने कल एक बात कही थी “स्वच्छ  भारत अभियान” में कि मैं नौ लोगों को निमंत्रित करूंगा और वे खुद सफाई करते हुए अपने वीडियो को सोशल मीडिया में अपलोड करेंगे और वे ‘और’ नौ लोगों को निमंत्रित करेंगे। आप भी इसमें जुड़िए, आप सफाई कीजिए, आप जिन नौ लोगों का आह्वान करना चाहते हैं, उनको कीजिए, वे भी सफाई करें, आपके साथी मित्रों को कहिए, बहुत ऊपर जाने की जरूरत नहीं, और नौ लोगों को कहें, फिर वो और नौ लोगों को कहें, धीरे-धीरे पूरे देश में ये माहौल बन जाएगा। मैं विश्वास करता हूं कि इस काम को आप आगे बढ़ाएंगे। हम जब महात्मा गांधी की बात करते हैं, तो खादी की बात बहुत स्वाभाविक ध्यान में आती है। आपके परिवार में अनेक प्रकार के वस्त्र होंगे, अनेक प्रकार के वस्त्र होंगे, अनेक प्रकार के फैब्रिक्स होंगे, अनेक कंपनियों के प्रोडक्ट होंगे, क्या उसमें एक खादी का नहीं हो सकता क्या,  मैं अपको खादीधारी बनने के लिए नहीं कह रहा, आप पूर्ण खादीधारी होने का व्रत करें, ये भी नहीं कह रहा। मैं सिर्फ इतना कहता हूं कि कम से कम एक चीज, भले ही वह हैंडकरचीफ,  भले घर में नहाने का तौलिया हो, भले हो सकता है बैडशीट हो, तकिए का कवर हो, पर्दा हो, कुछ तो भी हो, अगर परिवार में हर प्रकार के फैब्रिक्स का शौक है,  हर प्रकार के कपड़ों का शौक है, तो ये नियमित होना चाहिए और ये मैं इसलिए कह रहा हूं कि अगर आप खादी का वस्त्र खरीदते हैं तो एक गरीब के घर में दीवाली का दीया जलता है और इसीलिए एकाध चीज ... और इन दिनों तो 2 अक्टूबर से लेकर करीब महीने भर खादी के बाजार में स्पेशल डिस्काउंट होता है, उसका फायदा भी उठा सकते हैं। एक छोटी चीज… और आग्रहपूर्वक इसको करिए और आप देखिए गरीब के साथ आपका कैसा जुड़ाव आता है। उस पर आपको कैसी सफलता मिलती है। मैं जब कहता हूं सवा सौ करोड़ देशवासी अब तक क्या हुआ है... हमको लगता है सब कुछ सरकार करेगी और हम कहां रह गए, हमने देखा है ... अगर आगे बढ़ना है तो सवा सौ करोड़ देशवासियों को... करना पड़ेगा… हमें खुद को पहचानना पड़ेगा, अपनी शक्ति को जानना पड़ेगा और मैं सच बताता हूं हम विश्व में अजोड़ लोग हैं। आप जानते हैं हमारे ही वैज्ञानिकों ने कम से कम खर्च में मार्स पहुंचने का सफल प्रयोग, सफलतापूर्वक कर दिया। हमारी ताकत में कमी नहीं है, सिर्फ हम अपनी शक्ति को भूल चुके हैं। अपने आपको भूल चुके हैं। हम जैसे निराश्रित बन गए हैं... नहीं मेरे प्यारे भाइयों बहनों ऐसा नहीं हो सकता। मूझे स्वामी विवेकानन्द जी जो एक बात कहते थे, वो बराबर याद आती है। स्वामी वि‍वेकानन्द  अक्सर एक बात हमेशा बताया करते थे। शायद ये बात उन्होंने कई बार लोगों को सुनाई होगी। विवेकानन्द जी कहते थे कि एक बार एक शेरनी अपने दो छोटे-छोटे बच्चों को ले कर के रास्ते से गुजर रही थी। दूर से उसने भेड़ का झुंड देखा, तो शिकार करने का मन कर गया, तो शेरनी उस तरफ दौड़ पड़ी और उसके साथ उसका एक बच्चा भी दौड़ने लगा। उसका दूसरा बच्चा पीछे छूट गया और शेरनी भेड़ का शिकार करती हुई आगे बढ़ गई। एक बच्चा भी चला गया, लेकिन एक बच्चा बिछड़ गया, जो बच्चा बिछड़ गया उसको एक माता भेड़ ने उसको पाला-पोसा बड़ा किया और वो शेर भेड़ के बीच में ही बड़ा होने लगा। उसकी बोलचाल, आदतें सारी भेड़ की जैसी हो गईं। उसका हंसना खेलना, बैठना, सब भेड़ के साथ ही हो गया। एक बार, वो जो शेरनी के साथ बच्चा चला गया था, वो अब बड़ा हो गया था। उसने उसको एक बार देखा ये क्या बात है। ये तो शेर है और भेड़ के साथ खेल रहा है। भेड़ की तरह बोल रहा है। क्या‍ हो गया है इसको। तो शेर को थोड़ा अपना अहम पर ही संकट आ गया। वो इसके पास गया। वो कहने लगा अरे तुम क्या कर रहे हो। तुम तो शेर हो। कहता- नहीं, मैं तो भेड़ हूं। मैं तो इन्हीं के बीच पला-बढ़ा हूं। उन्होंने मुझे बड़ा किया है। मेरी आवाज देखिए, मेरी बातचीत का तरीका देखिए। तो शेर ने कहा कि चलो मैं दिखाता हूं तुम कौन हो। उसको एक कुएं के पास ले गया और कुएं में पानी के अंदर उसका चेहरा दिखाया और खुद के चेहरे के साथ उसको कहा- देखो, हम दोनों का चेहरा एक है। मैं भी शेर हूं, तुम भी शेर हो और जैसे ही उसके भीतर से आत्म सम्मान जगा, उसकी अपनी पहचान हुई तो वो भी उस शेर की तरह, भेड़ों के बीच पला शेर भी दहाड़ने लगा। उसके भीतर का सत्व जग गया। स्वामी विवेकानंद जी यही कहते थे। मेरे देशवासियों, सवा सौ करोड़ देशवासियों के भीतर अपार शक्ति है, अपार सामर्थ्य है। हमें अपने आपको पहचानने की जरूरत है। हमारे भीतर की ताकत को पहचानने की जरूरत है और फिर जैसा स्वामी विवेकानंदजी ने कहा था उस आत्म-सम्मान को ले करके, अपनी सही पहचान को ले करके हम चल पड़ेंगे, तो विजयी होंगे और हमारा राष्ट्र भी विजयी होगा, सफल होगा। मुझे लगता है हमारे सवा सौ करोड़ देशवासी भी सामर्थ्यवान हैं, शक्तिवान हैं और हम भी बहुत विश्वास के साथ खड़े हो सकते हैं। इन दिनों मुझे ई-मेल के द्वारा सोशल मीडिया के द्वारा, फेस-बुक के द्वारा कई मित्र मुझे चिट्ठी लिखते हैं। एक गौतम पाल करके व्यक्ति ने एक चिंता जताई है, उसने कहा है कि जो स्पैशली एबल्ड चाईल्ड होते हैं, उन बालकों के लिए नगरपालिका हो, महानगरपालिका, पंचायत हो, उसमें कोई न कोई विशेष योजनाएं होती रहनी चाहिएं। उनका हौसला बुलन्द करना चाहिए। मुझे उनका ये सुझाव अच्छा लगा क्यों कि मेरा अपना अनुभव है कि जब मैं गुजरात में मुख्यमंत्री था तो 2011 में एथेन्स में जो स्पेशल ओलिंपिक होता है, उसमें जब गुजरात के बच्चे गए और विजयी होकर आए तो मैंने उन सब बच्चों को, स्पेशली एबल्ड बच्चों को, मैंने घर बुलाया। मैंने दो घंटे उनके साथ बिताए, शायद वो मेरे जीवन का बहुत ही इमोशनल, बड़ा प्रेरक, वो घटना थी। क्योंकि मैं मानता हूं कि किसी परिवार में स्पेशली एबल्ड बालक है तो सिर्फ उनके मां-बाप का दायित्व नहीं है। ये पूरे समाज का दायित्व है। परमात्मा ने शायद उस परिवार को पसंद किया है, लेकिन वो बालक तो सारे राष्ट्र् की जिम्मेदारी होता है। बाद में इतना मैं इमोशनली टच हो गया था कि मैं गुजरात में स्पे‍शली एबल्ड बच्चों के लिए अलग ओलिंपिक करता था। हजारों बालक आते थे, उनके मां-बाप आते थे। मैं खुद जाता था। ऐसा एक विश्वास का वातावरण पैदा होता था और इसलिए मैं गौतम पाल के सुझाव, जो उन्होंने दिया है,  इसके लिए मैं, मुझे अच्छा लगा और मेरा मन कर गया कि मैं मुझे जो ये सुझाव आया है मैं आपके साथ शेयर करूं। एक कथा मुझे और भी ध्यान आती है। एक बार एक राहगीर रास्ते के किनारे पर बैठा था और आते-आते सबको पूछ रहा था मुझे वहाँ पहुंचना है, रास्ता कहां है। पहले को पूछा, दूसरे को पूछा, चौथे को पूछा। सबको पूछता ही रहता था और उसके बगल में एक सज्जन बेठे थे। वो सारा देख रहे थे। बाद में खड़ा हुआ। खड़ा होकर किसी को पूछने लगा, तो वो सज्जन खड़े हो करके उनके पास आए। उसने कहा – देखो भाई, तुमको जहां जाना है न, उसका रास्ता इस तरफ से जाता है। तो उस राहगीर ने उसको पूछा कि भाई साहब आप इतनी देर से मेरे बगल में बेठे हो, मैं इतने लोगों को रास्ता पूछ रहा हूं, कोई मुझे बता नहीं रहा है। आपको पता था तो आप क्यों नहीं बताते थे। बोले, मुझे भरोसा नहीं था कि तुम सचमुच में चलकर के जाना चाहते हो या नहीं चाहते हो। या ऐसे ही जानकारी के लिए पूछते रहते हो। लेकिन जब तुम खड़े हो गए तो मेरा मन कर गया कि हां अब तो इस आदमी को जाना है, पक्का लगता है। तब जा करके मुझे लगा कि मुझे आपको रास्ता दिखाना चाहिए। मेरे देशवासियों, जब तक हम चलने का संकल्प नहीं करते, हम खुद खड़े नहीं होते, तब रास्ता दिखाने वाले भी नहीं मिलेंगे। हमें उंगली पकड़ कर चलाने वाले नहीं मिलेंगे। चलने की शुरुआत हमें करनी पड़ेगी और मुझे विशवास है कि सवा सौ करोड़ जरूर चलने के लिए सामर्थ्यवान है, चलते रहेंगे। कुछ दिनों से मेरे पास जो अनेक सुझाव आते हैं, बड़े इण्टरेस्टिंग सुझाव लोग भेजते हैं। मैं जानता हूं कब कैसे कर पाएंगे, लेकिन मैं इन सुझावों के लिए भी एक सक्रियता जो है न, देश हम सबका है, सरकार का देश थोड़े न है। नागरिकों का देश है। नागरिकों का जुड़ना बहुत जरूरी है। मुझे कुछ लोगों ने कहा है कि जब वो लघु उद्योग शुरू करते हैं तो उसकी पंजीकरण जो प्रक्रिया है वो आसान होनी चाहिए। मैं जरूर सरकार को उसके लिए सूचित करूंगा। कुछ लोगों ने मुझे लिख करके भेजा है – बच्चों को पांचवीं कक्षा से ही स्किल डेवलेपमेंट सिखाना चाहिए। ताकि वो पढ़ते ही पढ़ते ही कोई न कोई अपना हुनर सीख लें, कारीगरी सीख लें। बहुत ही अच्छा सुझाव उन्होंने दिया है। उन्होंने ये भी कहा है कि युवकों को भी स्किल डेवलेपमेंट होना चाहिए उनकी पढ़ाई के अंदर। किसी ने मुझे लिखा है कि हर सौ मीटर के अंदर डस्ट बिन होना चाहिए, सफाई की व्यवस्था  करनी है तो। कुछ लोगों ने मुझे लिख करके भेजा है कि पॉलीथिन के पैक पर प्रतिबंध लगना चाहिए। ढेर सारे सुझाव लोग मुझे भेज रहे हैं। मैं आगे से ही आपको कहता हूं अगर आप मुझे कहीं पर भी कोई सत्य घटना भेजेंगे, जो सकारात्मक हो, जो मुझे भी प्रेरणा दे, देशवासियों को प्रेरणा दे, अगर ऐसी सत्य घटनाएं सबूत के साथ मुझे भेजोगे तो मैं जरूर जब मन की बात करूंगा, जो चीज मेरे मन को छू गई है वो बातें मैं जरूर देशवासियों तक पहुंचाऊंगा। ये सारा मेरा बातचीत करने का इरादा एक ही है – आओ, हम सब मिल करके अपनी भारत माता की सेवा करें। हम देश को नयी ऊंचाइयों पर ले जाएं। हर कोई एक कदम चले, अगर आप एक कदम चलते हैं, देश सवा सौ करोड़ कदम आगे चला जाता है और इसी काम के लिए आज विजयदशमी के पावन पर्व पर अपने भीतर की सभी बुराइयों को परास्त करके विजयी होने के संकल्पर के साथ, कुछ अच्छा करने का निर्णय करने के साथ हम सब प्रारंभ करें। आज मेरी शुभ शुरुआत है। जैसा जैसा मन में आता जाएगा, भविष्य में जरूर आपसे बातें करता रहूंगा। आज जो बातें मेरे मन में आईं वो बातें मैंने आपको कही है। फिर जब मिलूंगा, रविवार को मिलूंगा। सुबह 11 बजे मिलूंगा लेकिन मुझे विश्वास है कि हमारी यात्रा बनी रहेगी, आपका प्यार बना रहेगा। आप भी मेरी बात सुनने के बाद अगर मुझे कुछ कहना चाहते हैं, जरूर मुझे पहुंचा दीजिए, मुझे अच्छा लगेगा। मुझे बहुत अच्छा लगा आज आप सबसे बातें कर के ‍और रेडियो का... ऐसा सरल माध्यम है कि मैं दूर-दूर तक पहुंच पाऊंगा। गरीब से गरीब घर तक पहुंच जाऊंगा,  क्योंकि मेरा,  मेरे देश की ताकत गरीब की झोंपड़ी में है, मेरे देश की ताकत गांव में है, मेरे देश की ताकत माताओं, बहनों, नौजवानों में है, मेरी देश की ताकत किसानों में है। आपके भरोसे से ही देश आगे बढ़ेगा। मैं विश्वास व्यक्त  करता हूं। आपकी शक्ति में भरोसा है इसलिए मुझे भारत के भविष्य में भरोसा है। मैं एक बार आप सबको बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं। आपने समय निकाला। फिर एक बार बहुत-बहुत धन्यवाद!

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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों से महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत के सपने को पूरा करने का आह्वान किया। नई दिल्ली में राजपथ पर स्वच्छ भारत अभियान की औपचारिक शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री ने भारत माता के दो महान सपूतों महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे शास्त्री द्वारा ''जय जवान, जय किसान'' का नारा दिए जाने के बाद किसानों ने कड़ी मेहनत की और देश को खाद्य सुरक्षा के मामले में आत्मनिर्भर बनाया। उन्होंने कहा कि गांधीजी के दो सपनों (भारत छोड़ो और स्वच्छ भारत) में से एक को हकीकत में बदलने में लोगों ने मदद की। हालांकि, स्वच्छ भारत का दूसरा सपना अब भी पूरा होना बाकी है। उन्होंने कहा कि एक भारतीय नागरिक होने की खातिर यह हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है कि हम वर्ष 2019 में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाए जाने तक उनके स्वच्छ भारत के सपने को पूरा करें। प्रधानमंत्री ने देश की सभी पिछली सरकारों और सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संगठनों द्वारा सफाई को लेकर किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारत को स्वच्छ बनाने का काम किसी एक व्यक्ति या अकेले सरकार का नहीं है, यह काम तो देश के 125 करोड़ लोगों द्वारा किया जाना है जो भारत माता के पुत्र-पुत्रियां हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान को एक जन आंदोलन में तब्‍दील करना चाहिए। लोगों को ठान लेना चाहिए कि वह न तो गंदगी करेंगे और न ही करने देंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के मुताबिक साफ-सफाई न होने के चलते भारत में प्रति व्‍यक्ति औसतन 6500 रुपये जाया हो जाते हैं। उन्‍होंने कहा कि इसके मद्देनजर  स्‍वच्‍छ भारत जन स्‍वास्‍थ्‍य पर अनुकूल असर डालेगा और इसके साथ ही गरीबों की गाढ़ी कमाई की बचत भी होगी, जिससे अंतत: राष्‍ट्रीय अर्थव्‍यवस्‍था में महत्‍वपूर्ण योगदान होगा। उन्‍होंने लोगों से साफ-सफाई के सपने को साकार करने के लिए इसमें हर वर्ष 100 घंटे योगदान करने की अपील की है। प्रधानमंत्री ने शौचालय बनाने की अहमियत को भी रेखांकित किया। उन्‍होंने कहा कि साफ-सफाई को राजनीतिक चश्‍मे से नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे देशभक्ति और जन स्‍वास्‍थ्‍य के प्रति कटिबद्धता से जोड़ कर देखा जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्‍वच्‍छ भारत अभियान में योगदान देने और सोशल मीडिया पर इसे साझा करने के लिए उन्‍होंने नौ हस्‍तियों को आमंत्रित किया है, जिनमें मृदुला सिन्‍हा, सचिन तेंदुलकर, बाबा रामदेव, शशि थरूर, अनिल अंबानी, कमल हसन, सलमान खान, प्रियंका चोपड़ा और ‘तारक मेहता का उल्‍टा चश्‍मा’ की टीम शामिल हैं। उन्‍होंने बताया कि इन कार्यों को अंजाम देने के लिए नौ अन्‍य लोगों को आमंत्रित किया गया है और इस तरह एक श्रृंखला-सी बना दी गई है। उन्‍होंने लोगों से #MyCleanIndia का इस्‍तेमाल करते हुए सोशल मीडिया पर अपने योगदान को साझा करने का आग्रह किया है। प्रधानमंत्री ने स्‍वच्‍छ भारत अभियान के प्रतीक चिह्न और इसके नारे से जुड़ी प्रतियोगिता के विजेताओं को बधाई दी। ये हैं- महाराष्‍ट्र से अनंत और गुजरात से भाग्‍यश्री। नारा है- ‘एक कदम स्‍वच्‍छता की ओर’। प्रधानमंत्री जब उपस्‍थित भीड़ को स्‍वच्‍छता की शपथ दिला रहे थे तो उस वक्‍त जाने-माने फिल्‍म अभिनेता आमिर खान ने भी मंच साझा किया। केन्‍द्रीय मंत्रियों वेंकैया नायडू और नितिन गडकरी ने भी उपस्‍थित लोगों को संबोधित किया। इससे पहले, प्रधानमंत्री राजघाट एवं विजयघाट गए और देश के दो महान सपूतों महात्‍मा गांधी और लाल बहादुर शास्‍त्री की जयंती पर उन्‍हें पुष्‍पांजलि अर्पित की। इसके बाद वह वाल्‍मीकि बस्‍ती गए, जहां महात्‍मा गांधी एक बार रुके थे। प्रधानमंत्री ने यहीं से स्‍वच्‍छता अभियान की शुरुआत की। प्रधानमंत्री ने नई दिल्‍ली स्‍थित मंदिर मार्ग पुलिस स्‍टेशन का औचक निरीक्षण भी किया। प्रधानमंत्री ने स्‍वयं एक झाडू लेकर धूल की सफाई की। बाद में उन्‍होंने पुलिस अधिकारियों से स्‍वच्‍छता बनाए रखने का आह्वान किया।

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इंचियॉन : सत्रहवें एशियाई खेलों के 14वें दिन भारत ने दो स्‍वर्ण और तीन कांस्‍य पदक जीते।  पदक विजेताओं के नाम हैं – प्रियंका पवार, टिंटू लुका, मनदीप कौर, पूवम्‍मा मछेतीरा (एथलेटिक्‍स 4X400 मीटर रिले, नया एशियाई खेल रिकॉर्ड, स्‍वर्ण), सरदार सिंह, रूपिनदर पाल सिंह, कोठअजीत सिंह, मनप्रीत सिंह, धरमीवर सिंह, रामचन्‍द्र रघुनाथ, गुरबज सिंह, रविन्‍द्रन श्रीजेश, डेनिस मुजतबा, गुरवीन्‍दर सिंह, सुनील समरपेट, विरेन्‍द्र लकडा, अक्ष्‍य दीप सिंह, चिंगलेन सानासिंह, रमनदीप सिंह व चंदनदा थिमईया (हॉकी पुरुष टीम, स्‍वर्ण), इन्‍द्रीजेत सिंह (एथलेटिक्‍स – पुरुष शॉटपुट, कांस्‍य), विकास कृष्‍ण (मुक्‍केबाजी- पुरुष 75 किलोग्राम – मिडिलवेट, कांस्‍य), सतीश कुमार (मुक्‍केबाजी – पुरुष 91 + किलोग्राम - सुपर हैवीवेट, कांस्‍य)। एशियाई खेल के 14वें दिन तक भारत की पदक तालिका में नौ स्‍वर्ण, नौ रजत और 37 कांस्‍य पदक सहित कुल 55 पदक आए।

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मुंबई। सामाजिक संस्था "गांधी विचार मंच" के अध्यक्ष श्री मनमोहन गुप्ता ने २ अक्टूबर २०१४ को "गांधी जयंती" के अवसर पर "गांधी जयंती समारोह" का आयोजन शाम को राधे माँ भवन ,बोरीवली (वेस्ट),मुम्बई में किया था। जोकि बड़े धूम - धाम के साथ मनाया गया और काफी रंगारंग तरीके से सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुवात मनमोहन गुप्ता और श्रीमती स्नेहलता गुप्ता ने दीप प्रज्वलित करके किया। जहाँ पर महात्मा गांधीजी पर आधारित गीत -भजन का संगीतमय कार्यक्रम और बाद में कवि सम्मलेन का कार्यक्रम हुआ।कार्यक्रम का संचालन गीतकार हरिश्चन्द्र  ने किया।   जहाँ पर बच्चों ने गांधीजी ,नेहरूजी आदि नेताओं की वेश भूषा में लोगों को काफी प्रभावित किया। स्कूल के बच्चों ने बहुत अच्छा नृत्य और कविता प्रस्तुत किया और गांधीजी के बारे में लोगों को बताया। कवि खन्ना मुजफ़्फ़रपुरी, गीतकार हरिश्चन्द्र , गायिका उषा तिमोती, संगीतकार दामोदर राव, शास्त्रीय गायक कृष्णा चारी, गायक यशवर्धन काफी संगीतमय और देशभक्ति के गाने प्रस्तुत किया। डॉक्टर रजत पी. मोदी ने गांधीजी के नोट, कोइंस ,डाक टिकट, लिफाफा, अन्तर्देशी और पोस्ट कार्ड इत्यादि काफी दुर्लब चीजों की विशेष प्रदर्शनी लगाया था। इसके बाद सामाजिक संस्था "गांधी विचार मंच" के अध्यक्ष श्री मनमोहन गुप्ता ने गांधीजी के विचारों और उनके बारे में बताया और कविता सुनाया और उसके बाद गांधी जयंती समारोह स्मारिका का और गीतकार हरिश्चन्द्र दवारा कविता के पुस्तक'अल्पा' का विमोचन किया गया। और अग्रबंधू सेवा समिति के अध्यक्ष किशनचंद गुप्ता , कोषाध्यक्ष गोपालदास गोयल, ट्रस्टी  कानबिहारी अग्रवाल को सम्मानित किया गया।        कार्यक्रम में संजीव झा,शिवजी गुप्ता, बृजमोहन गुप्ता,बाबूलाल अग्रवाल, दया शंकर,फिरतूराम, डॉक्टर भगवान तिवारी, राम सिंह,दिनेश अग्रवाल, प्रकाश कोठारी,परशुराम शर्मा,कुणाल सिंह कुशवाहा,प्रोफेसर आर के सर,प्रोफेसर अनिल द्वेदी, राजीव अग्रवाल, आर यू सिंह इत्यादि लोगों ने कार्यक्रम को चारचाँद लगाया और सफल बनाया।                 "गांधी विचार मंच" के अध्यक्ष श्री मनमोहन गुप्ता, उपाध्यक्ष कानबिहारी अग्रवाल, श्रीमती स्नेहलता गुप्ता, कोषाध्यक्ष अशोक सुत्राले, महामंत्री मिथलेश मिश्रा, संयोजक जयप्रकाश पाण्डेय तथा सम्पूर्ण गुप्ता परिवार ने सभी लोगों को कार्यक्रम सफल बनाने के लिए धन्यवाद दिया।   Sanjay Sharma Raj   (P.R.O.)    

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नवरात्र अष्टमी के अवसर पर गोविन्द मठ वृन्दावन में यमुना रक्षक दल द्वारा यमुना  मुक्ति एवं शुद्धि को लेकर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें कई जिलों के सैकड़ो भक्तों ने सहभागिता की। विचार गोष्ठी की अध्यक्षता स्वामी श्री विज्ञानाचार्य जी महाराज जी द्वारा की गई। विचार गोष्ठी में उपस्थित वक्ताओं द्वारा यमुना ब्रज में हो रही दुर्दशा पर विस्तृत चर्चा करते हुये दल द्वारा 2 नबम्बर को हथिनी कुण्ड पर होने वाले सत्याग्रह में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने की अपील की। यमुना रक्षक दल के राष्टीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास ने कहा आज श्रद्धालु जिस अविरल निर्मल यमुना की परिकल्पना कर के ब्रज धाम में आते उसकी जगह उन्हें दिल्ली से आने वाले गन्दे नाले का प्रदूषित पानी मिल रहा है। यमुना का सम्पूर्ण जल हथिनी कुण्ड बैराज पर कैद है। जिसके कारण  आज यमुना किनारे बसने वाले लोग भयंकर बीमारी से ग्रसित हैं, इसलिए आज यह धार्मिक और जीवन रक्षा दोनो ही दृष्टी से अति आवश्यक है कि यमुना को हथिनी कुण्ड बैराज से मुक्त कराया जाये। इसके लिए यमुना रक्षक दल  द्वारा 2 नबम्बर को यमुना की हथिनी कुण्ड से मुक्ति एवं उसके समान्तर नाले निर्माण को लेकर हरियाणा के हथिनी कुण्ड बैराज पर सत्याग्रह किया जायेगा। जिसमे सभी साधु - सन्तों, किसानों एवं यमुना प्रमियों से सहभागिता की अपील की जा रही है। हथिनी कुण्ड पर होने वाला सत्याग्रह यमुना की आर- पार की अन्तिम लडाई होगी जिसमें कई जिलों से लोग सहभागिता करेगें। बसपा के एम एल सी और बसपा के राष्टीय महासचिव  महेश आर्य ने कहा कि यमुना में बढता प्रदूषण आज सभी के लिये चिन्ता का विषय है। यमुना के लिये चलाया जाने वाले ऐसे आन्दोलन की आज समाज को आवश्यकता है। यमुना रक्षक दल के यमुना आन्दोलन में हम साथ है। 15 अक्टूबर को गोविन्द मठ में यमुना विचार गोष्ठी में तथा 2 नबम्बर को हथिनी कुण्ड सत्याग्रह में हम अपने दल बल के साथ उपस्थित रहेगें। यमुना रक्षक दल के इस बैठक में महोबा, कानपुर, झांसी, बुन्देलखंड, उन्नाव, मथुरा ,हाथरस के साथ कई अन्य जिलों के भक्त उपस्थित रहे जिन्होने हाथ उठाकर 2 नबम्बर को सत्याग्रह में सहभागिता भरने की बात कहते हुये एक सुर में कहा कि यमुना मैया की रक्षा के लिये हम अपने- अपने जिलों से कई जत्थों में निकल हथिनी कुण्ड सत्याग्रह में भाग लेने पहुॅचेगें। इस अवसर पर सुरेन्द्र सिंह यादव, हाईकोर्ट के एड. शिवम यादव, सौरभ यादव हाईकोर्ट एड., सुप्रीम कोर्ट के एड रमन यादव, माननीय पूर्व मंत्री सिद्ध गोपाल साहू, हरिनाथ सिंह यादव, मुनेेद्र सिंह यादव, लोचन दास जी , बाल मुकुन्द शास्त्री, लाल बाबा, लल्लू बाबा, विेजेन्द्र सिंह प्रधान, महात्मा श्याम मुनि, परमानन्द अग्रवाल, सुरेश यादव, अनूप शर्मा, विजय यादव, महन्त बलराम दास आदि उपस्थित थें।   

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1 अक्टूबर बुधवार को यमुना रक्षक दल के शहर कार्यालय बंगाली घाट पर यमुना रक्षक दल के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं की बैठक हुयी जिसमें 2 नबम्बर को हथिनी कुण्ड पर होने वाले सत्याग्रह की तैयारियों को लेकर चर्चा हुयी। बैठक की अध्यक्षता नगर अध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी ने की। राष्टीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास ने कहा कि आज आवश्यकता है कि सभी को एक जुट होना पड़ेगा। केन्द्र सरकार का यमुना के प्रति रूख सकारात्मक है एवं हथिनी कुण्ड पर होने वाला सत्याग्रह यमुना के लिये अन्तिम लड़ाई होगी और इस आन्दोलन में सभी को एक जुट हो आन्दोलन में भाग लेना होगा। 2013 में लाखो ब्रजवासियों ने जो दिल्ली तक पदयात्रा कर जो तपस्या की थी वह तपस्या फलीभूत हो रही है। हमें आशा है कि केन्द्र सरकार हमारी मांगो को मान यमुना को हथिनी कुण्ड से मुक्त करेगी । यमुना रक्षक दल के राष्टीय महासचिव रमेश सिसौदिया ने बताया कि 2 नबम्बर को हथिनी कुण्ड बैराज पर दल द्वारा किये जाने वाल सत्याग्रह में हजारों साधु-सन्त, किसान व यमुना भक्त भाग लेगें । ब्रज में ब्रजवासियों को जाग्रत करने व उनसे सत्याग्रह में भाग लेने की अपील करने के लिये 2 अक्टूबर से यमुना रक्षक दल गांव- गांव भ्रमण कर जागरूकता अभियान चलाया जायेगा। सन्त ने आगे की जानकारी देते हुये बताया कि 15 अक्टूबर को यमुना विचार गोष्ठी का आयोजन वृन्दावन गोविन्द मठ में किया जायेगा जिसमें यमुना पट्टी के दर्जन भर सांसद व विधायक भाग लेगें इसके साथ सभी जिला पंचायत अध्यक्ष, जिले के पूर्व विधायक एवं पूर्व सांसद,  नगर पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिका अध्यक्ष, जिला पार्षद, प्रधान, सभासद, पंचायत सदस्य व यमुना भक्तों के साथ- साथ यमुना के लिये वर्षो से कार्य कर रही संस्थाओं को  आमन्त्रण भेजा जा रहा है। मथुरा की सांसद हेमा मालिनी, उन्नाव के सांसद साक्षी जी महाराज, हाथरस के सांसद राजेश दिवाकर, फतेहपुर सीकरी के सांसद बाबूलाल चैधरी ने विचार गोष्ठी में भाग लेने की स्वीकृति दे दी है तथा बाकी सांसद व विधायकों से संपर्क किया जा रहा है। यमुना रक्षक दल के प्रदेश सचिव हाशिम खान ने कहा कि हथिनी कुण्ड पर होने वाल सत्याग्रह में सैकड़ो मुस्लिम भाई उपस्थित रह तिलावत ए कुरान करेगे।  इस अवसर पर यमुना रक्षक दल के राष्टीय सलाहकार शिवदत्त चतुर्वेदी, नगर अध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी, नगर महामंत्री शरद वर्मा, नगर प्रभारी त्रिलोकी व्यास, गोपाल पाण्डे, पवन अग्रवाल, गोलू शर्मा,  अनिल चतुर्वेदी, किलो पण्डा आदि उपस्थित थें। 

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वृन्दावन में विधवाओं के लिये अहर्निश कार्य करने वाली समाजसेविका और यमुना रक्षक दल की राष्टीय प्रवक्ता डाॅ लक्ष्मी गौतम को उनकी उपलब्धियों के लिये मिले ऐशोचयन ग्रासरूट वोमेन अचीवर अवार्ड से सम्मानित होने पर सोमवार 29 सितम्बर को सोहम आश्रम में आयोजित बैठक में डाॅ लक्ष्मी गौतम का यमुना रक्षक दल के पदाधिकारियों द्वारा माल्यार्पण कर उनकों बधाईयाॅ दी। यमुना रक्षक दल के राष्टीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास ने बैठक की अध्यक्षता करते हुये कहा कि डाॅ लक्ष्मी गौतम जो विधवा मताओं के लिये जो दिन रात कार्य कर रहीं है वो सराहनिय है। उनको राष्टीय स्तर के मिले अवार्ड के लिये हम उन्हे बधाईयां देते है। संत ने आगे के कार्यक्रम की जानकारी देते हुये बताया कि यमुना को हथिनी कुण्ड बैराज से मुक्त कराने व समानान्तर नाले निर्माण की मांग को लेकर 2 नबम्बर को हथिनी कुण्ड पर किये जाने वाले सत्याग्रह की तैयारियां तेज है। संत समाज से बात की जा रहीं है व उनसे आग्रह किये जा रहा है कि धर्म और संस्कृति की प्रतीक यमुना मैया को बचाने के लिये सन्त समाज सत्याग्रह में सहभागिता करें। अब तक साधु- सन्त, किसान व यमुना भक्त सत्याग्रह को लेकर उत्साहित है। यमुना रक्षक दल द्वारा जन संपर्क कर सत्याग्रह के लिये सत्याग्रही तैयार किये जा रहे है।  यमुना रक्षक दल की राष्टीय प्रवक्ता डाॅ लक्ष्मी गौतम ने कहा कि मुझे जो अवार्ड मिला है उसका श्रेय मेरी यमुना व विधवा माताओं की सेवा है उन्होने आगे कहा कि 2 नबम्बर को होने वाले सत्याग्रह में वह नारी शक्ति को जोडने का कार्य करेगी और उन्होने सभी से अपील की सभी यमुना भक्त इस सत्याग्रह में बढ- चढ कर भाग लें।  यमुना रक्षक दल के राष्टीय उपाध्यक्ष राकेश यादव व राष्टीय महासचिव रमेश सिसौदिया ने कहा कि यमुना की अविरल धारा ब्रज में लाने हेतु दल कृत संकल्पित है। यमुना को हथिनी कुण्ड से मुक्त करने के लिये व गन्दे नालों को यमुना में गिरने से रोकने के लिये यमुना के समानान्तर नाले निर्माण के लिये सरकार पर दल द्वारा दबाब बनाया जा रहा है। 2 नबम्बर को होने वाले सत्याग्रह के लिये दल द्वारा तैयारियां तेज कर दी गयी है। इस सत्याग्रह में धर्म, संस्कृति, प्रकृति व मानवता से प्रेम करने वाले साधु- सन्त, किसान व यमुना भक्त बढी संख्या में भाग लेगे।  इस अवसर पर प्रदेश सचिव हाशिम खान, जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह, देवस्वरूपानन्द जी महाराज, राधावल्लभ शर्मा, श्री दास प्रजापति, कंचन झा, ओमेन्द्र, राधारमण दास, स्वामी राजानन्द, अंकित तिवारी, ब्रह्मचारी भरतराज, हरिराम शर्मा, सतेन्द्र, हरिओम दीक्षित, भास्कर चैतन्य, ब्रजेश गिरी, आदि उपस्थित थे। 

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मथुरा। राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी की बैठक आहिल्यवाई होल्कर पार्क में हुई बैठक की अध्यक्षता प्रदेश महासचिव डा0 मोहनदास धनगर ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय महासचिव भूपेन्द्र कुमार धनगर थे। बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित राष्ट्रीय अध्यक्ष साहब सिंह धनगर ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के मीडिया पर भारी रकम खर्च कर लोक सभा चुनाव में अपने पक्ष में हवा बनाई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित विभिन्न नेताओं ने देश की जनता को तमाम लुभावने वायदें किये लेकिन चार माह बीत जाने के बाद ही भारतीय जनता पार्टी का सच सामने आ गया हैं। अब प्रधानमंत्री झाडू लगाकर सफाई करने का ड्रामा कर रहें है। जबकि देश में 65 प्रतिशत शोषित उपेक्षा, साफ सफाई, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाएं आदि की सेवाओं से विंचित हैं। बैठक में सत्येन्द्र पाल को मथुरा का जिलाध्यक्ष, जगदीश धनगर को महासचिव तथा राजपाल धनगर को संगठन सचिव, कुमारी शिखा गोस्वामी को महिला मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया।

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मथुरा। चेतना होप संस्थान द्वारा नितिन बिहार कालौनी मनीष पुरम कान्टेक्ट पोइन्ट पर सौ शैया चिकित्सालय वृन्दावन के सहयोग से हैल्थ कैम्प का आयोजन किया गया। कैम्प में 52 सड़क व कामकाजी बच्चों ने अपना हैल्थ चैकअप कराया। संयुक्त चिकित्सालय के बाल रोग विशेष डा0 एके गुप्ता ने सभी बच्चों का चैकअप किया उन्होंने पाया कि अधिकतर बच्चें बुखार व जुकाम और बदलतें मौसम के कारण सीजनल बीमारियों से त्रस्त हैं। चिकित्सक ने बच्चों को उपचार हेतु दवाएं भी प्रदान की तथा लोगों से बचाव हेतु सफाई रखनें के साथ साथ उबला पानी पीनें, वर्षा का पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी।

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मथुरा। एटीएम से निकाली धनराशि पूरी नहीं निकल रही। कई ग्राहक इससे परेशान है और उन्होंने इसकी शिकायत संबंधित बैंक को की है। शहर के असकुण्डा बाजार स्थित टाटा इंडिकैश का एटीएम लगा है। खिलौना विक्रेता राधेलाल अग्रवाल गत 20 सितम्बर को पांच हजार रुपये निकालने गये तो वह यह देखकर दंग रह गये कि पांच हजार के स्थान पर 4600 रुपये निकले। एक कंडीमाला वाले और कुछ तीर्थ यात्रियों के साथ भी इस एटीएम से कम धनराशि निकलने की शिकायतें आयी हैं। इस संबंध में संबंधित बैंक से पीडि़तों ने शिकायत की हैं।  

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