मथुरा

नई दिल्ली : पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अंतर्गत पेट्रोलियम नियोजन और विश्‍लेषण प्रकोष्‍ठ द्वारा संगणित प्रकाशित सूचना के अनुसार कच्‍चे तेल की अंतर्राष्‍ट्रीय कीमत 5 जून को घटकर 105.69 अमरीकी डॉलर प्रति बैरल हो गई। पिछले कारोबारी दिवस 4 जून को यह कीमत 106.75 अमरीकी डॉलर प्रति बैरल थी।   रुपये के संदर्भ में कच्‍चे तेल की कीमत 5 जून को घटकर 6267.47 रुपये प्रति बैरल हुई। यह राशि 4 जून को 6334.55 रुपये प्रति बैरल थी। रुपये 4 जून को 59.34 रुपये प्रति अमरीकी डॉलर की तुलना में 5 जून को 59.30 प्रति अमरीकी डॉलर पर बंद हुआ।

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नई दिल्ली : पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अंतर्गत पेट्रोलियम नियोजन और विश्‍लेषण प्रकोष्‍ठ द्वारा संगणित प्रकाशित सूचना के अनुसार कच्‍चे तेल की अंतर्राष्‍ट्रीय कीमत 5 जून को घटकर 105.69 अमरीकी डॉलर प्रति बैरल हो गई। पिछले कारोबारी दिवस 4 जून को यह कीमत 106.75 अमरीकी डॉलर प्रति बैरल थी।   रुपये के संदर्भ में कच्‍चे तेल की कीमत 5 जून को घटकर 6267.47 रुपये प्रति बैरल हुई। यह राशि 4 जून को 6334.55 रुपये प्रति बैरल थी। रुपये 4 जून को 59.34 रुपये प्रति अमरीकी डॉलर की तुलना में 5 जून को 59.30 प्रति अमरीकी डॉलर पर बंद हुआ।

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नई दिल्ली। सड़क हादसे में कैबिनेट साथी गोपीनाथ मुंडे को खोने के बाद मोदी सरकार सड़क सुरक्षा नियमों के बदलाव में जुट गई है। नया मोटर वाहन कानून पहले से अधिक सख्त होगा।   केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क परिवहन कानूनों के बुनियादी ढांचे में बदलाव का बीड़ा उठा लिया है। गडकरी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि जब एक, दो बार गुनाह पर जुर्माना, तीसरे उल्लंघन पर ड्राइविंग लाइसेंस छह महीने के लिए और चौथे उल्लंघन पर हमेशा के लिए जब्त होगा तो लोग खुद नियम पालन करने लगेंगे।   योजना है कि दस लाख से अधिक आबादी वाले नगरों में चौराहों पर सीसीटीवी और व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम लगाकर यातायात नियम तोड़ने वालों के आटोमैटिक चालान का इंतजाम किया जाएगा। तीसरा कदम वाहन निर्माताओं को वाहनों के इंजन और बॉडी के डिजाइन में सुधार के लिए विवश करने के लिए ट्रक-बस बॉडी कोड में बदलाव का होगा। नया कानून 15 दिनों में तैयार किया जाएगा।   इसके बाद मीडिया कांफ्रेंस में उन्होंने कई अहम घोषणाएं कीं। अंतरराष्ट्रीय स्तर के मोटर वाहन कानून लाने का निर्णय किया गया है। इसके लिए छह देशों अमेरिका, कनाडा, सिंगापुर, जर्मनी, जापान और ब्रिटेन के संबंधित कानूनों का अध्ययन कराया जाएगा।

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श्रीविद्या एम   तमिलनाडु के तंजावुर का बृहदेश्वर मंदिर पूरी तरह से ग्रेनाइट नि‍र्मि‍त है। विश्व में यह अपनी तरह का पहला और एकमात्र मंदिर है जो कि ग्रेनाइट का बना हुआ है। बृहदेश्वर मंदिर अपनी भव्यता, वास्‍तुशिल्‍प और केन्द्रीय गुम्बद से लोगों को आकर्षित करता है। इस मंदिर को यूनेस्को ने विश्व धरोहर घोषित किया है।   राजाराज चोल - I इस मंदिर के प्रवर्तक थे। यह मंदिर उनके शासनकाल की गरिमा का श्रेष्‍ठ उदाहरण है। चोल वंश के शासन के समय की वास्तुकला की यह एक श्रेष्ठतम उपलब्धि है। राजाराज चोल- I के शासनकाल में यानि 1010 एडी में यह मंदिर पूरी तरह तैयार हुआ और वर्ष 2010 में इसके निर्माण के एक हजार वर्ष पूरे हो गए हैं।   अपनी विशिष्ट वास्तुकला के लिए यह मंदिर जाना जाता है। 1,30,000 टन ग्रेनाइट से इसका निर्माण किया गया। ग्रेनाइट इस इलाके के आसपास नहीं पाया जाता और यह बात स्पष्ट नहीं है कि इतनी भारी मात्रा में ग्रेनाइट कहां से लाया गया। ग्रेनाइट की खदान मंदिर के सौ किलोमीटर की दूरी के क्षेत्र में नहीं है; यह भी हैरानी की बात है कि ग्रेनाइट पर नक्‍काशी करना बहुत कठिन है। लेकिन फिर भी चोल राजाओं ने ग्रेनाइट पत्‍थर पर बारीक नक्‍काशी का कार्य खूबसूरती के साथ करवाया।   तंजावुर  का 'पेरिया कोविल' (बड़ा मंदिर) विशाल दीवारों से घिरा हुआ है। संभवतः इनकी नींव 16वीं शताब्दी में रखी गई। मंदिर की ऊंचाई 216 फुट (66 मी.) है और संभवत: यह विश्व का सबसे ऊंचा मंदिर है। मंदिर का कुंभम् (कलश) जोकि सबसे ऊपर स्थापित है केवल एक पत्थर को तराश कर बनाया गया है और इसका वज़न 80 टन का है। केवल एक पत्थर से तराशी गई नंदी सांड की मूर्ति प्रवेश द्वार के पास स्थित है जो कि 16 फुट लंबी और 13 फुट ऊंची है।   रिजर्व बैंक ने 01 अप्रैल 1954 को एक हजार रुपये का नोट जारी किया था। जिस पर बृहदेश्वर मंदिर की भव्य तस्वीर है। संग्राहकों में यह नोट लोकप्रिय हुआ।   इस मंदिर के एक हजार साल पूरे होने के उपलक्ष्‍य में आयोजित मिलेनियम उत्सव के दौरान एक हजार रुपये का स्‍मारक सिक्का भारत सरकार ने जारी किया। 35 ग्राम वज़न का यह सिक्का 80 प्रतिशत चाँदी और 20 प्रतिशत तांबे से बना है। सिक्के की एक ओर सिंह स्‍तंभ के चित्र के साथ हिंदी में 'सत्यमेव जयते' खुदा हुआ है। देश का नाम तथा धनराशि हिंदी तथा अंग्रेजी में लिखी गई है।   सिक्के की दूसरी ओर राजाराज चोल- I की तस्वीर खुदी हुई है इसमें वह हाथ जोड़कर मंदिर में खड़े हुए हैं। मंदिर की स्‍थापना के 1000 वर्ष हिंदी और अंग्रेज़ी में लिखा हुआ है।   बृहदेश्वर मंदिर पेरूवुदईयार कोविल, तंजई पेरिया कोविल, राजाराजेश्वरम् तथा राजाराजेश्वर मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। भगवान शिव को समर्पित यह एक हिंदू मंदिर है। हर महीने जब भी सताभिषम का सितारा बुलंदी पर हो, तो मंदिर में उत्सव मनाया जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि राजाराज के जन्म के समय यही सितारा अपनी बुलंदी पर था। एक दूसरा उत्सव कार्तिक के महीने में मनाया जाता है इसका नाम है कृत्तिका। एक नौ दिवसीय उत्सव वैशाख (मई) महीने में मनाया जाता है और इस दौरान राजा राजेश्वर के जीवन पर आधारित नाटक का मंचन किया जाता है।   मंदिर के गर्भ गृह में चारों ओर दीवारों पर भित्ती चित्र बने हुए हैं जिनमें भगवान शिव की विभिन्न मुद्राओं को दर्शाया गया है। इन चित्रों में एक भित्तिचित्र जिसमें भगवान शिव असुरों के किलों का विनाश करके नृत्‍य कर रहे हैं और एक श्रद्धालु को स्वर्ग पहुंचाने के लिए एक सफेद हाथी भेज रहे है, विशेष रूप से उल्‍लेखनीय है। भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण ने विश्‍व में पहली बार 16 नायक चित्रों को डी-स्टक्को विधि का प्रयोग करके इन एक हजार वर्ष पुरानी चोल भित्तिचित्रों को पुन: पहले जैसा बना दिया है। इस मंदिर की एक और विशेषता है कि गोपुरम (पिरामिड की आकृति जो दक्षिण भारत के मंदिर के मुख्य द्वार पर स्थित होता है) की छाया जमीन पर नहीं पड़ती।   इस मंदिर की कई विशेषताएं हैं- इसके निर्माण में 1,30,000 टन ग्रेनाइट का इस्तेमाल किया गया है, इसके दुर्ग की ऊंचाई विश्‍व में सर्वाधिक है और दक्षिण भारत की वास्तुकला की अनोखी मिसाल इस मंदिर को यूनेस्‍को ने विश्‍व धरोहर स्‍थल घेषित किया है।          (लेखक पीआईवी चेन्‍नई में सूचना सहायक है) 

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 संघाई में वन्दना सिंह के कार्यक्रम से दर्षक मंत्र मुग्ध राधा - कृष्ण की जन्मभूमि - लीला भूमि से 12 हजार किलोमीटर दूर संसार के सबसे बड़े महानगर, 2 करोड़ 41 लाख 50 हजार जनसंख्या वाले महानगर संघाई में ब्रज क्षेत्र की राश्ट्रीय - अन्तर्राश्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार तथा कोरियोग्राफर श्रीमती वन्दना सिंह द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम ने दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया। वह दो सप्ताह की चीन यात्रा पर हैं। श्रीमती वन्दना सिंह ने फोन पर उŸार प्रदेष संगीत नाटक अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष मोहन स्वरूप भाटिया को बताया कि चाइनीज कन्वैन्षन सेन्टर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दर्षकों की भाशा चाइनीज थी किन्तु भाशा न समझते हुए भी भाव - भंगिमाओं और वेषभूशा ने उन्हें प्रभावित किया और जब उन्होंने जय श्रीकृश्ण - जय श्री राधे कहा तो दर्षकों ने उसे दोहराने का प्रयास किया ।चाइनीज कन्वैन्षन सेन्टर में सम्पन्न कार्यक्रम की आयोजक संस्था के अध्यक्ष ने कार्यक्रम इस अवसर पर कहा कि हमारा देष बौद्ध धर्म का अनुयायी है और भगवान् बुद्ध भारत के थे इसलिए हमारी भारत के प्रति धार्मिक आस्था है। उन्होंने कहा कि वन्दना जी के कार्यक्रम ने चीनवासियों को मंत्र मुग्ध कर दिया है। स्ंाघाई में प्रस्तुत कार्यक्रम के समापन पर चीन की युवा कलाकार ’वोन्दना’ ’वोन्दना’ का हर्शोल्लास करती हुई उनके पास पहुँचीं और बधाई दी।      चीन में जय श्रीकृश्ण - जय श्री राधे !      संघाई में वन्दना सिंह के कार्यक्रम से दर्षक मंत्र मुग्ध  राधा - कृश्ण की जन्मभूमि - लीला भूमि से 12 हजार किलोमीटर दूर संसार के सबसे बड़े महानगर, 2 करोड़ 41 लाख 50 हजार जनसंख्या वाले महानगर संघाई में ब्रज क्षेत्र की राश्ट्रीय - अन्तर्राश्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार तथा कोरियोग्राफर श्रीमती वन्दना सिंह द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम ने दर्षकों को मंत्र मुग्ध कर दिया। वह दो सप्ताह की चीन यात्रा पर हैं। श्रीमती वन्दना सिंह ने फोन पर उŸार प्रदेष संगीत नाटक अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष मोहन स्वरूप भाटिया को बताया कि चाइनीज कन्वैन्षन सेन्टर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दर्षकों की भाशा चाइनीज थी किन्तु भाशा न समझते हुए भी भाव - भंगिमाओं और वेषभूशा ने उन्हें प्रभावित किया और जब उन्होंने जय श्रीकृश्ण - जय श्री राधे कहा तो दर्षकों ने उसे दोहराने का प्रयास किया ।चाइनीज कन्वैन्षन सेन्टर में सम्पन्न कार्यक्रम की आयोजक संस्था के अध्यक्ष ने कार्यक्रम इस अवसर पर कहा कि हमारा देष बौद्ध धर्म का अनुयायी है और भगवान् बुद्ध भारत के थे इसलिए हमारी भारत के प्रति धार्मिक आस्था है। उन्होंने कहा कि वन्दना जी के कार्यक्रम ने चीनवासियों को मंत्र मुग्ध कर दिया है। स्ंाघाई में प्रस्तुत कार्यक्रम के समापन पर चीन की युवा कलाकार ’वोन्दना’ ’वोन्दना’ का हर्शोल्लास करती हुई उनके पास पहुँचीं और बधाई दी।  

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मंत्रियों के पत्रों को भी तबज्जोे नहीं दे रहे जनपद के अधिकारी कर्मचारी लोकसभा चुनावों की हार से भी सबक नहीं ले सका केन्द्रीय सपा नेतृत्व  मथुरा। लोकसभा चुनावों में जनता द्वारा बुरी तरह नकार देने के बाद अब कानून व्यवस्था व बिजली संकट पर घिरी सपा सरकार अपने प्रदेश में ही बैकफुट पर आ गयी है। अन्य राज्यों में पार्टी विस्तार कार्यक्रम तो दूर पार्टी प्रदेश में भी अपनी साख बचा पाने में सक्षम नजर नहीं आ रही। वहीं जनपद मथुरा का हाल तो और भी बुरा है। यहां के अधिकारी कर्मचारी भी सत्तारूढ़ दल सपा के नेताओं को तबज्जों नहीं दे रहे है यहां तक कि जिले के अधिकारी सूबे के मंत्रियों की सिफारिशें भी मानने को तैयार नहीं दिख रहे। ऐसे में कैसे सपा सरकार जनपद में अपनी पार्टी का वजूद बना सकेगी। ये सवाल जनपद में अब इसी समस्या के इर्द गिर्द घूम रहा है। जिस तरह से लोकसभा चुनावों में यहां की जनता ने सत्तारूढ़ दल के प्रत्याशी को मात्र कुछ हजारों वोटों में ही निपटाकर अपना पार्टी प्रेम दिखाया है। उसे देखकर तो यही लगता है कि समाजवादी पार्टी को जनपद में अभी बहुत बड़े स्तर पर जनता से जुड़कर काम करना होगा। वहीं पार्टी के लोग जनपद में सरकार की बेहतर छवि बनाने की कवायदों में जुटे भी है लेकिन समस्या वहां पैदा हो रही है जहां पार्टी के नेता और कार्यकर्ता लोगों की वाजिब जन समस्याओं को लेकर यहां के प्रशासनिक अधिकारियों के दरवाजे तक जाते है लेकिन कोई भी उनकी सुनवाई नहीं करता। जनपद का ये सच पार्टी के अलावा अन्य लोगों से भी छुपा नहीं है कि सपा के जिला स्तरीय नेताओं की जनहित की सिफारिशें भी यहां के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा नहीं सुनी जा रही। पार्टी के बड़े नेताओं की कृपा से यहां के मलाईदार पदों पर आसीन प्रशासन के छोटे से लेकर बड़े अधिकारी यहां के स्थानीय नेताओं की सिफारिशें मानने में अपनी तौहीन समझते है बल्कि ये अधिकारी सूबे के मंत्रियों की सिफारिशों को भी तबज्जोें नहीं दे रहे है। इससे यहां पार्टी की साख तो गिर ही रही है साथ ही लोगों का प्रदेश सरकार से भी भरोसा उठता जा रहा है। यही कारण है कि अब लोग पार्टी से जुड़ना तो दूर पार्टी नेताओं से अपने मामलांे में सिफारिश कराना भी उचित नहीं समझ रहे।  अभी हाल ही में सम्पन्न हुए लोकसभा चुनावों की हार का ठीकरा भी सभी सपाईयों ने एक स्वर से अधिकारियों की इसी कार्यप्रणाली के सिर फोड़ा है। हार से भी सबक न ले सका सत्तारूढ़ पार्टी का केन्द्रीय नेतृत्व अभी भी स्थानीय सपाईयों की इस पीड़ा के प्रति उदासीन बना हुआ है। यहां अधिकारियों के इस रवैये को लेकर पार्टी के स्थानीय नेता बार बार अपनी आवाज लखनऊ के गलियारों में बुलन्द भी करते रहे है लेकिन सत्तानशीं नेताओं को शायद कुछ भी सुनाई ही नहीं दिया ये शायद उन्हें तब सुनाई दे जब सरकार पांच साल पूरे कर चुनावों में आईना देखेगी। जब उनके हाथों में कुछ करने को नहीं होगा और सत्ता की चाबी किन्हीं दूसरे हाथों में पहुंच जायेगी।  विगत दिनों एक ऐसा ही वाकया यहां नजर भी आया जब सूबे में चल रही प्राविधिक परीक्षाओं के छात्र का काॅलेज की गलती से ट्रेड बदल गया तो मामले में पार्टी के एक केन्द्रीय मंत्री ने हस्तक्षेप कर छात्र का भविष्य सुरक्षित करने का पत्र लिखा गया लेकिन यहां के अधिकारियों एवं काॅलेज के प्राचार्य द्वारा उसे पूरी तरह से दरकिनार कर छात्र का वर्ष खराब कर दिया गया। एक अन्य मामले में शहर की एक मूलभूत जन समस्या को लेकर प्रशासनिक अधिकारी के पास पहुंचे जिला स्तरीय सपा नेता की सिफारिश पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हो सकी। अधिकारियों के इस रवैये को लेकर सपा नेताओं की जहां साखा गिर रही है वहीं अधिकारी कर्मचारी वर्ग जनपद में पूरी तरह से अपनी पर उतर आया है और गलत सही देखे बिना ही मनमर्जी के फैसले ले रहा है। लोग प्रशासन के इन तौर तरीकों को दखकर तो हर जगह यही करते नजर आते है कि इससे तो अच्छी पिछली सरकारें थी। कम से कम अधिकारी शासन से डर कर गलत कार्य करने में तो कतराते थे। अब तो सब कुछ खुलेआम किया जा रहा है।    

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मथुरा। श्री सत्य साई शिक्षा एवं ग्राम्य विकास संस्थान मथुरा द्वारा ग्राम महौली में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ सेवा निवृत्त जिलाजज भूदेव सिंह के करकमलों द्वारा साई बाबा के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया। अध्यक्षता कर रहें यादराम सिंह राणा ने पत्रकार सीपी सिकरवार, पन्नालाल उपेन्द्र, डा0 अनिल भाटी व राजेश भाटी आदि का माल्यार्पण कर एवं राधाकृष्ण की फोटों तथा अंग वस्त्र ओढ़ाकर स्वागत किया। संचालन कर रहें जगदीश प्रसाद गौतम ने बताया कि कार्यक्रम राष्ट्रीय महिला आयोग के सौजन्य से हो रहा हैं। उन्होंने अपनी दो कविताओं द्वारा दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा, कन्या भू्रण हत्या के बारे में कानूनी जानकारी दी। मुख्यातिथि पूर्व जिलाजज भूदेव सिंह ने 25 वर्ष के अपनी सेवा के अनुभव बताकर अधिकारों के प्रति जागरूक किया। अन्य वक्ताओं में पन्नालाल गौतम, अनिल भाटी, राजेश भाटी, चैधरी मुख्त्यार सिंह आदि थे। इस अवसर पर एक नाटिका का भी मंचन किया गया।

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मथुरा। बढते तापमान से गर्मी बढती जा रही है। ऐसे में बिजली कटौती होना जनता के लिए मुसीबत हो गई है। रात्रि में बिजली कटौती से जनता की नीद हराम हो गई है। लोग छतों पर व खरंजो पर टहल कर रात काट रहे है मच्छरों का प्रकोप चरम सीमा पर है। पेयजल आपूर्ति पर भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीण विनोद कुमार आर्य ने विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियो से बिजली कटौती बंद कराने की मांग की है।

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जागृति फाउण्डेशन द्वारा आयोजित सेमिनार की जानकारी देते पदाधिकारीगण   मथुरा। जागृति फाउण्डेशन के तत्वाधान में छत्ता बाजार स्थित कार्यालय पर लोकगायक मुनब्बर खाँ द्वारा प्रस्तुत वन्दना ब्रज की तोय लाज मुकुट बारे के साथ भगवान अर्द्धनारीश्वर के समक्ष एडवोकेसी आॅफिसर नीलेश कुमार तथा प्रख्यात रंगकर्मी लोकेन्द्र नाथ कौशिक ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। टेªनर राजीव कुमार का फाउण्डेशन की पीडी कु0 डौली जान ने कुमकुल लगा पुष्पहार पहनाकर सम्मान किया। इसके उपरान्त दो दिवसीय कार्यशाला, सेमीनार का प्रारम्भ हुआ दो दिनों तक एमटीएच समुदाय को एसटीआई रोग एवं एचआईवी जैसी बीमारियों पर विस्तृत जानकारी, जागरुकता, बचाव परीक्षण और इलाज पर प्रभावी काउंसिलिंग कर हर सम्भव योगदान प्रदान करना, एमटीएच समुदाय की परेशानी, आवश्यकताओं के साथ साथ उनके उत्पीड़न, सम्मान, मूलभूत आवश्यकताओं कार्यकलापों के साथ सम्मान भरा जीवन जीने और अधिकारों पर विशेष रुप से सेमीनार का मुख्य विषय पर चर्चा, गहन चिन्तन और विचार किया गया तथा फाउण्डेशन के पदाधिकारियों द्वारा फील्ड में कुशलतापूर्ण कार्य करने का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान पीओ सौरभ कौशिक, काउन्सलर धीरेन्द्र सिंह, सुरेश कुमार, गोपाल, मुरली, मोहित, ललित कुमार, चन्द्रमुखी आदि उपस्थित रहे। अन्त में आभार समाज सेविका कुं डौली जान ने दिया।

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मथुरा। थाना रिफाइनरी क्षेत्र के सुल्तानपुर में वड़ें पैमाने पर हो रहें जुआ घर पर क्षेत्राधिकारी के निर्देश पर उप निरीक्षक प्रमोद कुमार ने छापामार कार्यवाही की जिससें जुआरियों में भगदड़ मच गई। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर मौके से महावीर पुत्र वीरवल निवासी पोहपी रिफाइनरी, विजय सिंह पुत्र खरगसिंह निवासी बरारी रिफाइनरी सहित 7 अन्य लोगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जें से 1 लाख रूपयें से अधिक की नगदी तथा अवैध तंमचा, व दो कारतूस, बरामद किये हैं। भागी जुआरी मौके से भाग गये। पुलिस की इस कार्यवाही से अन्य जुआघरों में हड़कम्प मच गया। बताया जाता है कि उक्त ग्राम में वड़ें पैमाने पर लाखों रूपयें का जुआ प्रतिदिन होता हैं। जिसमें खेलनें के लिए कई जनपदों के लोग भी भाग लेने आते हैं।

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