मथुरा

काष्र्णि गुरू शरणानन्द जी महाराज के सहयोग से यमुना सफाई अभियान हुआ तेज , घाट के सामने निकला स्वच्छ जल  विरक्त संत रमेश बाबा, गुरू शरणानन्द जी व संत विज्ञानाचार्य जी के सानिध्य में यमुना रक्षक दल द्वारा घाटों पर सफाई कार्य जारी है। यमुना भक्तों के सतत सफाई अभियान से घाट पुनः अपने पुरातन स्वरूप को प्राप्त कर जगमगा उठे है। 2 मई शुक्रवार को काष्र्णि गुरू शरणानन्द जी महाराज द्वारा यमुना सफाई अभियान में 2 जेसीबी व 4 टेक्टर चलवाकर सफाई अभियान को गति प्रदान की गई। गुरू शरणानन्द जी के सहयोग से घाटों के सामने सफाई कार्य को तेज कर दिया गया है। किशन गंगा घाट के सामने सफाई के दौरान जेसीबी मशीन द्वारा जल स्तर जानने के लिये खुदाई की गई। 7- 8 फुट की खुदाई के पश्चात् घाट के सामने यमुना जल देखने को मिला। खुदाई में निकले स्वच्छ जल को देखकर यमुना भक्तों में खुशी की लहर दौड़ गयी। सभी यमुना भक्तों ने यमुना जल का पान किया। कम गहराई पर भूमि जल स्त्रोत से निकले जल को देखकर यमुना भक्तों के द्वारा घाटों के सामने इसी भूमि जल स्त्रोत से निकले जल को घाटों पर लाने का विचार किया  जाने लगा है। घाट के सामने कम गहराई पर जल के कारण इस विकल्प पर भी विचार किया जाने लगा है कि घाटों के सामने से भूमिजल स्त्रोत से जल निकाल कर घाटों पर स्वच्छ जल लाया जाये।  दूसरी ओर यमुना रक्षक दल द्वारा यमुना आन्दोलन को गति देने हेतु अक्षय तृतिया के पावन पर्व से गांव-गांव प्रभात फेरी व जनजागरण का कार्य प्रारम्भ कर दिया। यमुूना भक्तों के द्वारा गांव-गांव जाकर हरिनाम संकीर्तन कर यमुना के प्रति लोगों को जाग्रत करने का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। यमुना रक्षक दल के राष्टिय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास ने कहा कि अक्षय तृतिया के पावन पर्व से यमुना रक्षक दल द्वारा प्रभात फेरी व गांव- गांव प्रचार रथ निकाल कर जनजागरण का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है जिससे यमुना आन्दोलन को मजबूत बनाया जायेगा।  

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ये है गौ रक्षा के नाम पर लाखों हडपने वाले गौ रक्षक दल व् संस्थानों का सच ! ये गाय मथुरा के मॉल गोदाम रोड पर सुबह से ही तड़प रही है पर कई बार फोन करने के बावजूद भी गौ रक्षा का दंभ भरने वालों के कान पर नहीं रेंगी जूँ ।

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मुंबई : देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को बढ़त दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 75.79 अंक की बढ़त के साथ 22,493.59 अंक पर और निफ्टी 13.55 अंक की बढ़त के साथ 6,709.95 अक पर खुला।   वहीं, स्टेट बैक, गेल, आईटीसी, एचडीएफसी बैक, ओएनजीसी, डॉ.रेड्डी, हिरो होंडा और हिंदुस्तान लिवर के शेयर में उल्लेखनीय बढ़त तथा वहीं, भेल, सेसा गोआ, हिंडाल्को, टाटा पावर, एयरटेल, सिप्ला और कोल इंडिया के शेयर में गिरावट दर्ज की गई।  

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लखनऊ : अक्सर अपने विवादित बयानों की खातिर सुर्खियों में रहने वाले समाजवादी पार्टी के नेता अबु आसिम आजमी ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। आजमी ने कहा कि जो मुसलमान सपा को वोट नहीं देगा, उसका डीएनए टेस्‍ट कराना चाहिए।   अबु ने कहा कि जो सपा को वोट नहीं देगा, वह सच्‍चा मुसलमान नहीं है।   यूपी के संत कबीर नगर जिले में सपा की रैली को संबोधित करते हुए आजमी ने कहा कि सपा और उसके मुखिया मुलायम सिंह यादव ने सबसे ज्यादा काम और संघर्ष मुसलमानों के लिए किया।   आजमी ने कहा कि जो मुसलमान मुलायम और सपा का विरोध कर दूसरे दलों को वोट करेगा, उनका डीएनए टेस्ट कराया जाना चाहिए कि वह सच्‍चा है या नहीं। उन्होंने कहा कि मुसलमानों की हितैषी बनने के दावा करने वाली कांग्रेस हमेशा से मुसलमानों का शोषण करती आ रही है।   आजमी ने वादा किया कि सपा अगर इस चुनाव में केंद्र की सत्ता में आई तो वह सच्‍चर कमेटी की सिफारिशों को लागू करेगी।

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अशोक इंदु कल्पनाशीलता का सामान्य अर्थ किसी चीज का दृश्यांकन करना होता है। जब आप किसी कार्य को शुरू करना चाहते हैं तो पहले उसे दृश्यांकित कर लेते हैं उसके बाद ही वह दृश्य को, आपके चेतन मस्तिष्क को भेजता है। बिना इसके भी कुछ हासिल नहीं किया जा सकता।   इसके विपरीत होता है रिफ्लैक्स एक्शन। इस प्रक्रिया में बिना पहले से विचार किए हुए हमारा शरीर हरकत में आ जाता है। जब हमारे शरीर पर कहीं मच्छर बैठता है तो इस रिफ्लैस एक्शन के चलते हाथ अनायास ही वहां पहुंच जाता है। लेकिन, यह रिफ्लैक्स एक्शन अस्थायी होता है, लेकिन हम इसे अक्सर महसूस करते हैं। कई बार हम समस्याओं के समाधान में इसका भी उपयोग करते हैं। लेकिन, यह कोई स्थायी प्रभाव नहीं छोड़ता।   कल्पनाशीलता हमारे मुख्य तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) द्वारा किया जाने वाला कार्य है, जोकि हमारे मस्तिष्क का सबसे ज्यादा विकसित भाग है। काल्पनिक दृश्य में किसी भी समय सुधार की संभावना होती है। यही कारण है कि विजुअलाइजेशन (दृश्यांकन) को रिफ्लैक्स एक्शन से ज्यादा तीव्र माना जाता है।   हम एक समय में कई विचारों को दृश्यांकित करते हैं। किसी पर हम तुरंत कार्यान्वित होते हैं तो किसी को बाद में अमल में लाने की कोशिश करते हैं और कुछ सदा के लिए दम तोड़ देते हैं। हर आदमी में दृश्यांकन की प्रतिभा है, अन्यथा एक किसान जो पढ़ा-लिखा नहीं होता है। वह बादलों व हवा का रुख देखकर मौसम का पूर्वानुमान नहीं बता पाता।   कल्पनाशीलता मनुष्य का जन्मजात गुण मानी जाती है। कुछ लोग इसका ज्यादा इस्तेमाल करते हैं तो वे इसमें माहिर हो जाते हैं। कल्पनाशीलता से दृश्यांकन की क्षमता पैनी होती है जो आपको एक आधार उपलब्ध कराती है।   किसी समस्या का काल्पनिक समाधान इस पर निर्भर करता है कि आप कितने वास्तविक होकर सोचते हैं, जिसे हम आमतौर पर 'कॉमन सेंस' कहते हैं।   मूसलाधार बारिश में एक व्यक्ति कार से कहीं जा रहा था। एकाएक उसका बायां पहिया पंक्चर हो गया और उसने पहिया बदलने के लिए कार रोकी। उसने पंक्चर हुए पहिए के चारों स्क्रू निकाल दिए लेकिन अचानक ही वे सारे स्क्रू उसके हाथ से छूटकर पास बह रहे नाले में गिर गए। उसकी कार एक पागलखाने के सामने आकर खराब हुई थी और एक पागल खड़ा हुआ उसकी सारी गतिविधियों को बड़े ध्यान से देख रहा था।   वह रोगी उसके पास आया और बोला कि शेष तीनों पहियों से एक-एक स्क्रू निकाल कर इसमें लगा दो और अपनी यात्रा शुरू करो। वह आदमी हैरान रह गया कि इतना बुद्धिमान आदमी इस जगह कैसे हो सकता है। उस रोगी ने कहा कि यह सलाह मात्र एक कॉमन सेंस है और कुछ नहीं। कॉमन सेंस की अधिकता ही बुद्धिमत्ता कहलाती है।   इस कहानी में वह व्यक्ति न जाने कितने सालों से कार चलाता था। लेकिन विषम परिस्थिति आने पर वह उपाय को दृश्यांकित करना भूल गया। विषम परिस्थितियों में ऐसा ज्यादातर लोगों के साथ होता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि हमारा दिमाग नकारात्मक विचारों से भरा रहता है और हम अपने दिमाग में चीजों को सही तरीके से दृश्यांकित नहीं करते।   विषम परिस्थितियों में स्वयं को संयत रखने से आप सर्वोत्तम परिणाम पा सकते हैं। आप भले ही इस बात को मानें या न मानें लेकिन दुर्गम इलाकों में रहने वाले लोगों में कल्पनाशीलता या दृश्यांकन की सबसे ज्यादा क्षमता होती है। वे मौसम के हालात का अनुमान लगाकर फसल की अग्रिम बुआई करते हैं। यहां तक कि जानवरों में भी इसकी अद्भुत क्षमता होती है और प्राकृतिक आपदा आने से पहले ही वे इसका अंदाजा लगा लेते हैं।   समझ आपकी जानकारी का नतीजा होती है न कि आपके सीखने की गति का परिणाम। हममें से कम ही लोग अपने विचारों पर अमल करते हैं, ज्यादातर लोग दूसरों की ही नकल करते हैं।   हम सफल लोगों की सफलता की कहानियां पढ़कर उन पर यकीन करके उनकी नकल करना शुरू कर देते हैं परंतु मूल तथ्य भूल जाते हैं कि एक ही आइडिया हमेशा काम नहीं कर सकता और यदि काम करता भी है तो उसका परिणाम एक जैसा नहीं होता।   हम रोजाना सैकड़ों विचारों को दफना देते हैं जो दृश्यांकन की प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न होते हैं। असफल होने के डर से हम उन्हें कार्यान्वित नहीं करते। मेरी किताब 'क्रेक द शेल दैट कवर्स यू' में मैंने इस विषय का विस्तार से जिक्र किया है। यह आपके विचारों से पैदा होने वाले भय से आपको मुक्त करती है।

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किसान गोष्ठी को सम्बोधित करते वक्ता  राया। कृषक भारती को आॅपरेटिव कृभकों के तत्वाधान में ग्राम अचरू विकास खण्ड राया जनपद मथुरा में एक किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्याम सुन्दर शर्मा प्रसार सम्भागीय कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्र राया थे। इस अवसर पर गजेन्द्र कुमार प्रबन्धक विपणन कृभकों मथुरा एवं जितेन्द्र कुमार प्रभारी कृषक भारती सेवा केन्द्र राया उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन करते हुए जितेन्द्र कुमार प्रभारी कृषक भारती सेवा केन्द्र राया द्वारा कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कृभकों द्वारा किसान हित में चली जा रही विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। इस असवर पर गजेन्द्र कुमार प्रबन्धक विपणन कृभकों मथुरा द्वारा जैव उर्वरकों के प्रयोग एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इनके प्रयोग से जहाॅ 10 से 15 प्रतिशत रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग में कमी की जा सकती है। वहीं 10 से 15 प्रतिशत फसल उत्पादन वृद्धि पायी गयी है। इस प्रकार इनके प्रयोग से उत्पादन लागत में वृद्धि पायी गयी। इस प्रकार प्रयोग करने से कमी करते हुए पर्यावरण को सुरक्षित रखने में मदद मिलती है। इस असवर पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्याम सुन्दर शर्मा द्वारा कृषकों को सन्तुलित उर्वरकों के प्रयोग के विषय में विस्तार से बताया गया। और मृदा परीक्षण कराकर रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग की सलाह दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रगतशील किसान महेन्द्र सिंह द्वारा की गयी। अध्यक्षीय सम्बोधन में कार्यक्रम में दी गई तकनीकी जानकारी की सराहना की गयी। कार्यक्रम को सफल बनाने में पं0 सत्यदेव, गिरीश, सुरेश चन्द्र, सीताराम, दामोदर, दाऊदयाल, राजवीर सिंह आदि का विशेष योग रहा।

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