विविधा

यदि दैनिक जीवन में बोले जानी वाली गंदी और अपमानजनक भाषा का उपयोग करने की बात करें तो शिक्षा, संस्कृति और सम्पन्नता कोई बंधन नहीं हैं...

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क्या आपने हाल ही में कोई पांच दिन तक चलने वाली ‘डेस्टिनेशन वेडिंग’ में भाग लिया है? अगर नहीं लिया है तो कोई बात नहीं। लेकिन, आपने सोशल मीडिया पर अंबानी की शादी के वीडियो क्लिप जरूर देखे होंगे...

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हजारों वर्ष पूर्व त्रेता युग में भगवान राम अवतरित हुए थे। उन्होंने विश्व के समक्ष एक आदर्श पुत्र की छवि प्रस्तुत की। एक ऐसा पुत्र, जिसने अपने पिता के वचन की मर्यादा की रक्षा के लिए राजगद्दी के सुख और वैभव का त्यागकर 14 वर्ष के लिए अपने अनुज लक्ष्मण एवं पत्नी सीता संग वनवास को चुना...

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नाम बदलने के मौजूदा चलन में, रॉयल कुरूपतिस्तान सरकार ने ‘रॉटनपुर विश्वविद्यालय’ का नाम बदलकर ‘अज्ञानपुर विश्वविद्यालय’ कर दिया है...

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कहीं झाड़ी में, कहीं कूड़ेदान में, कहीं अनाथालय के बाहर लटकी डलियों में, अब बच्चों के चीखने रोने की आवाज कम सुनाई दे रही है। पुरानी फिल्मों में अवैध संतानों के संघर्ष की कहानियां अब रोमांचित नहीं करतीं...

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भारत की पहली स्वदेशी सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ आज कल चर्चा का विषय बनी हुई है। यह ट्रेन अब आधुनिक, कुशल और आरामदायक रेल यात्रा के लिए भारत की आकांक्षाओं का प्रतीक बन गई है...

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क्या आप कभी नई दिल्ली, लखनऊ या इंदौर में किसी कॉफी हाउस में गए हैं? यह दृश्य जाना-पहचाना है, मीडियाकर्मियों, कलाकारों, एक्टिविस्टों के समूह, सभी कभी न खत्म होने वाली चर्चाओं में उलझे दिखते हैं, कभी गर्म तो कभी ठंडी बहस...

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पूरी दुनिया में एक ही ऐसा परिधान है जिसे अमीर-गरीब, बूढ़े-बच्चे, नर-नारी और शहरी व ग्रामीण, सभी पहनकर अपनी आजादी या आत्मविश्वास का एहसास कराते हैं। जी! हम बात कर रहे हैं जींस की, जो पैंट, पतलून या पायजामा तो है ही, लेकिन साथ ही एक फैशन स्टेटमेंट भी है। लोकप्रियता तो इतनी कि कुछ साल पहले वृंदावन के एक प्रतिष्ठित मंदिर में बवाल कटा था, जब किसी पुजारी ने ठाकुरजी को भी जींस पहना दी थी, विद हैट एंड गॉगल्स।

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पितृ पक्ष पखवाड़ा शुरू होते ही, हिंदू समुदाय को एक गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। प्रशिक्षित पंडितों की भारी कमी नजर आ रही है...

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राजनीतिक बहसों में आजकल महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू को 1947 के विभाजन के लिए कटघरे में खड़ा करके दोषी ठहराया जाता है। समाजवादी चिंतक और नेता डॉ राम मनोहर लोहिया ने भी अपनी किताब ‘गिल्टी मैन ऑफ इंडियाज पार्टीशन’ में कांग्रेसियों को ही अपना निशाना बनाया है...

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