स्वतंत्र भारत की राजनीति और चिंतन धारा पर डॉ. राम मनोहर लोहिया के व्यक्तित्व का गहरा असर है। वह भारतीय राजनीति के हर खेमे में सम्मानित थे। वह समाजवादी थे। समाजवादी भी इस अर्थ में कि समाज ही उनका कार्यक्षेत्र था और वह अपने कार्यक्षेत्र को जनमंगल की अनुभूतियों से महकाना चाहते थे। वह चाहते थे कि व्यक्ति-व्यक्ति के बीच कोई भेद, कोई दुराव और कोई दीवार न रहे। सब जन समान हों। सब जन सबका मंगल चाहते हों...
Read More




