चेन्नई शहर में, अचानक रास्ता पूछने के चक्कर में एक लैदर बेल्ट और बटुए बेचने वाले से टकराहट हुई। हमने गलतफहमी में उससे अंग्रेजी में जानकारी लेनी चाही, उसने हिंदी में बताया। बोली का लहजा कुछ जाना पहचाना सा लगने पर हमारा अगला सवाल था... कहां से हो? सकुचाते हुए वह बोला, “आगरा से हैं…”। “आगरा में कहां से?” “इटौरा के पास के गांव से…“ उसने बताया “निरे लौंडे” अपनी तरफ के यहां हैं...
Read More




