साल 2026 की शुरुआत में कर्नाटक एक अजीब विरोधाभास से गुजर रहा है। एक ओर राज्य की राजनीति कांग्रेस के भीतर नेतृत्व संघर्ष, गुटबाज़ी और सत्ता-संतुलन की रस्साकशी में उलझी है, तो दूसरी ओर अर्थव्यवस्था पूरे वेग से आगे बढ़ रही है। सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच ठंडी लेकिन लगातार बनी रहने वाली तनातनी ने राजनीतिक माहौल को अस्थिर बना रखा है, फिर भी विकास की गाड़ी रुकी नहीं है...
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