नई दिल्ली । पुंछ और उरी में हुए आतंकी हमले में जवानों की शहादत का बदला भारत ने पाकिस्तान की सीमा में घुसकर आतंकियों को ढेर करके ले लिया है। भारतीय सेना ने लाइन ऑफ कंट्रोल के नजदीक आतंकियों के ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक करके कई आतंकवादियों को ढेर किया है। भारतीय डीजीएमओ और विदेश मंत्रालय की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी गई। हालांकि इस हमले में कितने आतंकियों को ठिकाने लगाया गया, इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। डीजीएमओ ने खुलासा किया कि भारतीय फौज ने बुधवार देर रात नियंत्रण रेखा को पार करते हुए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक किया। दूसरी ओर, पाकिस्तान ने कहा है कि क्रॉस बॉर्डर फायरिंग में उसके दो सैनिक मारे गए हैं।
पाकिस्तान की सरकारी न्यूज एजेंसी इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस की खबर में बताया गया है कि भारतीय सेना ने बिना किसी उकसावे के रात 2:30 बजे पाकिस्तानी क्षेत्र में भींबेर, हॉटस्प्रिंग, केल और लीपा सेक्टर में फायरिंग शुरू कर दी जो सुबह 8 बजे तक चली। पाकिस्तानी सेना ने इस गोलीबारी का पूरी ताकत के साथ जवाब दिया। इस गोलीबारी में पाकिस्तान के दो सैनिक मारे गए। डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल रणवीर सिंह ने बताया, कल बहुत ही विश्वस्त और पक्की जानकारी मिली कि कुछ आतंकी एलओसी के साथ लॉन्चपैड्स पर इकट्ठे हुए हैं। उनका मकसद भारत में घुसपैठ करके आतंकी हमले करना था। भारत ने उन लॉन्चपैड्स का सर्जिकल स्ट्राइक किया। इसका मकसद आतंकियों के नापाक मंसूबों को नाकाम करना था। इन हमों के दौरान आतंकियों और उनके समर्थकों को भारी नुकसान हुआ है। कई को मार गिराया गया। मैंने पाकिस्तान डीजीएमओ से संपर्क करके उनको अपनी चिंताएं बताईं और मामले की जानकारी दी। यह हम बिलकुल गवारा नहीं करेंगे कि आतंकी हमारे देश के बाद सभी भारतीय सैनिक सुरक्षित लौट आए। भारतीय सेना ने पाकिस्तान की सरजमीं में अपने सबसे बेहतरीन कमांडो भेजे थे।
सूत्रों के मुताबिक भारतीय सेना ने पहली बार इस तरह के ऑपरेशन में वायुसेना की मदद नहीं ली है और भारतीय सैनिक बिना किसी खरोंच के वापस लौटे हैं।
डीजीएमओ और विदेश मंत्रालय की जॉइंट कॉन्फ्रेंस में डीजीएमओ रणवीर सिंह के साथ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप भी मौजूद थे। डीजीएमओ ने कहा, यह बेहद चिंता का विषय है कि एलओसी पर आतंकियों ने कई बार घुसपैठ की कोशिश की। यह पुंछ और उरी में 11 और 18 सितंबर को हुए आतंकी हमलों से जाहिर होता है। डीजीएमओ ने भारतीय सेना की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी ही कोशिशों की वजह से ऐसी कई कोशिशों को नाकाम किया जा सका।
भारत ने नाकाम की घुसपैठ की कोशिशें
डीजीएमओ ने यह बताया कि इस साल पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ की 20 कोशिशें नाकाम की गई हैं। उरी और पुंछ में हुए आतंकी हमलों में पाकिस्तानी हाथ होने के कई सबूत हैं। इन हमलों में मारे गए आतंकवादियों के पास से कई ऐसे सामान मिले हैं जिन पर पाकिस्तान का चिह्न बना हुआ है। इतना ही नहीं, भारत ने कई बार पाकिस्तान को सबूत सौंपे हैं लेकिन कोई असर नहीं हुआ है।
आतंकियों ने कबूला पाक कनेक्शन
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि उरी और पुंछ हमले में मारे गए आतंकियों के डीएनए सैंपल से पता लगा है कि वे पाकिस्तानी थे। भारत ये सैंपल पाकिस्तान को देने के लिए भी तैयार है। आतंकियों ने पाकिस्तान में ट्रेनिंग मिलने की बात भी कबूल ली है। यह भी घोषणा की गई है कि भारतीय सेना किसी भी हालात के लिए तैयार है।
राष्ट्रपति, विपक्ष को दी गई जानकारी
खबरों के मुताबिक भारतीय सेना ने राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भी सर्जिकल स्ट्राइक की पूरी जानकारी दी है।
नवाज शरीफ की कड़ी प्रतिक्रिया, की निंदा
उधर, इस हमले पर पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पाक मीडिया के मुताबिक, नवाज ने कहा, ‘हम इस हमले की निंदा करते हैं, शांति के लिए हम जो प्रयास कर रहे हैं, उसे हमारी कमजोरी न समझा जाए।’
इससे पहले एलओसी पर सुरक्षा की स्थिति की जानकारी लेने के लिए साउथ ब्लॉक में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता खुद पीएम मोदी ने की। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में पाकिस्तान के साथ सीजफायर रद्द करने पर फैसला लिया गया है। भारत का मानना है कि सीजफायर के बाद भी पाकिस्तान की ओर से सीमा पर फायरिंग, हमले जारी हैं, ऐसे में सीजफायर का कोई मतलब नहीं रह गया है। बता दें कि बीते 24 घंटे में पाकिस्तान की ओर से 3 बार सीजफायर का उल्लंघन किया जा चुका है।
साभार-khaskhabar.com
Read More