मथुरा

मथुरा। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के महासचिव नरेन्द्र भाटी द्वारा समस्त पदाधिकारियों की समीक्षा बैठक ली गयी जिसमें पंचायत चुनावों के मद्देनजर कार्यकर्ताओं की पूर्ण भागेदारी होगी। उन्होने अधिक से अधिक पंचायत सदस्य, प्रत्याशी मैदान में उतारने को कहा। युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं से तैयार रहने को कहा गया। लोकसभा अध्यक्ष विक्रम वाल्मीकि और मथुरा विधानसभा अध्यक्ष यतेन्द्र मुकद्दम ने कहा कि इस बार पंचायत चुनाव में युवक कांग्रेस के दस उम्मीदवार, जिला पंचायत सदस्य व करीब पचास बीडीसी लड़ाने का फैसला कर लिया गया है। इस अवसर पर जिलानी कादरी, अजय कुमार, पवन शर्मा, आशुतोष भारद्वाज, संदेश भारद्वाज, भूपेन्द्र सिंह आदि मौजूद थे।

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मथुरा। ज्ञान ज्योति वित्तीय साक्षरता केन्द्र मथुरा सलाहकार अमित चतुर्वेदी ने वित्तीय साक्षरता एवं वित्तीय समावेषन के अन्तर्गत जागरूकता शिविर लगाकर आईटीआई वृन्दावन प्रशिक्षण संस्थान के छात्र छात्राओं को योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी तथा बैंकों द्वारा युवाओं के लिए चलाई जा रही शिक्षा ऋण व अन्य जमा व ऋण, असली नोट की पहचान करना, फोन पर आने वाली फेक काॅल से बचने की जानकारी प्रदान की। बचत के महत्व के बारे मैं बैंक में खाते खोलने से होने वाले लाभ के बारे में जानकारी दी। मुद्रा योजना की वितृतत जानकारी प्रदान की इस येाजना के अन्तर्गत स्वरोजगार करने वालों को तीन चरणों में ऋण बैंकों के द्वारा प्रदान कराए जाएगे। इस मौके पर कौशल विकास मिषन के जिला कार्डीनेटर सुनील कुमार यादव व केन्द्र प्रभारी चन्द्रपाल व राम खिलाड़ी शर्मा उपस्थित रहे। 

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मथुरा। रेलवे पुलिस ने तलवारबाजी के नैशनल खिलाड़ी को चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया। पत्नी के मुताबिक उसकी तबीयत खराब थी इसलिए उनके पति होशियार सिंह महिला कोच में उनके साथ आए थे। रेलवे पुलिस के जवानों ने वहां रुकने के लिए होशियार सिंह से दो सौ रुपये मांगे। होशियार सिंह ने जब रुपये देने से मना किया तो दोनों के बीच बहस होने लगी। बात हाथापाई तक पहुंच गई। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने होशियार सिंह को चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया। नीचे गिरते ही होशियार सिंह की मौत हो गई। बताते हैं कि खिलाड़ी  मथुरा के जमुनापार के लक्ष्मी नगर प्रीति बिहार का रहने वाला था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जीआरपी के सिपाहियों ने उससे रिश्वत मांगी। इनकार करने पर प्लेयर को ट्रेन से फेंक दिया। रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। जानकारी के मुताबिक फेंसिंग के नेशनल प्लेयर होशियार सिंह उर्फ राॅकी (23) पत्नी ज्योति सिंह और मां शशि सिंह के साथ कासगंज आए थे। वहां उनके सात माह के बेटे युवराज का मुंडन था। लौटते वक्त पत्नी की तबियत खराब हो गई। पत्नी महिला कोच में थीं। होशियार सिंह उन्हें देखने महिला कोच में गए। वहां जीआरपी के दो सिपाहियों से उनकी बहस हो गई। आरोप है कि जीआरपी का स्टाफ होशियार से महिला कोच में बैठने की इजाजत देने के लिए 200 रुपए की रिश्वत मांग रहा था लेकिन होशियार ने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद जीआरपी स्टाफ ने होशियार को चलती ट्रेन से फेंक दिया। होशियार की मौके पर ही मौत हो गई। इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। इनमें जीआरपी के दो सिपाही और एक बुकिंग क्लर्क शामिल है। दोनों सिपाही फरार हैं। होशियार मथुरा के रहने वाले थे। उन्होंने 2005 में केरल में हुए अंडर-17 नेशनल फेंसिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। होशियार की पत्नी का आरोप है कि गाड़ी रुकने पर गुस्साए पैसेंजर जीआरपी के सिपाहियों को पकड़ने की कोशिश कर रहे थे लेकिन एक बुकिंग क्लर्क ने दोनों की वहां से भागने में मदद की। दूसरी ओर, जीआरपी के एक अफसर ने होशियार सिंह की फैमिली के आरोपों को गलत बताया है। अफसर ने कहा कि होशियार प्लेटफार्म पर पानी लेने उतरा था लेकिन वापस ट्रेन में चढ़ते वक्त वह हादसे का शिकार हो गया।   

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नई दिल्ली : सरकार ने भारतीय चिकित्‍सा पद्धति तथा होम्‍योपैथी-2002 पर राष्‍ट्रीय नीति निर्धारण किया है। इसमें योग का संपूर्ण विकास शामिल है। सरकार ने केंद्र प्रायोजित राष्‍ट्रीय आयूष मिशन (एमएएम) तथा विभिन्‍न केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं के माध्‍यम से योग को प्रोत्‍साहित करने के लिए कार्यक्रमों तथा संचालन उपायों का निर्धारण किया है।  मंत्रालय द्वारा आयूष मंत्रालय से संबंधित विभिन्‍न महत्‍वपूर्ण विषयों पर विचार करने तथा सिफारिशें प्रस्‍तुत करने के लिए एक कार्यबल का गठन किया है। इन विषयों में शिक्षा और अभ्‍यास के लिए योग तथा प्राकृतिक चिकित्‍सा के संवर्धन, विकास और नियमन के लिए प्राथमिकता का विकल्‍प शामिल है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने राष्‍ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचा (एनसीएफ) 2005 को स्‍वास्‍थ्‍य एवं शारीरिक शिक्षा के अभिन्‍न अंग के रूप में सिफारिश करने की सूचना दी है। एनसीएफ 2005 देश के लिए नीति दस्‍तावेज है।  मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने बताया है कि केंद्रीय माध्‍यमिक शिक्षा बोर्ड से सम्‍बद्ध 15962 स्‍कूलों को प्रतिदिन पहली कक्षा से 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों को आवश्‍यक रूप से 40-45 मिनट की शारीरिक गति‍विधि और खेलों को शुरू करने की सलाह दी है। मंत्रालय ने सलाह दी है कि 11वीं-12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को प्रति सप्‍ताह दो पीरियड (90-120 मिनट/सप्‍ताह) के लिए शारीरिक गतिविधि/खेल/सामूहिक शारीरिक प्रशिक्षण/योग में शामिल होना चाहिए। बोर्ड ने 11वी तथा 12वीं कक्षा के लिए शारीरिक और स्‍वास्‍थ्‍य शिक्षा को पाठ्यक्रम का आवश्‍यक भाग बनाने की पेशकश की है। शिक्षक शिक्षा के लिए राष्‍ट्रीय परिषद ने प्राथमिक शिक्षा, माध्‍यमिक शिक्षा, उच्‍चतर माध्‍यमिक, शारीरिक शिक्षा, दूरस्‍थ शिक्षा जैसे 15 शिक्षक शिक्षा कार्यक्रमों के माध्‍यम से योग शिक्षा को अध्‍ययन का आवश्‍यक भाग बनाया है।  एनसीटीई ने प्राथमिक शिक्षा में डिप्लोमा तथा शिक्षा स्‍नातकोत्‍तर के लिए योग शिक्षा पर मॉड्यूल विकसित किया है। इसका उपयोग 18,000 शिक्षक शिक्षा संस्‍थान तथा इन संस्‍थानों के 14,00,000 विद्यार्थी शिक्षक तथा शिक्षक प्रशिक्षक करेंगे। यह जानकारी राज्‍य सभा में आयूष राज्‍य मंत्री श्रीपद यसो नाइक ने एक प्रश्‍न के उत्‍तर में दी।

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भूगर्भ जल संरक्षण सप्ताह के अंतर्गत मथुरा जनपद में भूगर्भ जल संरक्षण को लेकर यमुना फ्लड एरिया, वृक्ष व प्राचीन घाटों के संरक्षण व नाले टेप कर विद्युत शवदाहगृह बनाने की रखी मांग  मंडलायुक्त ने दिए मथुरा के जिला प्रशासन को एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के आदेश  वृंदावन। भूगर्भ जल संरक्षण सप्ताह के अंतर्गत मथुरा जनपद में भूगर्भ जल संरक्षण, यमुना, वृक्ष व प्राचीन घाटों के संरक्षण को लेकर ब्रज वृंदावन हैरिटेज एलायंस के संयोजक एवं सामाजिक कार्यकर्ता मधुमंगल शुक्ल ने सोमवार को आगरा स्थित आयुक्त कार्यालय पहुंचकर मंडलायुक्त प्रदीप भटनागर से इन मुद्दों पर चर्चा कर प्रार्थनापत्र देते हुए ब्रजभूमि के संरक्षण की मांग की।      16 से 22 जुलाई तक मनाए जा रहे भूगर्भ जल संरक्षण सप्ताह के अंतर्गत सुझाव देते हुए ब्रज वृंदावन हैरिटेज एलायंस के संयोजक मधुमंगल शुक्ल ने आयुक्त से निवेदन किया कि मथुरा जनपद में यमुना नदी के प्रवेश से लेकर मथुरा जनपद की अंतिम सीमा तक नदी के बीचों-बीच प्रवाह से लेकर दोनों ओर यमुना फ्लड एरिया की भूमि को संरक्षित एवं वन भूमि घोषित कर व्यापक पैमाने पर वृक्षारोपण हो, इस भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण व अवैध निर्माण न हो, जिससे यमुना के दोनों ओर व्यापक वृक्षारोपण से पर्यावरण संरक्षण में सहायता मिलेगी, ब्रजभूमि के स्वरूप संरक्षण में चार चांद लगंेगे, तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों के लिए यमुना और यमुना के दोनों किनारे अत्यंत ही सुरम्य और रमणीक बन सकेंगे। पक्षियों के लिए बहुत ही सुरक्षित अभ्यारण्य तैयार हो सकेगा, सुप्रसिद्ध कृष्णभक्त कवि रसखान की यह कल्पना भी साकार हो उठेगी कि ‘‘जो खग हौं तो बसेरौ करौं, नित कालिंदी कूल कदंब की डारिन’’ तथा गिरते व अशुद्ध होते भूगर्भ जल को भी इससे रोका जा सकेगा।  ब्रज वंृदावन हैरिटेज एलायंस के संयोजक मधुमंगल शुक्ल ने आयुक्त को बताया कि मथुरा जनपद में जिला प्रशासन, रजिस्ट्री विभाग, विकास प्राधिकरण और भूमाफियाओं की मिलीभगत के कारण आज पूरा यमुना फ्लड एरिया अवैध निर्माणों की भेंट चढ़ता जा रहा है, यमुना फ्लड एरिया में जमीनों की अवैध खरीद-फरोख्त, अनाधिकृत निर्माण एवं सीवेज डेªनेज को यमुना के गर्भ में डालने को लेकर मथुरा जनपद में भूगर्भ तेजी से गिरने व प्रदूषित होने के कारण आमजनमानस असुरक्षित हो रहा है। इस संबंध में उन्होंने कई बार जिला प्रशासन से शिकायत भी की है, लेकिन सबका नतीजा सिफर रहा है।  उन्होंने उक्त अवैध निर्माणों के पीछे जिला प्रशासन, रजिस्ट्री विभाग एवं विप्रा के अधिकारियों की मिलीभगत बताई और यमुना फ्लड एरिया में हो रही अवैध रजिस्ट्रियों पर रोक लगाने व अवैध निर्माण को तत्काल रोकने की मांग की है।  वृंदावन में यमुना के किनारे प्राचीन घाटों को मलबा डालकर वृंदावन की प्राचीन संस्कृति को दफन किया जा रहा है, इस संबंध में माननीय राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण द्वारा प्रार्थी की याचिका पर 25 मई 2015 को तत्काल रोक लगा दी गई है, किंतु माननीय न्यायालय के आदेशों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। वृंदावन में यमुना के प्रदूषण को रोकने के लिए नालों को टेप करने व विद्युत शवदाह गृह बनवाने की भी मांग मंडलायुक्त को दिए गए प्रार्थनापत्र में की गई है।  ब्रज वंृदावन हैरिटेज एलायंस के संयोजक मधुमंगल शुक्ल ने बताया कि माननीय आयुक्त श्री प्रदीप भटनागर ने इस मुलाकात में ब्रजभूमि मथुरा जनपद की समस्याओं को सुन तत्काल जिलाधिकारी, मथुरा को एक पत्र लिखने के आदेश देते हुए कहा कि गत 23 मई, 2015 को उन्होंने वृंदावन आकर कई निर्देश जिला प्रशासन को दिए थे, किंतु दो माह बाद भी इन पर कुछ नहीं हुआ, पत्र में मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी, मथुरा से एक सप्ताह में आख्या रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आगरा में अतिक्रमण को लेकर काफी कुछ हो रहा है, किंतु मथुरा का जिला प्रशासन अवैध अतिक्रमण को लेकर बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद भी सक्रिय नहीं हो रहा है।    (मधुमंगल शुक्ल) संयोजक, ब्रज वृंदावन हैरिटेज एलायंस, वृंदावन

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सफारी सवार यात्रियों से बदमाश समझ की फायरिंग,  सफारी सवारों ने भी की लाइसेन्स असलाह से की जवावी कार्यवाही,  पुलिस मामलें को सुलझाने में जुटी मथुरा,। थाना बलदेव पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर यमुना एक्सप्रेंस पर बदमाश होने की आशंका के चलते सादाबर्दी मे होते हुए भीं टाटा सफारी सवार युवकों पर फायरिंग शुरू कर दी। सफारी सवार युवकों ने भी पुलिस पार्टी को बदमाश समझा कर जवावी फायरिंग की। जिससें हाईवें पर दिनदहाड़ें गैंगवार जैसा माहौल पैदा हो गया। यमुना एक्सप्रेंस-वे पर दिनदहाड़े फायरिंग होते देख आने जाने वाहन चालक अपनी गाडि़यों को वापस लौटा कर जान बचाकर भागने लगें। इसी बीच थाना बलदेव पुलिस ने घेराबंदी कर सफारी गाड़ी को रोक लिया और पकडे गये युवकों को थाने ले आई लेकिन जब पुलिस की असलियत सामने आई तो वह सफारी सवार लोगों से मिन्नत करने में जुट गई और आगे किसी भी तरह की कार्यवाही नहीं करने के लिए दवाव डालनें में जुट गई। लेकिन सफारी सवार युवकों का कहना था कि पुलिस कर्मी प्राइवेट वाहन में सादावर्दी में थे और उन्होंने बिना सोचे समझें उनपर फायरिंग शुरू कर दी। उन्होंने पुलिस को बदमाश समझ कर उन्होंने भी अपनी लाइसेंसी असलाह से फायरिंग करना शुरू कर दिया। लेकिन जब उन्होंने गाडी को नजदीक आने पर देखा तो उन्होंने कुछ पुलिस वालों को पहचान लिया तो उन्होंने गाड़ी रोक ली और उनके ऊपर फायरिंग का कारण पूछा तो पुलिस ने उन्हें बताया कि उन्हें मुखविर से सूचना मिली थी कि यमुना एक्सप्रेंस-वे से कुछ बदमाश सफारी में सवार होकर निकलनें वाले ही और इसी गलत फहमी के चलते उन्होंने उनकें ऊपर फायरिंग कर दी। पुलिसकर्मी सफारी सवारों के साथ थाने आ गये। उन्होंने अपने साथ घटित घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही। तो पुलिस कर्मियों के हाथपैर फूल गये। सफारी सवारों का कहना था कि पुलिस की गलत फहमी की वजह से उनकी जान भी जा सकती थी और पुलिस उन्हें मुठभेड़ दिखाकर उनकी हत्या भी कर सकती थी। पुलिस कर्मियों को मानवलों का दौर शुरू होने लगा। लेकिन समाचार लिखें जाने तक सपफारी सवार रिपोर्ट दर्ज कराने पर अड़ें हुए थे। अब देखना यह है कि पुलिस सफारी सवारों को मनाने में सफल हो पाती है या पिफर अपने विरूद्ध लिखने के लिए मजबूर होगी। 

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