मथुरा

मथुरा। शहर के डेम्पीयर नगर स्थित पीडी मौर्डन स्कूल के शिक्षकों व प्रधानाचार्य ने करीब एक दर्जन छात्रों के साथ मारपीट की। मारपीट की जानकारी पर छात्रों के परिजनों से भी विद्यालय प्रबन्धन तंत्र व शिक्षकों से अभद्रता की, जिससें अभिभावकों में आक्रोश फैंल गया और उन्होंने इसके विरोध में विद्यालय के गेट पर जमकर हंगामा काटा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना पर पहुंच कर हंगामा कर रहे लोगों को शान्त किया और विद्यालय के प्राचार्य से वार्ता कराने का प्रयास किया लेकिन विद्यालय के हठधर्म प्रबन्धतंत्र व प्रधानाचार्य ने दबंगई दिखाते हुए पुलिस से भी किसी तरह की मध्यता करने से इंकार कर दिया। पुलिस अब कार्यवाही के मूड़ में हैं।

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मथुरा। कल देर शाम हुई झमाझम बरसात में कोतवाली व कस्बा सुरीर में दिगंबर सिंह की झोपड़ी में लगी बल्ली अचानक टूट कर गिर पड़ी। उसके नीचे सो रहा उनका बेटा भगत सिंह घायल हो गया। उधर कोतवाली सुरीर में खड़ा नीम का पेड़ बरसात का दबाव नहीं झेल सका। कोतवाली की बाउण्ड्रीवाल तोड़ते हुए सड़क पर गिर पड़ा। वहां होकर निकल रहे वाहन और राहगीर इसकी चपेट में आने से बाल-बाल बच गए।

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चिकित्सक नहीं, फार्मासिस्ट और वार्ड बाॅय कर रहे उपचार  मथुरा। सरकार आम ग्रामीणों को चिकित्सा मुहैय्या कराने के कितने ही दावे क्यों न करें, ग्रामीण क्षेत्रों में हालात बदतर है। सफेद हाथी की तरह अस्पताल भवन तो खड़े हैं लेकिन चिकित्सक तैनात नहीं है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी वहां अपनी हाजरी लगा खाना पूर्ति कर रहे हैं। मरीज अस्पताल से वापस लौट झोलाछाप या फिर निजी नर्सिंग होम में जेब कटवाने को मजबूर हैं।  यही हाल है सुरीर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का है, जहां आसपास गांवों को मिला कर करीब पचास हजार लोगों के इलाज के लिए  स्थापित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुरीर पर इन दिनों मरीजों के इलाज की सुविधाओं का भारी अभाव है। वर्तमान में यहां किसी डॉक्टर की भी तैनाती नहीं है। फार्मासिस्ट समेत गिने-चुने तीन-चार कर्मचारियों के भरोसे यहां इलाज की खानापूर्ति हो रही है। इस स्वास्थ्य केंद्र पर भवन तो करोड़ों की लागत से बन रहे हैं, लेकिन नए भवनों में बैठने के लिए डॉक्टर एवं कर्मचारी तो दूर इनको खोलने तक को स्टॉफ की किल्लत बनी है। जिससे इन भवनों का कोई औचित्य लोगों की समझ में नहीं आ रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में धड़ल्ले से निजी क्लीनिक, नर्सिग होम, पैथोलॉजी, अल्ट्रासाउंड सेंटर आदि खुल रहे हैं। अधिकांश में सरकार द्वारा निर्धारित मानक की अनदेखी हो रही है और इलाज के नाम पर मरीजों का शोषण कर नाजायज एवं मनमानी रुप से फीस व चिकित्सा जांच शुल्क वसूले जा रहे हैं।  व्यापार मंडल के अध्यक्ष ब्रह्मानंद गुप्ता के अनुसार भवन बना देने से स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ होने वाली नहीं हैं। पहले डॉक्टर एवं सुविधाओं की व्यवस्था की जानी चाहिए। भूपेन्द्र सिंह राजपूत का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र सुरीर पर भवन तो बन रहे हैं, लेकिन इलाज के लिए सुविधाओं एवं डॉक्टरों की तैनाती की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिससे यह भवन सफेद हाथी की तरह खड़े दिखाई दे रहे हैं।

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गिरि परिक्रमा लगा कर मांगी मनौती ग्रामीण युवाओं के लिए कम्प्यूटर  के कोर्स शीघ्र  मथुरा। आईबीएस इंजीनियरिंग कॉलेज अकबरपुर के 200 से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रवेश के बाद गिरि गोवर्धन की परिक्रमा कर मनौतियां मांगी। प्ररिक्रमा के बाद उन्होंने धार्मिक तीर्थस्थलों के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। सफलता और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। छात्र-छात्राओं ने मानसी गंगा में स्नान कर दानघाटी मंदिर में पूजा अर्चना की। परिक्रमा उपरान्त सभी ने गोकुल, महावन, बलदेव, चैमुंहा के ब्रह्मा जी, पसौली के मंशा देवी मंदिर में दर्शन कर मनौतियां मांगी। छात्रों के साथ गए मार्केटिंग हैड राजेन्द्र सिंह सिसौदिया ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों से छात्रों के दिल में ईश्वर के प्रति आस्था तो बढ़ती ही है, साथ ही उनके अंदर आत्मविश्वास भी बढ़ता है। कॉलेज के डायरेक्टर तनवीर अब्बासी, डीन केपी सिंह, प्लेसमेंट अधिकारी सीपी सिंह, प्रशासनिक अधिकारी बलदेव सिंह ने छात्रों को आशीर्वाद दिया। डायरेक्टर तनवीर अब्बासी ने बताया कि कॉलेज में पॉलीटेक्निक में 300 से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है। पिछले वर्ष डिप्लोमा पूरा करने वाले 90 प्रतिशत से अधिक छात्रों को प्लेसमेंट मिल चुका है। कॉलेज में अतिरिक्त कक्षाओं की भी व्यवस्था की गई है, जिनमें कमजोर छात्रों की पढ़ाई चल रही है। शीघ्र ही देहात के बच्चों के विकास के लिए कम्प्यूटर के कई कोर्स कालेज में लाए जा रहे हैं, इनसे लोकल युवाओं को लाभ मिलेगा।

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गांव सतौहा स्थित शान्तुन बिहारी गौशाला में वृक्षारोपण करते छात्र  मथुरा। वीर क्रान्तकारी शहीद चन्द्र शेखर आजाद के जन्मदिवस पर श्रीजी बाबा सरस्वती विद्या मन्दिर के सामाजिक क्रिया कलाप विभाग विद्यालय के भैयाओ द्वारा गाँव सतौहा स्थित शान्तुन बिहारी गौशाला मे वृक्षारोपण कर याद किया। इस दौरान वक्ताओं ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पौधा रोपण और क्रान्तकारी शहीद चन्द्रशेखर आजाद के जीवन वृन्तात पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम मे विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य डा. राकेश चतुर्वेदी ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण स्वस्थ्य समाज का निर्माता होता है। ऐसे में पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए सभी को अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना चाहिए। क्योंकि दिन ब दिन बढ़ रहे प्रदूषण को नियंत्रित करने में वृक्ष महती भूमिका निभाते हैं। सरकार द्वारा तमाम योजनाएं चलाकर अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का काम किया जा रहा है ऐसे में हम सभी को आगे बढ़कर अपनी जिम्मेदारी संभालनी होगी। इसी क्रम मे समाजिक कार्यकर्ता  उमेश शर्मा ने शहीद चन्द्र शेखर के जीवन वृन्तात पर प्रकाश डालते हुए बताया 23 जुलाई को चन्द्र शेखर आजाद का जन्म हुआ द्य भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में देश के कई क्रांतिकारी वीर-सपूतो की याद आज भी हमारी रुह में जोश और देश प्रेम की एक लहर पैदा कर देती है. एक वह समय था जब लोग अपना सब कुछ छोड़कर देश को आजाद कराने के लिए बलिदान देने को तैयार रहते थे और एक आज का समय है जब अपने ही देश के युवा  अपने मार्ग से भटक कर अपनी और अपने परिवार के बारे मे सोचता रहता है देशभक्ति की जो मिशाल हमारे देश के क्रांतिकारियों ने पैदा की थी अगर उसे आग की तरह फैलाया जाता तो संभव आजादी के बाद हमें फिर से विश्व गुरू होते , वीरता और पराक्रम की कहानी हमारे देश के वीरक्रांतिकारियों ने रखी थी वह आजादी की लड़ाई की विशेष कड़ी थी जिसके बिना आजादी मिलना नामुमकिन था.देशप्रेम, वीरता और साहस की एक ऐसी ही मिशाल थे शहीद क्रांतिकारी चन्द्रशेखर आजाद. 25 साल की उम्र में भारत माता के लिए शहीद होने वाले इस महापुरुष के बारें में जितना कहा जाए उतना कम है, 27 फरवरी 1931 में चन्द्रशेखर आजाद शहीद हो गयेे जिन्होंने हमें स्वाभिमानपूर्वक अपने इतिहास और संस्कृति की संरक्षा की अविचल प्रेरणा प्रदान की। कार्यक्रम मे प्रमुख रूप से डा. राकेश चतुर्वेदी, उमेश शर्मा, डिगम्बर, कोमल सिंह, अजय, मानवेन्द्र, संजय, अक्षय, सनी, धीरज, आकाश ,अमन, पप्पु, गुलाब, मनोज, गौरव, अभिषेक, मुकेश आदि उपस्थित रहे। 

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उप्र. ईंट निर्माता समिति के प्रांतीय महामंत्री प्रमोद चैधरी का स्मृति चिन्ह देकर स्वागत करते हुए  मथुरा। केन्द्र सरकार ने गजट लाकर ईंट भट्ठा उद्योग केा पर्यावरण किलियररेंन्स के दायरे से बाहर नहीं किया तो अगले वर्ष भट्ठों की चिमनियाॅ धूॅआ नहीं उगलेंगी। केन्द्र सरकार को इस मुद्दे की गम्भीरता से अवगत कराने के लिए देश भर के भट्ठा स्वामी 27 जुलाई को जन्तर मन्तर पर प्रदर्शन करेंगे। यह बात उप्र ईंट निर्माता समिति के प्रन्तीय महामंत्री प्रमोद चैधरी ने कही है।  पश्चिमी उप्र के दौरे पर निकले उप्र ईंट निर्माता समिति के प्रन्तीय महामंत्री कुछ देर के लिए बाजना कट पर रूकें जहाॅ पर मथुरा जिला ईंट भट्ठा एसो. के संरक्षक राजकुमार अग्रवाल मामा व महामंत्री भानुप्रकाश वाष्र्णेय ने अपने साथियों सहित पटुका उढ़ा कर व स्मृति चिन्ह भेंट करके प्रान्तीय महामंत्री का जोशीला स्वागत किया। प्रदर्शन की जानकारी देते हुए प्रमोद चैधरी ने बताया कि दो वर्ष पूर्व भी इस पर्यावरण किलियररेंन्स को लेकर ईंट भट्ठा उद्योग पर संकट के बादल छाये थे। जिसे उप्र सपा सरकार ने खनन एक्त में 35वाॅ एवम् 36वाॅ संसोधान सदन से पारित कराकर 2 मीटर तक की गहरी हाथ से खोदे जाने वाली मिट्टी के लिए ऐसी अनिवार्यता को खत्म कर दिया था। किन्तु केन्द्र सरकार ने आज तक भी ऐसा कोई कानून या अध्यदेश जारी नहीं किया जिससे भट्ठा संचालन मंे पर्यावरण किलियररेन्स से निजात मिल सके। कुछ लोग इसका फायदा उठा कर इस प्रकरण को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ले गये और वहाॅ से एक इकतरफा आदेश भट्ठों के खिलाफ करा लाऐ। गत सीजन में दो ऐसे तत्वों द्वारा बागपत अलीगढ़ के जिलाधिकारीयों को भी कार्ट आॅफ कन्टेम्प्ट में फंसा कर भट्ठों के खिलाफ कार्यवाही करने को मजबूर कर दिया। आगे के संघर्ष की रणनीति खुलासा करते हुए महामंत्री ने बताया कि हाई कोर्ट से लेकर सुपी्रम कोर्ट तक समिति इस सम्बन्ध में प्रभावी पैरवी कर रही है किन्तु केन्द्र सरकार के अडि़यल रवैये को देखते हुए आगामी 27 जुलाई को राष्ट्रीय यूनियन के अव्हान पर एक दिवसीय विशाल धरना आयोजन का फैसला लिया गया है जिसमें देश भर के भट्ठा स्वामी भाग लेंगे। इस अवसर पर राजू वाष्र्णेय, अनिल अग्रवाल, दीपेश राज, बाबी वाष्र्णेय आदि मौजूद थे। 

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