ब्रज क्या गुजरात क्या जितनी चाह ब्रजवासियों में यमुना को मुक्त कराने की है उतनी ही चाह अब गुजराती वैष्णवों में दिख रही है। अभियान को जितनी गति ब्रज में मिल रही है उतनी गति गुजरात में मिल रही है। गुजरात के कई शहरों में पुष्टिमार्गिय आचार्यों की अध्यक्षता में यमुना मुक्तिकरण की जन सभाये की जा रही है। हाल ही में गुजरात में कई बडें कार्यक्रम आयोजित किये गये। दिनांक 17 फरवरी को गुजरात के माण्डवी में कोटापीठाधिश्वर पुष्टिमार्गिय आचार्य श्री शरद बाबा महाराज (माण्डवी) की अध्यक्षता में विशाल जनसभा की गई जिसमें बीसियों हजार वैष्णवों ने भाग लिया। कोटापीठाधिश्वर श्री शरद बाबा महाराज ने उपस्थित सभी वैष्णवों से 15 मार्च को पदयात्रा में जाने का आवह्न करते हुये कहा कि हमारी आराध्या श्री यमुना जी आज कष्ट में उनकी रक्षा के लिये हमें यमुना मुक्तिकरण अभियान में भाग ले 15 मार्च को पदयात्रा में चलना होगा और सरकार पर यमुना मुक्ति का दबाब बनाना होगा। इसके साथ ही माण्डवी में यमुना को मुक्त कराने के लिये वहाॅ के वैष्णवों द्वारा लोगो से पीटीशन साइन कराई जा रही है। गुजराज के दु्रमिल भाई कनानी ने बताया कि यमुना मुक्तिकरण को एक रैली निकाली गयी जिसमें उपस्थित लोगो से साइन भी कराये गये। सभी वैष्णवों का यहाॅ यमुना मुक्तिकरण के पक्ष में है और अब तक 2000 लोग पीटीशन साइन कर चुके है जो प्रधानमंत्री जी को भेजी जायेगी। रमणरेती मे पधारे परम पूज्य संत श्री नृत्यगोपाल दास जी से मिले अभियान के संयोजक राधाकान्त शास्त्री दिनांक 19 फरवरी गुरूवार को अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री व अन्य पदाधिकारियों द्वारा श्री राम मन्दिर न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष परम पूज्य संत श्री नृत्यगोपाल दास जी से भी भेंट की गई। अभियान के संयोजक राधाकान्त शास्त्री ने कहा कि यमुना मुक्ति का यह अभियान सन्तों के सहयोग से ही अपनी सफलता की ओर बढेगा। परम पूज्य श्री नृत्यगोपाल दास जी ने यह आपका अभियान पवित्र है। नदिया देश की जीवन रेखा होती है और उनका निर्मल होना परम आवश्यक है। उनमें यमुना जी जैसी धार्मिक नदी का स्वच्छ होना धार्मिक और जीवन की दोनो की दृष्टि से अत्यन्त आवाश्यक है। हम सम्बन्धित लोगो से बात करेगे। हम आपके अभियान का समर्थन करते है और हर संभव सहयोग भी करेगें। सन्तों से मिले यमुना मुक्तिकरण अभियान के पदाधिकारी वाहन यात्रा के बाद आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों में और तेजी लाते हुये अभियान के पदाधिकारी जुट गये हैं। आगामी 22 मार्च को अभियान द्वारा दिल्ली में राजघाट से जंतर-मंतर तक पदयात्रा व विशाल चेतावनी जनसभा की जायेगीं। जिसकी तैयारियों में अभियान के कार्यकर्ता अहर्निश कार्य कर रहे हैं। दिनांक 19 फरवरी को अभियान के पदाधिकारियों द्वारा सन्तों से भेट की गई। जिनमें अभियान के सहसंयोजक सुनील सिंह जी एवं राधाप्रिय द्वारा मलूक पीठाधिश्वर द्वाराचार्य श्री राजेन्द्र दास जी महाराज से मिल अभियान की गतिविधियों और आगे की रणनीतियां भी तय की गई। इसके बाद अभियान के राष्ट़ीय संयाजक राधाकान्त शास्त्री द्वारा गीता मनीषी श्री ज्ञानानन्द जी महाराज से यमुना मुक्तिकरण अभियान को लेकर चर्चा की गई। दिल्ली ने दिखाई दादागिरी पर यमुना भक्तों के आगे एक न चली यमुना को अविरल निर्मल हो यह चाह लिये यमुना भक्त और ब्रजवासी सरकार को सतर्क करने कि अब यमुना भक्तों को सरकारी कोरे वादे नहीं बल्कि निर्मल यमुना चाहिये और 15 मार्च को होने वाली यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा आर या पार की लड़ाई होगी। यह सन्देश देने के लिये श्री मान मन्दिर, श्रीमद् पुष्टिमार्ग एवं भारतीय किसान यूनियन ( भानू ) के संयुक्त तत्वाधान में गोकुल से दिल्ली तक वाहन रैली निकाली गई जब वाहन रैली दिल्ली बदरपुर बार्डर पहुॅची तब रैली में वाहनों का आंकडा 400 से अधिक हो चुका था जिसके कारण दिल्ली का यातायात हाँफने लगा। यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय महासचिव हरेश ठेनुआ ने जानकारी दी कि जब वाहन रैली ने दिल्ली में प्रवेश किया तो दिल्ली पुलिस द्वारा वाहन रैली को रोकने का प्रयास करते हुये यमुना भक्तों से अभद्रता की गई और कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। जिसकी सूचना लगते ही भारतीय किसान यूनियन व अभियान के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठ गये और 2 घंटे तक रोड को जाम रखा। रूठे किसानों और यमुना भक्तों को मनाने के लिये अधिकारी लगे और अन्त में यमुना भक्तों के दबाब के चलते कार्यकर्ताओ छोड़ा गया उसके बाद किसान और यमुना भक्त रास्ते से हटे। अभियान के सहसंयोजक सुनील सिंह ने बताया कि अभियान द्वारा आगामी कार्यक्रम के तहत् 22 फरवरी को दिल्ली में राजघाट से जंतर-मंतर तक पदयात्रा व एक विशाल चेतावनी जनसभा की जायेगी जिसमें सरकार को अन्तिम सन्देश दिया जायेगा कि जल्द ही यमुना मैया को मुक्त करे वरना 15 मार्च को यमुना भक्त पदयात्रा करते हुये दिल्ली आयेगे और यह आर या पार की लड़ाई होगी।
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