नई दिल्ली : कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने डॉ. अरविंद सुब्रमणियन को मुख्य आर्थिक सलाहकार नियुक्त किया है। डॉ. सुब्रमणियन की नियुक्ति अनुबंध के आधार पर तीन साल के लिए की गई है।
डॉ. अरविंद सुब्रमणियन पीटरसन इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स में डेनिस वेदरस्टोन सीनियर फेलो और वैश्विक विकास केन्द्र में सीनियर फेलो हैं। उनकी पुरस्कार विजेता पुस्तक ‘इक्लिप्स: लिविंग इन द शैडो ऑफ चाइनाज इकोनॉमिक डोमिनेंस’ सितंबर 2011 में प्रकाशित हुई थी और चार भाषाओं में इसकी 130,000 प्रतियां छापी गई हैं। ‘फॉरेन पॉलिसी’ नामक पत्रिका ने उन्हें वर्ष 2011 में विश्व के शीर्ष 100 वैश्विक चिंतकों में शुमार किया था। वर्ष 2011 में पत्रिका ‘इंडिया टुडे’ ने उन्हें पिछले 30 वर्षों के दौरान भारत के शीर्ष 30 ‘मास्टर्स ऑफ द माइंड’ में शुमार किया था।
डॉ. सुब्रमणियन अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के शोध विभाग (1992-2013) में एवं उरुग्वे दौर की व्यापार वार्ताओं के दौरान गैट (1988-1992) में कार्यरत रहे थे।
डॉ. सुब्रमणियन ने भारत, विकास, व्यापार, संस्थानों, मदद, जलवायु परिवर्तन, तेल, बौद्धिक संपदा, डब्ल्यूटीओ, चीन और अफ्रीका पर काफी कुछ लिखा है। अमेरिकन इकोनॉमिक रिव्यू, जर्नल ऑफ इकोनॉमिक ग्रोथ एवं जर्नल ऑफ पब्लिक इकोनॉमिक्स जैसी कई जानी-मानी पत्रिकाओं में उनके बारे में काफी छपा है।
‘आरईपीर्इसी’ रैंकिंग के मुताबिक, डॉ. सुब्रमणियन को मौजूदा समय में अनुसंधान उद्धरण के लिहाज से विश्व के शीर्ष एक फीसदी विद्वान अर्थशास्त्रियों में शुमार किया जाता है।
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