मथुरा

मथुरा। महात्मा ज्योतिराव पफूलें विकास समिति के तत्वावधन में 3 नवम्बर को होने वाले सैनी समाज सामूहिक विवाह समारोंह की तैयारियों को लेकर एक बैठक कृष्ण कुन्ज में हुई। जिसमें मुकेश सैनी, आदि वक्ताओं ने समाज के लोगों से उक्त समारोह हेतु अपने रजिस्ट्रेशन कार्यालय पर कराने की अपील की। बैठक में रमेश सैनी, मुकेश सैनी, पीतम सैनी, रामदयाल सैनी, सोनू आढ़तिया, नत्थीलाल सैनी, कप्तान सैनी, नरेश पहलवान, अनिल सैनी, यूध्ष्ठिर प्रसाद सैनी, बच्चू सैक्नी आदि थे।

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मथुरा। ब्रज महोत्सव समिति के तत्वावधन में डाडिया महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उमेश अग्रवाल, एवं रासबिहारी लोहे वालों ने भगवान श्रीकृष्ण की छवि के समक्ष दीप जलाकर किया। इस अवसर पर सुप्रसिद्व गायक मनोज शर्मा ने रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। तत्पश्चात डाडिया नृत्य का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। जिसमें ब्रज महोत्सव की सदस्यों ने जमकर विभिन्न धार्मिक गीतों में नृत्य किया। कार्यक्रम में अन्ताक्षरी प्रतियोगिता में महिला वर्ग विजेता रहीं। कार्यक्रम में रासबिहारी लोहे वालें, वशीध्र अग्रवाल, राधसरन अग्रवाल, अंशुल गर्ग, रिश्मी अग्रवाल, रूपाली गर्ग, रजनी अग्रवाल, गुन्जन अग्रवाल, विशेष रूप से उपस्थित थे। संचालन दिनेश अग्रवाल ने किया।

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नई दिल्ली : सरकार ने डीजल की कीमतों पर से नियंत्रण हटाने का फैसला किया है।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यहक्षता में हुई कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में डीजल की बिक्री पर कम वसूली और इसकी वर्तमान स्थिति संबंधी मुद्दों का अनुमोदन किया गया।  डीजल की कीमत बाज़ार के अनुसार तय किए जाने संबधी आदेश जारी कर दिए गए हैं। डीजल के मूल्‍य खुदरा और रिफाइनरी गेट, दोनों ही स्‍तरों पर बाज़ार के अनुसार तय होंगे। कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति द्वारा 17 जनवरी 2013 को किए गए पूर्ववर्ती निर्णय के आधार पर सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसीज) के लिए आदेश जारी किए गए हैं जिनमें उन्‍हें अगले आदेशों तक डीजल के खुदरा बिक्री मूल्‍यों में प्रतिमाह 40 पैसे से 50 पैसे प्रति लीटर तक (विभिन्‍न राज्‍यों/संघशासित प्रदेशों में लागू वैट की दरों को छोड़कर) बढ़ोतरी करने की अनुमति दी गई है। डीजल के मूल्‍य बाजार द्वारा निर्धारित होने से ऑटो ईंधन खुदरा क्षेत्र में प्रतिस्‍पर्धा बढ़गी और तेल कंपनियों की सेवा वितरण सक्षमता में सुधार आयेगा। तेल कंपनियों में प्रतिस्‍पर्धा बढ़ने से उपभोक्‍ताओं को लाभ पहुंचेगा और उन्‍हें अधिक विकल्‍प उपलब्‍ध होंगे।

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नई दिल्ली : गोवा में होने वाले 45वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह में दिखाई जाने वाली भारतीय पेनोरमा, 2014 की फीचर और गैर-फीचर फिल्मों की घोषणा कर दी गई है।  जाने-माने फिल्म निर्माता एके वीर की अध्यक्षता में फीचर फिल्मों के लिए जूरी ने कुल 181 फिल्मों में से 26 फिल्मों का चयन किया है। भारतीय पेनोरमा, 2014 की फीचर फिल्म जूरी ने एलिजाबेथ एकादशी फिल्म को ओपनिंग फिल्म के रूप में चुना है। इसका निर्देशन परेश मोकाशी ने किया है। गैर-फीचर फिल्म श्रेणी की जूरी की अध्यक्षता जाने-माने फिल्मकार माइक पांडे ने की। द लास्ट अडू (निर्देशक : शबनम सुखदेव) को भारतीय पेनोरमा 2014 की गैर-फीचर फिल्म जूरी द्वारा ओपनिंग फिल्म के रूप में चुना गया है। फिल्म समारोह में 14 अन्य गैर-फीचर फिल्में भी दिखाई जाएंगी।

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  नैतिक शिक्षा से  देश भर के छात्र- छात्राओं को प्रेरित  करने के लिये ग्लोबल नैतिक शिक्षा केन्द्र द्वारा देश व्यापी अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत ग्लोबल नैतिक शिक्षा केन्द्र द्वारा विभिन्न शहरों व कस्बो में जाकर संगोष्ठी कर छात्रों को नैतिक शिक्षा व नैतिक मूल्यों के महत्व के बारे में विस्तार से बताया जाता है। इसी क्रम में ग्लोबल नैतिक शिक्षा केन्द्र द्वारा 17 अक्टूबर को मथुरा वृन्दावन मार्ग पर ंिस्थत रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के आॅडीटाॅरियम में 1 दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें कई कालेजों के छात्र- छात्राओं और अध्यपकों के साथ- साथ नगर के गणमान्य लोगो ने भाग लिया। डाॅ. उमेश शर्मा ने मंच का संचालन करते हुये संगोष्ठी के विषय पर प्रकाश डालते हुये कहा कि आज वर्तमान समाज में युवा वर्ग में घट रहे नैतिक मूल्य, मानवीय मूल्य और उनका चारित्रिक पतन समाज के लिये चिन्तन का विषय है इसलिये आज का विषय नैतिक शिक्षा और युवा वर्ग रखा गया है। मंचासीन अतिथियों में मथुरा के विधायक प्रदीप माथुर, बल्लभ कुलीय आचार्य श्री पंकज गोस्वामी जी महाराज, रामकृष्ण मिशन के स्वामी श्री अनिमेशानन्द जी महराज, श्री इन्द्रनीलमणि दास, ग्लोबल नैतिक शिक्षा केन्द्र के संयोजक स्वामी नारायण दास बाबा, डाॅ लक्ष्मी गौतम, मन्जुलता पाण्डेय आदि अतिथिगणों का माल्यापर्ण कर स्वागत किया गया । संगोष्ठी के अध्यक्ष श्री प्रह्लाद दास जी महाराज का कृष्णकान्त अवस्थी द्वारा माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। रामकृष्ण मिशन आश्रम के श्री स्वामी अनिमेशानन्द जी महाराज एवं श्री इन्द्र मणि दास ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुये मातृ देवो भवः, पितृ देवो भवः गुरूर्देवो भव का मंत्र दिया और कहा कि बच्चों के चरित्र निर्माण में माता-पिता के साथ साथ गुरू के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि हमें गुरू की हर आज्ञा का पालन करना चाहिये।  मथुरा विधायक प्रदीप माथुर ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुये कार्यक्रम के संयोजक स्वामी नारायण दास बाबा के प्रयास की सराहना करते हुये कहा कि  व्यक्ति अपने नैतिक आदर्शाे  के बल पर ही जीवन में उन्नति के पथ पर बढता है। हमें भी अपने जीवन में नैतिक मूल्यों को बढावा देते हुये अपने बडो का  आदर करना चाहिये और सत्य का पालन करते हुये पूर्ण इमानदारी के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढाना चाहिये।  बल्लभ कुलीय आचार्य श्री पंकज गोस्वामी ने उपस्थित युवा वर्ग के टेलीविजन व इंटरनेट की ओर उनके अत्यधिक खिचाव को गलत ठहराया उन्होने फिल्मी सितारों को अपना आदर्श बनाने को भी गलत ठहराते हुये कहा कि बच्चों को अपने आदर्श कर्मयोगीयों को बनाना चाहियैं समाजसेविका डाॅ लक्ष्मी गौतम ने बालिकायों में नैतिक मूल्यों के बढावे की आवश्यकता पर प्रकाश डाला और बालिकाओं से शालीनता और सभ्यता के साथ समाज में व्यवहार कर अच्छी छाप छोडने की बात कहीं।  सुखदा भक्ति की प्राचार्या मन्जूलता पाण्डेय व प्रेेम महाविद्यालय  के प्रधानाचार्य डाॅ. देवप्रकाश शर्मा ने भी वक्तव्य के माध्यम से अपने विचार रखे। ग्लोबल नैतिक शिक्षा केन्द्र के संयोजक स्वामी श्री नारायण दास बाबा ने कार्यक्रम के अन्त में सभी आगन्तुक अतिथिगणों का धन्यवाद ज्ञापन करते हुये कहा कि सभी ने इस कार्यक्रम में सम्मलित हो अपने विचारों से युवा वर्ग को नई राह की ओर प्रेरित किया है हम आशा करते है कि बच्चे यहां से नई शिक्षा लेके जायेगें  संगोष्ठी की व्यवस्था तेजप्रताप सिंह, डाॅ उमेश शर्मा, भगवान दास चैधरी, कृष्णकान्त अवस्थी द्वारा की गई।  

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नई दिल्ली : कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने डॉ. अरविंद सुब्रमणियन को मुख्‍य आर्थिक सलाहकार नियुक्‍त किया है। डॉ. सुब्रमणियन की नियुक्ति अनुबंध के आधार पर तीन साल के लिए की गई है। डॉ. अरविंद सुब्रमणियन पीटरसन इंस्‍टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक्‍स में डेनिस वेदरस्‍टोन सीनियर फेलो और वैश्विक विकास केन्द्र में सीनियर फेलो हैं। उनकी पुरस्‍कार विजेता पुस्‍तक ‘इक्लिप्‍स: लिविंग इन द शैडो ऑफ चाइनाज इकोनॉमिक डोमिनेंस’ सितंबर 2011 में प्रकाशित हुई थी और चार भाषाओं में इसकी 130,000 प्रतियां छापी गई हैं। ‘फॉरेन पॉलिसी’ नामक पत्रिका ने उन्‍हें वर्ष 2011 में विश्‍व के शीर्ष 100 वैश्विक चिंतकों में शुमार किया था। वर्ष 2011 में पत्रिका ‘इंडिया टुडे’ ने उन्‍हें पिछले 30 वर्षों के दौरान भारत के शीर्ष 30 ‘मास्‍टर्स ऑफ द माइंड’ में शुमार किया था। डॉ. सुब्रमणियन अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा कोष के शोध विभाग (1992-2013) में एवं उरुग्‍वे दौर की व्‍यापार वार्ताओं के दौरान गैट (1988-1992) में कार्यरत रहे थे। डॉ. सुब्रमणियन ने भारत, विकास, व्‍यापार, संस्‍थानों, मदद, जलवायु परिवर्तन, तेल, बौद्धिक संपदा, डब्‍ल्‍यूटीओ, चीन और अफ्रीका पर काफी कुछ लिखा है। अमेरिकन इकोनॉमिक रिव्‍यू, जर्नल ऑफ इकोनॉमिक ग्रोथ एवं जर्नल ऑफ पब्लिक इकोनॉमिक्‍स जैसी कई जानी-मानी पत्रिकाओं में उनके बारे में काफी छपा है। ‘आरईपीर्इसी’ रैंकिंग के मुताबिक, डॉ. सुब्रमणियन को मौजूदा समय में अनुसंधान उद्धरण के लिहाज से विश्‍व के शीर्ष एक फीसदी विद्वान अर्थशास्त्रियों में शुमार किया जाता है।

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