संघाई में वन्दना सिंह के कार्यक्रम से दर्षक मंत्र मुग्ध राधा - कृष्ण की जन्मभूमि - लीला भूमि से 12 हजार किलोमीटर दूर संसार के सबसे बड़े महानगर, 2 करोड़ 41 लाख 50 हजार जनसंख्या वाले महानगर संघाई में ब्रज क्षेत्र की राश्ट्रीय - अन्तर्राश्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार तथा कोरियोग्राफर श्रीमती वन्दना सिंह द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम ने दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया। वह दो सप्ताह की चीन यात्रा पर हैं। श्रीमती वन्दना सिंह ने फोन पर उŸार प्रदेष संगीत नाटक अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष मोहन स्वरूप भाटिया को बताया कि चाइनीज कन्वैन्षन सेन्टर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दर्षकों की भाशा चाइनीज थी किन्तु भाशा न समझते हुए भी भाव - भंगिमाओं और वेषभूशा ने उन्हें प्रभावित किया और जब उन्होंने जय श्रीकृश्ण - जय श्री राधे कहा तो दर्षकों ने उसे दोहराने का प्रयास किया ।चाइनीज कन्वैन्षन सेन्टर में सम्पन्न कार्यक्रम की आयोजक संस्था के अध्यक्ष ने कार्यक्रम इस अवसर पर कहा कि हमारा देष बौद्ध धर्म का अनुयायी है और भगवान् बुद्ध भारत के थे इसलिए हमारी भारत के प्रति धार्मिक आस्था है। उन्होंने कहा कि वन्दना जी के कार्यक्रम ने चीनवासियों को मंत्र मुग्ध कर दिया है। स्ंाघाई में प्रस्तुत कार्यक्रम के समापन पर चीन की युवा कलाकार ’वोन्दना’ ’वोन्दना’ का हर्शोल्लास करती हुई उनके पास पहुँचीं और बधाई दी। चीन में जय श्रीकृश्ण - जय श्री राधे ! संघाई में वन्दना सिंह के कार्यक्रम से दर्षक मंत्र मुग्ध राधा - कृश्ण की जन्मभूमि - लीला भूमि से 12 हजार किलोमीटर दूर संसार के सबसे बड़े महानगर, 2 करोड़ 41 लाख 50 हजार जनसंख्या वाले महानगर संघाई में ब्रज क्षेत्र की राश्ट्रीय - अन्तर्राश्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार तथा कोरियोग्राफर श्रीमती वन्दना सिंह द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम ने दर्षकों को मंत्र मुग्ध कर दिया। वह दो सप्ताह की चीन यात्रा पर हैं। श्रीमती वन्दना सिंह ने फोन पर उŸार प्रदेष संगीत नाटक अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष मोहन स्वरूप भाटिया को बताया कि चाइनीज कन्वैन्षन सेन्टर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दर्षकों की भाशा चाइनीज थी किन्तु भाशा न समझते हुए भी भाव - भंगिमाओं और वेषभूशा ने उन्हें प्रभावित किया और जब उन्होंने जय श्रीकृश्ण - जय श्री राधे कहा तो दर्षकों ने उसे दोहराने का प्रयास किया ।चाइनीज कन्वैन्षन सेन्टर में सम्पन्न कार्यक्रम की आयोजक संस्था के अध्यक्ष ने कार्यक्रम इस अवसर पर कहा कि हमारा देष बौद्ध धर्म का अनुयायी है और भगवान् बुद्ध भारत के थे इसलिए हमारी भारत के प्रति धार्मिक आस्था है। उन्होंने कहा कि वन्दना जी के कार्यक्रम ने चीनवासियों को मंत्र मुग्ध कर दिया है। स्ंाघाई में प्रस्तुत कार्यक्रम के समापन पर चीन की युवा कलाकार ’वोन्दना’ ’वोन्दना’ का हर्शोल्लास करती हुई उनके पास पहुँचीं और बधाई दी।
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