धर्म, कला और संस्कृति

हिंदू कैलेंडर के मुताबिक साल का पांचवां माह सावन का है। यह पूरा महीना भगवान शिव को समर्पित होता है। इस पूरे महीने में भगवान शिव के साथ मां पार्वती की विधिवत पूजा करने का विधान है। शिव पुराण के अनुसार, इस महीने में भगवान शिव और माता पार्वती भू-लोक में निवास करते हैं...

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बेड़ी हनुमान मंदिर भक्त और भगवान के बीच अनूठे संबंध की कहानी कहता है। जगन्नाथ स्वामी के दर्शन करने वाला हर भक्त बेड़ी हनुमान जरूर जाता है। इसकी वजह यह बताई जाती है कि जो भक्त जगन्नाथ स्वामी के दर्शन करके आते हैं, हनुमान उनकी ही आंखों के जरिये यहां प्रभु के दर्शन करते है...

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आमतौर पर शनि को लेकर हमारे मन में कई धारणाएं हैं। इसे बहुत कष्ट देने वाला ग्रह माना जाता है। लेकिन, वास्तविकता में ऐसा नहीं है। यदि शनि की आराधना ध्यानपूर्वक की जाए तो उनसे उत्तम कोई आराध्य नहीं है। माना जाता है कि शनि की जिस पर कृपा होती है, उस व्यक्ति के लिए सफलता के सारे द्वार खुल जाते हैं।

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अंबाजी माता का मंदिर भारत के सबसे प्राचीन और प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। इसके पीछे प्रचलित कहानी के अनुसार, जब देवी सती ने अग्निकुंड में कूदकर अपनी जान दे दी तो उनकी मृत्यु से निराश होकर शिव अपने रौद्र रूप के साथ उनके जलते शरीर को गोद में लेकर निकल पड़े। यह देख भगवान विष्णु ने अपना दिव्य चक्र छोड़ दिया जिससे माता सती के शरीर के टुकड़े अलग-अलग दिशाओं में जाकर गिर पड़े। कहा जाता है कि उनका हृदय इसी स्थान पर गिरा था।

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मथुरा से दिल्ली जाते समय राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर छटीकरा के निकट श्री गरुड़ गोविन्द भगवान श्रीकृष्ण की विहार स्थली है। यह छटीकरा स्थित वृंदावन के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है।

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वृंदावन में एक ऐसा मंदिर है, जहां ठाकुरजी की रसोई तैयार करने के लिए पिछले 477 वर्ष से एक भट्टी लगातार जल रही है। कार्य पूरा होने पर रात को इसमें लकड़ियां डालकर ऊपर से राख ओढ़ा दी जाती है, जिससे अग्नि पूरी तरह से शांत न हो। अगले दिन पुन: उसमें उपले व लकड़ियां डालकर भट्टी की अग्नि के प्रज्ज्वलन को जारी रखा जाता है। हम बात कर रहे हैं यहां के प्रसिद्ध मंदिर श्री राधारमण मंदिर की। यह मंदिर श्री गौड़ीय समाज के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है।

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हमारे देश के हर राज्य में अनेक ऐसे प्राचीन मंदिर हैं, जिनका इतिहास भी काफी रोचक रहा है। राजस्थान के उदयपुर से 23 किमी दूर नागदा गांव में सास-बहू मंदिर के निर्माण की भी एक ऐसी ही रोचक कहानी है।

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मध्य प्रदेश के मुरैना में मौजूद चौसठ योगिनी मंदिर अपनेआप में अनूठा है। यह मंदिर चौसठ योगिनियों की पूजा के लिए समर्पित है, जिन्हें हिंदू धर्म में शक्तिशाली देवी माना जाता है। मंदिर की वास्तुकला, इतिहास और महत्व चौसठ योगिनी मंदिर को भारत के सबसे महत्वपूर्ण और आकर्षक मंदिरों में से एक बनाते हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा इसे प्राचीन ऐतिहसिक स्मारक घोषित किया हुआ है...

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आग के देवता अग्निदेव का हिंदू धर्म ग्रथों में विशेष स्थान है। अग्निदेव को उच्च कोटि का देवता माना गया है। मनुष्यों का सारा काम ही अग्नि पर निर्भर करता है। अग्निदेव को भगवान इंद्र का जुड़वां भाई माना जाता है। वह उन्हीं की तरह विशाल और शक्तिशाली हैं। अग्निदेव के माता-पिता के बारे में काफी मतभेद हैं...

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सौभरि ऋषि का उल्लेख श्रीमद्भागवतम् के नवें स्कंध के छठवें अध्याय में आता है। एक बार सौभरि ऋषि यमुना नदी के जल में प्रवेश कर कठोर तपस्या कर रहे थे। वहां एक महामत्स्य को अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन बिताते देख उनके मन में भी गृहस्थ जीवन बिताने की उत्कंठा जागृत हो गई।

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