वर्ष 2025 हमें अधिकारों के शोरगुल से ऊपर उठकर कर्तव्य की शांत शक्ति को अपनाने के लिए प्रेरित करता है। आकांक्षाओं से भरे राष्ट्र में, एक सामंजस्यपूर्ण समाज केवल एक सपना नहीं है, बल्कि एक सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए, अब अपने फोकस में बदलाव की आवश्यकता है। व्यक्तिगत अधिकारों से साझा दायित्वों की ओर तथा व्यक्तिगत लाभ की खोज से नागरिक गुणों की खेती की ओर चलने का समय आ गया है...
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