आज दिनांक 5 अगस्त को गोविन्द मठ वृन्दावन में आचार्य प्रवर स्वामी ए.एस. विज्ञानाचार्य जी महाराज के पावन सान्निध्य में ब्रज महोत्सव का प्रथम दिन का कार्यक्रम चला। कार्यक्रम का उद्घाटन श्री वत्स गोस्वामी जी महाराज द्वारा हुआ। श्री वत्स गोस्वामी जी महाराज ने कहा कि भगवान श्री ंकृष्ण बहुत बड़े पर्यावरण विद् थे उन्होने दावानल को पीकर अग्नि तत्व को शुद्ध किया, मिट्टी खाकर पृथ्वी को शुद्ध किया, कालिया नाग को नाथकर यमुना जल को शुद्ध किया तथा ब्योमासुर को मारकर वायु तत्व को शुद्ध किया। उन्होने कहा कि ब्रज महोत्सव तो वर्षों वर्ष तक चलना चाहिये ब्रज की दुदर्शा पर चिन्ता व्यक्त करते कहा कि आज हर तरफ से ब्रज का स्वरूप नष्ट हो रहा है। आज सबको आगे आने की जरूरत है। यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य है यमुना, कुण्ड, सरोवर तालाब, वृक्षारोपण एवं गाय आदि का संरक्षण एवं भगवान श्रीकृष्ण कालीन ब्रज के प्राचीन स्वरूप को वापस लाना। उन्होने बताया कि ब्रज महोत्सव के माध्यम से ब्रज के हर गाँव को जोड़ा जायेगा एवं जागरूकता पैदा की जायेगी। यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय महासचिव रमेश सिसौदिया ने कहा कि आज ब्रज का स्वरूप नष्ट हो चुका है। ब्रज के स्वरूप को वापस लाने के लिये यह ब्रज महोत्सव कार्यक्रम हो रहा है। हमारे ब्रज में सभी वृक्ष नष्ट हो रहे हैं जबकि ब्रज की पहचान वृक्षों से होती है। हम सबको मिलकर ब्रज के स्वरूप को वापस लाना है, माँ यमुना को प्रदूषण से मुक्त करना है। गाँव गाँव जोड़कर ही ब्रज को बचाया जा सकता है। पं0 उदयन शर्मा ने कहा कि यमुना हमेशा से चुनौती रही है। यमुना भगवान श्रीकृष्ण की साक्षात स्वरूपा है, हम सबको एकजुट होकर साथ देना है एवं ब्रज के स्वरूप एवं यमुना के प्राचनी स्वरूप को वापस लाना है। उमेश शर्मा ने कहा कि ब्रजवासी जागो समय आ गया है। ब्रज महोत्सव का यह कार्यक्रम 5 अगस्त से 31 अगस्त तक चलेगा। 27 दिवसीय इस कार्यक्रम में अलग-अगल गाँव के लोग शामिल होंगे। प्रथम दिन डाॅ0 राजवीर सिंह के नेतृत्व में नरी गाँव के सैकडों की संख्या में ब्रजवासियों ने हिस्सा लिया। दोपहर 1 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक यह कार्यक्रम चला। जिसमें प्रवचन, परिचर्चा, भजन-कीर्तन-रसिया चलता रहा। इस अवसर पर राष्ट्रीय सलाहकार सोहन लाल आचार्य, राष्ट्रीय सचिव आरपी सिंह, स्वामी रामानन्द जी, राम कथावाचक हरिओम बाबा, भागवत प्रवक्ता देवमुरारी बापू, विशनस्वरूप, सत्यपाल सिंह, राधाबल्लभ शर्मा, श्रीदास प्रजापति, दिगम्बर सिंह, दर्शन सिंह सहित ब्रजवासी उपस्थित थे।
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