मथुरा

मथुरा। रेलवे पुलिस ने तलवारबाजी के नैशनल खिलाड़ी को चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया। पत्नी के मुताबिक उसकी तबीयत खराब थी इसलिए उनके पति होशियार सिंह महिला कोच में उनके साथ आए थे। रेलवे पुलिस के जवानों ने वहां रुकने के लिए होशियार सिंह से दो सौ रुपये मांगे। होशियार सिंह ने जब रुपये देने से मना किया तो दोनों के बीच बहस होने लगी। बात हाथापाई तक पहुंच गई। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने होशियार सिंह को चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया। नीचे गिरते ही होशियार सिंह की मौत हो गई। बताते हैं कि खिलाड़ी  मथुरा के जमुनापार के लक्ष्मी नगर प्रीति बिहार का रहने वाला था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जीआरपी के सिपाहियों ने उससे रिश्वत मांगी। इनकार करने पर प्लेयर को ट्रेन से फेंक दिया। रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। जानकारी के मुताबिक फेंसिंग के नेशनल प्लेयर होशियार सिंह उर्फ राॅकी (23) पत्नी ज्योति सिंह और मां शशि सिंह के साथ कासगंज आए थे। वहां उनके सात माह के बेटे युवराज का मुंडन था। लौटते वक्त पत्नी की तबियत खराब हो गई। पत्नी महिला कोच में थीं। होशियार सिंह उन्हें देखने महिला कोच में गए। वहां जीआरपी के दो सिपाहियों से उनकी बहस हो गई। आरोप है कि जीआरपी का स्टाफ होशियार से महिला कोच में बैठने की इजाजत देने के लिए 200 रुपए की रिश्वत मांग रहा था लेकिन होशियार ने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद जीआरपी स्टाफ ने होशियार को चलती ट्रेन से फेंक दिया। होशियार की मौके पर ही मौत हो गई। इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। इनमें जीआरपी के दो सिपाही और एक बुकिंग क्लर्क शामिल है। दोनों सिपाही फरार हैं। होशियार मथुरा के रहने वाले थे। उन्होंने 2005 में केरल में हुए अंडर-17 नेशनल फेंसिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। होशियार की पत्नी का आरोप है कि गाड़ी रुकने पर गुस्साए पैसेंजर जीआरपी के सिपाहियों को पकड़ने की कोशिश कर रहे थे लेकिन एक बुकिंग क्लर्क ने दोनों की वहां से भागने में मदद की। दूसरी ओर, जीआरपी के एक अफसर ने होशियार सिंह की फैमिली के आरोपों को गलत बताया है। अफसर ने कहा कि होशियार प्लेटफार्म पर पानी लेने उतरा था लेकिन वापस ट्रेन में चढ़ते वक्त वह हादसे का शिकार हो गया।   

Read More

नई दिल्ली : सरकार ने भारतीय चिकित्‍सा पद्धति तथा होम्‍योपैथी-2002 पर राष्‍ट्रीय नीति निर्धारण किया है। इसमें योग का संपूर्ण विकास शामिल है। सरकार ने केंद्र प्रायोजित राष्‍ट्रीय आयूष मिशन (एमएएम) तथा विभिन्‍न केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं के माध्‍यम से योग को प्रोत्‍साहित करने के लिए कार्यक्रमों तथा संचालन उपायों का निर्धारण किया है।  मंत्रालय द्वारा आयूष मंत्रालय से संबंधित विभिन्‍न महत्‍वपूर्ण विषयों पर विचार करने तथा सिफारिशें प्रस्‍तुत करने के लिए एक कार्यबल का गठन किया है। इन विषयों में शिक्षा और अभ्‍यास के लिए योग तथा प्राकृतिक चिकित्‍सा के संवर्धन, विकास और नियमन के लिए प्राथमिकता का विकल्‍प शामिल है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने राष्‍ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचा (एनसीएफ) 2005 को स्‍वास्‍थ्‍य एवं शारीरिक शिक्षा के अभिन्‍न अंग के रूप में सिफारिश करने की सूचना दी है। एनसीएफ 2005 देश के लिए नीति दस्‍तावेज है।  मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने बताया है कि केंद्रीय माध्‍यमिक शिक्षा बोर्ड से सम्‍बद्ध 15962 स्‍कूलों को प्रतिदिन पहली कक्षा से 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों को आवश्‍यक रूप से 40-45 मिनट की शारीरिक गति‍विधि और खेलों को शुरू करने की सलाह दी है। मंत्रालय ने सलाह दी है कि 11वीं-12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को प्रति सप्‍ताह दो पीरियड (90-120 मिनट/सप्‍ताह) के लिए शारीरिक गतिविधि/खेल/सामूहिक शारीरिक प्रशिक्षण/योग में शामिल होना चाहिए। बोर्ड ने 11वी तथा 12वीं कक्षा के लिए शारीरिक और स्‍वास्‍थ्‍य शिक्षा को पाठ्यक्रम का आवश्‍यक भाग बनाने की पेशकश की है। शिक्षक शिक्षा के लिए राष्‍ट्रीय परिषद ने प्राथमिक शिक्षा, माध्‍यमिक शिक्षा, उच्‍चतर माध्‍यमिक, शारीरिक शिक्षा, दूरस्‍थ शिक्षा जैसे 15 शिक्षक शिक्षा कार्यक्रमों के माध्‍यम से योग शिक्षा को अध्‍ययन का आवश्‍यक भाग बनाया है।  एनसीटीई ने प्राथमिक शिक्षा में डिप्लोमा तथा शिक्षा स्‍नातकोत्‍तर के लिए योग शिक्षा पर मॉड्यूल विकसित किया है। इसका उपयोग 18,000 शिक्षक शिक्षा संस्‍थान तथा इन संस्‍थानों के 14,00,000 विद्यार्थी शिक्षक तथा शिक्षक प्रशिक्षक करेंगे। यह जानकारी राज्‍य सभा में आयूष राज्‍य मंत्री श्रीपद यसो नाइक ने एक प्रश्‍न के उत्‍तर में दी।

Read More

भूगर्भ जल संरक्षण सप्ताह के अंतर्गत मथुरा जनपद में भूगर्भ जल संरक्षण को लेकर यमुना फ्लड एरिया, वृक्ष व प्राचीन घाटों के संरक्षण व नाले टेप कर विद्युत शवदाहगृह बनाने की रखी मांग  मंडलायुक्त ने दिए मथुरा के जिला प्रशासन को एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के आदेश  वृंदावन। भूगर्भ जल संरक्षण सप्ताह के अंतर्गत मथुरा जनपद में भूगर्भ जल संरक्षण, यमुना, वृक्ष व प्राचीन घाटों के संरक्षण को लेकर ब्रज वृंदावन हैरिटेज एलायंस के संयोजक एवं सामाजिक कार्यकर्ता मधुमंगल शुक्ल ने सोमवार को आगरा स्थित आयुक्त कार्यालय पहुंचकर मंडलायुक्त प्रदीप भटनागर से इन मुद्दों पर चर्चा कर प्रार्थनापत्र देते हुए ब्रजभूमि के संरक्षण की मांग की।      16 से 22 जुलाई तक मनाए जा रहे भूगर्भ जल संरक्षण सप्ताह के अंतर्गत सुझाव देते हुए ब्रज वृंदावन हैरिटेज एलायंस के संयोजक मधुमंगल शुक्ल ने आयुक्त से निवेदन किया कि मथुरा जनपद में यमुना नदी के प्रवेश से लेकर मथुरा जनपद की अंतिम सीमा तक नदी के बीचों-बीच प्रवाह से लेकर दोनों ओर यमुना फ्लड एरिया की भूमि को संरक्षित एवं वन भूमि घोषित कर व्यापक पैमाने पर वृक्षारोपण हो, इस भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण व अवैध निर्माण न हो, जिससे यमुना के दोनों ओर व्यापक वृक्षारोपण से पर्यावरण संरक्षण में सहायता मिलेगी, ब्रजभूमि के स्वरूप संरक्षण में चार चांद लगंेगे, तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों के लिए यमुना और यमुना के दोनों किनारे अत्यंत ही सुरम्य और रमणीक बन सकेंगे। पक्षियों के लिए बहुत ही सुरक्षित अभ्यारण्य तैयार हो सकेगा, सुप्रसिद्ध कृष्णभक्त कवि रसखान की यह कल्पना भी साकार हो उठेगी कि ‘‘जो खग हौं तो बसेरौ करौं, नित कालिंदी कूल कदंब की डारिन’’ तथा गिरते व अशुद्ध होते भूगर्भ जल को भी इससे रोका जा सकेगा।  ब्रज वंृदावन हैरिटेज एलायंस के संयोजक मधुमंगल शुक्ल ने आयुक्त को बताया कि मथुरा जनपद में जिला प्रशासन, रजिस्ट्री विभाग, विकास प्राधिकरण और भूमाफियाओं की मिलीभगत के कारण आज पूरा यमुना फ्लड एरिया अवैध निर्माणों की भेंट चढ़ता जा रहा है, यमुना फ्लड एरिया में जमीनों की अवैध खरीद-फरोख्त, अनाधिकृत निर्माण एवं सीवेज डेªनेज को यमुना के गर्भ में डालने को लेकर मथुरा जनपद में भूगर्भ तेजी से गिरने व प्रदूषित होने के कारण आमजनमानस असुरक्षित हो रहा है। इस संबंध में उन्होंने कई बार जिला प्रशासन से शिकायत भी की है, लेकिन सबका नतीजा सिफर रहा है।  उन्होंने उक्त अवैध निर्माणों के पीछे जिला प्रशासन, रजिस्ट्री विभाग एवं विप्रा के अधिकारियों की मिलीभगत बताई और यमुना फ्लड एरिया में हो रही अवैध रजिस्ट्रियों पर रोक लगाने व अवैध निर्माण को तत्काल रोकने की मांग की है।  वृंदावन में यमुना के किनारे प्राचीन घाटों को मलबा डालकर वृंदावन की प्राचीन संस्कृति को दफन किया जा रहा है, इस संबंध में माननीय राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण द्वारा प्रार्थी की याचिका पर 25 मई 2015 को तत्काल रोक लगा दी गई है, किंतु माननीय न्यायालय के आदेशों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। वृंदावन में यमुना के प्रदूषण को रोकने के लिए नालों को टेप करने व विद्युत शवदाह गृह बनवाने की भी मांग मंडलायुक्त को दिए गए प्रार्थनापत्र में की गई है।  ब्रज वंृदावन हैरिटेज एलायंस के संयोजक मधुमंगल शुक्ल ने बताया कि माननीय आयुक्त श्री प्रदीप भटनागर ने इस मुलाकात में ब्रजभूमि मथुरा जनपद की समस्याओं को सुन तत्काल जिलाधिकारी, मथुरा को एक पत्र लिखने के आदेश देते हुए कहा कि गत 23 मई, 2015 को उन्होंने वृंदावन आकर कई निर्देश जिला प्रशासन को दिए थे, किंतु दो माह बाद भी इन पर कुछ नहीं हुआ, पत्र में मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी, मथुरा से एक सप्ताह में आख्या रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आगरा में अतिक्रमण को लेकर काफी कुछ हो रहा है, किंतु मथुरा का जिला प्रशासन अवैध अतिक्रमण को लेकर बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद भी सक्रिय नहीं हो रहा है।    (मधुमंगल शुक्ल) संयोजक, ब्रज वृंदावन हैरिटेज एलायंस, वृंदावन

Read More

सफारी सवार यात्रियों से बदमाश समझ की फायरिंग,  सफारी सवारों ने भी की लाइसेन्स असलाह से की जवावी कार्यवाही,  पुलिस मामलें को सुलझाने में जुटी मथुरा,। थाना बलदेव पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर यमुना एक्सप्रेंस पर बदमाश होने की आशंका के चलते सादाबर्दी मे होते हुए भीं टाटा सफारी सवार युवकों पर फायरिंग शुरू कर दी। सफारी सवार युवकों ने भी पुलिस पार्टी को बदमाश समझा कर जवावी फायरिंग की। जिससें हाईवें पर दिनदहाड़ें गैंगवार जैसा माहौल पैदा हो गया। यमुना एक्सप्रेंस-वे पर दिनदहाड़े फायरिंग होते देख आने जाने वाहन चालक अपनी गाडि़यों को वापस लौटा कर जान बचाकर भागने लगें। इसी बीच थाना बलदेव पुलिस ने घेराबंदी कर सफारी गाड़ी को रोक लिया और पकडे गये युवकों को थाने ले आई लेकिन जब पुलिस की असलियत सामने आई तो वह सफारी सवार लोगों से मिन्नत करने में जुट गई और आगे किसी भी तरह की कार्यवाही नहीं करने के लिए दवाव डालनें में जुट गई। लेकिन सफारी सवार युवकों का कहना था कि पुलिस कर्मी प्राइवेट वाहन में सादावर्दी में थे और उन्होंने बिना सोचे समझें उनपर फायरिंग शुरू कर दी। उन्होंने पुलिस को बदमाश समझ कर उन्होंने भी अपनी लाइसेंसी असलाह से फायरिंग करना शुरू कर दिया। लेकिन जब उन्होंने गाडी को नजदीक आने पर देखा तो उन्होंने कुछ पुलिस वालों को पहचान लिया तो उन्होंने गाड़ी रोक ली और उनके ऊपर फायरिंग का कारण पूछा तो पुलिस ने उन्हें बताया कि उन्हें मुखविर से सूचना मिली थी कि यमुना एक्सप्रेंस-वे से कुछ बदमाश सफारी में सवार होकर निकलनें वाले ही और इसी गलत फहमी के चलते उन्होंने उनकें ऊपर फायरिंग कर दी। पुलिसकर्मी सफारी सवारों के साथ थाने आ गये। उन्होंने अपने साथ घटित घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही। तो पुलिस कर्मियों के हाथपैर फूल गये। सफारी सवारों का कहना था कि पुलिस की गलत फहमी की वजह से उनकी जान भी जा सकती थी और पुलिस उन्हें मुठभेड़ दिखाकर उनकी हत्या भी कर सकती थी। पुलिस कर्मियों को मानवलों का दौर शुरू होने लगा। लेकिन समाचार लिखें जाने तक सपफारी सवार रिपोर्ट दर्ज कराने पर अड़ें हुए थे। अब देखना यह है कि पुलिस सफारी सवारों को मनाने में सफल हो पाती है या पिफर अपने विरूद्ध लिखने के लिए मजबूर होगी। 

Read More

मथुरा। शहर के डेम्पीयर नगर स्थित पीडी मौर्डन स्कूल के शिक्षकों व प्रधानाचार्य ने करीब एक दर्जन छात्रों के साथ मारपीट की। मारपीट की जानकारी पर छात्रों के परिजनों से भी विद्यालय प्रबन्धन तंत्र व शिक्षकों से अभद्रता की, जिससें अभिभावकों में आक्रोश फैंल गया और उन्होंने इसके विरोध में विद्यालय के गेट पर जमकर हंगामा काटा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना पर पहुंच कर हंगामा कर रहे लोगों को शान्त किया और विद्यालय के प्राचार्य से वार्ता कराने का प्रयास किया लेकिन विद्यालय के हठधर्म प्रबन्धतंत्र व प्रधानाचार्य ने दबंगई दिखाते हुए पुलिस से भी किसी तरह की मध्यता करने से इंकार कर दिया। पुलिस अब कार्यवाही के मूड़ में हैं।

Read More

मथुरा। कल देर शाम हुई झमाझम बरसात में कोतवाली व कस्बा सुरीर में दिगंबर सिंह की झोपड़ी में लगी बल्ली अचानक टूट कर गिर पड़ी। उसके नीचे सो रहा उनका बेटा भगत सिंह घायल हो गया। उधर कोतवाली सुरीर में खड़ा नीम का पेड़ बरसात का दबाव नहीं झेल सका। कोतवाली की बाउण्ड्रीवाल तोड़ते हुए सड़क पर गिर पड़ा। वहां होकर निकल रहे वाहन और राहगीर इसकी चपेट में आने से बाल-बाल बच गए।

Read More

चिकित्सक नहीं, फार्मासिस्ट और वार्ड बाॅय कर रहे उपचार  मथुरा। सरकार आम ग्रामीणों को चिकित्सा मुहैय्या कराने के कितने ही दावे क्यों न करें, ग्रामीण क्षेत्रों में हालात बदतर है। सफेद हाथी की तरह अस्पताल भवन तो खड़े हैं लेकिन चिकित्सक तैनात नहीं है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी वहां अपनी हाजरी लगा खाना पूर्ति कर रहे हैं। मरीज अस्पताल से वापस लौट झोलाछाप या फिर निजी नर्सिंग होम में जेब कटवाने को मजबूर हैं।  यही हाल है सुरीर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का है, जहां आसपास गांवों को मिला कर करीब पचास हजार लोगों के इलाज के लिए  स्थापित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुरीर पर इन दिनों मरीजों के इलाज की सुविधाओं का भारी अभाव है। वर्तमान में यहां किसी डॉक्टर की भी तैनाती नहीं है। फार्मासिस्ट समेत गिने-चुने तीन-चार कर्मचारियों के भरोसे यहां इलाज की खानापूर्ति हो रही है। इस स्वास्थ्य केंद्र पर भवन तो करोड़ों की लागत से बन रहे हैं, लेकिन नए भवनों में बैठने के लिए डॉक्टर एवं कर्मचारी तो दूर इनको खोलने तक को स्टॉफ की किल्लत बनी है। जिससे इन भवनों का कोई औचित्य लोगों की समझ में नहीं आ रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में धड़ल्ले से निजी क्लीनिक, नर्सिग होम, पैथोलॉजी, अल्ट्रासाउंड सेंटर आदि खुल रहे हैं। अधिकांश में सरकार द्वारा निर्धारित मानक की अनदेखी हो रही है और इलाज के नाम पर मरीजों का शोषण कर नाजायज एवं मनमानी रुप से फीस व चिकित्सा जांच शुल्क वसूले जा रहे हैं।  व्यापार मंडल के अध्यक्ष ब्रह्मानंद गुप्ता के अनुसार भवन बना देने से स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ होने वाली नहीं हैं। पहले डॉक्टर एवं सुविधाओं की व्यवस्था की जानी चाहिए। भूपेन्द्र सिंह राजपूत का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र सुरीर पर भवन तो बन रहे हैं, लेकिन इलाज के लिए सुविधाओं एवं डॉक्टरों की तैनाती की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिससे यह भवन सफेद हाथी की तरह खड़े दिखाई दे रहे हैं।

Read More

गिरि परिक्रमा लगा कर मांगी मनौती ग्रामीण युवाओं के लिए कम्प्यूटर  के कोर्स शीघ्र  मथुरा। आईबीएस इंजीनियरिंग कॉलेज अकबरपुर के 200 से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रवेश के बाद गिरि गोवर्धन की परिक्रमा कर मनौतियां मांगी। प्ररिक्रमा के बाद उन्होंने धार्मिक तीर्थस्थलों के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। सफलता और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। छात्र-छात्राओं ने मानसी गंगा में स्नान कर दानघाटी मंदिर में पूजा अर्चना की। परिक्रमा उपरान्त सभी ने गोकुल, महावन, बलदेव, चैमुंहा के ब्रह्मा जी, पसौली के मंशा देवी मंदिर में दर्शन कर मनौतियां मांगी। छात्रों के साथ गए मार्केटिंग हैड राजेन्द्र सिंह सिसौदिया ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों से छात्रों के दिल में ईश्वर के प्रति आस्था तो बढ़ती ही है, साथ ही उनके अंदर आत्मविश्वास भी बढ़ता है। कॉलेज के डायरेक्टर तनवीर अब्बासी, डीन केपी सिंह, प्लेसमेंट अधिकारी सीपी सिंह, प्रशासनिक अधिकारी बलदेव सिंह ने छात्रों को आशीर्वाद दिया। डायरेक्टर तनवीर अब्बासी ने बताया कि कॉलेज में पॉलीटेक्निक में 300 से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है। पिछले वर्ष डिप्लोमा पूरा करने वाले 90 प्रतिशत से अधिक छात्रों को प्लेसमेंट मिल चुका है। कॉलेज में अतिरिक्त कक्षाओं की भी व्यवस्था की गई है, जिनमें कमजोर छात्रों की पढ़ाई चल रही है। शीघ्र ही देहात के बच्चों के विकास के लिए कम्प्यूटर के कई कोर्स कालेज में लाए जा रहे हैं, इनसे लोकल युवाओं को लाभ मिलेगा।

Read More

गांव सतौहा स्थित शान्तुन बिहारी गौशाला में वृक्षारोपण करते छात्र  मथुरा। वीर क्रान्तकारी शहीद चन्द्र शेखर आजाद के जन्मदिवस पर श्रीजी बाबा सरस्वती विद्या मन्दिर के सामाजिक क्रिया कलाप विभाग विद्यालय के भैयाओ द्वारा गाँव सतौहा स्थित शान्तुन बिहारी गौशाला मे वृक्षारोपण कर याद किया। इस दौरान वक्ताओं ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पौधा रोपण और क्रान्तकारी शहीद चन्द्रशेखर आजाद के जीवन वृन्तात पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम मे विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य डा. राकेश चतुर्वेदी ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण स्वस्थ्य समाज का निर्माता होता है। ऐसे में पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए सभी को अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना चाहिए। क्योंकि दिन ब दिन बढ़ रहे प्रदूषण को नियंत्रित करने में वृक्ष महती भूमिका निभाते हैं। सरकार द्वारा तमाम योजनाएं चलाकर अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का काम किया जा रहा है ऐसे में हम सभी को आगे बढ़कर अपनी जिम्मेदारी संभालनी होगी। इसी क्रम मे समाजिक कार्यकर्ता  उमेश शर्मा ने शहीद चन्द्र शेखर के जीवन वृन्तात पर प्रकाश डालते हुए बताया 23 जुलाई को चन्द्र शेखर आजाद का जन्म हुआ द्य भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में देश के कई क्रांतिकारी वीर-सपूतो की याद आज भी हमारी रुह में जोश और देश प्रेम की एक लहर पैदा कर देती है. एक वह समय था जब लोग अपना सब कुछ छोड़कर देश को आजाद कराने के लिए बलिदान देने को तैयार रहते थे और एक आज का समय है जब अपने ही देश के युवा  अपने मार्ग से भटक कर अपनी और अपने परिवार के बारे मे सोचता रहता है देशभक्ति की जो मिशाल हमारे देश के क्रांतिकारियों ने पैदा की थी अगर उसे आग की तरह फैलाया जाता तो संभव आजादी के बाद हमें फिर से विश्व गुरू होते , वीरता और पराक्रम की कहानी हमारे देश के वीरक्रांतिकारियों ने रखी थी वह आजादी की लड़ाई की विशेष कड़ी थी जिसके बिना आजादी मिलना नामुमकिन था.देशप्रेम, वीरता और साहस की एक ऐसी ही मिशाल थे शहीद क्रांतिकारी चन्द्रशेखर आजाद. 25 साल की उम्र में भारत माता के लिए शहीद होने वाले इस महापुरुष के बारें में जितना कहा जाए उतना कम है, 27 फरवरी 1931 में चन्द्रशेखर आजाद शहीद हो गयेे जिन्होंने हमें स्वाभिमानपूर्वक अपने इतिहास और संस्कृति की संरक्षा की अविचल प्रेरणा प्रदान की। कार्यक्रम मे प्रमुख रूप से डा. राकेश चतुर्वेदी, उमेश शर्मा, डिगम्बर, कोमल सिंह, अजय, मानवेन्द्र, संजय, अक्षय, सनी, धीरज, आकाश ,अमन, पप्पु, गुलाब, मनोज, गौरव, अभिषेक, मुकेश आदि उपस्थित रहे। 

Read More

उप्र. ईंट निर्माता समिति के प्रांतीय महामंत्री प्रमोद चैधरी का स्मृति चिन्ह देकर स्वागत करते हुए  मथुरा। केन्द्र सरकार ने गजट लाकर ईंट भट्ठा उद्योग केा पर्यावरण किलियररेंन्स के दायरे से बाहर नहीं किया तो अगले वर्ष भट्ठों की चिमनियाॅ धूॅआ नहीं उगलेंगी। केन्द्र सरकार को इस मुद्दे की गम्भीरता से अवगत कराने के लिए देश भर के भट्ठा स्वामी 27 जुलाई को जन्तर मन्तर पर प्रदर्शन करेंगे। यह बात उप्र ईंट निर्माता समिति के प्रन्तीय महामंत्री प्रमोद चैधरी ने कही है।  पश्चिमी उप्र के दौरे पर निकले उप्र ईंट निर्माता समिति के प्रन्तीय महामंत्री कुछ देर के लिए बाजना कट पर रूकें जहाॅ पर मथुरा जिला ईंट भट्ठा एसो. के संरक्षक राजकुमार अग्रवाल मामा व महामंत्री भानुप्रकाश वाष्र्णेय ने अपने साथियों सहित पटुका उढ़ा कर व स्मृति चिन्ह भेंट करके प्रान्तीय महामंत्री का जोशीला स्वागत किया। प्रदर्शन की जानकारी देते हुए प्रमोद चैधरी ने बताया कि दो वर्ष पूर्व भी इस पर्यावरण किलियररेंन्स को लेकर ईंट भट्ठा उद्योग पर संकट के बादल छाये थे। जिसे उप्र सपा सरकार ने खनन एक्त में 35वाॅ एवम् 36वाॅ संसोधान सदन से पारित कराकर 2 मीटर तक की गहरी हाथ से खोदे जाने वाली मिट्टी के लिए ऐसी अनिवार्यता को खत्म कर दिया था। किन्तु केन्द्र सरकार ने आज तक भी ऐसा कोई कानून या अध्यदेश जारी नहीं किया जिससे भट्ठा संचालन मंे पर्यावरण किलियररेन्स से निजात मिल सके। कुछ लोग इसका फायदा उठा कर इस प्रकरण को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ले गये और वहाॅ से एक इकतरफा आदेश भट्ठों के खिलाफ करा लाऐ। गत सीजन में दो ऐसे तत्वों द्वारा बागपत अलीगढ़ के जिलाधिकारीयों को भी कार्ट आॅफ कन्टेम्प्ट में फंसा कर भट्ठों के खिलाफ कार्यवाही करने को मजबूर कर दिया। आगे के संघर्ष की रणनीति खुलासा करते हुए महामंत्री ने बताया कि हाई कोर्ट से लेकर सुपी्रम कोर्ट तक समिति इस सम्बन्ध में प्रभावी पैरवी कर रही है किन्तु केन्द्र सरकार के अडि़यल रवैये को देखते हुए आगामी 27 जुलाई को राष्ट्रीय यूनियन के अव्हान पर एक दिवसीय विशाल धरना आयोजन का फैसला लिया गया है जिसमें देश भर के भट्ठा स्वामी भाग लेंगे। इस अवसर पर राजू वाष्र्णेय, अनिल अग्रवाल, दीपेश राज, बाबी वाष्र्णेय आदि मौजूद थे। 

Read More