राधिका बिहार से हुई शुरूआत, अप्सरा पैलेस में गूंजे झूलेलाल के तराने, प्रतिभाशाली एवं रक्तदाता हुए सम्मानित, प्रतिष्ठान बन्द रख हुए एकत्रित
मथुरा। सिन्धी समाज के प्रमुख सन्त व मार्गदर्शक झूलेलाल जी की जयन्ती पर समाज के लोगों ने शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा का जगह जगह भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर सिन्धी समाज जन्मोत्सव समिति के तत्वाधान में शहर के अप्सरा पैलेसे में सामाज के विभिन्न प्रतिभाशाली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये तथा शहर की तिलक नगर कालौनी में भी एक कार्यक्रम आयोजित कर समाज के लोगों ने एक दूसरे को झूलेलाल जयन्ती की बधाई दी। सिन्धी समाज के प्रमुख सन्त झूलेलाल जन्मोत्सव की शुरूआत सौंख रोड़ स्थित राधिका बिहार काॅलानी में रूपकिशोर पप्पू भाई के निवास से हुई। अमरलाल की ज्योति प्रज्वलित कर पूरी काॅलौनी में सर पर रखकर भ्रमण किया। तदोपरांत लाड़ी लुहाणा सिंधी पंचायत के तत्वाधान मंे अध्यक्ष रामचंद्र खत्री के नेतृत्व में झूलेलाल सिंधी धर्मशाला में भजन कीर्तन सत्संग का आयोजन किया ंगया जो प्रसाद वितरण के साथ सम्मपनं हुआ। दोपहर होली गेट स्थित अप्सरा पैलेस में पंचायत द्वारा सामूहिक भण्डारा हुआ। तदोपरांत प्रसिद्व सिंधी कलाकर चंद्रकांत लालवानी ने अपने साथियों सहित सिन्धी लोकगीत व भजनों के माध्यम से झूलेलाल का गुणगान गाया तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नन्हें मुन्ने बच्चों ने तुलसीदास गंगवानी एवं जितेंद्र लालवानी के संचालन में अद्भुत नृत्य नाटिकायें प्रस्तुत की। स्वयं को राष्ट्रीय धारा के साथ जोडते हुए सिंधी समुदाय के नन्हें मुन्ने बच्चों ने अपनी संस्कृति और सभ्यता एवं सिंधी बोली का अद्भुत प्रदर्शन किया। हेमा देवानी, चन्द्रा खत्री, ज्योति खत्री, गौरी निरंकारी के निर्देशन में बच्चों द्वारा प्रस्तुत म्यूजिक बजेगा लाउड तो राधा नाचेगी, बम बम भोले मस्ती में डोले, रख भरोसा झूलेलाल पर, गोविन्दा आला रे, श्याम तोहे रंग डालु, बन्दे है हम एक प्रभु के, जलवा है ये जलवा तथा चक दे इण्डिया सुन सभी तरोताजा हो गये। इस अवसर पर निरंकारी संत हरविन्द्र कुमार ने चैटीचण्ड पर्व की शुभकामनाएं दी। उनका स्वागत सिंधी पंचायत द्वारा किया गया। इस अवसर पर झूलेलाल जन्मोत्सव पर सिंधी जनरल पंचायत द्वारा सजातीय प्रतिभाशाली मेधवी छात्र छात्राओं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने वाले बच्चों और रक्तदाता युवक युवतियांे को प्रशस्ति पत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया वहीं सिंधी गौरव के रूप में रक्तदान अभियान मंच के संयोजक किशोर स्वर्ण इसरानी तथा टीवी सिरियल के चमकते सितारे मुकेश फोटवानी भी नवाजे गये। झूलेलाल के जीवन पर शोध कर चुके लेखक किशोर ईसरानी ने बताया कि अवतरण के बाद भगवान झूलेलाल ने मात्रा 13 वर्ष तक की उम्र तक ही सिंधी समुदाय का मार्गदर्शन किया। संवत् 1007 सन् 951 ई0 को जन्में वरूणावतार झूलेलाल संवत् 1020 के भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी पर जल समाधि लेकर अंतध्र्यान हो गए। आज भी लाल साई की ज्योति जलती रहती है जो भगवान झूलेलाल की मौजूदगी का एहसास कराती है। इस अवसर पर समाज के सभी व्यापारियों भाईयों ने अपने अपने प्रतिष्ठान बन्द रखकर एकता का परिचय दिया वहीं अपने इष्टदेव की जयंती पर सिंधी समुदाय के लोगों ने सपरिवार श्रद्वापूर्वक भक्ति भाव से इस आयोजन में भाग लिया। पुरूष महिलायें व बच्चों के अभूतपूर्व समागम के कारण होली गेट क्षेत्र में खास चहल पहल रही क्योंकि वर्ष में इसी दिन समस्त सजातीय लोग सामुहिक रूप से मिलते है, एक दूसरे के गले मिलकर बधाईयां देते हैं। सजातीय लोगों ने अपने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर समारोह की गरिमा को बढाया। सिंधी समुदाय के सबसे बडे पर्व चेटीचण्ड झूलेलाल जयंती के अवसर पर झूलेलाल पालिका बाजार तथा होली गेट वर विशेष सजावट की गयी। जबकि तमाम लोगों ने अपने घरों में भी रोशनी की। सुबह 8 बजे से देर रात्रि तक निरंतर समाज के लोगों का उत्साह बना रहा, झूलेलाल जन्मोत्सव की समाप्ति अमर ज्योत के यमुना मे विसर्जन के साथ हुई। इस अवसर पर समारोह में सिंधी जनरल पंचायत के अध्यक्ष नारायण दास लखवानी, उपाध्यक्ष तुलसीदास गंगवानी, महामंत्री बसंत मंगलानी, उपाध्यक्ष रामचंद्र खत्री, मीडिया प्रभारी किशोर ईसरानी, जितेंद्र लालवानी, जीवतराम चंदानी, सुदामा खत्री, झामनदास नाथानी, चंदनलाल आडवाणी, सुरेश मेठवानी, गोपाल दास भाटिया, मिर्चुमल, रामचंद एलआर, अशोक अंदानी, वासुदेव, लीलाराम लखवानी, विष्णु, रमेश नाथानी, अनिल मंगलानी, मनोज भाटिया, कन्हैया भाईजी, बंशीलाल, घनश्याम भाटिया, जगदीश भाटिया मोनू भाटिया, पंजवानी, योगेश खत्री आदि का योगदान रहा।
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