मथुरा

शहर व देहात में सजाये गये विभिन्न देवी मन्दिर, विभिन्न कार्यक्रम हुए आयोजित मथुरा। चैत्र नवरात्रों व नवसम्वत के अवसर पर आज जहाॅ हिन्दू वादी विभिन्न संगठनों ने अलग अलग कार्यक्रम आयोजित कर नवसम्बत का स्वागत किया गया वहीं चेत्र नवरात्रों को लेकर शहर व देहात के विभिन्न मन्दिरों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किये गये। जहाॅ प्रातः काल से देवी भक्तों की मन्दिरों पर भीड़ उमड़ रही थी। माॅ के भक्तों ने पूजा अर्चना कर अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए मनौती माॅगी।  चैत्र नवरात्रि व नवसम्वत को लेकर जहाॅ देवी मन्दिरों पर प्रातः काल से ही माॅ भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया। माॅ भक्तों ने देवी माॅ की पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना की वहीं शहर व देहात के विभिन्न देवी मन्दिरों दुर्गा सप्तशती पाठ व अखण्ड रामयाण पाठ के आयोजन किये गये तथा देवी मन्दिर के महन्तों के सानिध्य में वेदों के साथ हवन पूजन किये गये। वहीं हिन्दूवादी संगठनों द्वारा नवसम्वत सर को लेकर विभिन्न स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रगम आयोजित किये गये। नववर्ष मेला महोत्सव समिति ने नव सम्बतसर के आगमन से पूव शहर में दो दिवसीय मेला लगाकर लोगों को नव सम्बतसर को उत्साह व उल्लास के साथ मनाने के लिए प्रेरित किया गया तथा इस अवसर पर मेला मंच में भारतीय महापुरूषों के नाम पर साज सज्जा प्रतियोगिता आयोजित की गई व ब्रज संस्कृति के अनुरूप विभिन्न वर्गो के बच्चों के मध्य दर्जनों प्रतियोगिताए आयोजित की गई।

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शिक्षा से नयी पीढ़ी को महकाने वाले रामेश्वर प्रसाद शर्मा को सम्मानित करते सन्त बाल योगेश्वर दास जी महाराज गोवर्धन। शिक्षा, लेखनी, कवित्व, विकास, भगवत रस वर्षा में ब्रज का गौरव बढ़ाने वाली विभूतियों से सजी सूर श्याम स्थली का प्रांगण नव संवत्सर की पावन बेला पर स्वर्णिम आभा बिखेरता नजर आया। शनिवार को सूर की साधना स्थली परासौली में संरक्षण सेवा एवं शोध संस्थान द्वारा मानव सेवा के प्रकल्पों में सहभागिता निभाने वाली पांच विभूतियों को ब्रज रत्न की उपाधि से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संत बालक योगेश्वर दास एवं ब्रजभूषण उपाध्याय ने भगवान श्रीकृष्ण एवं भगवान गणेश के चित्रपट पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया। पण्डित हितेन्द्र कटारा ने संवत्सर वाचन किया। संस्था के सचिव गोपाल प्रसाद उपाध्याय ने नव संवत्सर पर आयोजित ब्रज रत्न सम्मान पर प्रकाश डाला तथा पंच परमेश्वर की संज्ञा देते हुये पांच लोगों को सम्मानित किया। प्रसिद्ध कवि देवकी नंदन कुम्हेरिया ने शब्दों को कविता में पिरोकर समाज सेवा का संदेश दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संत बालक योगेश्वर दास तथा संचालन विनोद दीक्षित ने किया। संरक्षण सेवा एवं शोध संस्थान द्वारा ब्रज का गौरव बढ़ाने वालों को विभिन्न सेवा प्रकल्पों में योगदान के लिए ब्रज रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। भागवत कथा के दौरान गोसेवा एवं ब्रज को संरक्षित करने का संदेश देने वाले भागवताचार्य श्याम लाल शास्त्री को गोकूलदास शास्त्री की स्मृति में। कविता के माध्यम से ब्रज साहित्य को देशभर में पहुंचाने वाले हरिबाबू ओम को रेवतीरमण चेत की स्मृति में। शिक्षा के पुष्पों से नयी पीढ़ी को महकाने वाले रामेश्वर प्रसाद शर्मा को शिक्षित भारत की मुहिम के संदर्भ में। गिरिराज जोशी, नंद किशोर शर्मा एडवोकेट, रमेश चन्द शर्मा, राम लखन शर्मा, हरिशंकर, हरिबल्लभ, राजेन्द्र प्रसाद बिरला, राधा गोविंद, श्रीबाबू कौशिक, सुरेश शास्त्री, श्री राधाकृष्ण सेवा समिति के सचिव एवं सर्व ब्राम्हण महासभा के जिलाध्यक्ष पूरन कौशिक, गोविंद राम आदि तमाम लोग मौजूद थे।  

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मथुरा। श्री माथुर चतुर्वेदी परिषद द्वारा 25 मार्च को यमुना जन्म महोत्सव धूमधाम के साथ मनाये जाने की जोरदार तैयारियां की जा रही हैं। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए महामंत्री राकेश तिवारी एडवोकेट, प्रभारी अध्यक्ष गिरधारी लाल पाठक ने बताया कि इस अवसर पर देश विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु आकर यमुना महारानी के जन्मोत्सव का आनन्द उठाते हैं। वहीं स्थानीय यमुना भक्त व समाज की पीठ भी यमुना पूजन कर यमुना माॅ का गुणगान करते है। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर श्री माथुर चतुर्वेद परिषद द्वारा हरवर्ष की भांति भव्य शोभायात्रा निकाली जायेगी जो की 25 मार्च को सांय 4 बजे पूण्य तिथि विश्राम घाट से प्रारंभ सतीबुर्ज, दाउजी घाट, बंगाली घाट, आर्य समाज रोड, होली गेट, छत्ता बाजार होती हुई पुनः विश्राम घाट पहुंचेगी। शोंभायात्रा में दूर दराज से आये विभिन्न गणमान्य व्यक्ति व भागवत वक्ता और सन्त शामिल होगे। पदाधिकारियों ने उक्त कार्यक्रम को लेकर नगर पालिका मथुूरा से घाटों के आस पास सफाई व्यवस्था दुरस्त कराने, तथा सभी सीवेज ट्रीटमेन्ट प्लाटों को चलाये जाने, तथा हरनौल स्केप से शुद्ध गंगाजल छोड़ें जाने की माॅग करने के साथ साथ अवधि रूप से लाइट व्यवस्था सुचारू रखनें तथा टेªफिक पुलिस की व्यवस्था कराये जाने की माॅ प्रशासन से की हैं।

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निकाली जाएगी शोभायात्रा, गिर्राज जी को अर्पित किए जाएंगे 56 भोग मथुरा। सन्त काष्र्णि गुरू शरणानंद जी व संत सियाराम बाबा की प्रेरणा से यमुना शुद्वि संकल्प मिशन 2015 के प्रथम चरण पूर्ण होने के अवसर पर 25 मार्च 2015 बुधवार को कृष्णगंगा घाट पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के मध्य यमुना छठ का विशाल मेला आयोजित किया जाएगा। उक्त संबध में जानकारी देते हुए पं0 अनिल शर्मा ने बताया कि प्रातः से ही धार्मिक कार्यक्रमों की श्रंखला प्रारम्भ हो जाएगी जिसके अन्र्तगत सर्व प्रथम प्रातः सात बजे से शीतला घाटी स्थित दाउजी मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी जो विभिन्न मार्गो से होती हुई गउघाट कृष्णगंगा घाट पर पहुंचकर संपन्न होगी। शोभायात्रा का जगह जगह पुष्प वर्षा व आरती कर स्वागत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके बाद प्रातः 9 बजे से यमुना महारानी का दुग्धाभिषेक व चुनरी महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। दोपहर 12 बजे मां यमुना की प्राण प्रतिष्ठा के बाद विशाल भंडारे व प्रसाद का आयोजन कृष्णगंगा घाट पर किया जाएगा। अशोक भगत, घनश्याम हौजरी व भागवताचार्य प्रभुदास जी ने संयुक्त रूप से बताया कि जहां सांय 4 बजे से भजन संध्या के माध्यम से भक्त मां यमुना का गुणगान करेगें वहीं सांय 6 बजे से गिर्राज महाराज व यमुना जी को छप्पन भोग अर्पित किये जाएंगे। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का समापन सांय 7 बजे होने वाले दीपदान के बाद भव्य महाआरती के साथ होगा। ऋचा शर्मा, पंकज पंडित, राजेश तिवारी, मुकेश ठाकुर, दीपक राज, मीरा गोस्वामी, लालनजी, बुलबुल, मीडिया प्रभारी ऋषि भारद्वाज, ललित देशमां, नीरज शर्मा, राकेश शर्मा, दिनेश चैधरी, त्रिलोकी पंडित, बब्बू पंडित, भोला पंडित, राजीव शर्मा, तुलसी पंडित, केशव चतुर्वेदी, दीपक, दीपक शर्मा, मंटू बाबा, नवल पंडित आदि ने धर्मप्रेमी जनता से उक्त कार्यक्रमों में समय से भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।

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मथुरा। जिला कुश्ती संघ के तत्वाधान में अखाड़ा शिवशक्ति व बोरपा गाॅव के सहयोग से जिला स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ एसपी सिटी शैलेन्द्र कुमार पांडेय ने पहलवानों के हाथ मिलवाकर व दीप जलाकर किया। प्रतियोगिता में मेट पर कराई गई जिसमें 40 किलो से 96 किलो तक ललित, 45 में अर्जुन, 50 मोहित, 55 में विनीत, 60 में राजकुमार, 66 में रितिक सिरोही, 75 में अशोक, 84 में बल्देव, 96 में जग्गा प्रथम रहें। कार्यक्रम में नीलम, अर्चना, पूजा, भावना, महिला प्रथम, सभी खिलाडि़यों को मेडल व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। निर्णायक की भूमिका भगवान सिंह जयन्त व भूपेन्द्र मिश्रा, जर्नादन कोच आदि ने निभाई। आयोजक उम्मेद पहलवान ने सभी अतिथियों का पटुका ,माला, स्वाफा और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में डा0 हरीओम चतुर्वेदी, अशोक पहलवान, मुदगल गुरू, विनोद मेजर, प्रीतम प्रमुख, एनपी शर्मा, निरोत्तम, यूपी केसरी आदि उपस्थित थे।

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राधिका बिहार से हुई शुरूआत, अप्सरा पैलेस में गूंजे झूलेलाल के तराने, प्रतिभाशाली एवं रक्तदाता हुए सम्मानित, प्रतिष्ठान बन्द रख हुए एकत्रित मथुरा। सिन्धी समाज के प्रमुख सन्त व मार्गदर्शक झूलेलाल जी की जयन्ती पर समाज के लोगों ने शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा का जगह जगह भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर सिन्धी समाज जन्मोत्सव समिति के तत्वाधान में शहर के अप्सरा पैलेसे में सामाज के विभिन्न प्रतिभाशाली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये तथा शहर की तिलक नगर कालौनी में भी एक कार्यक्रम आयोजित कर समाज के लोगों ने एक दूसरे को झूलेलाल जयन्ती की बधाई दी। सिन्धी समाज के प्रमुख सन्त झूलेलाल जन्मोत्सव की शुरूआत सौंख रोड़ स्थित राधिका बिहार काॅलानी में रूपकिशोर पप्पू भाई के निवास से हुई। अमरलाल की ज्योति प्रज्वलित कर पूरी काॅलौनी में सर पर रखकर भ्रमण किया। तदोपरांत लाड़ी लुहाणा सिंधी पंचायत के तत्वाधान मंे अध्यक्ष रामचंद्र खत्री के नेतृत्व में झूलेलाल सिंधी धर्मशाला में भजन कीर्तन सत्संग का आयोजन किया ंगया जो प्रसाद वितरण के साथ सम्मपनं हुआ। दोपहर होली गेट स्थित अप्सरा पैलेस में पंचायत द्वारा सामूहिक भण्डारा हुआ। तदोपरांत प्रसिद्व सिंधी कलाकर चंद्रकांत लालवानी ने अपने साथियों सहित सिन्धी लोकगीत व भजनों के माध्यम से झूलेलाल का गुणगान गाया तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नन्हें मुन्ने बच्चों ने तुलसीदास गंगवानी एवं जितेंद्र लालवानी के संचालन में अद्भुत नृत्य नाटिकायें प्रस्तुत की। स्वयं को राष्ट्रीय धारा के साथ जोडते हुए सिंधी समुदाय के नन्हें मुन्ने बच्चों ने अपनी संस्कृति और सभ्यता एवं सिंधी बोली का अद्भुत प्रदर्शन किया। हेमा देवानी, चन्द्रा खत्री, ज्योति खत्री, गौरी निरंकारी के निर्देशन में बच्चों द्वारा प्रस्तुत म्यूजिक बजेगा लाउड तो राधा नाचेगी, बम बम भोले मस्ती में डोले, रख भरोसा झूलेलाल पर, गोविन्दा आला रे, श्याम तोहे रंग डालु, बन्दे है हम एक प्रभु के, जलवा है ये जलवा तथा चक दे इण्डिया सुन सभी तरोताजा हो गये। इस अवसर पर निरंकारी संत हरविन्द्र कुमार ने चैटीचण्ड पर्व की शुभकामनाएं दी। उनका स्वागत सिंधी पंचायत द्वारा किया गया। इस अवसर पर झूलेलाल जन्मोत्सव पर सिंधी जनरल पंचायत द्वारा सजातीय प्रतिभाशाली मेधवी छात्र छात्राओं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने वाले बच्चों और रक्तदाता युवक युवतियांे को प्रशस्ति पत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया वहीं सिंधी गौरव के रूप में रक्तदान अभियान मंच के संयोजक किशोर स्वर्ण इसरानी तथा टीवी सिरियल के चमकते सितारे मुकेश फोटवानी भी नवाजे गये। झूलेलाल के जीवन पर शोध कर चुके लेखक किशोर ईसरानी ने बताया कि अवतरण के बाद भगवान झूलेलाल ने मात्रा 13 वर्ष तक की उम्र तक ही सिंधी समुदाय का मार्गदर्शन किया। संवत् 1007 सन् 951 ई0 को जन्में वरूणावतार झूलेलाल संवत् 1020 के भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी पर जल समाधि लेकर अंतध्र्यान हो गए। आज भी लाल साई की ज्योति जलती रहती है जो भगवान झूलेलाल की मौजूदगी का एहसास कराती है। इस अवसर पर समाज के सभी व्यापारियों भाईयों ने अपने अपने प्रतिष्ठान बन्द रखकर एकता का परिचय दिया वहीं अपने इष्टदेव की जयंती पर सिंधी समुदाय के लोगों ने सपरिवार श्रद्वापूर्वक भक्ति भाव से इस आयोजन में भाग लिया। पुरूष महिलायें व बच्चों के अभूतपूर्व समागम के कारण होली गेट क्षेत्र में खास चहल पहल रही क्योंकि वर्ष में इसी दिन समस्त सजातीय लोग सामुहिक रूप से मिलते है, एक दूसरे के गले मिलकर बधाईयां देते हैं। सजातीय लोगों ने अपने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर समारोह की गरिमा को बढाया। सिंधी समुदाय के सबसे बडे पर्व चेटीचण्ड झूलेलाल जयंती के अवसर पर झूलेलाल पालिका बाजार तथा होली गेट वर विशेष सजावट की गयी। जबकि तमाम लोगों ने अपने घरों में भी रोशनी की। सुबह 8 बजे से देर रात्रि तक निरंतर समाज के लोगों का उत्साह बना रहा, झूलेलाल जन्मोत्सव की समाप्ति अमर ज्योत के यमुना मे विसर्जन के साथ हुई। इस अवसर पर समारोह में सिंधी जनरल पंचायत के अध्यक्ष नारायण दास लखवानी, उपाध्यक्ष तुलसीदास गंगवानी, महामंत्री बसंत मंगलानी, उपाध्यक्ष रामचंद्र खत्री, मीडिया प्रभारी किशोर ईसरानी, जितेंद्र लालवानी, जीवतराम चंदानी, सुदामा खत्री, झामनदास नाथानी, चंदनलाल आडवाणी, सुरेश मेठवानी, गोपाल दास भाटिया, मिर्चुमल, रामचंद एलआर, अशोक अंदानी, वासुदेव, लीलाराम लखवानी, विष्णु, रमेश नाथानी, अनिल मंगलानी, मनोज भाटिया, कन्हैया भाईजी, बंशीलाल, घनश्याम भाटिया, जगदीश भाटिया मोनू भाटिया, पंजवानी, योगेश खत्री आदि का योगदान रहा।

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