मथुरा

यमुना मुक्तिकरण अभियान की मथुरा नगर ईकाई के विरोध प्रदर्शन के दबाब में मसानी नाले पर शुरू हुआ सफाई कार्य दिये गये समय में गन्दगी नहीं रोकी गई तो शुरू होगी भूख हड़ताल मथुरा। जहाॅ यमुना को पतित पावनी कह पूजा जाता है उसी मथुरा में गन्दगी का अम्बार लिये मसानी नाला यमुना में गिर रहा है। विगत कई महीनों से यमुना मुक्तिकरण अभियान की मथुरा नगर ईकाई द्वारा मसानी नाले की सफाई को लेकर कई विरोध प्रदर्शन किया गया। नगरपालिका और प्रशासन द्वारा केवल आश्वासन पर आश्वासन दिये गये। इसी के चलते दिनांक 30 जनवरी 2015 को यमुना मुक्तिकरण अभियान की मथुरा नगर ईकाई के अध्यक्ष पंकज चतुर्वेदी, भाकियू नगर अध्यक्ष महेन्द्र राजपूत, राजेन्द्र सक्सैना, कुलदीप, शैलू पंडित द्वारा मसानी नाले से यमुना में जा रही गन्दगी को रोकने व नाले की सफाई को लेकर मथुरा सीटी मजिस्ट्रेट से मिला गया। उन्होने मसानी नाले से लगातार यमुना में जा रही गन्दगी को रोकने व उसकी तलीझाड सफाई करने के साथ साथ मसानी टीटमेन्ट प्लान्ट को सुचारू रूप से चलाये जाना आदि मांगो को प्रमुख रूप से रखा। इसके पश्चात् नगरपालिका मसानी नाले से गन्दगी को हटाने के लिये जेसीबी लगाई गयी। पालिका द्वारा 4 दिन के अन्दर यमुना में जा रही गन्दगी को रोकने का आश्वासन दिया गया। इसके साथ ही नगरपालिका द्वारा पोपलेन मशीन नाले में उतार उसकी सफाई करने की भी बात कहीं। इस अवसर पर पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि यदि चार दिन के अन्दर गन्दगी जाने ने से नहीं रोकी गई तो मथुरा नगर ईकाई द्वारा भूख हड़ताल की जायेगी।   

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मथुरा। श्री मान मन्दिर, श्री पुष्टि मार्ग एवं भारतीय किसान यूनियन भानू के संयुक्त नेतृत्व में यमुना की अविरलता को ब्रज में पुनः स्थापित करने हेतु प्रयास किये जा रहे है। जैसे जैसे अभियान की आगामी 15 मार्च पदयात्रा की तिथि नजदीक आती जा रही है वैसे वैसे यमुना मुक्तिकरण अभियान द्वारा प्रचार प्रसार को चरण बद्ध कर प्रचार तेज कर दिया गया। अभियान द्वारा प्रथम चरण के प्रचार क्रम में अभियान के पदाधिकारियों द्वारा ब्रज के गांव गांव जा सघन जन संपर्क किया जा रहा है। इसी क्रम में दिनांक 30 जनवरी शुक्रवार को अभियान के सहसंयोजक सुनील सिंह के नेतृत्व में नंदगांव ब्लाक में डेडावल, ब्रजवारी, नंदगांव, मुखराई, भदावल, कामारोड, संकेत, गाजीपुर आदि गांवों में घर-घर जा संपर्क किया गया। उन्होने सभी ग्राम वासियों से 15 मार्च को पदयात्रा में चलने का आवह्न किया और कहा कि यमुना मैया की रक्षा के लिये ब्रज के घर की यमुना आन्दोलन में सहभागिता की आवश्यकता है। इस बार के निर्णायक आन्दोलन में ब्रजवासियों को अपनी सम्पूर्ण शक्ति आन्दोलन में झोंकनी पड़ेगी। इस पर सभी ग्रामवासियों ने हाथ उठाकर आश्वासन दिया कि हम श्री रमेश बाबा महाराज के हर आदेश का पालन करेगें यमुना मैया हमारी है और उसकी रक्षा के लिये हर ब्रजवासी जी जान लगा देगा। इस अवसर पर संयोजक सुनील सिंह के साथ प्रेमसिंह, चै. भरत, चै. हंसराज, कृष्णकुमार आदि प्रचार में मौजूद रहे। दूसरी तरफ अभियान के संयोजक राधाकान्त शास्त्री, राष्ट्रीय महासचिव हरेश ठेनुआ, प्रदेश संयोजक श्याम चतुर्वेदी आदि अभियान के पदाधिकारी द्वारा भी मथुरा जिले के कई गांवो में जा लोगो से 15 मार्च की पदयात्रा में सहभागिता का आवह्न किया गया।  

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अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहे हैं जनपद में अपराध राजेश टोंटा की पत्नी कनक शर्मा ने लगाया आरोप मथुरा। मथुरा को धार्मिक नगरी के रूप में जाना जाता है लेकिन अब यह नगर भी अपराधियों की शरण स्थली के साथ साथ अपराध करने के लिये मुफीद जगह बन गई है। अपराधों की वात करें तो हाल के कुछ महिनों में जनपद में अपराधों के ग्राफ में बेतहासा वृद्धि देखी जा रही है। हो भी क्यों न मथुरा जनपद के मामले में यह कहावत सटीक बैठती है कि ‘‘जब दारोगा महरवान तो पटठा पहलवान’’ जनपद के आलाधिकारी से लेकर थाने चैकी तक के सिपाहियों तक से अपराधी साठगांठ करके अपने काम को अंजाम देने में लगे हैं। इसका अन्दाजा इसी वात से लगाया जा सकता है जब एक अपराधी की पत्नी ने ही जिले की आलाधिकारी पर अपने पति की हत्या किये जाने का गम्भीर आरोप लगा दिया है। उसने बाकायदा एसएसपी पर हत्या किये जाने के लिये 3 करोड़ रुपये लिये जाने का आरोप भी लगाया है। राजेश टोंटा के नाम से कुख्यात रहे हाथरस निवासी राजेश शर्मा की पत्नी कनक शर्मा ने अपने पति की हत्या का आरोप मथुरा की महिला एसएसपी मंजिल सैनी पर लगाया है। कनक शर्मा ने इस मामले में बाकायदा मथुरा के थाना फरह को इस आशय की तहरीर दी है। तहरीर के मुताबिक राजेश टोंटा की हत्या का सौदा एसएसपी मंजिल सैनी ने 3 करोड़ की मोटी रकम लेकर किया था। गौरतलब है कि राजेश टोंटा अपने साथी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खौफ का पर्याय रहे ब्रजेश मावी की हत्या के आरोप में मथुरा जिला जेल के अंदर निरुद्ध था। जेल के अंदर ही 17 जनवरी को हुई फायरिंग में राजेश टोंटा व उसका एक साथी राजकुमार शर्मा घायल हो गये जबकि एक अन्य बदमाश अक्षय सोलंकी जेल में ही मारा गया था। पुलिस के अनुसार जेल के अंदर हुई यह गोलीबारी दरअसल एक गैंगवार थी और इसे राजेश टोंटा व ब्रजेश मावी गैंग के अक्षय सोलंकी तथा दीपक वर्मा व दीपक राणा आदि ने घटना को अंजाम दिया। जेल के अंदर हुई गोलीबारी में घायल राजेश टोंटा को जिला अस्पताल लाया गया और उसके साथी राजकुमार शर्मा को मथुरा के ही अग्रवाल लाइफ लाइन हॉस्पीटल में एडमिट कराया गया था। चूंकि राजेश टोंटा के पैर में गोली लगी थी इसलिए उसकी हालत डाक्टरों द्वारा खतरे से बाहर बताई गई थी। जेल के अंदर हुई इस कथित गैंगवार में नया मोड़ तब आया जब उसी दिन रात करीब 11 बजे घने कोहरे के बीच एक एंबुलेंस द्वारा राजेश टोंटा को उपचार लिये मथुरा पुलिस आगरा ले जाने लगी और उसके आगरा पहुंचने से पूर्व मथुरा के फरह थाना क्षेत्र में महुअन टोल प्लाजा के निकट एंबुलेंस के अंदर ही गोलियां मारकर कर उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार राजेश टोंटा पर मंडरा रहे खतरे को भांपकर एंबुलेंस से लेकर सड़क तक उसकी सुरक्षा का भारी बंदोबस्त भी किया था किंतु कोहरे का लाभ उठाकर मावी गैंग के सदस्य राजेश टोंटा का काम तमाम करने में सफल हो गये। पुलिस ने इस मामले में ब्रजेश मावी के एक साथी गोपाल यादव तथा एक बंदी रक्षक कैलाश गुप्ता को दो दिन के अंदर ही गिरफ्तार कर न सिर्फ जेल में हुई कथित गैंगवार का पर्दाफाश कर दिया बल्कि नेशनल हाईवे पर पुलिस अभिरक्षा में हुई राजेश टोंटा की हत्या का भी खुलासा कर दिया। तत्कालीन आईजी जोन आगरा सुनील गुप्ता, डीआईजी आगरा लक्ष्मी सिंह की मौजूदगी में एसएसपी मथुरा मंजिल सैनी ने इस पूरे घटनाक्रम का सिलसिलेवार ब्योरा पत्रकारों को दिया और खुलासा करने वाली टीम के लिए आईजी की ओर से 50 हजार रुपए के भारी-भरकम ईनाम की घोषणा भी की गई। पुलिस के अनुसार पूरे घटनाक्रम का सूत्रधार मथुरा के ही पानी गांव का निवासी तथा ब्रजेश मावी का साथी अजय चैधरी उर्फ राकेश चैधरी है जो टोंटा गैंग से मावी की हत्या का बदला लेना चाहता था। मावी के दूसरे साथी गोपाल यादव ने अजय उर्फ राकेश चैधरी के साथ रहकर मास्टर माइंड की भूमिका निभाई और जेल के अंदर बंदी रक्षक कैलाश गुप्ता के हाथों हथियार एवं पैसा भेजने का इंतजाम किया। पुलिस की कहानी के मुताबिक राजेश टोंटा की जेल में हत्या न हो पाने की जानकारी मिलने के बाद आनन-फानन में इन्हीं लोगों ने उसे पुलिस अभिरक्षा में तब ठिकाने लगाने का प्लान बनाया जब उसे उपचार के लिए आगरा ले जाया जा रहा था। पुलिस के अनुसार राजेश की हत्या करने में भी यह दोनों लोग शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि मथुरा निवासी गोपाल यादव और प्रमोद चैधरी, ब्रजेश मावी की हत्या के चश्मदीद गवाह हैं। हालांकि मावी का शव आज तक पुलिस बरामद करने में असफल रही है। बताया जाता है कि मावी के साथ ही गोपाल और प्रमोद मथुरा से हाथरस गये थे जहां राजेश टोंटा ने अपने घर के अंदर मावी की धोखे से हत्या कर दी। मावी की हत्या किये जाने का समाचार गोपाल तथा प्रमोद ने ही सबसे पहले मथुरा पुलिस को दिया था और उसके बाद मथुरा पुलिस एक लंबे समय तक गोपाल व प्रमोद को साथ लेकर घूमती रही ताकि मावी के कत्ल की पुष्टि की जा सके किंतु वह उसकी हत्या किये जाने का कोई ठोस सबूत नहीं जुटा सकी। पुलिस की इस कहानी के इतर राजेश टोंटा की पत्नी कनक शर्मा पहले दिन से यह कहती रही है कि उसके पति की हत्या मथुरा पुलिस ने कराई है। कनक शर्मा ने अब फरह पुलिस को दी तहरीर में मथुरा की एसएसपी मंजिल सैनी पर अपने पति की हत्या का 3 करोड़ रुपये लेकर सौदा करने जैसा सनसनीखेज आरोप लगाया है। कनक शर्मा की मानें तो एसएसपी मंजिल सैनी ने खुद उनके सामने उनके पति के बच जाने पर आश्चर्य प्रकट किया था और फिर उनकी हत्या का षड्यंत्र रचने लगीं। वह साये की तरह अस्पताल में भी मौजूद थीं और मुझे भी पति से मिलने से रोकती रहीं। कनक शर्मा का आरोप है कि एसएसपी की ही योजना थी जिसके चलते मेरे पति को बिना किसी कारण रात 11 बजे उपचार के नाम पर ले जाया गया। मेरे साथ अभद्रता की। हमारी गाडि़यों को पंक्चर कर दिया गया और हमारे कई सगे-संबधियों को अवैध रूप से हिरासत में लेकर बाद में उनका झूठे आरोपों में चालान तक कर दिया। कनक शर्मा द्वारा दी गई तहरीर के मुताबिक रात्रि 11.30 बजे एंबुलेंस को हाइवे पर महुअन टोल से पहले रोक दिया गया। करीब पांच मिनट बाद एंबुलेंस का गेट खोलकर दो पुलिस वर्दीधारी और चार अज्ञात लोगों जिनके मुंह ढके हुए थे उन्होंने ही अपने हथियारों से राजेश पर गोलियां चला दीं। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। कनक शर्मा का आरोप है कि काफी देर बाद महिला दारोगा विपिन चैधरी उसे गाली-गलौज देते हुए मारपीट कर महिला थाना मथुरा ले गई और बार-बार कहने पर भी घर वालों से उसकी बात नहीं कराई। उसे यह धमकी दी गई कि यदि उसने राजेश टोंटा की हत्या को लेकर पुलिस के खिलाफ बयान दिया तो उसे और उसके इकलौते बेटे को भी मरवा दिया जायेगा। कनक का कहना है कि पुलिस ने अगले दिन करीब 11 बजे उसे थाने से जाने दिया। कनक शर्मा ने इस तहरीर की प्रतियां चीफ जस्टिस सुप्रीम कोर्ट, चीफ जस्टिस इलाहाबाद हाईकोर्ट, प्रदेश के राज्यपाल, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, आईजी जोन आगरा, डीआईजी रेंज आगरा को भी प्रेषित की हैं। योजना के अनुसार ही की गई टौंटा की हत्या राजेश टौंटा को घायल कर बाहर लाने की योजना पहले से ही बनाई जा चुकी थी। इसके लिये हथियारों को जेल के अन्दर पहुंचाये गये। बीच में आये अक्षय सौलंकी की हत्या जेल में ही हो गयी थी बीच में जो भी आया वह घायल हो गया। योजना सफल रही और राजेश टौंटा के पैर में गोली लगी। हत्या तो जिला अस्पताल में भी हो सकती थी क्यों कि भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में राजेश टौंटा को बार्ड में स्फिट किया गया था। साथ चल रहे पुलिस कर्मी भी उस समय कुछ होने की आशंका व्यक्त कर रहे थे। फिर योजना के अनुसार राजेश टौंटा जो कि डाक्टरों द्वारा खतरे से बाहर बताया जा रहा था। तो फिर पुलिस ने उसे आगरा क्यों रेफर किया वह भी देर रात्रि में एम्बुलेन्स में आगरा ले जाते समय महुअन टोल बेरियर के निकट ही एम्बूलेन्स रोक कर बदमाश उसमें दाखिल हुए और तावडतोड गोलिया मारी गयीं जिसमें राजेश टौंटा की मौंके पर मौत हो गई। इस घटना में किसी पुलिसकर्मी के घायल होने व एम्बुलेन्स में चल रहे किसी भी स्वस्थ्य कर्मी के घायल होने की पुष्टि नही हुई। जेल से लेकर राजेश टौंटा की हत्या की दोनों घटनाओं में अनेक प्रश्न हैं जिनसे ऐसा लगता है कि कही न कही पुलिस की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है।  

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ब्रज की सांस्कृतिक धरोहर को समेटे हुये अद्वितीय,  अविस्मरणीय होगी 15 मार्च की यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा श्री मान मन्दिर, श्री पुष्टिमार्ग एवं भारतीय किसान यूनियन ( भानू ) के संयुक्त तत्वाधान में यमुना मुक्ति का विगुल बज चुका है। यमुना मुक्तिकरण के कार्यकर्ताओं, श्री पुष्टिमार्गिय वैष्णवों एवं किसान कार्यकर्ताओं द्वारा पदयात्रा को भव्य और अद्वितीय बनाने के लिये दिन रात एक कर कार्य किये जा रहे है। यमुना मुक्तिकरण के अभियान के संयोजक सुनील सिंह ने पदयात्रा की तैयारियों व उसकी रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुये बताया कि इस बार होने वाली पदयात्रा अपने आप में विश्व की अनूठी पदयात्रा होगी जिसमें यमुना मुक्ति का अडिग संकल्प लेकर चलते हजारो, लाखों की संख्या में यमुना भक्तों के साथ साथ पदयात्रा में ब्रज संस्कृति की छटा दिखाई देगी। मानो कि स्वयं ब्रज भूमि सचल हो अपनी शान और पहचान यमुना को लेने पदयात्रा में चल रही हो। उन्होने पदयात्रा की रूप रेखा पर प्रकाश डालते हुये बताया कि अभी तक तय कार्यक्रम के अनुसार यात्रा में 500 से 600 की संख्या में ट्रेक्टर और ट्राॅली रहेगी जिसमें ब्रज संस्कृति को प्रदर्शित करने वाली  सैकड़ो झांकियां चलेगी। यात्रा में एक गौशाला भी रहेगी जिसमें कम से कम 11 गाय साथ यात्रा में अग्रणी होकर चलेगी, इसके बाद घोडे, ऊॅट बुग्गी, बैल गाडी, चलेगी, यात्रा में प्रख्यात रसिया मण्डल भी साथ रहेगें, ब्रज में विराज रहे विभिन्न ठाकुर के छवि स्वरूप विग्रह भी यात्रा में साथ चलेगे। सहसंयोजक ने बताता कि यात्रा में पहलवानों की एक दंगल टोली भी सम्मिलित रहेगी इसके साथ ही ब्रज के गोसाई की टोली रहेगी जो समाज गायन और पद गायन कर ब्रज संस्कृति की छटा बिखेरेगे। ब्रज के संस्कृत के छात्र यात्रा में अपने पारम्परिक बेशभूषा के साथ वेद मंत्रोच्चारण करते हुये साथ रहेगें। पदयात्रा में रास मण्डली भी साथ रहेगी जो अपने नाट्य कौशल से ठाकुर जी के चरित्रों का चित्रण करेगें, ब्रज की पारम्परिक वेश भूषा पहने लोकगीत गायक कलाकार आदि मौजूद रहेगे। सहसंयोजक ने बाताया कि कुलमिलाकर यात्रा को ऐसे चलाया जायेगा जैसे सम्पूर्ण ब्रज शनैः शनैः दिल्ली की ओर बढा चला जा रहा हो। यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में लाखों पदयात्रियों के साथ साथ ब्रज संस्कृति के अलग अलग रंग भी लोगो को देखने के लिये मिलेगें कहीं रसिया और फटके बाजी, तो कहीं समाज गायन, कहीं रास लीला तो कहीं कुश्ती के दांव पेंच, कहीं मथुरा के चैबों की चैपाल तो कही वेदपाठी ब्राह्मणों का मंत्रोच्चारण , कहीं हसी ठिठौली तो कहीं यमुना मुक्ति के तराने गूॅजेगे। इस बार की यात्रा अपने आप में अद्भुत, अविस्मरणीय और अद्वितीय होने वाली है जो यमुना को मुक्त कराकर ही लौटेगी।   छाता ब्लाक में किया जनसंपर्क सभा को सम्बोधित करते हुये कहा ‘ होेगी आर पार ’ की लड़ाई यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री जी द्वारा शनिवार को छाता ब्लाक के चिकसौली, राकौली, मानपुर , ढभाला, रूपनगर आदि गांवो में सघन संपर्क कर ब्रजवासियों को उनका धर्म याद दिलाते हुये कहा कि इस बार का आन्दोलन निर्णायक होने वाला अब आर या पार की लड़ाई होगी। ब्रजवासी अपनी मैया यमुना महारानी को मुक्त कराकर ही दम लेगें। चिकसौली में सभा को सम्बोधित करते हुये कहा कि यमुना का जितना हमारा धार्मिक महत्व है उतना ही भौतिक भी है। यमुना जल के विशाक्त होने के साथ साथ हमारे नीचे भूगर्भ का भी जल विशाक्त होता जा रहा है। यमुना के जहरीले जल के कारण जीवन, कृषि आदि सभी को हानि पहुॅच रही है आज हमारा सबसे बडा कर्तव्य बनता है कि हम यमुना की रक्षा करें क्योकि यमुना की रक्षा से ही धर्म, प्रकृति और संस्कृति की रक्षा होगी। इसलिये हे ब्रजवासियों यमुना की रक्षा के लिये उठो और जागो 15 मार्च को कोसी से दिल्ली चल यमुना की रक्षा में पूर्ण सहयोग दे। उपस्थित सभी ब्रजवासियों ने एक स्वर में कहा कि हम भी अपनी यमुना मां को स्वच्छ और निर्मल बहते देखना चाहते है और इसके लिये हम यमुना मुक्तिकरण के साथ मिलकर 15 मार्च को दिल्ली जायेगे।  यमुना मुक्तिकरण अभियान की टीम मध्यप्रदेश में प्रचार के लिये रवाना यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री व सहसंयोजक सुनील सिंह अभियान के कार्यकर्ताओं के साथ मध्यप्रदेश के ग्वालियर, मुरैना, झांसी और सागर के कई बडे इलाकों में अभियान को तीव्रता देने के लिये दो दिवसिय प्रचार दौरे पर शनिवार को रवाना हुये। अभियान की टीम द्वारा ग्वालियर, झांसी, सागर, मुरैना में बडी जन सभा कर लोगो से यमुना की रक्षार्थ 15 मार्च को यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में चलने का आवह्न किया जायेगा।  यमुना मुक्तिकरण अभियान की वृन्दावन नगर ईकाई ने किया तेहरा में जन संपर्क आज दिनांक 31 जनवरी को यमुना मुक्तिकरण अभियान की वृन्दावन नगर ईकाई द्वारा अभियान के राष्ट्रीय महासचिव हरेश ठेनुआ के नेतृत्व में तेहरा गांव पहुॅचे जहाँ पर टीम ने गांव वालो से 15 मार्च की यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में चलने का आवह्न किया गया। अभियान की वृन्दावन नगर ईकाई द्वारा तेहरा गांव में गांववासियों की एक सभा आयोजित की गई जिसमें यमुना मुक्ति को लेकर चर्चा की गई। अभियान के राष्ट्रीय महासचिव हरेश ठेनुआ ने यमुना की वर्तमान स्थिति से सभी ग्रामवासियों को अवगत कराया और कहा कि कभी जीवन देने वाला यमुना जल जल आज लाइलाज रोगों को जन्म दे रहा है, समय रहते हमें यमुना का शुद्ध अविरल प्रवाह लाना होगा वरना इसका परिणाम और भंयकर हो सकता है। हमारी मां यमुना ब्रज में नहीं है इसलिये उनके निर्मल प्रवाह को ब्रज में लाने के लिये संघर्ष करना होगा। गांवो ने उत्साह उमंग के साथ सभा में भाग लिया और संकल्प   लिया यमुना को मुक्त कराने के लिये जी जान लगा देगे। गांव के कृष्णदास बाबा ने कहा कि सभी ग्राम वासियों को 15 को होने वाली यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में चलने के लिये प्रेरित करेगें। इस अवसर पर राघव भारद्वाज, नीरज शर्मा, रामविनोद भट्ट , और लकी पंडित द्वारा भी ग्रामवासियों से यमुना को मुक्त कराने के लिये अभियान में बढ चढ कर भाग लेने की अपील की।   

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भारत विकास संगम में बजा बिगुल मथुरा, सीवरमुक्त नदियों को लेकर भारत विकास संगम के तत्वावधान में महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के अंतर्गत कनेरी क्षेत्र में 19 से 25 जनवरी के मध्य आयोजित भारतीय संस्कृति उत्सव में प्रदर्शित ‘नदियाँ छोड़ो, सीवर जोड़ो’ विषयक प्रदर्शनी एवं 20 जनवरी को हुए व्याख्यान में महाराष्ट्र समेत भारत की पवित्र नदियों में गिरते सीवरों पर रोष व्यक्त किया गया। संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष एवं ‘नदियां छोड़ो, सीवर जोड़ो’ आंदोलन के सूत्रधार डाॅ0 सुरेश चन्द्र शर्मा ने आरोप लगाया कि देश की हर नदी लगभग सीवर बनती जा रही है और सरकार वोट बैंक के चलते सिर्फ गंगा शु़िद्ध को फोकस कर रही है। जबकि गंगा को भी अन्य नदियों की तरह सीवर मुक्त करने की जरूरत है। मगर राजनीतिज्ञों और नदीशुद्धि माफियाओं के षडयंत्र के चलते गंगा-यमुना को सीवरमुक्त करने के बजाय शुद्ध करने का ढोंग रचा जा रहा है ताकि उनके घरों में धन की गंगा बहती रहे। बताया कि पिछले 28 वर्षों में लगभग 50 हजार करोड़ से भी ज्यादा रूपये गंगा-यमुना की सफाई पर खर्च हो चुके हैं और इस बीच दोनों नदियां शुद्ध होने के बजाय अशुद्ध ज्यादा हुई हैं। फिर भी वर्तमान सरकार मनमानी कर गंगाशुद्धि को बढ़ावा दे रही है। आगे बताया कि कोल्हापुर से उद्गमित पंचगंगा नदी कई वर्षों से पूना शहर का सीवर समेटते हुए कृष्णा नदी को अशुद्ध कर रही है। इसी तरह नासिक क्षेत्र से गोदावरी भी तटीय शहरों की सीवरवाहिनी बनती जा रही है। डाॅ0 शर्मा ने महाराष्ट्र की नदियों को सीवरमुक्त करने के लिए केन्द्र व राज्य सरकार से माँग की। चिंता जताई कि यदि राज्य सरकारों ने यदि अपने-अपने राज्यों की नदियों को सीवरमुक्त नहीं किया तो लोग विषाक्त जल से जल्द मरने शुरू हो जायेंगे।  डाॅ0 शर्मा ने नदियों को जोड़ने के लिए वर्ष 2014 के बजट में घोषित 100 करोड़ रूपये की परियोजना को निरस्त करने की माँग की। बताया कि इस परियोजना के कार्यान्वन से देश की सभी नदियां जहरीली हो जायेंगी। चेतावनी दी कि सरकार ने नदियों को सीवरमुक्त करने से पहले उन्हें जोड़ने की पहल की तो उग्र आंदोलन किया जायेगा। आंदोलन की भूमिका के बारे में ‘आस्था’ व ए बी पी समेत अन्य टी वी चैनलों को दिये गये साक्षात्कार में बताया कि सीवरमुक्त नदियों से पूर्व मथुरा में 27 अक्टूबर 2011 से यमुना मुक्ति आंदोलन से शुरूआत हुई थी जिसने आगे बढ़ते हुए 8 जून 2014 तक गंगा दशहरा पर्व पर देश की सारी नदियों को अपनी आगोश में समेेट लिया। आगे बताया कि आंदोलन को भरपूर जन समर्थन मिलने लगा है। जल्द ही लोग राज्य सरकारो समेत केन्द्र सरकार पर दबाव बनायेंगे।    

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मथुरा। यमुना की अविरल धारा को ब्रज में पुनः लाने के लिये व माँ यमुना को प्रदूषण मुक्त करने के लिये यमुना रक्षक दल ने ग्राम पाली, जमालपुर, सहार, रहैरा, देवपुरा, अवउ, उमरा आदि गाँवों में जाकर जनसम्पर्क किया। जिसमें सभी से एक फरवरी को दिल्ली जंतर मंतर चलने की अपील की गई। पाली के सभी यदुवंश समाज ने यमुना रक्षक दल को अपना समर्थन देते हुये कहा कि हमारा लक्ष्य यमुना को स्वच्छ व अविरल बनाना है इसके लिये हम आन्दोलन के साथ है। जिला प्रभारी डाॅ0 राजवीर सिंह ने कहा कि यमुना ब्रज की धरोबर है यमुना को हम मुक्त करा के ही दम लेंगे। हमें जहरीला जल कतई बर्दास्त नहीं। साथ ही उन्होने सभी यमुना भक्तों का सर्मथन के लिये आभार प्रकट किया। इस अवसर पर राधाबल्लभ शर्मा, मेघराम, गिरिराज सिंह, कुँवर सिंह,अनिल, निशान्त सिंह, श्याम भगत, ओमपाल, ब्रजपाल, हुकुम प्रधान आदि उपस्थित थे।

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