मथुरा

नई दिल्ली : पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अंतर्गत पेट्रोलियम नियोजन और विश्‍लेषण प्रकोष्‍ठ द्वारा संगणित/प्रकाशित सूचना के अनुसार कच्‍चे तेल की अंतर्राष्‍ट्रीय कीमत 25 जून को घटकर 110.86 अमरीकी डॉलर प्रति बैरल रह गई। यह पिछले कारोबारी दिवस 24 जून की कीमत 110.96 अमरीकी डॉलर प्रति बैरल से कम है। रुपये के संदर्भ में कच्‍चे तेल की कीमत 25 जून को घटकर 6682.64 रुपये प्रति बैरल रह गई, जबकि 24 जून को यह 6669.81 रुपये प्रति बैरल थी। रुपये 24 जून के 60.11 रुपये प्रति अमरीकी डॉलर की तुलना में 25 जून को कमजोर होकर 60.28 रुपये प्रति अमरीकी डॉलर पर बंद हुआ।

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नई दिल्ली : रेल किराए में वृद्धि का झटका देने के बाद मोदी सरकार ने जनता से तीन महीने तक गैस के दाम न बढ़ाने का ऐलान किया है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने कहा कि अगले तीन महीने तक रसोई गैस की कीमत में कोई वृद्धि नहीं होगी। नई सरकार ने गैस मूल्य में संशोधन को तीन माह के लिए टाल दिया है। इस दौरान सरकार इसकी वृहद समीक्षा करेगी। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि गैस का मौजूदा 4.2 डॉलर प्रति इकाई (एमएमबीटीयू) का मूल्य सितंबर अंत तक जारी रहेगा। इसमें LPG, CNG और PNG भी शामिल है. पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक रसोई गैस की कीमत को हर महीने पांच रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ाने पर विचार किया जा रहा था.

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कृष्णानगर, भूतेश्वर नाले को पुलिस फोर्स के साथ कराया साफ, दुकानदारों व स्थानीय नागरिकों से की सहयोग की अपील मथुरा,। जिलाधिकारी बी चन्द्रकला ने शहर को साफ सुथरा बनाने के लिए कमर कस ली हैं। इसी श्रंखला में जिलाधिकारी दिन प्रतिदिन शहर में सफाई व्यवस्था का जायजा लेने के लिए छापा मार कार्यवाही कर अधिनस्थों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी कर रही हैं। इसी श्रंखला में जिलाधिकारी बी चन्द्रकला ने आज पालिकाध्यक्ष मनीषा गुप्ता, व अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को साथ लेकर शहर के कृष्णा नगर में चैक पड़ें नाले का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि दुकानदारों ने नाले को ही कूड़ेदान बना लिया हैं और नाले के ऊपर अस्थाई अतिक्रमण कर रखा है अगर पालिका का सफाई कर्मचारी सफाई करने जाते है तो उसे सफाई नहीं करने देते जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ाई से दुकानदारो को हड़काया तो व्यापारी एकजुट होकर विरोध करने लगे जिलाधिकारी ने व्यापारियों के विरोध को दरकिनार कर मौके पर पुलिस फार्स बुलाकर व्यापारियों द्वारा किये गये अतिक्रमण को हटवाया तथा नाले की सफाई कार्य शुरू कराया, जिलाधिकारी के कड़ें तेवर देख व्यापारी भी नाला सफाई कार्य में स्वयं ही सहयोग करने लगें इसी प्रकार जिलाधिकारी ने भतेश्वर नाले का भी निरीक्षण किया जहाॅ नाले में कड़ें जमा होने पर तत्काल नाले की सफाई कराये जाने के निर्देश दिये। इसके पश्चात जिलाधिकारी बी चन्द्रकला शहर के हदृय स्थल होलीगेट पर आई जहाॅ शहर के मुख्य चैराहा पर गन्दगी को देख जिलाधिकारी का मूड़ उखड गया। जिलाधिकारी ने पाया कि हलवाई, व ठेले वालों ने कोई कूड़दान नहीं बना रखा है जिसकी वजह से शहर का चैराहा गन्दगी से अटा पडा हुआ था। जिस पर जिलाधिकारी ने दुकानदारों को कठोर चेतावनी देते हुए तत्काल कूड़ेदान रखने के निर्देश दिये साथ ही पालिका कर्मचारियों को निर्देश दिये कि अगर गन्दगी फलाने वाला कोई दुकानदार अगर कूडादान नहीं रखता है तो उसके विरूद्ध पालिका एक्ट के तहत कार्यवाही करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने आम जनमानस से अपील की है कि यह शहर आपका है और आप और हमें एक साथ मिलकर इस शहर को साफ सुथरा बनाना है इसमें आम जनमानस जिला प्रशासन का सहयोग करें।

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तीन महिलाओं से दुराचार, दो से प्रयास में रिपोर्ट दर्ज मथुरा। प्रदेश में सपा शासन में अब महिलाओं में असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही हैं। प्रदेश में आये दिन बलात्कार व छेड़छाड़ की घटनाओं में वृद्वि हो रही हैं। लेकिन पुलिस इनपर अकुंश लगाने में असफल साबित हो रही हैं। इसी श्रखला में जनपद मथुरा में विगत दिवस तीन महिलाओं से दुराचार की घटना घटित हुई वहीं दो महिलाओं के साथ दुराचार के प्रयास करने के मामलें प्रकाश में आये हें। पुलिस ने मामलें दर्ज कर अपने कार्य की इतिश्री कर ली हैं।  मिली जानकारी के अनुसार थाना बलदेव के ग्राम लहरौली घाट निवासी  रानी पत्नी रामस्वरूप (दोनो नाम काल्पनिक) ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि ग्राम के ही छोटू पुत्र करन सिंह ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर उसके घर में घुस आये और उसके साथ वारी वारी से दुराचार कर डाला। उसके द्वारा विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गये। दूसरी घटना इसी थाना क्षेत्र के ग्राम कारव निवासीं सीमा पत्नी रूपराम (दोनो नाम काल्पनिक) ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि जगन पुत्र सुग्रीव रनवीर पुत्र सुग्रीव, निवासी ग्राम दौलतपुर बलदेव मथुरा ने घर में घुसकर गाली गलोज की तथा जान से मारने की धमकी देते हुए वारी वारी से दुराचार किया। पीडि़ता ने नामजदों के विरूद्व रिपोर्ट दर्ज कराई हैं। थाना कोसी क्षेत्र के ग्राम कादौना निवासी टीकम पुत्र सरवन ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि बाबू उर्फ बुग्गा पुत्र हलों हरिजन निवासी कादौना ने उसकेी पुत्री को शौच को जाते समय वुरी नियत से पकड़ लिया और दुराचार का प्रयास किया पुत्री द्वारा चीख पुकार करने पर लोगों को आते देख मौके से भाग गया। थाना हाईवें क्षेत्र के ग्राम तन्तुरा निवासी बबली पत्नी रामजीलाल (दोनो नाम काल्पनिक) ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि ग्राम के ही कौशल पुत्र देवेन्द्र सिंह ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर उनकी पुत्री को नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश करने के बाद वारी वारी से बलात्कार कर डाला। युवती को होश आने पर पीडि़ता ने अपने साथ घटित हुई घटना से परिजनों को अवगत कराया जिस पर परिजनों ने नामजदों के विरूद्व दुराचार की रिपोर्ट दर्ज कराई हैं। इसी थाना क्षेत्र के श्रीजीधाम कालौनी में वाणिज्यकर अधिकारी धीरेन्द्र कुमार चतुर्वेदी ने अपनी नौकरानी को बुरी नियत से दवोच लिया व मुश्किल नौकरानी ने अपानी इज्जत बचा घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा हैं। वहीं थाना नौहझील में श्रीमती शकुन्तला देवी पत्नी सत्यवीर सिंह निवासी अहमदपुर थाना नौहझील को ग्राम के रामभाई पुत्र लीलाधर ने बुरी नियत से दवोच लिया। पीडि़ता द्वारा विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गये।  

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तीन दिन तक हवालात में बन्द रख कर बीमार बताकर छोड़ दिया पीडि़त की रिपोर्ट लिखने के बजाय लूट में जेल भेजना बताती रही पुलिस थानाध्यक्ष के अनुसार 151 में निरूद्ध कर पागलखाने में भर्ती कराया ग्रामीणों ने लगाया पुलिस पर मोटी सांठ गांठ कर छोड़ने का आरोप राया। थाना क्षेत्र के गांव सुथरिया में करीब एक पखवाड़े पूर्व आपराधिक वारदात को अंजाम देने आये करीब आधा दर्जन सशस्त्र बदमाशों से ग्रामीणों ने लोहा लेकर न सिर्फ उन्हें खदेड़ दिया बल्कि एक बदमाश को पकड़कर उसे पुलिस के सुपुर्द भी कर दिया। लेकिन थाना पुलिस ने उसे तीन दिन हवालात में रख पूछताछ कर उसे बीमार बताकर छोड़ दिया। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस उन्हें झूठा आश्वासन दे रही है कि उसे जेल भेज दिया गया है और उसके साथियों की तलाश जारी है। लेकिन जब ग्रामीण मामले की हकीकत से रूबरू हुए तो उनमें पुलिस के खिलाफ अच्छा खासा आक्रोश पनप गया। ग्रामीणो का आरोप है कि पुलिस ने भरतपुर से आये उसके साथियों से मोटा लेन देन का सौदा कर उसे बीमार बता कर थाने से ही छोड़ दिया है। जबकि पूछने पुलिस उसे पागल बता रही है और उसे शान्ति भंग करने के आरोप में पहले जेल भेजने और फिर उसे पागलखाने में भर्ती करने की बात स्वीकार रही हैै।  विदित हो कि विगत करीब एक पखवाड़े पूर्व रात्रि में थाना क्षेत्र के गांव सुथरिया में करीब आधा दर्जन सशस्त्र बदमाशों ने धावा बोल दिया। बदमाशों ने पहले से रेकी कर चुके नबाब सिंह पुत्र उम्मेद सिंह के घर को अपना शिकार बनाया। बदमाशों ने नबाब सिंह के घर की छत पर पहुंच कर पहले अपने एक साथी को घर में नीचे उतारा लेकिन घर में जागी हुई महिलाओं ने उस बदमाश को देखकर शोर मचा दिया। शोर सुनकर नबाब सिंह और परिजनों ने मिलकर बदमाश को दबोच लिया और शोर मचा मचाकर ग्रामीणों को एकत्रित कर लिया। उधर बदमाशों ने साथी को छुड़ाने के लिये छत से ही फायरिंग शुरू कर दी। एकत्रित हुए ग्रामीणों ने भी जबाब में फायरिंग खोल दी। फायरिंग करते हुए जब ग्रामीणों ने बदमाशों का घेराब शुरू किया तो वे जान बचाकर भाग निकले। लेकिन नबाब सिंह के घर में बन्धक बना बदमाश ग्रामीणों ने दबोच लिया। ग्रामीणों के अनुसार पहले तो उसकी जमकर मरम्मत कर डाली पूछने पर उसने ग्रामीणों को बताया कि उसका गैंग यहां मधुमक्खी पालन का काम कर रहे है और दिन में नबाब सिंह के घर की रेकी कर रात में वारदात को अंजाम दिया है। उसने बताया कि उसके सभी साथी बाहर के है और एक साथी निकट के गांव आयरा खेड़ा निवासी गुडडू पुत्र प्रताप सिंह है। कन्ट्रोल रूम पर सूचना देकर ग्रामीणों ने इलाका पुलिस को बुला लिया और पकड़े गये बदमाश को उससे बरामद तमंचे सहित पुलिस को सौंप दिया। पुलिस बदमाश को गिरफ्तार कर थाने ले आयी और उसे तीन दिन तक हवालात में रखा। लेकिन चैथे दिन अचानक वो बदमाश हवालात से गायब नजर आया। उसी बदमाश की निशानदेही पर पुलिस ने आयरा खेड़ा निवासी गुडडू के घर दबिश देकर गुडडू के न मिलने पर उसके पिता प्रताप सिंह को उठाकर थाने ले आयी। पुलिस ने तीन दिन तक प्रताप सिंह को भी थाने में बिठाये रखा और उसे भी थाने से ही छोड़ दिया। घटना की तहरीर देने वाले उम्मेद सिंह ने आरोप लगाया है कि न तो पुलिस ने उसकी रिपोर्ट ही दर्ज की और न ही गिरफ्तार किये गये बदमाश और उसके साथियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्यवाही की। उम्मेद सिंह के अनुसार पुलिस ने भरतपुर से बुलाये उसके साथियों से सांठ गांठ व मोटा लेन देन कर बदमाश को छोड़ दिया। ग्रामीणों के अनुसार बदमाशों का ये गिरोह बाबरिया गैंग कहलाता है और बहुत ही खतरनाक गिरोह है। वहीं थानाध्यक्ष राया राजा सिंह से जब इस बारे में पूछा तो उन्होंने ग्रामीणों द्वारा पकड़े गये बदमाश को पुलिस को सौंपा जाना स्वीकार किया लेकिन जेल भेजने के नाम पर उन्होनंे बताया कि उसके खिलाफ सिर्फ शान्ति भंग के आरोप में कार्यवाही हुई थी। बाद में उसे पागलखाने में भर्ती कराना पड़ा। थानाध्यक्ष के अनुसार ग्रामीणों द्वारा साथियों से मुठभेड़ कर रंगे हाथों लूट का प्रयास करते हुए पकड़ा गया उक्त बदमाश एक पागल था। ग्रामीणों ने उसे बेवजह पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था और वह पागल पुलिस के लिये सिरदर्द बन गया।  ग्रामीणों द्वारा रंगे हाथों लूट का प्रयास करते हुए उसके साथियों से मुठभेड़ कर दबोचे गये बदमाश के खिलाफ लिखित तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने उसके खिलाफ कोई कड़ी कानूनी कार्यवाही नहीं की। बल्कि पुलिस तहरीर देने वाले को तभी से झूठा आश्वासन दे रही है कि पुलिस ने उसे लूट के आरोप में जेल भेज दिया है। यदि वह पागल था तो पुलिस ने उसे तीन दिन तक हवालात में किस अधिकार से बन्द रखा और उसके खिलाफ शान्ति भंग करने के आरोप में कार्यवाही क्यों की। यदि शान्ति भंग की धारा 151 में उसकी जमानत हो गयी तो उसकी जमानत किसने दी। यदि जमानत देने उसके परिजन आये थे तो पलिस ने उसे परिजनों को सौंपने की बजाये पागलखानें क्यों भेज दिया इतने पर भी पुलिस पीडि़त शिकायतकर्ता से ये झूठ क्यों बोल रही है कि उसे लूट के आरोप मे जेल भेजकर उसके साथियों की तलाश की जा रही है ऐसे अनेकों सवाल इस मामले में पुलिस की ऐसी कार्यप्रणाली से पैदा होकर पुलिस की भूमिका को संदेह के घेरे में खड़ा कर रहे है और उनका जबाब देने को कोई भी पुलिसकर्मी सामने नहीं आ रहा है। जबकि ग्रामीण आरोप लगा रहे है पुलिस ने मोटी सांठ गांठ कर आरोपी थाने से ही छोड़ दिया और उसके खिलाफ कोई भी कानूनी कार्यवाही नहीं की गयी। थाने के सूत्र भी इस मामले में यही हकीकत स्वीकार कर थानाध्यक्ष की कार्य प्रणाली पर आरोप लगा रहे है। वास्तव में इस मामले का सच तो तभी निकल कर सामने आ पायेगा जब कोई उच्चाधिकारी इस मामले की सघनता से जांच कर दूध का दूध और पानी का पानी करेंगा।  

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मथुरा। समाजवादी पार्टी में नगर अध्यक्ष चै0 सईद की छुट्टी कर दी गई है। उनके स्थान पर बच्चों के डाॅक्टर अशोक अग्रवाल को समाजवादी पार्टी का नगर अध्यक्ष बनाया गया है। जिलाध्यक्ष का नाम तय होते होते रोक दिया गया है। संभावना है कि दो तीन दिन के अंदर नये जिलाध्यक्ष की घोषणा कर दी जाएगी। इसको लेकर दावेदार इटावा, सैफई और लखनऊ में परिक्रमा लगा रहे है। डा0 अग्रवाल की नियुक्ति से शहर के सपाईयों में हर्ष का माहौल है। सपा सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी बताती है कि तनवीर अहमद के नाम पर एक पक्ष की सहमति बनी थी लेकिन अचानक उसे रोक दिया गया। जानकार बताते है कि अगर घोषणा होती तो उसी समय जिलाध्यक्ष तय हो जाता लेकिन इसमें व्यवधान आ गया है। इसलिए अन्य दावेदार भी अब पूरी ताकत झोंककर पद हथियाने के चक्कर में है। सपा के बड़े नेता कहते है कि पूर्व में जो पदाधिकारी रहे उस पर विचार हो सकता है लेकिन अभी इसकी अधिकारिक जानकारी नहीं हुई है। जनपद में अन्य दावेदार भी हैं। इनमें तुलसीराम शर्मा, दौलतराम चतुर्वेदी, पूर्व जिलाध्यक्ष गुरूदेव शर्मा के नाम चल रहे है। बताते है कि पूर्व जिलाध्यक्ष किशोर सिंह ने तनवीर के नाम पर सहमति जताते उन्हें अध्यक्ष बनाने को कहा है। लेकिन इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई सूत्र बताते है कि शीघ्र ही जिलाध्यक्ष का नाम घोषित हो जाएगा।

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