मथुरा

मथुरा : पीएम नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान उस समय एक असहज स्थिति पैदा हो गई जब स्थानीय भाजपा सांसद हेमा मालिनी के पास शब्दों का अभाव पड़ गया। पीछे से एक केंद्रीय मंत्री के बताने पर उन्होंने जनता के सामने अपनी बात रखी। लेकिन, हेमा मालिनी की मदद करते हुए मंत्री की बात कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। दरअसल, अपने संसदीय क्षेत्र के विकास के लिए चलाई जा रहीं सरकारी योजनाओं के बारे में हेमा मालिनी को ज़्यादा कुछ पता ही नहीं था। तभी मंच पर उनके साथ खड़े पर्यटन मंत्री डा. महेश शर्मा ने बातों को संभाला और उन्हें बताया कि सरकार मथुरा और वृंदावन में पर्यटन के विकास के लिए बड़ी योजनाओं पर काम कर रही है। मंच पर पहुंचीं सांसद हेमा मालिनी ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा- "काफी कुछ काम कर रही हूं... और काफी करने की कोशिश कर रही हूं। आप सब जानते हैं कि यहां बिजली, पानी और सड़क की बहुत समस्या है, इन सबको हल करते-करते... और भी बहुत सारी योजनाएं हैं... उन सबके बारे में हमने हमारे प्रधानमंत्री जी से कहा हुआ है।" इसके बाद उन्हें कुछ समझ नहीं आया कि क्या बोलूं, तो मंच पर खड़े पर्यटन मंत्री डॉ. शर्मा ने उन्हें मदद करते हुए कहा कि बस इतना बोलिए कि 120 करोड़ रुपये मथुरा में पर्यटन के विकास के लिए कृष्णा सर्किट के नाम पर योजना में दिए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, यह बात दोहराने के बाद हेमा मालिनी ने उन्हें भाषण देने के लिए बुला लिया। लेकिन, पूरी बातचीत लोगों ने माइक पर सुन ली।    

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आदिवासी समाज में महिला पुरुष की साथी है। वह उसकी सहकर्मी है। उसकी समाज और परिवार में बराबर की भागीदारी है।  जी हां, बस्‍तर की आदिवासी महिलाएं हम शहरी महिलाओं की तरह अपने परिवार के पुरुष सदस्‍यों की मोहताज नहीं हैं। उन्‍हें बाजार से सब्‍जी-भाजी और सौदा मंगवाने से लेकर खेतों में हल चलाने तक के लिए अपने बेटे या पति का मुंह नहीं ताकना पड़ता है। वह हम शहरी महिलाओं से कई मायनों में बहुत ज्‍यादा समर्थ हैं। ये न सिर्फ घर के कामकाज करती हैं, बाल-बच्‍चे पालती हैं बल्कि पूरे दिन खेतों में काम करती हैं। इनका पूरा साल खेतों में कभी निंदाई-गुड़ाई करते तो कभी, बीज बोते गुजरता है। बस्‍तर की आदिवासी महिलाओं के अधिकार असीमित हैं। वह घर से बाहर तक की पूरी व्‍यवस्‍था संभालती हैं और हर कदम पर पति उसके साथ होता है। बड़ी मेहनती हैं ये महिलाएं...। इनके कामकाज का दायरा खेत-खलिहाल और हाट बाजार तक का है... और गांवों में दिन कटते देर नहीं लगती। इस तरह खेत का पूरा जिम्‍मा यही उठाती हैं। बीज लाना, उन्‍हें मूसलाधार बारिश में रोपना और कड़ी धूप में चौकीदारी करने के बाद काटना यह सब उन्‍हीं के जिम्‍मे है। यहां तक कि बाजार में इसे बेचने भी वही ले जाती हैं। ऐसी महिलाएं जो खेती नहीं करतीं, घर में बाड़ी में उगी सब्जियां और जंगली उत्‍पादों जैसे महुआ, टोरा, जलाऊ लकड़ी, लाख, आंवला, झाडू वगैरह को परिवार की आमदनी का जरिया बना लेती हैं और इस पूरी कवायद में पति उसके साथ रहता है। जब महिला खेत में जूझ रही होती है तो पति घर में बच्‍चों की देखभाल में लगा रहता है। वह उनके लिए खाना पकाता है। बारिश से बचाव के लिए छत की मरम्‍मत जैसे छोटे-मोटे काम करता है। आंगन की बाड़ी में सब्जियों, फलों, लताओं को संभालता है और घर के बुजुर्गों की देखभाल करता है। हर कदम पर पारस्‍परिक सहयोग और महिला अस्मिता के सम्‍मान की अनूठी मिसाल है बस्‍तर का आदिवासी समाज। इस समाज में महिला अपनी मर्जी की मालिक है। उसकी स्‍वायत्‍ता बल्कि अधिकारिता की बढ़िया मिसाल तो यही है कि वह न केवल अपना जीवनसाथी खुद चुन सकती है बल्कि चाहे तो पहले उसे ठोंक-बजाकर परख सकती है। इस परंपरा को ‘लमसेना’ कहा जाता है। इसके तहत शादी के योग्‍य युवक को युवती के घर में रहकर काम-काज में मदद करके अपनी योग्‍यता सिद्ध करनी पड़ती है। इस परीक्षा में फेल या पास करने का अधिकार पूरी तरह से युवती पर होता है। लमसेना बैठाने की यह परंपरा सरगुजा और मंडला के गोंड समाज में भी है। यही नहीं, इससे पहले परिवार और घरेलू कामकाज के प्रशिक्षण के‍ लिए उन्‍हें ‘घोटुल’ जाने की छूट है। विदेशी सिनेमाकारों ने हालांकि इस संस्‍था की नाइट क्‍लब से तुलना कर खासा बदनाम कर रखा है पर वास्‍तव में ऐसा है नहीं। यह आदिवासी नौजवानों के संस्‍कार गृह हैं। घर के कामकाज से निपटकर युवक-युवती रात में यहां जुटते हैं और किसी सयानी महिला की निगरानी में नाचते-गाते और कामकाज सीखते हैं। मन मिल गया तो शादी के साथ युवा जोड़े की घोटुल से विदाई हो जाती है। वे फिर उधर का रुख नहीं कर सकते। घोटुल अब बस्‍तर के परिवेश से गायब हो चले हैं। शहरी खासतौर पर मीडिया की दखलंदाजी ने इस संस्‍था को लुप्‍त होने पर मजबूर कर दिया है। पर, आदिवासी युवती की निरपेक्ष स्थ्‍िाति की इससे बेहतर मिसाल और क्‍या हो सकती है? आदिवासी युवतियों को अकेलेपन से भी डर नहीं लगता। बस्‍तर के सुदूर नक्‍सल प्रभावित इलाकों में ऐसी कई युवतियां हैं जिनके विख्‍यात परिवारों में अब जायदाद संभालने वाले नहीं रहे। लेकिन, वे वहां न केवल विरासत संभाल रही हैं बल्कि उनके परिवार की छत्रछाया की दरकार रखने वाले आदिवासियों को आसरा भी दे रही हैं। बड़े आदिवासी परिवारों की लड़कियां गांव छोड़कर दिल्‍ली से लंदन तक कहीं भी बस सकती थीं। उनका समर्पण देखिए, जज्‍बा देखिए अपने लोगों के लिए स्‍नेह देखिए। यह स्थिति तब है जब घने जंगलों के बीच बसे गांवों में सूरज की रोशनी नहीं पहुंचती, जंगली जानवरों का खतरा मंडराता रहता है और अस्‍पताल में दवाइयों का पता नहीं रहता और स्‍कूल बदहाल हैं। यदि इन्‍हें शहरी लोगों से मामूली या बराबर की सुविधाएं मिल जाएं तो इनकी हिम्‍मत, इनका जज्‍बा और ताकत बोजड़ होगी यह तय मानिए। (लेखिका वरिष्‍ठ पत्रकार हैं)

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सोमवार को फरह के दीनदयाल धाम में आयोजित प्रधानमंत्री की जनसभा के लिए सौंख क्षेत्र में कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित करते प्रदेश संगठन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह प्रदेश संगठन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह पहुंचे सौंख सौंख समाचार। सोमवार को नगला दीनदयाल धाम में आयोजित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा में भीड जुटाने के उद्देश्य से प्रदेश संगठन मंत्री स्वतंत्रदेव जनसंपर्क करने के लिए सौंख पहुंचे और कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बडी सख्या में कार्यकर्ताओ से प्रधानमंत्री की जनसभा में पहुंचने की अपील की। गोवर्धन रोड पर एक गेस्ट हाउस में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में उपस्थित भाजपा कार्यकर्ताओं से संगठन मंत्री ने अधिकाधिक संख्या में फरह क्षेत्र के दीन दयालधाम में सोमवार को होने वाली जन कल्याण पर्व रैली में पहुंचने की अपील की। उन्होने कहा कि कार्यकर्ता बडी संख्या में रैली में पहुचे और वहां से प्रधानमंत्री के संबोधन और संदेश को प्राप्त कर जनता तक पहंुचायें। इससे भाजपा की नीतियों और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जनता को मिल सके। इस मौके पर राजेश चैधरी, चेयरमैन सौख शिवशंकर वर्मा, जगदीश कुंतल, विजय सिंह, बलजीत सिंह, संजू सिंह, सुशील अग्रवाल, भूपेन्द्र चैधरी, अनिल कुमार, दीपक वर्मा, सत्तो सिंह, राधेश्याम, हुकुमसिंह हवलदार, आदि मौजूद थे।  

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मथुरा : भारतीय जनता पार्टी का पूरा अमला नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित रैली को भव्य बनाने में जुट गया है। 

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एक माह पूर्व बछगांव से थी किशोरी गायब  गांव के ही युवक पर किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का आरोप सौंख समाचार। थाना मगोर्रा क्षेत्रान्तर्गत करीब एक माह पूर्व गांव बछगांव से एक किशोरी को बहला- फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में शनिवार को पुलिस ने किशोरी को राजस्थान से बरामद कर लिया है। आरोपी युवक को भी पकड लिया गया है।  एक माह पूर्व 14 अपै्रल को सौंख के गांव बछगांव का युवक गांव की एक किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया। किशोरी के चाचा नकुल ने 22 अप्रैल को गांव के आरोपी युवक ओम नारायण के खिलाफ किशोरी को भगा ले जाने की रिपोर्ट दर्ज करायी थी। इस पर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए शुक्रवार को देर शाम सर्विलांस के जरिए युवक और किशोरी की लोकेशन ट्रैस करके किशोरी को आरोपी युवक के साथ भिवाडी अलवर राजस्थान से पकड लिया। पुलिस टीम में चैकी प्रभारी सत्यवीर सिंह यादव व कांस्टेबल जायद हुसैन व अवधेश साथ थे। शनिवार को पुलिस ने आरोपी युवक और युवती को न्यायालय में पेश किया। जहां युवती के बयान दर्ज कराने के बाद युवती को परिजनों को सौंप दिया तथा आरोपी युवक को जेल भेज दिया गया।  

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मथुरा : भारतीय जनता पार्टी का पूरा अमला नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित रैली को भव्य बनाने में जुट गया है।  इस श्रृंखला में, भाजपा के प्रदेश प्रभारी ओम माथुर और प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मी कान्त वाजपेयी ने दीनदयाल धाम में मोदी की जनसभा के मंच और हेलीपेड की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।  इस अवसर पर नेता द्वय ने कहा कि जनकल्याण सभा आजादी के बाद मथुरा में हुई सभी जनसभाओं में सबसे बड़ी होगी और उत्कृष्ट होगी।  सुनील बंसल, मनीष शुक्ला, पुरुषोत्तम खण्डेलवाल, डीपी गोयल, रविकांत गर्ग, ओमप्रकाश सिंह, कारिंदा सिंह, अजय पोइया, राजीव अग्रवाल, रामकिशन पाठक, माधव गुप्ता, महिपाल सिंह, ज्ञानेन्द्र शर्मा, राजदर्शन पचौरी, निखिल, अवधेश, रवि महेश्वरी, प्रदीप गोस्वामी, राजू यादव आदि उपस्थित थे।

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मथुरा : दीनदयाल नगर में 25 मई को होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान उनकी सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता हुआ एक एसएमएस यहां कई लोगों को मिला है। 

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मथुरा : पं. दीनदयाल उपाध्याय की जन्मस्थली दीनदयाल धाम में 25 मई को भारतीय जनता पार्टी की जन कल्याण पर्व रैली की तैयारियों से यहां किसी बड़े महोत्सव होने का आभास हो रहा है।

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मथुरा : पं. दीनदयाल उपाध्याय की जन्मस्थली दीनदयाल धाम में 25 मई को भारतीय जनता पार्टी की जन कल्याण पर्व रैली की तैयारियों से यहां किसी बड़े महोत्सव होने का आभास हो रहा है। स्मारक और सेवा केंद्र की छोटी-छोटी कमियों को खोजकर दुरुस्त किया जा रहा है। गांव के आसपास सालों से जमे कूड़े के ढेर गायब होने लगे हैं। महिलाओं को भविष्य में इसी व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कहा जा रहा है, जिससे शताब्दी महोत्सव के दौरान फिर मेहनत नहीं करने पड़े। जेसीबी की मदद से गांव के आसपास लगे गंदगी के ढेर हटाए जा चुके हैं। केंद्र सरकार की एक साल की उपलब्धियों का बखान करने यहां आ रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जन कल्याण रैली के आयोजन में अभी कई दिन बचे हैं लेकिन इससे पहले ही करीब पांच सौ लोगों को अस्थाई रोजगार हासिल हो गया। हैलीपेड, रैली मंच, सेवा केंद्र और स्मारक में जुटे तमाम मजदूर केवल खेती के दौरान काम करने वाले हैं। प्रधानमंत्री के आगमन के लिए चल रही तैयारियों का मुआयना बुधवार को आगरा परिक्षेत्र की डीआइजी लक्ष्मी सिंह ने अधीनस्थों के साथ किया। इस दौरान उन्होंने स्मारक समिति के मंत्री डॉ. रोशनलाल और महोत्सव समिति के महामंत्री अशोक कुमार टैंटीवाल के साथ प्रधानमंत्री के कार्यक्रम पर चर्चा कर कुछ सुझाव भी दिए। उनके साथ एसएसपी डॉ. राकेश सिंह और अन्य पुलिस अफसर मौजूद थे। रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा को लेकर एसपीजी भी सक्रिय हो गई है। एसपीजी लखनऊ से जुड़े एक अफसर ने बुधवार को यहां की तैयारियों का जायजा लिया और प्रधानमंत्री सुरक्षा के मद्देनजर कुछ बातें समिति पदाधिकारियों को बताकर स्मारक के कुछ शीशों को काला करने को कहा। एसपीजी अफसर ने मंच और हैलीपेड का बारीकी से निरीक्षण किया। पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मारक के पीछे वाली सड़क को करीब 14 साल पहले पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी बाजपेयी के आगमन के दौरान दुरुस्त कराया गया था। इस मार्ग पर बनी नालियों के टूटने से यह सड़क अस्थायी तालाब बन चुकी थी। ग्रामीणों में इसके चलते रोष भी था। बुधवार को सड़क पर गिट्टी और मोरंग डाल दिया गया। सालों से सरकारी पटरी को फड़ वालों के हाथ बेचने वाले दुकानदार बुधवार सुबह परखम चौराहे से हटा दिए गए हैं। इस दौरान कुछ सफेदपोश राजनीतिक उल्लू सीधा करते भी दिखे। इस दौरान लोगों ने सालों बाद ही सही, लेकिन कारगर काम होने पर संतोष जताकर कहा कि चलो कुछ दिन को तो राहत मिल ही गई। रैली की तैयारियों को लेकर पिछले सप्ताह हुई भाजपा की बड़ी बैठक से अनुपस्थित होकर चर्चा का केंद्र बनी मथुरा की सांसद हेमामालिनी भी आखिरकार बुधवार को दीनदयाल धाम पहुंची। सभास्थल की तैयारियों को देखने के बाद उन्होंने स्मारक पर जाकर पं. दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया और स्वयसेवकों से चल रहे कामों की जानकारी ली। इंतजामों को बेहतर कराने को भारतीय जनता पार्टी का शीर्ष संगठन भी सक्रिय है। भाजपा के राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिव प्रकाश ने बुधवार दोपहर को इंतजामों को देखा और काम पर निगाह रखे कार्यकर्ताओं से वार्ता की। इस दौरान महीपाल सिंह, नरेन्द्र पाठक, ज्ञानेन्द्र शर्मा, भीम चंद दुबे, राजदर्शन पचौरी, ब्रजमोहन गौड़, नरेन्द्र सिंघल आदि मौजूद थे।  भाजपा प्रदेश प्रभारी ओम माथुर व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकान्त वाजपेयी भी जनसभा के आयोजन स्थल का निरीक्षण कर चुके हैं।

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यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास एवं यमुना रक्षक दल का प्रतिनिधि मंडल केन्द्रीय राज्य जलसंधान मंत्री सांवर लाल जाट से दिल्ली श्रम शक्ति भवन में भेंट की। बैठक में यमुना मुद्दे पर काफी गंभीर वार्ता हुई। करीब 80 मिनट तक यह महत्वपूर्ण बैठक चली। यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास ने मंत्री जी को यमुना के वर्तमान स्थिति के विषय में विस्तार पूर्वक अवगत कराया। मंत्री जी यमुना की वर्तमान स्थिति जानकर द्रवित हो गये और उन्होने भरोसा देते हुए कहा कि केन्द्र सरकार यमुना के प्रति गंभीर है, नालों का सर्वे हो गया है। गंगा के साथ-साथ यमुना का भी कार्य होगा। प्रधानमंत्री यमुना से अवगत हैं। उन्होने कहा कि केन्द्र सरकार शीघ्र ही यमुना के लिए कार्य करेगी। बैठक में राष्ट्रीय सलाहकार सोहनलाल आचार्य, राष्ट्रीय स्चिव आर.पी. सिंह, राष्ट्रीय सचिव ठा. मुकेश सिंह, वृन्दावन नगर अध्यक्ष श्रीदास प्रजापति मौजूद थे।   

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