मथुरा

लेखक पवन तिवारी   हाल में ही देश में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव के मतदान के तुरंत बाद देश के कई टीवी चैनलों ने एग्जिट पोल के माध्यम से यह बताने का सिलसिला शुरू कर दिया कि देश में किसकी सरकार बनेगी...।   एग्जिट पोल के परिणामों के बाद देश के कुछ दलों में खुशी की लहर है तो कुछ दलों में मायूसी छा गई है। अब सवाल यह है कि एग्जिट पोल के नतीजे कितने सही हैं।   एग्जिट पोल के लिए तमाम एजेंसी वोट डालने के तुरंत बाद मतदाता से उनकी राय जानती हैं और उसी राय के आधार पर नतीजे तैयार किए जाते हैं। भारत में चुनाव विकास से लेकर जाति और धर्म जैसे तमाम मुद्दों पर लड़ा जाता है। ऐसे में मतदाता ने किसको वोट दिया है... यह पता करना आसान नहीं होता। ...और, अक्सर मतदाता इस सवाल का सही जवाब नहीं देते हैं।   पश्चिम देशों में एग्जिट पोल भले ही सटीक नतीजे देते हो लेकिन भारत जैसे देश में हमेशा से ही एग्जिट पोल की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते आए हैं। सवाल खड़े होने के कई कारण हैं। क्या एक मतदान केन्द्र के बाहर 10 मतदाता या एक विधानसभा से 2000 मतदाताओं के वोट यह तय कर सकते हैं कि देश या प्रदेश में किसकी सरकार बनेगी...? अक्सर देखा गया है कि विविधताओं से भरे भारतीय समाज में एग्जिट पोल सही आकलन नहीं कर पाते हैं। Samiksha Bharti News Service  अभी तक के संभावित चुनाव परिणामों को देखकर यह कहा जा सकता है कि इस बार हुए एग्जिट पोल वास्तविकता से दूर हैं और इस 'भविष्यवाणी' और चुनाव परिणामों के बीच कोई संबंध नजर नहीं आ रहा है। खास कर टाइम्स नाउ के एनडीए के लिए 249 सीट तथा न्यूज 24 के 340 के आकड़े में दूर-दूर तक कोई निकटता नजर नहीं आती हैं।   बेहतर यही है कि एग्जिट पोल के इस जंजाल से बचकर क्यों न हम 16 तारीख का इंतजार कर लें...।

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नई दिल्ली : पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अंतर्गत पेट्रोलियम नियोजन और विश्लेषण प्रकोष्ठ द्वारा संकलित प्रकाशित सूचना के अनुसार कच्चे तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमत 12 मई को घटकर 105.58 अमरीकी डॉलर प्रति बैरल हो गई। पिछले कारोबारी दिवस 9 मई को यह 106.05 अमरीकी डॉलर प्रति बैरल थी।   रुपये के संदर्भ में 9 मई को 6368.30 रुपये प्रति बैरल की तुलना में 12 मई 2014 को यह मामूली रूप से घटकर 6306.29 रुपये प्रति बैरल रह गई। रुपये 9 मई के 60.05 रुपये प्रति अमरीकी डॉलर की तुलना में 12 मई को 59.73 रुपये प्रति अमरीकी डॉलर के साथ मजबूती पर बंद हुआ ।

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गोवर्धन के रामानन्दाश्रम में भागवत कथा के दौरान प्रवचन करते भागवत प्रवक्ता सन्त शंकर जी महाराज   गोवर्धन। भागवत कथा का स्वाद मानव को लग जाए तो उसके सारे पाप, कष्ट दूर हो जाते हैं। मानव को अपना जीवन धन्य करने के लिए हर समय भगवत भजन करते रहना चाहिए तभी उसकी मुक्ति सम्भव है। भगवान कभी अपने भक्त में दोष-विकार नहीं देखते हैं। उक्त विचार गिरिराज महाराज की तलहटी के आन्यौर परिक्रमा मार्ग स्थित रामानन्दाश्रम में भागवत कथा के अवसर पर खाम गांव महाराष्ट्र के जाग्रति आश्रम के सन्त शंकर जी महाराज ने कहे। उन्होंने कहा कि आप सभी श्रोताओं को भगवान गिरिराज महाराज की गोद में बैठकर भागवत कथा सुनने का मौका मिल रहा है। इस कार्यक्रम में भाग लेने से आप सभी भक्तगणों के सभी पाप एवं कष्ट दूर हो गए। उन्होंने कहा कि यह वही स्थल है जहाँ पर इन्द्र का अभिमान दूर करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों से गिरिराज जी महाराज की पूजा कराई। स्वंय भगवान श्रीकृष्ण ने एकरूप से गिरिराज जी की पूजा की तो दूसरे रूप में स्वंय पूजा कराई थी। जब इन्द्र देवता भगवान श्री कृष्ण की इस पूजा से नाराज हो गए और सम्पूर्ण ब्रजमण्डल में घनघोर बरसात कर ब्रज में प्रलय कर डाली लेकिन भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी कन्नी उंगली से सात कोस लम्बे पर्वत को उठा लिया और ब्रज की रक्षा की। जब इन्द्र को भगवान श्रीकृष्ण की इस लीला का ज्ञान हुआ तो तुरन्त वह भगवान श्रीकृष्ण की शरण में आकर क्षमा-याचना मांगने लगे। वहीं द्वापर काल में गिरिराज जी के स्वरूप में ब्रज में दिया है। वह यही स्थल है। भागवत के दौरान रामानन्दाश्रम के महामंत्री महन्त पं० शंकरलाल चतुर्वेदी एवं संस्थान के अध्यक्ष राकेश चतुर्वेदी ने भागवत कथा की आरती उतारी और भागवत कथा में शिवलाल चतुर्वेदी, जगदीश राय, पुण्डलीका पाटिल, डा० हरकुट, भगवान राठी, बालूअवचार, देवेन्द्र मलकर, चन्द्रशेखर इंदौड आदि मौजूद थे।

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यमुना प्राकट्योत्सव की तैयारियां करते यमुना रक्षक दल के कार्यकर्ता   मथुरा। यमुना रक्षक दल द्वारा यमुना प्राकृट्य महोत्सव की तैयारियों के लिये गऊघाट पर बुधवार सांय काल में यमुना भक्तों की बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें सैकड़ों यमुना भक्तों ने भाग लिया। 15 मई गुरूवार को गऊघाट पर होने वाले यमुना प्राकृट्य महोत्सव में रमणरेती के काष्र्णि गुरू शरणानन्द जी सभी भक्तों को आशीर्वाद देने गऊघाट पर सांय 5 बजे पहुॅचेंगे। यमुना रक्षक दल द्वारा महोत्सव की तैयारियों के अन्तर्गत नगर में होर्डिंग बैनर लगा दिये गये है व प्रभात फेरी व सांय काल में समीपवर्ती इलाके में संकीर्तन फेरी लगा जन जागृति की जा रही है। यमुना प्राकृट्य महोत्सव में भाग लेने जिले गांव गांव से ब्रजवासी पधारेंगे। इस महोत्सव में यमुना का पूजन व उनकी मुक्ति के लिये भक्त संकल्पित होगें। गुरू शरणानन्द जी द्वारा अखंड संकीर्तन के लिये गऊघाट पर बने संकीर्तन हाॅल का शुभारम्भ करवा उसमें अखंड संकीर्तन को प्रारम्भ किया जायेगा। बुधवार को बैठक में पहुॅचे यमुना भक्तों ने घाटों पर पानी व झाडू लगा घाटों को चमकाने हेतु 1 घंटे श्रमदान भी किया। यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास ने कहा कि गुरू शरणानन्द जी द्वारा यमुना सफाई अभियान में दिये गये मशीनी बेडा सफाई कार्य को रफ्तार प्रदान कर रहा है अब उनकी उपस्थिति व आर्शीवाद इस कार्य को व यमुना भक्तों के मनोबल में वृद्धि कारक होगा। दल यमुना को ब्रज में अपने अविरल स्वरूप में लाके रहेगा और इसकी लड़ाई बहुत लम्बी है। इसमें वही विजय होगा जो सतत् कार्य करता रहेगा यमुना के स्वरूप की रक्षा, उसकी शुद्धि एवं मुक्ति के लिये कार्य करता रहेगा। संतो के आशीर्वाद से यमुना रक्षक दल सरकार से यमुना मुक्ति व जमीनी तौर पर एक राॅल माॅडल प्रस्तुत करने हेतु गऊघाट पर सफाई अभियान में जुटा सतत् लगा हुआ है। इस अवसर पर यमुना रक्षक दल के महासचिव रमेश सिसौदिया, जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह, नगर महामंत्री शरद वर्मा, राजेन्द्र भगत, विनोद शर्मा, त्रिलोकी व्यास, राजू पेण्टर, विवेक शर्मा, फौजी बाबा, गोपाल पाण्डे, मोहन, अब्दुल हबीज, रतन सिंह, भोला पंडित आदि उपस्थित थे।

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बाबा जयगुरूदेव के द्वितीय वार्षिक सत्संग मेले की जानकारी देते पंकज बाबा   मथुरा। आगरा दिल्ली बाई पास मथुरा स्थित जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था व ट्रस्ट के संस्थापक बाबा जयगुरुदेव के 18 मई 2012 को हुए महाप्रयाण के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में यहाँ 6 दिवसीय द्वितीय वार्षिक भण्डारा सत्संग मेले का आयोजन 16 से 21 मई 2014 तक किया जा रहा है। लगभग 750 वर्षों में कलयुग में सन्तों फकीरों के आने का सिलसिला प्रारम्भ हुआ। सन्त कबीर, गोस्वामी जी, नानक, रैदास, मीरा, दरिया साहब, पल्टू साहब, शहंशाह, स्वामी शिवदयाल आदि की तरह बाबा जयगुरुदेव जी भी मनुष्य शरीर में आये और सनातन विद्या के प्रचार के लिये विविध कार्यक्रम किये और काफिला यात्रायें निकाली। वे सच्चे राष्ट्र भक्त व समाज सुधारक थे। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों, जीव हिंसा, मांसाहार, नशीले पदार्थों के सेवन व दहेज प्रथा आदि को छुड़ाकर अच्छे समाज व राष्ट्र निर्माण के लिये काम किया। जीवों के जागरण व आत्म कल्याण हेतु अन्तिम समय तक काफिला यात्रायें निकाल कर रूहानी, परमार्थी लाभ तथा अच्छे संस्कार डालने का कार्य करते रहें। बीस करोड़ से ऊपर जीवों को प्रभु प्राप्ति का रास्ता नामदान दिया। नशे का परित्याग और शाकाहार अपनाने को लोगों से अपील की और इसके प्रचार हेतु व्यापक अभियान चलवाया। वे कहते थे कि जो प्रभु प्राप्ति का रास्ता मिला हुआ है उसकी कमाई हर रोज करो। आलस्य करोगे तो मन मोटा हो जायेगा। उक्त विचार जय गुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था व ट्रस्ट के अध्यक्ष पंकज जी महाराज ने पत्रकार वार्ता में व्यक्त किया। उन्होने बताया कि बाबा का जन्म उप्र के इटावा जिला मंे सेंगर नदी के किनारे खितौरा गाँव में हुआ। वहांँ पर बाबा की स्मृति में एक मन्दिर खितौरा कोठी निर्माणाधीन है। इनके माता पिता ने इनका नाम तुलसीदास रखा था। इनको अपने माता पिता का सानिध्य थोड़े ही दिन मिला था। माँ द्वारा कही गई बात को याद कर ये अल्पायु में घर छोड़कर प्रभु प्राप्ति के लिए निकल गये थे। गुरु की खोज में अलीगढ़ जिला के इग्लास तहसील के चिरौली गाँव में स्वामी घूरेलाल जी ने उन्हें प्रभु प्राप्ति का रास्ता बताया। बाबा ने सत्संग की शुरुआत सन् 1952 में वाराणसी से की थी। उस समय उन्होंने कहा था कि सत्संग की यह धार जो अभी एक नाले के रूप में दिखाई दे रही है, आगे चलकर नहर, नदी से बढ़कर समुद्र का रूप ले लेगी। उनकी कही गई बातें शत् प्रतिशत सच हो रही हैं। अपने गुरु घूरेलाल जी की याद में जयगुरुदेव नाम योग साधना मन्दिर का निर्माण मथुरा में कराया जहां से निरन्तर बरकत बट रही है। उनका कहना था कि धर्म अनुकूल वातावरण में पनपता है। भारत विश्व गुरु बनेगा, इसके लिए परिवार, समाज और राष्ट्र की स्थिति ठीक होनी चाहिए। जिसका आधार धर्म होगा। जिसके लिए सन्तों का सत्संग एवं समागम आवश्यक है। द्वितीय भण्डारे को यादगार बनाने हेतु मेला परिसर को 41 सेक्टरों में विभाजित किया है। व्यवस्था सुचारू संचालित करने हेतु 35 विभाग बनाकर उसकी जिम्मेदारी लोगों को सौपी गई है। पूजन व प्रसाद वितरण 18 मई को रात्रिः 9.30 बजे, भण्डारा 19 मई, उसी दिन प्रातः 11 बजे से भोजन प्रसाद प्रारम्भ होगा। सत्संग नित्य प्रातः 5ः30 और सायं 5ः00 बजे, प्रार्थना, साधना प्रातः व सायं होगा। दहेज रहित विवाह सायंकाल 8ः00 बजे, कुछ जिलों के भण्डारे और शर्बत प्याऊ कैम्प प्रारम्भ हैं। वार्ता में मनुभाई पटेल उपाध्यक्ष, रामकृष्ण यादव महामन्त्री, डा0 केके मिश्रा कोषाध्यक्ष, विनय कुमार सिंह मन्त्री, चरन सिंह मेला प्रभारी, सन्तराम चैधरी मेला प्रबन्धक, विजय प्रकाश श्रीवास्तव, सुनील यादव, प्रवक्ता डाॅ0 राज बहादुर चैधरी व अनिल ठाकुर, पीसी काले, आनन्द बहादुर सक्सेना, उदयराज सिंह, डीडी शुक्ला आदि उपस्थित रहे।

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मथुरा। थाना हाईवें क्षेत्र के वाजना पुल के पास टैªन से कटकर हुई युवक की मौत के बाद पुलिस ने मृतक युवक की शिनाख्त नारायण सिंह निवासी शिव नगर हाईवें के रूप में की हैं। बताया जाता है कि मृतक नारायण सिंह रंगाई पुताई का कार्य करके अपना जीवन यापन करता था।

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