धर्म, कला और संस्कृति

गायत्री मंत्र का सर्वप्रथम उल्लेख हिंदू धर्म के सबसे पुराने पवित्र ग्रंथों में से एक ऋग्वेद में मिलता है। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार गायत्री मंत्र की उत्पत्ति ऋषि विश्वामित्र द्वारा की गई थी।

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माना जाता है कि जीवन जीने की शक्ति और संसार की चुनौतियों का सामना करने का अदम्य साहस देने वाले ॐ के उच्चारण करने मात्र से विभिन्न प्रकार की समस्याओं व व्याधियों का नाश हो जाता है...

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यदुवंश के राजा शूरसेन के एक पुत्र वसुदेव और एक पुत्री पृथा थे। पृथा को शूरसेन ने अपनी बुआ के संतानहीन पुत्र कुंतीभोज को गोद दे दिया। जहां कुंतीभोज ने इस कन्या का नाम ‘कुंती’ रखा...

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मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में ऐंती ग्राम के निकट शनि पर्वत पर स्थित शनिचरा मंदिर को शनि महाराज की तपोभूमि माना जाता है। शनि पर्वत का उल्लेख त्रेता युग से ही मिलता है...

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'महामृत्युंजय मंत्र' को मृत्यु टालने वाला मंत्र बताया गया है। इसकी रचना के पीछे भी एक रोचक कहानी है। एक पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान शिव के परम भक्त ऋषि मृकण्डु हमेशा शिव की भक्ति में लीन रहते थे।

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कृष्ण और राम के जीवन चरित्र का यदि हम गहनता से अध्ययन करें तो हमारे सामने इन दोनों दैवीय शक्तियों के मानव रूप में अवतरित होने के पृथक उद्देश्यों तथा उनमें निहित गहरे रहस्यों का अनावरण होता है।

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