देवों के देव महादेव का अभिषेक भांग, धतूरे, फल, फूल और बिल्वपत्र इत्यादि से किया जाता है। माना जाता है कि भगवान शंकर की पूजा बिना बिल्वपत्र के अधूरी होती है। शास्त्रों में माना गया है कि बिल्वपत्र भगवान को अति प्रिय है...
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देवों के देव महादेव का अभिषेक भांग, धतूरे, फल, फूल और बिल्वपत्र इत्यादि से किया जाता है। माना जाता है कि भगवान शंकर की पूजा बिना बिल्वपत्र के अधूरी होती है। शास्त्रों में माना गया है कि बिल्वपत्र भगवान को अति प्रिय है...
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मध्य प्रदेश के खरगोन स्थित सिरवेल में भगवान शिव का एक अति प्राचीन मंदिर है। सतपुड़ा की वादियों में मौजूद यह मंदिर एक गुफा के अंदर है। इस शिवलिंग का प्रतिदिन बूंद-बूंद पानी से प्रकृति अभिषेक करती है।
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वर्ष 2024 में सावन माह की शिवरात्रि का पर्व भक्तिभाव के साथ सम्पन्न हो चुका है। हिन्दू अनुयायियों ने पूरे भक्ति व उल्लास के साथ महादेव का रुद्राभिषेक पूर्ण किया।
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सावन माह में शिवरात्रि के अवसर पर प्रति वर्ष शिव-पार्वती विवाह के उपलक्ष्य में मनवांक्षित फल प्राप्ति के लिए कांवड़ यात्रा निकालने का विधान है...
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जीवन में गुरु का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान होता है। सभी धर्मों के शास्त्रों में कहा गया है कि बिना गुरु के ईश्वर नहीं मिलता है। सनातन धर्म में गुरु की महिमा का बखान अलग-अलग स्वरूपों में किया गया है।
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हिंदू शास्त्रों में पांच ऐसी महिलाओं का उल्लेख है, जिनका विवाह हुआ, लेकिन वे कन्याएं मानी गईं हैं। पौराणिक साहित्य में रावण की पत्नी मंदोदरी, बाली की पत्नी तारा, गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या, पांडु की पत्नी कुंती और पांडवों की पत्नी द्रौपदी को ‘पंचकन्या’ का दर्जा दिया गया है।
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