देश

कुल 140 करोड़ भारतीयों में से कितने लोग बड़ी कारें या फैंसी मोबाईक खरीद सकते हैं? खरीद भी लें किश्तों पर, तो भी पेट्रोल कौन सा मुफ्त मिल रहा है! हकीकत यह है कि एक बड़ी संख्या में लोग आज भी सड़कों पर, शहर हो या देहात, पैदल ही चल रहे हैं या साइकिलों पर ही निर्भर हैं। लेकिन, इस बड़े समूह के हितों की रक्षा के लिए कभी कोई आवाज नहीं उठती...

Read More

भारत की राजनीति एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है, जहां हर निगाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिकी है। क्या वह 75 साल की उम्र में स्वयं को पार्टी की उस 'अलिखित परंपरा' के हवाले करेंगे, जिसमें लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जैसे दिग्गजों ने मार्गदर्शक की भूमिका निभाई थी? या फिर मोदी उस लकीर को मिटाकर नए राजनीतिक मानदंड गढ़ेंगे...

Read More

अगली बार किसी मासूम निर्भया को मरते देखें, या सुनें तो जरूर सवाल करें कि क्या संस्कारी देशवासियों का जमीर मर चुका है, क्या आज के भारत में स्त्रियां अपनी मर्जी से जी सकती हैं, क्या परिवारों, मोहल्लों, स्कूलों और पुलिस थानों में लड़कियां सुरक्षित हैं...

Read More

हमारा धर्म साझा विश्वासों, मूल्यों और परंपराओं के जरिए राष्ट्र को एकजुट कर सकता है। जब किसी देश में धर्म को राष्ट्र की नींव के रूप में देखा जाता है, तो यह सांस्कृतिक एकता और सामूहिक उद्देश्य की भावना को मजबूत करता है...

Read More

24 वर्षीय आईटी प्रोफेशनल, सशक्त, कामयाब, आज गुलाबी साड़ी में, जो हल्दी और फूलों की ख़ुशबू से अभी भी महक रही थी, पंखे से लटकी मिली। उसकी शादी को छह महीने ही हुए थे। मरने से पहले व्हाट्सएप स्टेटस डाला: "मैंने सब कुछ दिया, फिर भी कम पड़ा। माफ़ करना मां..."

Read More

भारतीय राजनीति का रंगमंच और उस पर विपक्षी नेताओं का जलवा, यह कहानी किसी मसाला फिल्म से कम नहीं है! कांग्रेस के ‘युवराज’ के बयान आग की तरह फैलते हैं, मगर जब सच की कसौटी पर तौले जाते हैं, तो कई बार झूठ भी शरमा जाता है...

Read More



Mediabharti